NASA के TESS मिशन ने दो नए 'सुपर पफ' एक्सोप्लैनेट TOI 791 b और c की खोज की है, जिनका घनत्व क्रमशः 0.038 g/cm³ और 0.047 g/cm³ है – यह कॉटन कैंडी (लगभग 0.05 g/cm³) से भी कम है, जो इन्हें अब तक का सबसे फूला हुआ ग्रह बनात... इन ग्रहों की पहचान सबसे पहले Planet Hunters TESS नागरिक विज्ञान परियोजना के स्वयंसेवकों ने की, फ...

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NASA के TESS (ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट) मिशन ने अब तक के सबसे कम घनत्व वाले दो विशाल ग्रहों की खोज की है – ये 'सुपर-पफ' दुनिया इतनी हल्की हैं कि इनका घनत्व कॉटन कैंडी के बराबर है । मंथली नोटिसेज ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशित सहकर्मी-समीक्षित निष्कर्षों में इन ग्रहों को अब तक खोजा गया सबसे 'फूला हुआ' संसार बताया गया है
।
ये दोनों ग्रह TOI-791 नामक F7-प्रकार के बौने तारे की परिक्रमा करते हैं, जो पृथ्वी से लगभग 1,110 प्रकाश-वर्ष दूर दक्षिणी नक्षत्रमंडल वोलन्स में स्थित है ।
दोनों ग्रह – TOI-791 b (आंतरिक ग्रह) और TOI-791 c (बाहरी ग्रह) – आकार में लगभग बृहस्पति के बराबर हैं, लेकिन इनका द्रव्यमान बहुत कम है । ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय की प्रमुख लेखिका डॉ. जॉर्ज ड्रान्सफील्ड ने इनके घनत्व की तुलना "ताज़े कैन से निकले शेविंग फोम के एक अच्छे गुब्बारे" से की है
।
तुलना के लिए, कॉटन कैंडी का घनत्व लगभग 0.05 g/cm³ होता है, जिसका अर्थ है कि ये ग्रह उस मीठे व्यंजन से भी हल्के हैं ।
ये दोनों ग्रह एक दुर्लभ 5:3 माध्य-गति अनुनाद में बंद हैं – आंतरिक ग्रह TOI-791 b की हर पाँच परिक्रमाओं पर, बाहरी ग्रह TOI-791 c लगभग ठीक तीन परिक्रमाएँ पूरी करता है । यह गुरुत्वाकर्षण संपर्क उनके पारगमन के समय में मापने योग्य बदलाव पैदा करता है, जिससे शोध दल उनके द्रव्यमान का अनुमान लगाने में सक्षम हुआ
।
नागरिक विज्ञान की भूमिका: दोनों ग्रहों की पहचान सबसे पहले 2019 और 2023 में Planet Hunters TESS नागरिक-विज्ञान परियोजना में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों ने उम्मीदवार ग्रहों के रूप में की थी। यह परियोजना आम जनता को नासा के TESS डेटा में संभावित नई दुनिया खोजने के लिए प्रेरित करती है ।
जमीनी दूरबीनों से पुष्टि: टीम ने आकार और द्रव्यमान मापने के लिए दुनिया भर की कई दूरबीनों से पारगमन अवलोकनों को संयोजित किया । इसमें अंटार्कटिका के कॉनकॉर्डिया स्टेशन पर स्थित ASTEP दूरबीन (अंटार्कटिक सर्च फॉर ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट्स) भी शामिल थी
। अंटार्कटिक की सर्दियों ने लगातार कई महीनों का अंधकार प्रदान किया, जिससे खगोलविदों को ग्रहों के असाधारण रूप से लंबे पारगमन – प्रत्येक 11 घंटे से अधिक – को एक ही निर्बाध अवलोकन में कैद करने में मदद मिली। ये जमीन से पूरी तरह से देखे गए अब तक के सबसे लंबे सतत ग्रहीय पारगमन हैं
।
शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से अनुवर्ती अवलोकन इन ग्रहों की रासायनिक संरचना को उजागर करेंगे । डॉ. ड्रान्सफील्ड ने कहा कि ये ग्रह संभवतः ज़्यादातर हाइड्रोजन और हीलियम से बने हैं, लेकिन उनके वायुमंडलीय संघटन की पुष्टि के लिए JWST की आवश्यकता होगी
।
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NASA के TESS मिशन ने दो नए 'सुपर पफ' एक्सोप्लैनेट TOI 791 b और c की खोज की है, जिनका घनत्व क्रमशः 0.038 g/cm³ और 0.047 g/cm³ है – यह कॉटन कैंडी (लगभग 0.05 g/cm³) से भी कम है, जो इन्हें अब तक का सबसे फूला हुआ ग्रह बनात...
NASA के TESS मिशन ने दो नए 'सुपर पफ' एक्सोप्लैनेट TOI 791 b और c की खोज की है, जिनका घनत्व क्रमशः 0.038 g/cm³ और 0.047 g/cm³ है – यह कॉटन कैंडी (लगभग 0.05 g/cm³) से भी कम है, जो इन्हें अब तक का सबसे फूला हुआ ग्रह बनात... इन ग्रहों की पहचान सबसे पहले Planet Hunters TESS नागरिक विज्ञान परियोजना के स्वयंसेवकों ने की, फिर दुनिया भर की दूरबीनों, जिसमें अंटार्कटिका में स्थित ASTEP दूरबीन भी शामिल है, से अवलोकन करके इनकी पुष्टि की गई [3][4]।
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) से भविष्य में किए जाने वाले अवलोकनों से इन अत्यंत कम घनत्व वाले वायुमंडलों की रासायनिक संरचना का पता चलने की उम्मीद है, जो संभवतः मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम से बने हैं [3][5]।
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