2. AI खर्च पर उठे सवाल
महीनों से बाजार में एक ही कहानी चल रही थी: AI बुनियादी ढांचे पर खरबों रुपए लगाओ और मुनाफा कमाओ। लेकिन फिर सेमीकंडक्टर की दिग्गज कंपनी ब्रॉडकॉम (Broadcom) ने अपने भविष्य के राजस्व को लेकर निराशाजनक पूर्वानुमान दिया, जिसमें उसने अपने AI राजस्व के अनुमान को अपग्रेड नहीं किया । यह खबर ऐसे गिरी जैसे आसमान से बिजली गिरी हो। संदेश साफ था: अगर चिप की दिग्गज कंपनियां भी सैकड़ों अरबों के निवेश पर रिटर्न का वादा करने में संघर्ष कर रही हैं, तो शायद पूरा AI बूम बहुत ऊंचे दामों पर बिक रहा है
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इस गिरावट में Nvidia, Samsung Electronics, SK Hynix और SoftBank Group के शेयर सबसे आगे रहे। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स (Philadelphia Semiconductor Index) 5 जून को 10.26% टूट गया, जो 2020 में कोविड महामारी के बाद का सबसे बड़ा एक दिवसीय गिरावट था । निवेशक वह सवाल पूछने लगे जो दो साल से टल रहा था: "क्या AI पर खर्च का फायदा नए राजस्व या लागत में कमी के रूप में पर्याप्त तेजी से हो रहा है?"
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3. मिडिल ईस्ट से तेल का झटका
इन दो बड़ी चिंताओं के बीच ईरान और इज़राइल के बीच फिर से शुरू हुई तनातनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बाधित कर दिया, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम रास्ता है । तेल की कीमतें उछल गईं, जिससे बाजार में पहले से मौजूद नकारात्मक माहौल और खराब हो गया। फॉर्च्यून पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, "दुनिया भर में शेयरों की बिकवाली हो रही है क्योंकि नाखुश निवेशक मिडिल ईस्ट में नए संघर्ष के कारण तेल की कीमतों को फिर से बढ़ते हुए देख रहे हैं"
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यह गिरावट बहुत गहरी और एक साथ कई बाजारों में हुई। आइए देखते हैं विभिन्न बाजारों पर इसका असर:
यूरोप
संयुक्त राज्य अमेरिका
एशिया-प्रशांत
यह कोई सामान्य सुधार नहीं था। जून 2026 की इस बिकवाली की कुछ खास बातें थीं:
एक साथ कई बड़े प्रभावों का टकराव। फ़िडेलिटी इंटरनेशनल के अनुसार, 2026 में AI शेयर "शेयर बाजारों के लिए सबसे परिभाषित थीम" थे । यह बिकवाली उसी बुलबुले के फूटने जैसी थी, जिसके बारे में पहले ही आशंका जताई जा रही थी। बिकवाली से पहले ही श्वाब की एक रिपोर्ट में 2026 के लिए "AI बुलबुले" को पहली संभावित बाजार चेतावनी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था
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मौद्रिक नीति का मिजाज बदलना। फेड का कटौती से बढ़ोतरी की ओर झुकाव होने से हाई-मल्टीपल ग्रोथ शेयरों का गणित पूरी तरह बदल गया। एक मलेशियाई बिजनेस कॉलम में लिखा गया, "अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले शुक्रवार को हुई तेज गिरावट को देखते हुए, ऐसा लगता है कि निवेशकों को डर है कि फेड फिर से हमला कर सकता है, लेकिन इस बार मुख्य शिकार वॉल स्ट्रीट होगा" ।
एक साथ कमोडिटी का झटका। मिडिल ईस्ट में तेल की आपूर्ति में रुकावट ने महंगाई बढ़ाने का काम किया, जिसने फेड की सख्त नीति को और मजबूत किया । फ़िडेलिटी के मध्य वर्ष के बाजार पूर्वानुमान ने आगाह किया था कि "अगर तेल संकट से महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता है, तो फेड को दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है"
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जून के अंत तक, कुछ बाजारों में स्थिरता के संकेत मिलने लगे। दक्षिण कोरिया का Kospi 24 जून को 10% की गिरावट के बाद 2.2% उछल गया । STOXX 600 ने दिन के सबसे निचले स्तर से कुछ रिकवरी करते हुए 1.1% के बजाय 0.7% की गिरावट के साथ बंद हुआ
। लेकिन विश्लेषकों ने चेतावनी दी कि उतार-चढ़ाव का खतरा बना हुआ है, और मुख्य तनाव—फेड की दर नीति, AI निवेश पर रिटर्न, और मिडिल ईस्ट की भू-राजनीति—अभी हल नहीं हुए हैं
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मॉर्गन स्टेनली के ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कमेटी ने कहा कि बिकवाली के बावजूद, "AI पूंजीगत व्यय में उछाल वॉल स्ट्रीट का मुख्य नारा बना हुआ है" और मंदी का डर "लगभग न के बराबर" है । लेकिन यह आशावाद इस बात पर निर्भर करता है कि AI खर्च का सवाल आने वाली तिमाहियों में कैसे हल होता है। अगर रिटर्न नहीं मिलता है, तो जून 2026 की यह बिकवाली सिर्फ एक सुधार के रूप में नहीं, बल्कि पूरे AI बुलबुले के लिए एक टर्निंग पॉइंट के रूप में याद की जा सकती है।
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