संयुक्त राष्ट्र की आंतरिक निगरानी सेवाओं (OIOS) ने 18 महीने की जांच में पाया कि ICC मुख्य अभियोजक करीम खान ने एक महिला कनिष्ठ कर्मचारी के साथ 'गैर सहमति से यौन संपर्क' और 'अनुचित यौन संबंध' बनाए, जिसे 'गंभीर कदाचार' औ... मार्च 2026 में तीन न्यायाधीशों के एक पैनल ने OIOS रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए सर्वसम्मति से कहा...

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यहाँ ICC ब्यूरो के निष्कर्षों, सिफारिशों, खान की प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया पर एक पूर्ण, स्रोत-आधारित तथ्य-जांच प्रस्तुत है।
संयुक्त राष्ट्र की आंतरिक निगरानी सेवाओं (OIOS) ने ICC मुख्य अभियोजक करीम खान के खिलाफ एक महिला कनिष्ठ कर्मचारी के साथ यौन दुराचार के आरोपों की 18 महीने तक जांच की । OIOS जांच में पाया गया कि खान ने कथित पीड़िता के साथ "गैर-सहमति से यौन संपर्क" और एक अधीनस्थ के साथ अनुचित यौन संबंध बनाए थे। जांच ने निष्कर्ष निकाला कि खान ने "गंभीर कदाचार" और "कर्तव्य का गंभीर उल्लंघन" किया
।
महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक विवाद: मार्च 2026 में, ICC के तीन न्यायाधीशों के एक पैनल ने OIOS रिपोर्ट की समीक्षा की और सर्वसम्मति से निष्कर्ष निकाला कि "OIOS के तथ्यात्मक निष्कर्ष खान द्वारा कदाचार या कर्तव्य के उल्लंघन को स्थापित नहीं करते हैं" । न्यायाधीशों ने कहा कि सबूत अदालत के मानक के तहत कदाचार के कानूनी मानदंडों को संतुष्ट नहीं करते हैं, और खान संभावित रूप से अपने कर्तव्यों का पालन फिर से शुरू कर सकते हैं
। ICC ब्यूरो (सदस्य राज्यों की सभा की कार्यकारी समिति) ने तब उस न्यायिक निर्णय को खारिज कर दिया। 9 जून, 2026 को, ब्यूरो ने निर्धारित किया कि OIOS के निष्कर्ष विश्वसनीय थे और खान ने वास्तव में गंभीर कदाचार किया था
।
24 जून, 2026 को, ICC ब्यूरो ने औपचारिक रूप से सिफारिश की कि खान को बर्खास्त (पद से हटा) दिया जाए। ब्यूरो के लिखित निर्णय में कहा गया कि खान का एक कनिष्ठ कर्मचारी के साथ अनुचित यौन संबंध था और उसे बर्खास्त किया जाना चाहिए । यह पहली बार है जब सिफारिश के विशिष्ट विवरण सार्वजनिक किए गए हैं
।
खान को तत्काल प्रभाव से 8/9 जून, 2026 को ICC मुख्य अभियोजक के पद से निलंबित कर दिया गया, और यह निलंबन उनकी बर्खास्तगी पर पूर्ण सभा के मतदान तक जारी रहेगा ।
करीम खान ने यौन दुराचार के सभी आरोपों का लगातार और जोरदार ढंग से खंडन किया है । उनके कानूनी प्रतिनिधियों ने ब्यूरो के फैसले को "त्रुटिपूर्ण" और निराधार दावों पर उन्हें हटाने का एक "खतरनाक प्रयास" बताया
। खान ने ICC की शासी निकाय के सदस्यों पर पक्षपातपूर्ण अभियान चलाने का आरोप लगाया है और इसे कथित इज़राइली युद्ध अपराधों की उनकी जांच से जोड़ा है
। उन्होंने अपना नाम साफ करने के लिए मीडिया साक्षात्कार और सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई है, यह तर्क देते हुए कि यह प्रक्रिया अनुचित रही है
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संयुक्त राष्ट्र की आंतरिक निगरानी सेवाओं (OIOS) ने 18 महीने की जांच में पाया कि ICC मुख्य अभियोजक करीम खान ने एक महिला कनिष्ठ कर्मचारी के साथ 'गैर सहमति से यौन संपर्क' और 'अनुचित यौन संबंध' बनाए, जिसे 'गंभीर कदाचार' औ...
संयुक्त राष्ट्र की आंतरिक निगरानी सेवाओं (OIOS) ने 18 महीने की जांच में पाया कि ICC मुख्य अभियोजक करीम खान ने एक महिला कनिष्ठ कर्मचारी के साथ 'गैर सहमति से यौन संपर्क' और 'अनुचित यौन संबंध' बनाए, जिसे 'गंभीर कदाचार' औ... मार्च 2026 में तीन न्यायाधीशों के एक पैनल ने OIOS रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए सर्वसम्मति से कहा कि निष्कर्ष 'कदाचार या कर्तव्य के उल्लंघन' को स्थापित नहीं करते, लेकिन ICC ब्यूरो ने 9 जून 2026 को इस निर्णय को पलटते हुए...
24 जून 2026 को ICC ब्यूरो ने औपचारिक रूप से करीम खान को 'बर्खास्त करने' (पद से हटाने) की सिफारिश की। यह पहली बार है जब सिफारिश के विवरण सार्वजनिक किए गए हैं।
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