ये चेतावनियां शहर पर लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के बीच आई हैं।
एल ओबेद और उसके लोग पिछले 18 महीनों से लगातार दबाव में हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि एल ओबेद में RSF की रणनीति की एक भयावह हालिया मिसाल है।
एल ओबेद का संकट उस युद्ध का नवीनतम मोर्चा है जिसने पूरे देश को तबाह कर दिया है।
निष्कर्ष: एल ओबेद आज सूडान का सबसे खतरनाक संकट स्थल है। RSF द्वारा शहर को घेरने, घातक ड्रोन हमले शुरू करने और जमीनी हमले के लिए तैयार होने के साथ, UN, अमेरिका और दर्जनों देशों ने चेतावनी दी है कि 5 लाख नागरिकों पर 'बड़े पैमाने पर अत्याचारों का आसन्न खतरा' मंडरा रहा है, जो एल फाशेर में देखी गई भयावहता को दोहरा सकता है।
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