महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक विवाद: मार्च 2026 में, ICC के तीन न्यायाधीशों के एक पैनल ने OIOS रिपोर्ट की समीक्षा की और सर्वसम्मति से निष्कर्ष निकाला कि "OIOS के तथ्यात्मक निष्कर्ष खान द्वारा कदाचार या कर्तव्य के उल्लंघन को स्थापित नहीं करते हैं" । न्यायाधीशों ने कहा कि सबूत अदालत के मानक के तहत कदाचार के कानूनी मानदंडों को संतुष्ट नहीं करते हैं, और खान संभावित रूप से अपने कर्तव्यों का पालन फिर से शुरू कर सकते हैं । ICC ब्यूरो (सदस्य राज्यों की सभा की कार्यकारी समिति) ने तब उस न्यायिक निर्णय को खारिज कर दिया। 9 जून, 2026 को, ब्यूरो ने निर्धारित किया कि OIOS के निष्कर्ष विश्वसनीय थे और खान ने वास्तव में गंभीर कदाचार किया था ।
24 जून, 2026 को, ICC ब्यूरो ने औपचारिक रूप से सिफारिश की कि खान को बर्खास्त (पद से हटा) दिया जाए। ब्यूरो के लिखित निर्णय में कहा गया कि खान का एक कनिष्ठ कर्मचारी के साथ अनुचित यौन संबंध था और उसे बर्खास्त किया जाना चाहिए । यह पहली बार है जब सिफारिश के विशिष्ट विवरण सार्वजनिक किए गए हैं ।
खान को तत्काल प्रभाव से 8/9 जून, 2026 को ICC मुख्य अभियोजक के पद से निलंबित कर दिया गया, और यह निलंबन उनकी बर्खास्तगी पर पूर्ण सभा के मतदान तक जारी रहेगा ।
करीम खान ने यौन दुराचार के सभी आरोपों का लगातार और जोरदार ढंग से खंडन किया है । उनके कानूनी प्रतिनिधियों ने ब्यूरो के फैसले को "त्रुटिपूर्ण" और निराधार दावों पर उन्हें हटाने का एक "खतरनाक प्रयास" बताया । खान ने ICC की शासी निकाय के सदस्यों पर पक्षपातपूर्ण अभियान चलाने का आरोप लगाया है और इसे कथित इज़राइली युद्ध अपराधों की उनकी जांच से जोड़ा है । उन्होंने अपना नाम साफ करने के लिए मीडिया साक्षात्कार और सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई है, यह तर्क देते हुए कि यह प्रक्रिया अनुचित रही है ।
महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक विवाद: मार्च 2026 में, ICC के तीन न्यायाधीशों के एक पैनल ने OIOS रिपोर्ट की समीक्षा की और सर्वसम्मति से निष्कर्ष निकाला कि "OIOS के तथ्यात्मक निष्कर्ष खान द्वारा कदाचार या कर्तव्य के उल्लंघन को स्थापित नहीं करते हैं" । न्यायाधीशों ने कहा कि सबूत अदालत के मानक के तहत कदाचार के कानूनी मानदंडों को संतुष्ट नहीं करते हैं, और खान संभावित रूप से अपने कर्तव्यों का पालन फिर से शुरू कर सकते हैं । ICC ब्यूरो (सदस्य राज्यों की सभा की कार्यकारी समिति) ने तब उस न्यायिक निर्णय को खारिज कर दिया। 9 जून, 2026 को, ब्यूरो ने निर्धारित किया कि OIOS के निष्कर्ष विश्वसनीय थे और खान ने वास्तव में गंभीर कदाचार किया था ।
24 जून, 2026 को, ICC ब्यूरो ने औपचारिक रूप से सिफारिश की कि खान को बर्खास्त (पद से हटा) दिया जाए। ब्यूरो के लिखित निर्णय में कहा गया कि खान का एक कनिष्ठ कर्मचारी के साथ अनुचित यौन संबंध था और उसे बर्खास्त किया जाना चाहिए । यह पहली बार है जब सिफारिश के विशिष्ट विवरण सार्वजनिक किए गए हैं ।
खान को तत्काल प्रभाव से 8/9 जून, 2026 को ICC मुख्य अभियोजक के पद से निलंबित कर दिया गया, और यह निलंबन उनकी बर्खास्तगी पर पूर्ण सभा के मतदान तक जारी रहेगा ।
करीम खान ने यौन दुराचार के सभी आरोपों का लगातार और जोरदार ढंग से खंडन किया है । उनके कानूनी प्रतिनिधियों ने ब्यूरो के फैसले को "त्रुटिपूर्ण" और निराधार दावों पर उन्हें हटाने का एक "खतरनाक प्रयास" बताया । खान ने ICC की शासी निकाय के सदस्यों पर पक्षपातपूर्ण अभियान चलाने का आरोप लगाया है और इसे कथित इज़राइली युद्ध अपराधों की उनकी जांच से जोड़ा है । उन्होंने अपना नाम साफ करने के लिए मीडिया साक्षात्कार और सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई है, यह तर्क देते हुए कि यह प्रक्रिया अनुचित रही है ।