यह गिरावट किसी एक वजह से नहीं हुई थी। यह एक के बाद एक कई झटकों का नतीजा था, जो पहले से ही कमजोर बाजार पर पड़े। आइए, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस गिरावट के प्रमुख कारकों को समझते हैं।
यह समझना जरूरी है कि 23 जून की गिरावट अचानक नहीं आई। इससे सिर्फ दो हफ्ते पहले, 8 जून को ही KOSPI इंडेक्स में 9% तक की गिरावट आई थी, जिसने एक सर्किट ब्रेकर को ट्रिगर किया था । उस गिरावट की वजह अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़े थे, जिसने Fed द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका को फिर से जगा दिया था
। तब भी Samsung Electronics और SK Hynix में करीब 10% की गिरावट आई थी
। कोरिया एक्सचेंज के सीईओ ने बाद में बताया था कि 2 जून को अपने शिखर पर पहुंचने के बाद KOSPI सिर्फ छह ट्रेडिंग सेशन में 13% से अधिक गिर चुका था
। यह संदर्भ समझना जरूरी है क्योंकि यह बताता है कि बाजार पहले से ही अत्यधिक अस्थिरता और निवेशकों की नाजुक भावना से जूझ रहा था
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23 जून की बिकवाली का सबसे बड़ा तात्कालिक कारण अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर नए सिरे से उठी चिंता थी। 22 जून, सोमवार को बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) ने एक चौंकाने वाला अनुमान जारी किया। उसने भविष्यवाणी की कि Fed 2026 की दूसरी छमाही में तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है । BofA के अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया कि सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी होगी, जिससे फेडरल फंड्स रेट 3.50%-3.75% की मौजूदा सीमा से बढ़कर 4.25%-4.50% हो जाएगी
। बैंक ने लगातार उच्च मुद्रास्फीति और नवनियुक्त Fed चेयरमैन केविन वार्श के सख्त रुख को इसका मुख्य कारण बताया
। डॉयचे बैंक ने भी दो बार ब्याज दर बढ़ाए जाने का अनुमान लगाकर इस चिंता को और बढ़ा दिया
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इस तरह का मौद्रिक नीति का झटका हाई-ग्रोथ और लॉन्ग-ड्यूरेशन वाले शेयरों के लिए विशेष रूप से हानिकारक होता है। उच्च ब्याज दरें कंपनियों के भविष्य के नकदी प्रवाह के वर्तमान मूल्य को कम कर देती हैं, जिससे मौजूदा वैल्यूएशन को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है, खासकर AI और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में जहां उम्मीदें सबसे अधिक थीं ।
उसी दिन जब BofA ने अपना अनुमान जारी किया, सियोल में एक और महत्वपूर्ण घटना घटी। दक्षिण कोरिया के शीर्ष वित्तीय नियामक, फाइनेंशियल सुपरवाइजरी सर्विस (FSS) के गवर्नर ली चान-जिन ने एक प्रेस ब्रीफिंग में सिर्फ एक महीने पहले शुरू किए गए सिंगल-स्टॉक लीवरेज्ड ETF को अनुमति देने पर गहरा अफसोस जताया । ये प्रोडक्ट निवेशकों को Samsung Electronics और SK Hynix जैसे शेयरों की कीमतों पर दोगुना दांव लगाने की सुविधा देते हैं और इनकी लोकप्रियता आसमान छू रही थी। मई के अंत में करीब 3 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ लॉन्च होने वाले ये फंड अब बढ़कर लगभग 9.1 बिलियन डॉलर के हो गए थे, जिनमें से 92% हिस्सेदारी खुदरा निवेशकों के पास थी
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गवर्नर ली ने कहा कि ये प्रोडक्ट "विनिमय दर को स्थिर करने में बहुत कम योगदान देते हैं जबकि शेयर बाजार की अस्थिरता को बढ़ाते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें "इसे रोकने के लिए डटे रहना चाहिए था और इसे ब्लॉक कर देना चाहिए था" । FSS ने चेतावनी दी कि इन लीवरेज्ड इंस्ट्रूमेंट्स में उच्च कारोबार और व्यक्तिगत निवेशकों की एकाग्रता से मंदी के दौरान घरेलू वित्तीय झटके और जबरन लिक्विडेशन हो सकता है
। एक नीतिगत विफलता की इस स्पष्ट नियामक स्वीकारोक्ति ने बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया, क्योंकि इससे उन्हीं प्रोडक्ट्स पर संभावित अंकुश का खतरा पैदा हो गया, जो Samsung और SK Hynix में भीड़भाड़ वाली ट्रेड को संभाले हुए थे
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बिकवाली सबसे अधिक टेक्नोलॉजी सेक्टर में हुई, खासकर उन सेमीकंडक्टर दिग्गजों में जो KOSPI पर हावी हैं। 23 जून को Samsung Electronics में 12.3% और SK Hynix में 12.5% की गिरावट आई, जिससे बाजार से अरबों डॉलर का सफाया हो गया । रिपोर्टों से पता चलता है कि विदेशी निवेशक सबसे बड़े विक्रेता थे, जो अमेरिकी टेक शेयरों में रातोंरात गिरावट के बाद आक्रामक रूप से मुनाफावसूली कर रहे थे
। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी निवेशकों ने सत्र के दौरान KOSPI शेयरों में 2.6 बिलियन डॉलर से अधिक की बिकवाली की
। कोरिया एक्सचेंज ने पुष्टि की कि "विदेशी निवेशकों ने मुनाफावसूली के लिए बड़े-कैप टेक्नोलॉजी शेयरों को बेचा"
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8 जून को सर्किट ब्रेकर की घटना ने पहले ही बाजार की कमजोरी को उजागर कर दिया था। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे खुदरा मार्जिन ऋण ने इस कमजोरी को और बढ़ा दिया था। एक रिपोर्ट में कहा गया कि दक्षिण कोरिया में कुल खुदरा मार्जिन ऋण लगभग 38 ट्रिलियन वॉन के करीब पहुंच गया था, और जून की शुरुआत में मार्जिन कॉल से जबरन शेयरों की बिक्री लगभग 300 बिलियन वॉन तक पहुंच गई थी । जून के शिखर से पहले जो KOSPI साल-दर-साल लगभग 108% उछल गया था, वह अत्यधिक लीवरेज्ड और आत्मसंतुष्ट तेड़ियों (bulls) से भरा बाजार था
। जब ब्याज दर का झटका और नियामकीय खबर एक साथ आई, तो इसने ऐसी स्थिति पैदा कर दी जहां लीवरेज्ड पोजीशन को बुरी तरह समाप्त किया जाने लगा, जिसे अक्सर "फोर्स्ड लिक्विडिटी एक्सट्रैक्शन" कहा जाता है
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23 जून की गिरावट को दबावों के एक कैस्केड के रूप में समझा जा सकता है:
मूल सवाल में अमेरिकी सेमीकंडक्टर शेयरों जैसे Micron, Nvidia और Intel पर विशिष्ट प्रभाव के बारे में भी पूछा गया था। जबकि रिपोर्टों से पुष्टि होती है कि KOSPI क्रैश आंशिक रूप से "अमेरिकी टेक शेयरों में रातोंरात गिरावट" से शुरू हुआ था, प्रदान किए गए स्रोत अमेरिकी शेयरों के लिए सटीक प्रतिशत गिरावट (जैसे, "Micron 13% से अधिक नीचे" या "Nvidia 4% से अधिक नीचे"
) की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करते हैं। यह तर्कसंगत है कि एशियाई सेमीकंडक्टर की भारी बिकवाली से वैश्विक भावना प्रभावित होगी, लेकिन विशिष्ट आंकड़ों को सीधे अमेरिकी बाजार के आंकड़ों से सत्यापित किया जाना चाहिए।
KOSPI का 'ब्लैक ट्यूजडे' कोई सामान्य बाजार सुधार नहीं था। यह एक पाठ्यपुस्तकीय उदाहरण है कि कैसे झटकों की एक श्रृंखला एक ऊंची उड़ान भरने वाले बाजार के सबसे भीड़भाड़ वाले और लीवरेज्ड कोनों में एक हिंसक अनवाइंडिंग को ट्रिगर कर सकती है। 9.99% का क्रैश और दोहरा सर्किट ब्रेकर जिसने ट्रेडिंग को रोक दिया, एक स्पष्ट अनुस्मारक है कि सबसे मजबूत तेज बाजार भी एक पल में पलट सकते हैं जब अंतर्निहित संरचना लीवरेज और नाजुक सहमति पर बनी हो।
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