यूरोप का जून 2025 हीटवेव: ओमेगा ब्लॉक, रिकॉर्ड तापमान, और वैज्ञानिक क्या कह रहे हैं
पश्चिमी यूरोप में एक दुर्लभ 'ओमेगा ब्लॉक' ने गर्म हवा को अटका दिया, जिससे लगातार दिनों तक तापमान 40°C के पार चला गया, और 12 शहरों में लगभग 2,300 लोगों की मौत का अनुमान। ClimaMeter के एक त्वरित अध्ययन (रैपिड अट्रीब्यूशन स्टडी) ने निष्कर्ष निकाला कि इस हीटवेव का मुख्य कारण मानव जनित जलवायु परिवर्तन है, जबकि प्राकृतिक...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
पश्चिमी यूरोप में एक दुर्लभ 'ओमेगा ब्लॉक' ने गर्म हवा को अटका दिया, जिससे लगातार दिनों तक तापमान 40°C के पार चला गया, और 12 शहरों में लगभग 2,300 लोगों की मौत का अनुमान।
ClimaMeter के एक त्वरित अध्ययन (रैपिड अट्रीब्यूशन स्टडी) ने निष्कर्ष निकाला कि इस हीटवेव का मुख्य कारण मानव जनित जलवायु परिवर्तन है, जबकि प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनशीलता की भूमिका बहुत कम है।
वैज्ञानिकों ने यूरोप की इस गर्मी के लिए एल नीनो को जिम्मेदार बताने से साफ इनकार किया है, यह कहते हुए कि यह 'ध्यान भटकाना' (डिस्ट्रैक्शन) है। प्रशांत महासागर की इस घटना का यूरोपीय गर्मियों पर बहुत कम और अनिश्चित प्रभाव...
Search & fact-check with cited sources for What is the scientific cause of Europe's deadly June heatwave, how does the Omega block mechanismAn AI-generated conceptual image of the Omega block pattern that triggered the deadly June 2025 European heatwave.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What is the scientific cause of Europe's deadly June heatwave, how does the Omega block mechanism. Article summary: Here is a fully sourced, fact-checked briefing on Europe's June 2025 heatwave.. Topic tags: general, government, education, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative visual, not as factual evi
openai.com
जून 2025 के अंत में एक खतरनाक हीटवेव ने पश्चिमी यूरोप को अपनी चपेट में ले लिया। इसने तापमान के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, बुनियादी ढांचे को चरमरा दिया और सैकड़ों जानें ले लीं। इस गर्मी की लहर का तत्काल कारण 'ओमेगा ब्लॉक' नाम का एक दुर्लभ और जिद्दी वायुमंडलीय पैटर्न था। लेकिन जैसा कि वैज्ञानिक बताते हैं, असली कहानी कोई प्राकृतिक मौसमी घटना नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन है। यहां पूरी तरह से तथ्य-जांच करके तैयार किया गया विश्लेषण है कि क्या हुआ और क्यों ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"यूरोप का जून 2025 हीटवेव: ओमेगा ब्लॉक, रिकॉर्ड तापमान, और वैज्ञानिक क्या कह रहे हैं" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
पश्चिमी यूरोप में एक दुर्लभ 'ओमेगा ब्लॉक' ने गर्म हवा को अटका दिया, जिससे लगातार दिनों तक तापमान 40°C के पार चला गया, और 12 शहरों में लगभग 2,300 लोगों की मौत का अनुमान।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
पश्चिमी यूरोप में एक दुर्लभ 'ओमेगा ब्लॉक' ने गर्म हवा को अटका दिया, जिससे लगातार दिनों तक तापमान 40°C के पार चला गया, और 12 शहरों में लगभग 2,300 लोगों की मौत का अनुमान। ClimaMeter के एक त्वरित अध्ययन (रैपिड अट्रीब्यूशन स्टडी) ने निष्कर्ष निकाला कि इस हीटवेव का मुख्य कारण मानव जनित जलवायु परिवर्तन है, जबकि प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनशीलता की भूमिका बहुत कम है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
वैज्ञानिकों ने यूरोप की इस गर्मी के लिए एल नीनो को जिम्मेदार बताने से साफ इनकार किया है, यह कहते हुए कि यह 'ध्यान भटकाना' (डिस्ट्रैक्शन) है। प्रशांत महासागर की इस घटना का यूरोपीय गर्मियों पर बहुत कम और अनिश्चित प्रभाव...
यूरोप का जून 2025 हीटवेव: ओमेगा ब्लॉक, रिकॉर्ड तापमान, और वैज्ञानिक क्या कह रहे हैं
पश्चिमी यूरोप में एक दुर्लभ 'ओमेगा ब्लॉक' ने गर्म हवा को अटका दिया, जिससे लगातार दिनों तक तापमान 40°C के पार चला गया, और 12 शहरों में लगभग 2,300 लोगों की मौत का अनुमान। ClimaMeter के एक त्वरित अध्ययन (रैपिड अट्रीब्यूशन स्टडी) ने निष्कर्ष निकाला कि इस हीटवेव का मुख्य कारण मानव जनित जलवायु परिवर्तन है, जबकि प्राकृतिक...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
पश्चिमी यूरोप में एक दुर्लभ 'ओमेगा ब्लॉक' ने गर्म हवा को अटका दिया, जिससे लगातार दिनों तक तापमान 40°C के पार चला गया, और 12 शहरों में लगभग 2,300 लोगों की मौत का अनुमान।
ClimaMeter के एक त्वरित अध्ययन (रैपिड अट्रीब्यूशन स्टडी) ने निष्कर्ष निकाला कि इस हीटवेव का मुख्य कारण मानव जनित जलवायु परिवर्तन है, जबकि प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनशीलता की भूमिका बहुत कम है।
वैज्ञानिकों ने यूरोप की इस गर्मी के लिए एल नीनो को जिम्मेदार बताने से साफ इनकार किया है, यह कहते हुए कि यह 'ध्यान भटकाना' (डिस्ट्रैक्शन) है। प्रशांत महासागर की इस घटना का यूरोपीय गर्मियों पर बहुत कम और अनिश्चित प्रभाव...
Search & fact-check with cited sources for What is the scientific cause of Europe's deadly June heatwave, how does the Omega block mechanismAn AI-generated conceptual image of the Omega block pattern that triggered the deadly June 2025 European heatwave.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What is the scientific cause of Europe's deadly June heatwave, how does the Omega block mechanism. Article summary: Here is a fully sourced, fact-checked briefing on Europe's June 2025 heatwave.. Topic tags: general, government, education, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative visual, not as factual evi
openai.com
जून 2025 के अंत में एक खतरनाक हीटवेव ने पश्चिमी यूरोप को अपनी चपेट में ले लिया। इसने तापमान के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, बुनियादी ढांचे को चरमरा दिया और सैकड़ों जानें ले लीं। इस गर्मी की लहर का तत्काल कारण 'ओमेगा ब्लॉक' नाम का एक दुर्लभ और जिद्दी वायुमंडलीय पैटर्न था। लेकिन जैसा कि वैज्ञानिक बताते हैं, असली कहानी कोई प्राकृतिक मौसमी घटना नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन है। यहां पूरी तरह से तथ्य-जांच करके तैयार किया गया विश्लेषण है कि क्या हुआ और क्यों ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"यूरोप का जून 2025 हीटवेव: ओमेगा ब्लॉक, रिकॉर्ड तापमान, और वैज्ञानिक क्या कह रहे हैं" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
पश्चिमी यूरोप में एक दुर्लभ 'ओमेगा ब्लॉक' ने गर्म हवा को अटका दिया, जिससे लगातार दिनों तक तापमान 40°C के पार चला गया, और 12 शहरों में लगभग 2,300 लोगों की मौत का अनुमान।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
पश्चिमी यूरोप में एक दुर्लभ 'ओमेगा ब्लॉक' ने गर्म हवा को अटका दिया, जिससे लगातार दिनों तक तापमान 40°C के पार चला गया, और 12 शहरों में लगभग 2,300 लोगों की मौत का अनुमान। ClimaMeter के एक त्वरित अध्ययन (रैपिड अट्रीब्यूशन स्टडी) ने निष्कर्ष निकाला कि इस हीटवेव का मुख्य कारण मानव जनित जलवायु परिवर्तन है, जबकि प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनशीलता की भूमिका बहुत कम है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
वैज्ञानिकों ने यूरोप की इस गर्मी के लिए एल नीनो को जिम्मेदार बताने से साफ इनकार किया है, यह कहते हुए कि यह 'ध्यान भटकाना' (डिस्ट्रैक्शन) है। प्रशांत महासागर की इस घटना का यूरोपीय गर्मियों पर बहुत कम और अनिश्चित प्रभाव...
इस मौसमी घटना की जड़ में ओमेगा ब्लॉक नामक एक पैटर्न था। यह जेट स्ट्रीम (तेज़ हवाओं की एक धारा) में बनने वाला एक दुर्लभ और लगभग स्थिर पैटर्न है, जो आकार में ग्रीक अक्षर 'ओमेगा' (Ω) जैसा दिखता है। इसमें एक बड़ा उच्च दबाव का क्षेत्र (हाई-प्रेशर रिज) दो निम्न दबाव प्रणालियों के बीच में फंस जाता है, जिससे गर्म हवा किसी क्षेत्र में दिनों या हफ्तों तक कैद हो जाती है । यह एक हीट डोम (गर्मी का गुंबद) बनाता है: जैसे ही हवा इस उच्च दबाव के नीचे डूबती है, यह संपीड़ित होती है और गर्म होती है, जबकि साफ आसमान लगातार सौर विकिरण को सतह तक पहुंचने देता है, जिससे तापमान और बढ़ जाता है ।
वैज्ञानिक ध्यान दिलाते हैं कि इस तरह के अवरोध पैटर्न (ब्लॉकिंग पैटर्न) हमेशा से प्राकृतिक रूप से होते आए हैं। हालांकि, उनका थर्मल प्रभाव अब कहीं अधिक गंभीर है क्योंकि पृथ्वी का तापमान पहले से ही बढ़ चुका है। एक शोधकर्ता ने एएफपी को बताया, "मौसम का पैटर्न नया नहीं है, लेकिन बेसलाइन (आधार रेखा) बदल गई है।" वही ओमेगा ब्लॉक जो एक सदी पहले हल्की गर्मी ला सकता था, अब भीषण, जानलेवा गर्मी पैदा कर रहा है ।
ओमेगा ब्लॉक बनाम एल नीनो: यह भेद क्यों महत्वपूर्ण है
हीटवेव के दौरान, कई मीडिया संगठनों ने एल नीनो को एक संभावित कारण बताया। जलवायु वैज्ञानिकों ने इसका जोरदार खंडन किया। दोनों के कार्य करने के तरीके बुनियादी रूप से अलग हैं:
विशेषता
ओमेगा ब्लॉक
एल नीनो
प्रकार
जेट स्ट्रीम में वायुमंडलीय संचलन पैटर्न
उष्णकटिबंधीय प्रशांत में महासागर-वायुमंडल का जुड़ाव
भौगोलिक क्षेत्र
क्षेत्रीय (मध्य-अक्षांश)
वैश्विक दूर-संपर्क (टेलीकनेक्शन)
यूरोप से सीधा संबंध
प्रत्यक्ष — यह महाद्वीप पर गर्म हवा को फंसाता है
अप्रत्यक्ष और कमज़ोर — यूरोपीय गर्मियों पर प्रभाव मामूली और अनिश्चित है
वैश्विक मौसम पूर्वानुमान मंच WYF24 की संस्थापक इयोना वर्जिनी ने यूरोन्यूज़ को बताया कि इस घटना के लिए एल नीनो को दोष देना "मौसम विज्ञान की दृष्टि से गलत (मीटीरोलॉजिकली ऑफ) है।" उन्होंने कहा कि प्रशांत महासागर अभी मजबूत एल नीनो की स्थिति में भी नहीं है, और अगर होता भी तो, यूरोप पर इसका सीधा प्रभाव सीमित है ।
ClimaMeter द्वारा किए गए त्वरित अध्ययन (रैपिड अट्रीब्यूशन स्टडी) ने भी सीधा निष्कर्ष दिया: "हम जून 2025 की पश्चिमी यूरोपीय हीटवेव के कारण होने वाले उच्च तापमान को मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं, और प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनशीलता ने संभवतः एक छोटी भूमिका निभाई।"
पश्चिमी यूरोप में रिकॉर्ड तापमान
जून 2025 के अंतिम सप्ताह में पूरे महाद्वीप में तापमान चरम पर था:
फ्रांस: बोर्डो में तापमान 41.9°C तक पहुंच गया, जिसने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। देश भर के अन्य शहरों में भी जून के रिकॉर्ड बने । फ्रांस में भीषण गर्मी से बचने के लिए पानी में कूदने वाले कम से कम 40 लोग डूब गए, जिनमें बच्चे भी शामिल थे ।
स्पेन और पुर्तगाल: अधिकतम जून तापमान के राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट गए, तापमान 46°C से ऊपर पहुंच गया ।
इटली और जर्मनी: कई स्थानों पर तापमान 40°C से काफी ऊपर दर्ज किया गया ।
यूनाइटेड किंगडम: लंदन में भीषण हीटवेव ने 300 से अधिक स्कूलों को बंद करने पर मजबूर कर दिया ।
सर्बिया: माप शुरू होने के बाद से अपने सबसे गर्म दिन का रिकॉर्ड बनाया ।
कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (Copernicus Climate Change Service) ने पुष्टि की कि जून 2025 वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे गर्म जून था, जिसमें पश्चिमी यूरोप में असाधारण गर्मी का दबाव रहा। यह हीटवेव "पश्चिमी भूमध्य सागर में समुद्र की सतह के रिकॉर्ड तापमान से और भी तीव्र हो गई थी।"
मानवीय क्षति: जलवायु परिवर्तन के कारण हुई मौतें
यह हीटवेव जानलेवा साबित हुई। त्वरित अध्ययनों और आधिकारिक रिपोर्टों के प्रमुख आंकड़े:
फ्रांस: 22 जून तक कम से कम 18 प्रत्यक्ष मौतें हुईं, जिनमें गर्म कारों में छोड़े गए दो बच्चे और 13 डूबने के मामले शामिल थे । बाद में डूबने वालों की संख्या 40 हो गई ।
12 यूरोपीय शहर: एक त्वरित वैज्ञानिक आकलन ने 2 जुलाई को समाप्त हुए 10 दिनों की अवधि में 12 यूरोपीय शहरों में लगभग 2,300 गर्मी से संबंधित मौतों का अनुमान लगाया । इनमें से लगभग 1,500 (65%) मौतें मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण हुईं ।
लंदन: इंपीरियल कॉलेज के ग्रैन्थम इंस्टीट्यूट (Grantham Institute) ने लगभग 260 गर्मी से संबंधित मौतों का अनुमान लगाया, जिनमें से लगभग 170 (65%) जलवायु परिवर्तन के कारण हुई — यानी जलवायु परिवर्तन ने मौतों की संख्या को तीन गुना कर दिया ।
पूरी गर्मियों का अनुमान: सितंबर 2025 तक, वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि गर्मियों के दौरान यूरोप में लगभग 16,500 अतिरिक्त मौतें जलवायु परिवर्तन से जुड़ी थीं, जो कुल हीटवेव से होने वाली मौतों का लगभग 68% है ।
वैज्ञानिक और मौसम पूर्वानुमानकर्ता क्या कहते हैं: दीर्घकालिक वार्मिंग मुख्य कारण है
उपलब्ध सभी वैज्ञानिक बयानों और त्वरित अध्ययनों में एक मजबूत सहमति है:
दीर्घकालिक वार्मिंग मुख्य प्रेरक शक्ति है: ClimaMeter का अध्ययन कहता है कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन प्राथमिक कारण है । इंपीरियल कॉलेज के विश्लेषण में पाया गया कि जलवायु परिवर्तन ने लंदन में गर्मी से संबंधित मौतों को तीन गुना कर दिया । इंपीरियल कॉलेज और यूके मेट ऑफिस के एक अलग अध्ययन में पाया गया कि 12 यूरोपीय शहरों में अनुमानित 2,305 अतिरिक्त मौतों में से 65% मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण थीं ।
एल नीनो का प्रभाव मामूली है: "एल नीनो एक डिस्ट्रैक्शन (ध्यान भटकाना) है" — यह कई विशेषज्ञों का हवाला देते हुए यूरोन्यूज़ विश्लेषण की सुर्खी थी । वैश्विक वार्मिंग के मजबूत संकेत की तुलना में प्रशांत पैटर्न का यूरोप से दूर-संपर्क कमजोर और अनिश्चित है।
पैटर्न नया नहीं है, लेकिन तीव्रता है: ओमेगा ब्लॉक हमेशा से रहे हैं। जो बदला है, वह है गर्म आधार रेखा, जो प्रत्येक घटना को और अधिक चरम बना रही है ।
पश्चिमी भूमध्य सागर में समुद्र की सतह के रिकॉर्ड तापमान ने भी इस तीव्रता में योगदान दिया, कोपरनिकस के अनुसार ।
यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स (European Centre for Medium-Range Weather Forecasts) की सामंथा बर्गेस ने एएफपी को वायुमंडलीय पैटर्न का सीधा विवरण देते हुए कहा: "यह वातावरण में ट्रैफिक जाम के समान है जो गर्मी को फंसा लेता है।"
wcd.copernicus.org
Atmospheric blocking and weather extremes over the Euro-Atlantic ...
इस मौसमी घटना की जड़ में ओमेगा ब्लॉक नामक एक पैटर्न था। यह जेट स्ट्रीम (तेज़ हवाओं की एक धारा) में बनने वाला एक दुर्लभ और लगभग स्थिर पैटर्न है, जो आकार में ग्रीक अक्षर 'ओमेगा' (Ω) जैसा दिखता है। इसमें एक बड़ा उच्च दबाव का क्षेत्र (हाई-प्रेशर रिज) दो निम्न दबाव प्रणालियों के बीच में फंस जाता है, जिससे गर्म हवा किसी क्षेत्र में दिनों या हफ्तों तक कैद हो जाती है । यह एक हीट डोम (गर्मी का गुंबद) बनाता है: जैसे ही हवा इस उच्च दबाव के नीचे डूबती है, यह संपीड़ित होती है और गर्म होती है, जबकि साफ आसमान लगातार सौर विकिरण को सतह तक पहुंचने देता है, जिससे तापमान और बढ़ जाता है ।
वैज्ञानिक ध्यान दिलाते हैं कि इस तरह के अवरोध पैटर्न (ब्लॉकिंग पैटर्न) हमेशा से प्राकृतिक रूप से होते आए हैं। हालांकि, उनका थर्मल प्रभाव अब कहीं अधिक गंभीर है क्योंकि पृथ्वी का तापमान पहले से ही बढ़ चुका है। एक शोधकर्ता ने एएफपी को बताया, "मौसम का पैटर्न नया नहीं है, लेकिन बेसलाइन (आधार रेखा) बदल गई है।" वही ओमेगा ब्लॉक जो एक सदी पहले हल्की गर्मी ला सकता था, अब भीषण, जानलेवा गर्मी पैदा कर रहा है ।
ओमेगा ब्लॉक बनाम एल नीनो: यह भेद क्यों महत्वपूर्ण है
हीटवेव के दौरान, कई मीडिया संगठनों ने एल नीनो को एक संभावित कारण बताया। जलवायु वैज्ञानिकों ने इसका जोरदार खंडन किया। दोनों के कार्य करने के तरीके बुनियादी रूप से अलग हैं:
विशेषता
ओमेगा ब्लॉक
एल नीनो
प्रकार
जेट स्ट्रीम में वायुमंडलीय संचलन पैटर्न
उष्णकटिबंधीय प्रशांत में महासागर-वायुमंडल का जुड़ाव
भौगोलिक क्षेत्र
क्षेत्रीय (मध्य-अक्षांश)
वैश्विक दूर-संपर्क (टेलीकनेक्शन)
यूरोप से सीधा संबंध
प्रत्यक्ष — यह महाद्वीप पर गर्म हवा को फंसाता है
अप्रत्यक्ष और कमज़ोर — यूरोपीय गर्मियों पर प्रभाव मामूली और अनिश्चित है
वैश्विक मौसम पूर्वानुमान मंच WYF24 की संस्थापक इयोना वर्जिनी ने यूरोन्यूज़ को बताया कि इस घटना के लिए एल नीनो को दोष देना "मौसम विज्ञान की दृष्टि से गलत (मीटीरोलॉजिकली ऑफ) है।" उन्होंने कहा कि प्रशांत महासागर अभी मजबूत एल नीनो की स्थिति में भी नहीं है, और अगर होता भी तो, यूरोप पर इसका सीधा प्रभाव सीमित है ।
ClimaMeter द्वारा किए गए त्वरित अध्ययन (रैपिड अट्रीब्यूशन स्टडी) ने भी सीधा निष्कर्ष दिया: "हम जून 2025 की पश्चिमी यूरोपीय हीटवेव के कारण होने वाले उच्च तापमान को मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं, और प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनशीलता ने संभवतः एक छोटी भूमिका निभाई।"
पश्चिमी यूरोप में रिकॉर्ड तापमान
जून 2025 के अंतिम सप्ताह में पूरे महाद्वीप में तापमान चरम पर था:
फ्रांस: बोर्डो में तापमान 41.9°C तक पहुंच गया, जिसने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। देश भर के अन्य शहरों में भी जून के रिकॉर्ड बने । फ्रांस में भीषण गर्मी से बचने के लिए पानी में कूदने वाले कम से कम 40 लोग डूब गए, जिनमें बच्चे भी शामिल थे ।
स्पेन और पुर्तगाल: अधिकतम जून तापमान के राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट गए, तापमान 46°C से ऊपर पहुंच गया ।
इटली और जर्मनी: कई स्थानों पर तापमान 40°C से काफी ऊपर दर्ज किया गया ।
यूनाइटेड किंगडम: लंदन में भीषण हीटवेव ने 300 से अधिक स्कूलों को बंद करने पर मजबूर कर दिया ।
सर्बिया: माप शुरू होने के बाद से अपने सबसे गर्म दिन का रिकॉर्ड बनाया ।
कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (Copernicus Climate Change Service) ने पुष्टि की कि जून 2025 वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे गर्म जून था, जिसमें पश्चिमी यूरोप में असाधारण गर्मी का दबाव रहा। यह हीटवेव "पश्चिमी भूमध्य सागर में समुद्र की सतह के रिकॉर्ड तापमान से और भी तीव्र हो गई थी।"
मानवीय क्षति: जलवायु परिवर्तन के कारण हुई मौतें
यह हीटवेव जानलेवा साबित हुई। त्वरित अध्ययनों और आधिकारिक रिपोर्टों के प्रमुख आंकड़े:
फ्रांस: 22 जून तक कम से कम 18 प्रत्यक्ष मौतें हुईं, जिनमें गर्म कारों में छोड़े गए दो बच्चे और 13 डूबने के मामले शामिल थे । बाद में डूबने वालों की संख्या 40 हो गई ।
12 यूरोपीय शहर: एक त्वरित वैज्ञानिक आकलन ने 2 जुलाई को समाप्त हुए 10 दिनों की अवधि में 12 यूरोपीय शहरों में लगभग 2,300 गर्मी से संबंधित मौतों का अनुमान लगाया । इनमें से लगभग 1,500 (65%) मौतें मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण हुईं ।
लंदन: इंपीरियल कॉलेज के ग्रैन्थम इंस्टीट्यूट (Grantham Institute) ने लगभग 260 गर्मी से संबंधित मौतों का अनुमान लगाया, जिनमें से लगभग 170 (65%) जलवायु परिवर्तन के कारण हुई — यानी जलवायु परिवर्तन ने मौतों की संख्या को तीन गुना कर दिया ।
पूरी गर्मियों का अनुमान: सितंबर 2025 तक, वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि गर्मियों के दौरान यूरोप में लगभग 16,500 अतिरिक्त मौतें जलवायु परिवर्तन से जुड़ी थीं, जो कुल हीटवेव से होने वाली मौतों का लगभग 68% है ।
वैज्ञानिक और मौसम पूर्वानुमानकर्ता क्या कहते हैं: दीर्घकालिक वार्मिंग मुख्य कारण है
उपलब्ध सभी वैज्ञानिक बयानों और त्वरित अध्ययनों में एक मजबूत सहमति है:
दीर्घकालिक वार्मिंग मुख्य प्रेरक शक्ति है: ClimaMeter का अध्ययन कहता है कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन प्राथमिक कारण है । इंपीरियल कॉलेज के विश्लेषण में पाया गया कि जलवायु परिवर्तन ने लंदन में गर्मी से संबंधित मौतों को तीन गुना कर दिया । इंपीरियल कॉलेज और यूके मेट ऑफिस के एक अलग अध्ययन में पाया गया कि 12 यूरोपीय शहरों में अनुमानित 2,305 अतिरिक्त मौतों में से 65% मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण थीं ।
एल नीनो का प्रभाव मामूली है: "एल नीनो एक डिस्ट्रैक्शन (ध्यान भटकाना) है" — यह कई विशेषज्ञों का हवाला देते हुए यूरोन्यूज़ विश्लेषण की सुर्खी थी । वैश्विक वार्मिंग के मजबूत संकेत की तुलना में प्रशांत पैटर्न का यूरोप से दूर-संपर्क कमजोर और अनिश्चित है।
पैटर्न नया नहीं है, लेकिन तीव्रता है: ओमेगा ब्लॉक हमेशा से रहे हैं। जो बदला है, वह है गर्म आधार रेखा, जो प्रत्येक घटना को और अधिक चरम बना रही है ।
पश्चिमी भूमध्य सागर में समुद्र की सतह के रिकॉर्ड तापमान ने भी इस तीव्रता में योगदान दिया, कोपरनिकस के अनुसार ।
यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स (European Centre for Medium-Range Weather Forecasts) की सामंथा बर्गेस ने एएफपी को वायुमंडलीय पैटर्न का सीधा विवरण देते हुए कहा: "यह वातावरण में ट्रैफिक जाम के समान है जो गर्मी को फंसा लेता है।"
wcd.copernicus.org
Atmospheric blocking and weather extremes over the Euro-Atlantic ...