रिपोर्ट एक मौजूदा नियामक लीवर पर फोकस करती है: यूरोपीय नियमों के तहत अमेरिकी ट्रेजरी को मिलने वाले "शून्य-जोखिम भार" (zero-risk-weight privilege) विशेषाधिकार को वापस लेना ।
यह बदलाव दो प्रमुख यूरोपीय नियमों के तहत किया जा सकता है:
अध्ययन का तर्क है कि यह विशेषाधिकार "तेजी से अनुचित" होता जा रहा है। अमेरिका का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 120% से ऊपर है, और अमेरिका को पहले भी अपनी साख (सॉवरेन डाउनग्रेड) का सामना करना पड़ चुका है । लेखक इसे भू-राजनीतिक हथियार के बजाय एक विवेकपूर्ण नीति बताते हैं जो अमेरिकी ट्रेजरी को उनकी वास्तविक क्रेडिट स्थिति के अनुसार देखेगी
।
अध्ययन के अनुमानों के अनुसार, यूरोपीय बीमा कंपनियों, बैंकों और पेंशन फंडों द्वारा अमेरिकी ट्रेजरी की मांग में एक दशक में लगभग $200 बिलियन की कमी आ सकती है। यह मोटे तौर पर फेडरल रिजर्व के पहले क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT1) के एक-चौथाई या QE2 (दूसरे दौर की क्वांटिटेटिव ईजिंग) के एक-तिहाई के बराबर है ।
अध्ययन का दावा है कि मांग में इस कमी से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में 11–14 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि होगी। इसका मतलब अमेरिकी संघीय सरकार पर सालाना $33 से $42 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त कर्ज बोझ पड़ेगा ।
अध्ययन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम एक अंतिम विकल्प (last-resort lever) है, जिसका इस्तेमाल केवल चरम स्थिति में ही किया जाना चाहिए । लेखक इसे भू-राजनीति से अलग, एक विवेकपूर्ण नीति बताते हैं जो अमेरिकी वित्तीय स्थितियों को देखते हुए जरूरी है
।
Comments
0 comments