अलीबाबा ग्रुप ने 23 जून 2026 को अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के खिलाफ संघीय अदालत में मुकदमा दाखिल किया, जिसमें उसे 'चीनी सैन्य कंपनी' करार दिए जाने को चुनौती दी गई है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला 'मनमाना और निराधार... पेंटागन ने 8 जून 2026 को अपनी सेक्शन 1260H सूची को अपडेट करते हुए इसमें अलीबाबा, बाइडू, बीवाईडी...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What is the significance of Alibaba's lawsuit against the U.S. Department of Defense over its des. Article summary: | Element | Key Takeaway | |---|---| | **Alibaba's suit** | Challenges an "arbitrary" military designation in federal court; seeks delisting | | **Blacklist size** | 188 Chinese entities as of June 8, 2026, up from 134 i. Topic tags: general, government, general web, news, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
23 जून 2026 को, चीनी ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी दिग्गज अलीबाबा ग्रुप ने अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के खिलाफ सैन होज़े, कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया । इस मुकदमे के ज़रिए कंपनी ने पेंटागन की सेक्शन 1260H ब्लैकलिस्ट से अपना नाम हटाने की मांग की है, जिसमें उसे 'चीनी सैन्य कंपनी' करार दिया गया है। यह मुकदमा पेंटागन द्वारा 8 जून को जारी उस अपडेटेड लिस्ट के बाद आया है, जिसमें अलीबाबा, बाइडू, बीवाईडी और अन्य कंपनियों को चीन की सेना का समर्थन करने वाली संस्थाओं के रूप में नामित किया गया था
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अलीबाबा की यह कानूनी चुनौती पेंटागन के उस अधिकार की एक बड़ी परीक्षा है जिसके तहत वह प्रमुख निजी चीनी कंपनियों को सैन्य-संबंधित करार दे सकता है। इस फैसले के अमेरिका-चीन के बीच निवेश प्रवाह, आपूर्ति श्रृंखला और नाजुक कूटनीतिक रिश्तों पर गहरे प्रभाव पड़ सकते हैं।
8 जून 2026 को पेंटागन ने अपनी सेक्शन 1260H लिस्ट का अपडेट जारी किया, जिसमें चीनी संस्थाओं की संख्या बढ़ाकर 188 कर दी गई, जो जनवरी 2025 में 134 थी । इस सूची में अलीबाबा, बाइडू, बीवाईडी, निओ, यूनिट्री रोबोटिक्स और वूशी एपटेक जैसी प्रमुख कंपनियों को शामिल किया गया
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ब्लैकलिस्ट का क्या मतलब है: वित्तीय वर्ष 2024 के राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (NDAA) की धारा 805 के तहत, 30 जून 2026 से पेंटागन इन नामित कंपनियों से सीधे उत्पाद या सेवाएं नहीं खरीद सकेगा । हालांकि यह सूची अपने आप में कोई निवेश प्रतिबंध नहीं लगाती, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कंपनियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है और भविष्य में अमेरिकी निवेश प्रतिबंध लगने की आशंका बढ़ जाती है
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इस सूची का विस्तार ऐसे समय में हुआ जब ट्रंप-शी शिखर वार्ता के बाद द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने के प्रयास चल रहे थे, जिससे यह नाजुक कूटनीतिक सुलह के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया ।
अलीबाबा ने अपने मुकदमे में तर्क दिया है कि पेंटागन का यह फैसला "मनमाना", "निराधार" है और इसका "तथ्यों या कानून में कोई आधार नहीं है" । कंपनी का दावा है कि वह एक निजी वाणिज्यिक उद्यम है और उसका चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) से कोई संबंध नहीं है। साथ ही, कंपनी का आरोप है कि पेंटागन ने यह लेबल लगाने से पहले उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया
। अलीबाबा ने चेतावनी दी है कि इस ब्लैकलिस्ट से उसके व्यापार और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है
।
पेंटागन का तर्क है कि अलीबाबा का चीनी कानूनों, खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा सुरक्षा कानूनों का अनुपालन, उसे बीजिंग की सैन्य-नागरिक संलयन (military-civil fusion) रणनीति का एक उपकरण बनाता है ।
22 जून 2026 को चीन ने दो-आयामी जवाबी कार्रवाई की :
यह पेंटागन की ब्लैकलिस्ट के खिलाफ चीन की अब तक की सबसे व्यापक जवाबी कार्रवाई थी, जिसका निशाना अमेरिकी दुर्लभ मृदा आपूर्ति श्रृंखला और रक्षा औद्योगिक आधार था ।
बाजार की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत नरम रही। मुकदमा दाखिल होने के दिन अलीबाबा के अमेरिकी शेयरों (BABA) में लगभग 0.30% की गिरावट आई । इसके विपरीत, फरवरी 2026 में, जब पेंटागन ने इसी तरह की एक सूची को संक्षिप्त रूप से प्रकाशित और फिर वापस ले लिया था, तब अलीबाबा के हॉन्ग कॉन्ग में सूचीबद्ध शेयरों में एक ही सत्र में 3% से अधिक की गिरावट आई थी, जिससे चीनी टेक शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई थी
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जून में सीमित बिकवाली से पता चलता है कि पिछले दो हफ्तों में निवेशक पहले ही इस ब्लैकलिस्ट के असर को अपने दामों में शामिल कर चुके थे। साथ ही, निवेशक इस मुकदमे को अचानक एक नए सिरे से बढ़े तनाव के बजाय एक प्रक्रियात्मक चुनौती के रूप में देख रहे हैं । हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इस ब्लैकलिस्ट से भविष्य में अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत निवेश प्रतिबंध लगने का खतरा बना हुआ है, जो लंबी अवधि में अलीबाबा के मूल्यांकन पर भारी पड़ सकता है
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अलीबाबा ग्रुप ने 23 जून 2026 को अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के खिलाफ संघीय अदालत में मुकदमा दाखिल किया, जिसमें उसे 'चीनी सैन्य कंपनी' करार दिए जाने को चुनौती दी गई है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला 'मनमाना और निराधार...
अलीबाबा ग्रुप ने 23 जून 2026 को अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के खिलाफ संघीय अदालत में मुकदमा दाखिल किया, जिसमें उसे 'चीनी सैन्य कंपनी' करार दिए जाने को चुनौती दी गई है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला 'मनमाना और निराधार... पेंटागन ने 8 जून 2026 को अपनी सेक्शन 1260H सूची को अपडेट करते हुए इसमें अलीबाबा, बाइडू, बीवाईडी और निओ जैसी कंपनियों को शामिल किया, जिससे सूची में कंपनियों की संख्या बढ़कर 188 हो गई।
चीन ने 22 जून 2026 को जवाबी कार्रवाई करते हुए 10 अमेरिकी कंपनियों पर निर्यात प्रतिबंध लगा दिए और 46 अमेरिकी रक्षा ठेकेदारों को सरकारी खरीद से बाहर कर दिया।
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