जून 2026 में वैश्विक बाजारों में ट्रिलियन डॉलर का सफाया हुआ; स्टॉक्स, क्रिप्टो, सोना और चांदी सब एक साथ गिरे। यह गिरावट कई चरणों में हुई: पहला AI/टेक डर (5 जून), फिर तरलता संकट वाला 'सब कुछ बेचो' वाला दिन (9 जून) जिसमें एक घंटे में 1.88 ट्रिलियन डॉलर डूबे, फिर टेक की अगुवाई वाली गिरावट (22 24 जून), और अंत में भू राज...

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जून 2026 का वैश्विक बाजार बिकवाली का दौर कोई एक घटना नहीं थी, बल्कि कई कारणों का एक साथ जुड़ा सिलसिला था जिसने स्टॉक्स, क्रिप्टोकरेंसी, सोना और चांदी - सभी को एक साथ बुरी तरह प्रभावित किया। यह गिरावट किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई ट्रिगर्स के मेल से हुई: AI वैल्यूएशन की चिंता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) का सख्त रुख (हॉकिश), मार्जिन कॉल का सिलसिला, तरलता (लिक्विडिटी) का संकट, और अंत में भू-राजनीतिक प्रीमियम का खत्म होना। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
AI/टेक वैल्यूएशन में सुधार: 5 जून को ब्रॉडकॉम के निराशाजनक नतीजों ने सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी बिकवाली शुरू कर दी, जिससे Nasdaq को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ । निवेशकों को डर सताने लगा कि AI पर किया जा रहा भारी खर्च असली मुनाफे में तब्दील नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते Nvidia और Tesla जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों का भाव कम हुआ
। यही वह पहला पत्थर था जिसने तालाब में लहरें पैदा कीं।
Fed का सख्त रुख (हॉकिश रिप्राइसिंग): मई में अमेरिका में 1.72 लाख नई नौकरियां आने की मजबूत रिपोर्ट ने ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना बढ़ा दी, जिससे ग्रोथ और टेक शेयरों की वैल्यूएशन पर भारी दबाव पड़ा । 17 जून को Fed ने ब्याज दरों को 3.50–3.75% पर स्थिर रखा, लेकिन आगे दरों में ढील (ईजिंग) के संकेत हटा दिए। अब 18 में से 9 Fed नीति-निर्माताओं का मानना है कि 2026 में कम से कम एक बार 25 बेसिस पॉइंट (न्यूनतम ब्याज दर इकाई) की बढ़ोतरी हो सकती है
। बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) ने नए चेयरमैन केविन वार्श के तहत 75 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया, जबकि डॉयचे बैंक ने दो बढ़ोतरी की भविष्यवाणी की
। बाजार ने इस संकेत को बेहद सख्त (हॉकिश) माना, जिससे अल्पकालिक ब्याज दरों में दीर्घकालिक दरों के मुकाबले ज्यादा बढ़ोतरी हुई
।
मार्जिन कॉल का सिलसिला और तरलता संकट: जब शेयर गिरने लगे, तो उधार (लीवरेज) पर खरीदारी करने वाले निवेशकों को मार्जिन कॉल का सामना करना पड़ा। उन्होंने वह सबसे जल्दी बेचा जो उनके पास मुनाफे में था - यानी सोना, चांदी और बिटकॉइन। इससे सभी संपत्तियों में गिरावट का एक चक्र शुरू हो गया (डाउनवर्ड स्पाइरल) । इसके अलावा, स्पेसएक्स जैसे दिग्गजों के बड़े आईपीओ और लिस्टिंग (जिसका मूल्य 1.75 ट्रिलियन डॉलर आंका गया) ने मौजूदा बाजारों से भारी मात्रा में नकदी खींच ली, जिससे बिकवाली का दबाव और बढ़ गया
।
'सब कुछ बेचो' वाला रिस्क-ऑफ मानसिकता: जून की शुरुआत तक निवेशकों ने सुरक्षित होने के लिए (डी-रिस्किंग) सब कुछ बेचना शुरू कर दिया। स्टॉक, क्रिप्टो और कीमती धातुएं (प्रेशियस मेटल्स) सब एक साथ गिरने लगे, जो किसी खास खबर के नहीं, बल्कि तरलता (लिक्विडिटी) से जुड़ी समस्या का स्पष्ट संकेत है । 9 जून को 'क्रिप्टो फियर एंड ग्रीड इंडेक्स' (एक इंडेक्स जो निवेशकों की भावना बताता है) गिरकर 10 पर आ गया, जो 'अत्यधिक डर' (एक्सट्रीम फियर) की स्थिति को दर्शाता है
।
भू-राजनीतिक प्रीमियम खत्म होना: 25 जून को अमेरिका और ईरान के बीच 60-दिवसीय युद्धविराम के लिए एक समझौता हुआ। इस सकारात्मक खबर ने सोना, चांदी और तेल जैसी सुरक्षित (सेफ-हैवन) संपत्तियों से उनका 'भू-राजनीतिक प्रीमियम' (यानी संकट के समय इन्हें खरीदने का वह अतिरिक्त भाव) खत्म कर दिया । बाजार की भाषा में इसे 'द शेडिंग ऑफ द जियोपॉलिटिकल प्रीमियम' कहा गया
।
स्टॉक (शेयर बाजार): यह बिकवाली दो लहरों में आई। पहली लहर 5 जून को: S&P 500 3.00% गिरकर 7,357 पर और Nasdaq 100 5.37% गिरकर 28,774 पर आ गया । दूसरी लहर 9 जून को: एक व्यापक बिकवाली ने सिर्फ एक घंटे में अनुमानित 1.88 ट्रिलियन डॉलर का सफाया कर दिया। S&P 500 1.62% (लगभग 1.10 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान) और Nasdaq 2.50% (लगभग 880 बिलियन डॉलर का नुकसान) गिरा
। 22-24 जून तक टेक शेयरों में गिरावट जारी रही; Nasdaq एक समय पर एक साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया था, जो इंट्राडे (दिन के कारोबार में) 5.8% तक गिरा था
। हालांकि, जून के इन नुकसानों के बावजूद, साल की शुरुआत से 22 जून तक Dow जोन्स 7%, S&P 500 9%, और Nasdaq 14% ऊपर था
।
सोना: सोने में हर लहर में भारी गिरावट आई। 5 जून को यह 3.28% गिरकर 4,328 डॉलर प्रति औंस पर आ गया । 9 जून को इसमें 1.3% और गिरावट आई
। 24 जून तक सोने की स्पॉट कीमत (तत्काल डिलीवरी वाली कीमत) नवंबर के बाद पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई, जो जनवरी में लगभग 5,600 डॉलर के अपने उच्चतम स्तर से लगभग 30% नीचे थी
। 25 जून को भू-राजनीतिक युद्धविराम के कारण सोने में 2.79% और गिरावट आई और यह 4,000 डॉलर से नीचे आ गया
।
चांदी: चांदी सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। 5 जून को यह 8% से अधिक गिरकर 67.80 डॉलर पर आ गई । 24 जून तक यह एक ही सत्र में 8% गिर गई थी और जनवरी में लगभग 122 डॉलर के अपने उच्चतम स्तर से 55% नीचे आ गई थी
। 25 जून को चांदी में 6.73% की और गिरावट आई, जो उस दिन प्रमुख संपत्ति वर्गों में सबसे बड़ी गिरावट थी
।
बिटकॉइन और क्रिप्टो: बिटकॉइन 4 जून को लगभग 63,800 डॉलर से गिरकर 5 जून को लगभग 60,362 डॉलर पर आ गया, जो 5.3% से अधिक की गिरावट थी । 9 जून को बिटकॉइन व्यापक बिकवाली के साथ 2.12% गिरा
। हालांकि क्रिप्टो ने जून के अंत तक कई वर्षों के निचले स्तरों से थोड़ी उछाल दिखाई, लेकिन यह साबित हो गया कि अनिश्चितता के समय बिटकॉइन को 'डिजिटल गोल्ड' मानने का सिद्धांत काम नहीं किया। कई संस्थागत निवेशकों (इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) ने अपने पोजीशन कम या खत्म कर दिए
। 22 जून तक बिटकॉइन साल की शुरुआत से 28% नीचे था, जबकि एथर (Ether) 43% नीचे था
।
Fed की नीति सबसे बड़ा फैक्टर: Fed फिलहाल स्थिर है लेकिन सख्त रुख अपना रहा है। बाजार में 2026 में ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है, जबकि J.P. Morgan को उम्मीद है कि अगली बढ़ोतरी सितंबर 2027 में होगी । यू.एस. बैंक (U.S. Bank) का कहना है कि Fed 2027 तक दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और मंदी के बजाय सामान्यीकरण (नॉर्मलाइजेशन) जारी रहेगा
। अनुमानों में भारी भिन्नता है: कुछ (नैटिक्सिस, सिटी) दरों में कटौती की बात कर रहे हैं तो कुछ (BofA, डॉयचे बैंक) 75 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी की
।
मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) 2% से ऊपर चिपकी हुई है: मजबूत आर्थिक गतिविधि, लगातार उच्च मुद्रास्फीति और अनिश्चितता Fed को सतर्क रख रही है ।
AI कारोबार पर नजर: टेक कमाई का मौसम (अर्निंग्स सीजन) एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगा। अगर AI से मुनाफा (मोनेटाइजेशन) फिर से निराश करता है, तो और गिरावट हो सकती है। अगर इसके उलट होता है, तो तेजी (रैली) लौट सकती है।
भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम पतला हो गया है: अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते ने एक बड़े खतरे को कम तो किया, लेकिन सोने और तेल के लिए सुरक्षित निवेश (सेफ-हैवन बिड) को भी कम कर दिया ।
तरलता की स्थिति नाजुक: मार्जिन डेट के ऊंचे स्तर और नई बड़ी लिस्टिंग के कारण बाजार से नकदी खिंचने के कारण, यदि कोई नया झटका लगता है तो एक और ऐसी ही बिकवाली का खतरा बना हुआ है ।
अर्थशास्त्री बंटे हुए हैं: दरों में कटौती से लेकर 75 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी तक के अनुमान गहरी अनिश्चितता को दर्शाते हैं । J.P. Morgan ने 2026 में अमेरिका और वैश्विक मंदी की 35% संभावना जताई है
।
संक्षेप में, जून 2026 बाजार की सफाई का एक बहु-अध्यायी दौर था: पहले AI वैल्यूएशन का डर, फिर मार्जिन कॉल का सिलसिला, और अंत में भू-राजनीतिक प्रीमियम का खत्म होना। आगे का रास्ता इस बात पर निर्भर करेगा कि वास्तव में Fed दरें बढ़ाता है या नहीं, क्या AI कमाई अपनी वैल्यूएशन को सही ठहरा पाती है, और क्या तरलता की स्थिति स्थिर होती है या और बिगड़ती है।
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जून 2026 में वैश्विक बाजारों में ट्रिलियन डॉलर का सफाया हुआ; स्टॉक्स, क्रिप्टो, सोना और चांदी सब एक साथ गिरे।
जून 2026 में वैश्विक बाजारों में ट्रिलियन डॉलर का सफाया हुआ; स्टॉक्स, क्रिप्टो, सोना और चांदी सब एक साथ गिरे। यह गिरावट कई चरणों में हुई: पहला AI/टेक डर (5 जून), फिर तरलता संकट वाला 'सब कुछ बेचो' वाला दिन (9 जून) जिसमें एक घंटे में 1.88 ट्रिलियन डॉलर डूबे, फिर टेक की अगुवाई वाली गिरावट (22 24 जून), और अंत में भू राजनीतिक प्री...
भविष्य का रास्ता अनिश्चित है: अर्थशास्त्री बंटे हुए हैं कुछ दरों में कटौती की बात कर रहे हैं तो कुछ 75 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी की; AI कमाई का सीजन अहम परीक्षा होगा; और मार्जिन डेट के कारण तरलता की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
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