S&P ने फिलीपींस के 2026 GDP वृद्धि दर के अनुमान में भारी कटौती करते हुए इसे 4.1% कर दिया, जो पिछले 5.8% के अनुमान से काफी कम है । इसकी प्रमुख वजहें हैं:
फिलीपींस की अर्थव्यवस्था 2025 में पहले ही धीमी होकर 4.4% पर आ गई थी, जो पिछले तीन वर्षों के औसत 6.3% से काफी कम है ।
S&P ने भारत के वित्तीय वर्ष 2026-27 (मार्च 2027 को समाप्त होने वाले) के GDP वृद्धि दर के अनुमान को 6.6% कर दिया, जो FY26 के 7.7% से कम है । एजेंसी ने तीन मुख्य कारकों को जिम्मेदार ठहराया है:
S&P Global Ratings की Q3 2026 एशिया-प्रशांत रिपोर्ट का शीर्षक "AI-Exposed Markets To Outperform" है, जो विजेताओं और हारने वालों के बीच स्पष्ट रेखा खींचती है ।
सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाएं (ऊर्जा-आयातक, AI-निर्यातक नहीं):
बेहतर स्थिति वाली अर्थव्यवस्थाएं (AI से जुड़े तकनीकी निर्यातक):
मुख्य क्षेत्रीय विभाजन:
| अर्थव्यवस्था प्रकार | उदाहरण | दृष्टिकोण |
|---|---|---|
| AI से जुड़े तकनीकी निर्यातक | मलेशिया, ताइवान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर | AI बूम द्वारा समर्थित; बेहतर प्रदर्शन |
| ऊर्जा-आयातक, AI से जुड़े नहीं | फिलीपींस, भारत, थाईलैंड | डाउनग्रेड; तेल झटके के प्रति संवेदनशील |
| ऊर्जा निर्यातक | इंडोनेशिया, मलेशिया (आंशिक रूप से) | मिश्रित — उच्च तेल राजस्व लेकिन समष्टिगत जोखिम बने हुए हैं |
निचली पंक्ति: S&P का एशिया-प्रशांत दृष्टिकोण दो-गति वाले क्षेत्र को प्रकट करता है — AI से जुड़ी अर्थव्यवस्थाएं बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, जबकि ऊर्जा-आयातक अर्थव्यवस्थाओं पर पश्चिम एशिया संघर्ष, उच्च तेल कीमतों और घरेलू संरचनात्मक कमजोरियों का बढ़ता दबाव है । फिलीपींस और भारत के डाउनग्रेड इस विभाजन के सबसे प्रमुख उदाहरण हैं।
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