गार्जियन जांच: ब्रांड्स चुपके से AI इन्फ्लुएंसर्स का कर रहे हैं इस्तेमाल, खुलासा न करने के नियमों में बड़ी खामी
द गार्जियन की जांच में पाया गया कि ब्रांड सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह बताने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं है कि वे असली इंसान नहीं हैं। कुछ क्रिए... अगस्त 2026 से EU AI एक्ट के आर्टिकल 50 के तहत AI कंटेंट पर लेबल (लेबल) लगाना अनिवार्य हो जाएगा,...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
द गार्जियन की जांच में पाया गया कि ब्रांड सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह बताने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं है कि वे असली इंसान नहीं हैं। कुछ क्रिए...
अगस्त 2026 से EU AI एक्ट के आर्टिकल 50 के तहत AI कंटेंट पर लेबल (लेबल) लगाना अनिवार्य हो जाएगा, जबकि US में FTC (फेडरल ट्रेड कमीशन) हर उल्लंघन पर $53,088 (लगभग 44 लाख रुपये) का जुर्माना लगा रहा है। [2][5][6]
इस AI ट्रेंड के बावजूद, 2026 में क्रिएटर कंटेंट पर खर्च 44 बिलियन डॉलर (करीब 3.7 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है और ब्रांड अब 'गड़बड़' और प्रामाणिक (authentic) मानवीय क्रिएटर्स की तरफ लौट रहे हैं, क्योंकि AI कंटेंट प...
Search & fact-check with cited sources for What did The Guardian's investigation reveal about brands using AI-generated influencers, includiIllustration: Studio Global / AI-generated editorial image
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What did The Guardian's investigation reveal about brands using AI-generated influencers, includi. Article summary: Here is what The Guardian's June 2026 investigation found, along with the regulatory and industry context.. Topic tags: general, general web, user generated, academic, education. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an ill
openai.com
द गार्जियन (The Guardian) की 21 जून 2026 को प्रकाशित एक चौंकाने वाली जांच से पता चला है कि बड़े-बड़े ब्रांड सोशल मीडिया पर अपने प्रोडक्ट्स के प्रचार के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स (कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने प्रभावशाली लोगों) का इस्तेमाल कर रहे हैं, बिना इस बात का कोई स्पष्ट संकेत दिए कि ये लोग असली नहीं हैं । यह रिपोर्ट एक बड़ी पारदर्शिता (transparency) की कमी को उजागर करती है, जो ब्रिटेन में बिल्कुल भी नियम न होने से लेकर अमेरिका में सख्त कार्रवाई और यूरोपीय संघ (EU) में आने वाले नए कानून तक फैली हुई है — जबकि दूसरी तरफ बाजार फिर से असली मानवीय क्रिएटर्स (रचनाकारों) की ओर लौट रहा है।
द गार्जियन जांच में क्या मिला?
कोई डिस्क्लोज़र नियम नहीं: ब्रिटेन में ऐसा कोई कानून नहीं है जो ब्रांड्स को यह बताने के लिए मजबूर करे कि उनकी विज्ञापन सामग्री AI से बनाई गई है ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"गार्जियन जांच: ब्रांड्स चुपके से AI इन्फ्लुएंसर्स का कर रहे हैं इस्तेमाल, खुलासा न करने के नियमों में बड़ी खामी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
द गार्जियन की जांच में पाया गया कि ब्रांड सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह बताने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं है कि वे असली इंसान नहीं हैं। कुछ क्रिए...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
द गार्जियन की जांच में पाया गया कि ब्रांड सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह बताने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं है कि वे असली इंसान नहीं हैं। कुछ क्रिए... अगस्त 2026 से EU AI एक्ट के आर्टिकल 50 के तहत AI कंटेंट पर लेबल (लेबल) लगाना अनिवार्य हो जाएगा, जबकि US में FTC (फेडरल ट्रेड कमीशन) हर उल्लंघन पर $53,088 (लगभग 44 लाख रुपये) का जुर्माना लगा रहा है। [2][5][6]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
इस AI ट्रेंड के बावजूद, 2026 में क्रिएटर कंटेंट पर खर्च 44 बिलियन डॉलर (करीब 3.7 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है और ब्रांड अब 'गड़बड़' और प्रामाणिक (authentic) मानवीय क्रिएटर्स की तरफ लौट रहे हैं, क्योंकि AI कंटेंट प...
गार्जियन जांच: ब्रांड्स चुपके से AI इन्फ्लुएंसर्स का कर रहे हैं इस्तेमाल, खुलासा न करने के नियमों में बड़ी खामी
द गार्जियन की जांच में पाया गया कि ब्रांड सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह बताने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं है कि वे असली इंसान नहीं हैं। कुछ क्रिए... अगस्त 2026 से EU AI एक्ट के आर्टिकल 50 के तहत AI कंटेंट पर लेबल (लेबल) लगाना अनिवार्य हो जाएगा,...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
द गार्जियन की जांच में पाया गया कि ब्रांड सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह बताने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं है कि वे असली इंसान नहीं हैं। कुछ क्रिए...
अगस्त 2026 से EU AI एक्ट के आर्टिकल 50 के तहत AI कंटेंट पर लेबल (लेबल) लगाना अनिवार्य हो जाएगा, जबकि US में FTC (फेडरल ट्रेड कमीशन) हर उल्लंघन पर $53,088 (लगभग 44 लाख रुपये) का जुर्माना लगा रहा है। [2][5][6]
इस AI ट्रेंड के बावजूद, 2026 में क्रिएटर कंटेंट पर खर्च 44 बिलियन डॉलर (करीब 3.7 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है और ब्रांड अब 'गड़बड़' और प्रामाणिक (authentic) मानवीय क्रिएटर्स की तरफ लौट रहे हैं, क्योंकि AI कंटेंट प...
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द गार्जियन (The Guardian) की 21 जून 2026 को प्रकाशित एक चौंकाने वाली जांच से पता चला है कि बड़े-बड़े ब्रांड सोशल मीडिया पर अपने प्रोडक्ट्स के प्रचार के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स (कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने प्रभावशाली लोगों) का इस्तेमाल कर रहे हैं, बिना इस बात का कोई स्पष्ट संकेत दिए कि ये लोग असली नहीं हैं । यह रिपोर्ट एक बड़ी पारदर्शिता (transparency) की कमी को उजागर करती है, जो ब्रिटेन में बिल्कुल भी नियम न होने से लेकर अमेरिका में सख्त कार्रवाई और यूरोपीय संघ (EU) में आने वाले नए कानून तक फैली हुई है — जबकि दूसरी तरफ बाजार फिर से असली मानवीय क्रिएटर्स (रचनाकारों) की ओर लौट रहा है।
द गार्जियन जांच में क्या मिला?
कोई डिस्क्लोज़र नियम नहीं: ब्रिटेन में ऐसा कोई कानून नहीं है जो ब्रांड्स को यह बताने के लिए मजबूर करे कि उनकी विज्ञापन सामग्री AI से बनाई गई है ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"गार्जियन जांच: ब्रांड्स चुपके से AI इन्फ्लुएंसर्स का कर रहे हैं इस्तेमाल, खुलासा न करने के नियमों में बड़ी खामी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
द गार्जियन की जांच में पाया गया कि ब्रांड सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह बताने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं है कि वे असली इंसान नहीं हैं। कुछ क्रिए...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
द गार्जियन की जांच में पाया गया कि ब्रांड सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह बताने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं है कि वे असली इंसान नहीं हैं। कुछ क्रिए... अगस्त 2026 से EU AI एक्ट के आर्टिकल 50 के तहत AI कंटेंट पर लेबल (लेबल) लगाना अनिवार्य हो जाएगा, जबकि US में FTC (फेडरल ट्रेड कमीशन) हर उल्लंघन पर $53,088 (लगभग 44 लाख रुपये) का जुर्माना लगा रहा है। [2][5][6]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
इस AI ट्रेंड के बावजूद, 2026 में क्रिएटर कंटेंट पर खर्च 44 बिलियन डॉलर (करीब 3.7 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है और ब्रांड अब 'गड़बड़' और प्रामाणिक (authentic) मानवीय क्रिएटर्स की तरफ लौट रहे हैं, क्योंकि AI कंटेंट प...
क्रिएटर्स पर NDA का दबाव: AI इन्फ्लुएंसर मटेरियल बनाने वाले कुछ कंटेंट क्रिएटर्स से गैर-प्रकटीकरण समझौते (NDA) पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जा रहा है ताकि वे अपने काम के बारे में चर्चा न कर सकें। एक स्रोत ने इसे 'प्लॉज़िबल डिनायबिलिटी' (संभावित इनकार) करार दिया — यानी ब्रांड AI की लागत बचत तो चाहते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया (backlash) से डरते हैं ।
तकनीकी जांच ने पकड़ा: साइबर सुरक्षा फर्म रियलिटी डिफेंडर्स ने एक फोटो ऐप 'वन्स' (Once) के विज्ञापन का विश्लेषण कर AI जनरेटेड कंटेंट की पहचान की, जिसमें एक सिंथेटिक 'दुल्हन' को खुशी से रोते हुए दिखाया गया था ।
उपभोक्ता संरक्षण समूह सख्त: उपभोक्ता समूह 'व्हिच?' (Which?) ने मांग की है कि ग्राहकों को साफ-साफ बताया जाए कि प्रमोशनल कंटेंट असली लोगों की बजाय AI से बने लोगों को दिखा रहा है ।
नियामक अंतराल: UK, EU और US में क्या नियम हैं?
ब्रिटेन (UK): यहां AI-जनरेटेड विज्ञापन सामग्री के खुलासे के लिए कोई विशेष नियम नहीं हैं, और आने वाला EU AI एक्ट यहां लागू नहीं होगा । ब्रिटेन की विज्ञापन मानक प्राधिकरण (ASA) ने पुष्टि की है कि उसके नियमों में ब्रांड्स को AI इन्फ्लुएंसर्स पर लेबल लगाने के लिए मजबूर करने वाला कुछ भी नहीं है ।
यूरोपीय संघ (EU): EU आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्ट, विशेष रूप से इसका आर्टिकल 50, 2 अगस्त 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा । यह कानून AI से बनी या बदली गई सामग्री (जैसे डीपफेक) पर मशीन-पठनीय और मानव-पठनीय दोनों रूपों में स्पष्ट लेबल लगाने को अनिवार्य करता है। AI सिस्टम प्रदाताओं को सिंथेटिक आउटपुट को चिह्नित करना होगा, और ब्रांड एवं एजेंसियों सहित तैनात करने वालों को इसका अनुपालन सुनिश्चित करना होगा ।
अमेरिका (US): FTC (फेडरल ट्रेड कमीशन) 2024 से लगातार कार्रवाई तेज कर रहा है । मुख्य बिंदु:
2024 के अंत में: AI-जनरेटेड प्रशंसापत्रों (testimonials) के खिलाफ पहली कार्रवाई
2025 के मध्य में: अपडेटेड एंडोर्समेंट गाइड्स में सिंथेटिक मीडिया को शामिल किया गया
2026 की शुरुआत में: 'AI ट्रांसपेरेंसी इन एडवरटाइज़िंग' पर नियमों को अंतिम रूप दिया गया
मई 2026 में: विशेष रूप से सिंथेटिक इन्फ्लुएंसर्स को संबोधित करते हुए अपडेटेड AI एंडोर्समेंट गाइडेंस जारी किया गया, जिसमें प्रति उल्लंघन $53,088 (लगभग 44 लाख रुपये) का जुर्माना तय किया गया
राज्य स्तर पर, न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और टेक्सास ने संघीय मानकों से परे खुलासे की आवश्यकताएं जोड़ी हैं। न्यूयॉर्क का सिंथेटिक-परफॉर्मर डिस्क्लोज़र कानून 9 जून 2026 से लागू हुआ; कैलिफोर्निया का SB 942 और टेनेसी का ELVIS एक्ट वॉयस-क्लोनिंग और उत्पत्ति (provenance) के नियम जोड़ते हैं ।
FTC अब गैर-खुलासा किए गए AI-जनरेटेड कंटेंट को भौतिक गलत बयानी (material misrepresentation) का एक रूप मानता है जब उपभोक्ता सामान्य रूप से कंटेंट को मानव-निर्मित होने की उम्मीद करते हैं ।
उद्योग का मानवीय क्रिएटर्स की ओर वापसी का रुझान
जहां ब्रांड चुपके से सिंथेटिक इन्फ्लुएंसर्स के साथ प्रयोग कर रहे हैं, वहीं बड़ा बाजार विपरीत दिशा में आगे बढ़ रहा है:
क्रिएटर कंटेंट पर खर्च 44 बिलियन डॉलर: 2026 में क्रिएटर कंटेंट पर विज्ञापन खर्च 44 बिलियन डॉलर (करीब 3.7 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है, क्योंकि ब्रांड एक बार के पोस्ट से हटकर असली मानवीय क्रिएटर्स के साथ दीर्घकालिक, प्रदर्शन-आधारित साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं ।
AI कंटेंट पर उपभोक्ता भरोसा कम: डिजिडे (Digiday) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 'AI कंटेंट की अधिकता' के बाद ब्रांड मानवीय क्रिएटर्स से प्रामाणिकता और 'गड़बड़ी' (messiness) की तलाश कर रहे हैं। कुछ ब्रांड साझेदारी सौदों में स्पष्ट रूप से खामियों (imperfections) का अनुरोध कर रहे हैं ।
AI इन्फ्लुएंसर्स के साथ ब्रांड पार्टनरशिप घटी: कोलैब्स्ट्र (Collabstr) के ट्रांजैक्शन डेटा के अनुसार, 2025 के पहले आठ महीनों में AI सोशल अकाउंट्स के साथ ब्रांड पार्टनरशिप में 2024 की समान अवधि की तुलना में लगभग 30% की गिरावट आई है, जिसका कारण उपभोक्ताओं की बढ़ती नाराजगी है ।
शैक्षणिक शोध ने ब्रांड जोखिम की चेतावनी दी: नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के 2025 के एक अध्ययन में पाया गया कि AI इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग ब्रांड के भरोसे के लिए जोखिम पैदा करती है, जो ब्रांड्स को मनुष्यों के साथ बने रहने के वाणिज्यिक प्रोत्साहन को मजबूत करता है ।
यह पैटर्न स्पष्ट है: जहां कुछ ब्रांड गैर-प्रकटीकरण समझौतों के तहत AI-जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स की लागत बचत का पीछा कर रहे हैं, वहीं नियामक जमीन उनके नीचे से खिसक रही है, और बाजार का भरोसे का प्रीमियम मानवीय प्रामाणिकता की ओर वापस बह रहा है।
ppl.studioAI-Generated Content Disclosure: FTC Guidelines and ...
क्रिएटर्स पर NDA का दबाव: AI इन्फ्लुएंसर मटेरियल बनाने वाले कुछ कंटेंट क्रिएटर्स से गैर-प्रकटीकरण समझौते (NDA) पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जा रहा है ताकि वे अपने काम के बारे में चर्चा न कर सकें। एक स्रोत ने इसे 'प्लॉज़िबल डिनायबिलिटी' (संभावित इनकार) करार दिया — यानी ब्रांड AI की लागत बचत तो चाहते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया (backlash) से डरते हैं ।
तकनीकी जांच ने पकड़ा: साइबर सुरक्षा फर्म रियलिटी डिफेंडर्स ने एक फोटो ऐप 'वन्स' (Once) के विज्ञापन का विश्लेषण कर AI जनरेटेड कंटेंट की पहचान की, जिसमें एक सिंथेटिक 'दुल्हन' को खुशी से रोते हुए दिखाया गया था ।
उपभोक्ता संरक्षण समूह सख्त: उपभोक्ता समूह 'व्हिच?' (Which?) ने मांग की है कि ग्राहकों को साफ-साफ बताया जाए कि प्रमोशनल कंटेंट असली लोगों की बजाय AI से बने लोगों को दिखा रहा है ।
नियामक अंतराल: UK, EU और US में क्या नियम हैं?
ब्रिटेन (UK): यहां AI-जनरेटेड विज्ञापन सामग्री के खुलासे के लिए कोई विशेष नियम नहीं हैं, और आने वाला EU AI एक्ट यहां लागू नहीं होगा । ब्रिटेन की विज्ञापन मानक प्राधिकरण (ASA) ने पुष्टि की है कि उसके नियमों में ब्रांड्स को AI इन्फ्लुएंसर्स पर लेबल लगाने के लिए मजबूर करने वाला कुछ भी नहीं है ।
यूरोपीय संघ (EU): EU आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्ट, विशेष रूप से इसका आर्टिकल 50, 2 अगस्त 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा । यह कानून AI से बनी या बदली गई सामग्री (जैसे डीपफेक) पर मशीन-पठनीय और मानव-पठनीय दोनों रूपों में स्पष्ट लेबल लगाने को अनिवार्य करता है। AI सिस्टम प्रदाताओं को सिंथेटिक आउटपुट को चिह्नित करना होगा, और ब्रांड एवं एजेंसियों सहित तैनात करने वालों को इसका अनुपालन सुनिश्चित करना होगा ।
अमेरिका (US): FTC (फेडरल ट्रेड कमीशन) 2024 से लगातार कार्रवाई तेज कर रहा है । मुख्य बिंदु:
2024 के अंत में: AI-जनरेटेड प्रशंसापत्रों (testimonials) के खिलाफ पहली कार्रवाई
2025 के मध्य में: अपडेटेड एंडोर्समेंट गाइड्स में सिंथेटिक मीडिया को शामिल किया गया
2026 की शुरुआत में: 'AI ट्रांसपेरेंसी इन एडवरटाइज़िंग' पर नियमों को अंतिम रूप दिया गया
मई 2026 में: विशेष रूप से सिंथेटिक इन्फ्लुएंसर्स को संबोधित करते हुए अपडेटेड AI एंडोर्समेंट गाइडेंस जारी किया गया, जिसमें प्रति उल्लंघन $53,088 (लगभग 44 लाख रुपये) का जुर्माना तय किया गया
राज्य स्तर पर, न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और टेक्सास ने संघीय मानकों से परे खुलासे की आवश्यकताएं जोड़ी हैं। न्यूयॉर्क का सिंथेटिक-परफॉर्मर डिस्क्लोज़र कानून 9 जून 2026 से लागू हुआ; कैलिफोर्निया का SB 942 और टेनेसी का ELVIS एक्ट वॉयस-क्लोनिंग और उत्पत्ति (provenance) के नियम जोड़ते हैं ।
FTC अब गैर-खुलासा किए गए AI-जनरेटेड कंटेंट को भौतिक गलत बयानी (material misrepresentation) का एक रूप मानता है जब उपभोक्ता सामान्य रूप से कंटेंट को मानव-निर्मित होने की उम्मीद करते हैं ।
उद्योग का मानवीय क्रिएटर्स की ओर वापसी का रुझान
जहां ब्रांड चुपके से सिंथेटिक इन्फ्लुएंसर्स के साथ प्रयोग कर रहे हैं, वहीं बड़ा बाजार विपरीत दिशा में आगे बढ़ रहा है:
क्रिएटर कंटेंट पर खर्च 44 बिलियन डॉलर: 2026 में क्रिएटर कंटेंट पर विज्ञापन खर्च 44 बिलियन डॉलर (करीब 3.7 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है, क्योंकि ब्रांड एक बार के पोस्ट से हटकर असली मानवीय क्रिएटर्स के साथ दीर्घकालिक, प्रदर्शन-आधारित साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं ।
AI कंटेंट पर उपभोक्ता भरोसा कम: डिजिडे (Digiday) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 'AI कंटेंट की अधिकता' के बाद ब्रांड मानवीय क्रिएटर्स से प्रामाणिकता और 'गड़बड़ी' (messiness) की तलाश कर रहे हैं। कुछ ब्रांड साझेदारी सौदों में स्पष्ट रूप से खामियों (imperfections) का अनुरोध कर रहे हैं ।
AI इन्फ्लुएंसर्स के साथ ब्रांड पार्टनरशिप घटी: कोलैब्स्ट्र (Collabstr) के ट्रांजैक्शन डेटा के अनुसार, 2025 के पहले आठ महीनों में AI सोशल अकाउंट्स के साथ ब्रांड पार्टनरशिप में 2024 की समान अवधि की तुलना में लगभग 30% की गिरावट आई है, जिसका कारण उपभोक्ताओं की बढ़ती नाराजगी है ।
शैक्षणिक शोध ने ब्रांड जोखिम की चेतावनी दी: नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के 2025 के एक अध्ययन में पाया गया कि AI इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग ब्रांड के भरोसे के लिए जोखिम पैदा करती है, जो ब्रांड्स को मनुष्यों के साथ बने रहने के वाणिज्यिक प्रोत्साहन को मजबूत करता है ।
यह पैटर्न स्पष्ट है: जहां कुछ ब्रांड गैर-प्रकटीकरण समझौतों के तहत AI-जनरेटेड इन्फ्लुएंसर्स की लागत बचत का पीछा कर रहे हैं, वहीं नियामक जमीन उनके नीचे से खिसक रही है, और बाजार का भरोसे का प्रीमियम मानवीय प्रामाणिकता की ओर वापस बह रहा है।
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