अप्रैल 2026 तक, चीनी EV निर्यात एक महीने में 400,000 यूनिट से अधिक हो गया, और वर्ष के पहले चार महीनों में कुल वाहन निर्यात लगभग 1.4 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया । ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर (Ember) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में चीन से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादों और घटकों की कुल बिक्री $26 बिलियन तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे उच्चतम मासिक आंकड़ा है
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ईंधन संकट ने कुछ ही हफ्तों में अफ्रीकी देशों को बुरी तरह प्रभावित किया। केन्या, इथियोपिया और जाम्बिया में पेट्रोल पंपों पर कमी देखी गई । दक्षिण अफ्रीका में 1 अप्रैल को पेट्रोल की कीमतों में लगभग 30% और थोक डीज़ल में 55% से अधिक की उछाल आई
। केन्या में डीज़ल 24% बढ़कर लगभग $1.60 प्रति लीटर हो गया, और नैरोबी में डीज़ल ने 242 शिलिंग प्रति लीटर का रिकॉर्ड बनाया
। इस झटके ने परिवहन को बाधित किया, खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ा दीं, सोवेटो (Soweto) में स्कूल बंद हो गए क्योंकि बसों के लिए ईंधन नहीं था, और सोमालिया में मछली पकड़ने के बेड़े को बंदरगाह पर खड़ा रहना पड़ा
। पूरे महाद्वीप में सरकारें आपातकालीन उपायों में जुट गईं: नामीबिया ने ईंधन लेवी में कटौती की, मिस्र ने रात 9 बजे व्यावसायिक कर्फ्यू लगाया, और केन्या ने आपूर्ति बनाए रखने के लिए अस्थायी रूप से ईंधन गुणवत्ता मानकों में छूट दी
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22 मई, 2026 को, राष्ट्रपति विलियम रुटो ने घोषणा की कि केन्या में आयात होने वाले पहले 100,000 इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह से शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) होंगे, और स्पष्ट रूप से कहा कि ई-मोबिलिटी निवेश में तेजी लाने के लिए ईरान-ईंधन संकट का उपयोग करने की आवश्यकता है । सरकार ने सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों के उपयोग के लिए 3,000 इलेक्ट्रिक वाहनों का ऑर्डर भी दिया
। यह शुल्क छूट EV की अग्रिम लागत को 25% तक कम कर सकती है
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हालांकि, यह निर्देश वित्त विधेयक 2026 (Finance Bill 2026) के साथ टकराता है, जिसमें EV, लिथियम-आयन बैटरी और इलेक्ट्रिक साइकिल पर 16% VAT लगाने का प्रस्ताव है, जिससे महत्वपूर्ण नीतिगत अनिश्चितता पैदा हो गई है । विश्लेषकों ने इस विरोधाभास को केन्या की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी महत्वाकांक्षाओं पर एक संभावित "आत्म-विनाशकारी हमला" बताया है
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सर्च बजट पूरा होने के कारण इस विशिष्ट नीति की पुष्टि नहीं हो सकी। वर्तमान स्रोतों से लाओस में ईंधन-चालित वाहनों पर आयात प्रतिबंध के लिए पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस दावे के लिए और अधिक तथ्य-जांच की आवश्यकता है।
चीनी EV निर्माताओं ने ईंधन आयात पर निर्भर विकासशील देशों को लक्षित किया है जो तेल के झटके से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, और उन्हें किफायती EV, बैटरी और सोलर पैकेज की पेशकश की है । ऑस्ट्रेलिया से लेकर वियतनाम तक मांग बढ़ रही है, और उन बाजारों में इस्तेमाल किए गए EV के स्टॉक खत्म हो रहे हैं जहां खरीदार पेट्रोल के विकल्प तलाश रहे हैं
। बेंचमार्क मिनरल इंटेलिजेंस (Benchmark Mineral Intelligence) के अनुसार, अप्रैल 2026 में लगातार दूसरे महीने वैश्विक EV मांग बढ़ी, और चीन में EV बिक्री में मासिक-दर-मासिक 82.6% की वृद्धि दर्ज की गई
। कुछ बाजारों में आपूर्ति कड़ी होने के कारण प्रयुक्त EV की कीमतों में 10-20% की उछाल आई है
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पूरे अफ्रीका और अन्य विकासशील क्षेत्रों की सरकारें चार्जिंग बुनियादी ढांचा बनाने की होड़ में हैं, लेकिन महाद्वीप के सामने बड़ी बाधाएं हैं। अल जज़ीरा (Al Jazeera) ने रिपोर्ट किया कि ईरान संघर्ष ने "अफ्रीका के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संक्रमण अवसर" पैदा किया है, फिर भी महाद्वीप अभी भी अविश्वसनीय बिजली ग्रिड, EV की उच्च अग्रिम लागत और नवजात चार्जिंग नेटवर्क से जूझ रहा है । केन्या में, जहां ड्यूटी-फ्री नीति आयात लागत को कम करती है, वहीं सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की कमी और बार-बार आउटेज का सामना करने वाला बिजली ग्रिड बड़े पैमाने पर अपनाने में महत्वपूर्ण बाधाएं बनी हुई हैं।
व्यापक चुनौती — कि बढ़ती मांग कम आय वाले बाजारों में चार्जिंग बुनियादी ढांचे की तैयारी से आगे निकलने का जोखिम पैदा करती है — को स्रोतों में स्वीकार किया गया है, लेकिन उपलब्ध खोज परिणामों में इसकी गहराई से गणना नहीं की गई है ।
महत्वपूर्ण चेतावनी: लाओस आयात प्रतिबंध सर्च बजट के भीतर सत्यापित नहीं किया जा सका। विकासशील क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की चुनौतियों का उल्लेख किया गया है, लेकिन मौजूदा स्रोतों द्वारा विस्तार से गणना नहीं की गई है। EV अपनाने की लहर का बने रहना तेल की कीमतों की स्थिरता और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के निर्माण पर निर्भर करता है।
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