होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खुलने के बाद भी चीन के फारस की खाड़ी से कच्चा तेल खरीदने की संभावना नहीं है, क्योंकि उसके पास 1.4 अरब बैरल का रणनीतिक भंडार है [1][2][3][4]। मई 2026 में चीन का कच्चा तेल आयात घटकर 7.8 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया, जो अक्टूबर 2017 के बाद सबसे कम है [49][50]। ईरानी कच्चे तेल पर मिलने वाली छू...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for Why is China not expected to quickly resume crude oil purchases from the Persian Gulf even after. Article summary: China is unlikely to rush back into Persian Gulf crude purchases even as more shipments move through Hormuz, because several factors that suppressed its buying during the crisis — swollen stockpiles, weak refinery econom. Topic tags: general, government, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने की संभावना है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की रूपरेखा तैयार हो गई है । लेकिन दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक चीन फारस की खाड़ी से खरीदारी फिर से शुरू करने की जल्दी में नहीं है। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं: भारी रणनीतिक भंडार, कमजोर रिफाइनरी अर्थव्यवस्था, कम होती ईरानी छूट, और भंडारण में पड़ा तेल। आइए समझते हैं कि चीन जल्दबाजी क्यों नहीं करेगा और आयात कब वापस लौट सकता है।
मई में आयात आठ साल के सबसे निचले स्तर पर। चीनी सीमा शुल्क आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में चीन का कच्चा तेल आयात लगभग 7.8 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया, जो अक्टूबर 2017 के बाद सबसे कम है । वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अलग से बताया कि मई में आयात 7.82 मिलियन बैरल प्रति दिन था, जो साल-दर-साल 29% कम है । केप्लर (Kpler) के आंकड़ों से पता चला कि मई के अंत तक चीन का समुद्री आयात औसतन केवल 6.6 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया, जो 2016 के बाद सबसे कम है । फरवरी में जहां यह आयात औसतन लगभग 11.7 मिलियन बैरल प्रति दिन था, वहां मई में यह लगभग 3 मिलियन बैरल प्रति दिन कम हो गया। जेपी मॉर्गन ने इसे 'कोविड-19 महामारी के चरम के दौरान देखी गई गिरावट से भी अधिक गंभीर' करार दिया ।
रणनीतिक भंडार बहुत बड़ा है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) का अनुमान है कि दिसंबर 2025 तक चीन के पास लगभग 1.4 अरब बैरल कच्चा तेल रणनीतिक भंडारण में था, जिसमें 2025 के दौरान प्रतिदिन औसतन 1.1 मिलियन बैरल जोड़ा गया । चीन अपने आधिकारिक भंडार के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करता, लेकिन EIA, कोलंबिया विश्वविद्यालय के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी और कई विश्लेषकों का मानना है कि यह लगभग 1.4 अरब बैरल है - जो अमेरिकी रणनीतिक भंडार से लगभग तीन गुना अधिक है । कोलंबिया विश्वविद्यालय की वरिष्ठ शोध विद्वान एरिका डाउन्स ने कहा कि मध्य पूर्व की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित होने की स्थिति में भी ये भंडार देश को छह महीने तक चला सकते हैं । ईरान संघर्ष के दौरान, चीन ने रणनीतिक और वाणिज्यिक दोनों तरह के भंडारों का उपयोग किया है। केरोस (Kayrros) के अनुमान के अनुसार, युद्ध से पहले चीन के जमीन के ऊपर वाणिज्यिक भंडार 851 मिलियन बैरल थे - और उस संग्रहीत तेल ने सीधे तौर पर नए आयात की आवश्यकता को कम कर दिया ।
रिफाइनरी अर्थव्यवस्था कमजोर बनी हुई है। चीनी रिफाइनरियों, खासकर शेडोंग प्रांत की स्वतंत्र 'टीपॉट' रिफाइनरियों ने उत्पादन दरों (run rates) को कई सालों के निचले स्तर पर ला दिया है। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, अप्रैल 2026 में कच्चे तेल का उत्पादन साल-दर-साल 5.8% घटकर लगभग 13.3 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया, जो अगस्त 2022 के बाद सबसे कम है । सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियों की उत्पादन दर अप्रैल में गिरकर 73.43% पर आ गई, जो छह साल का निचला स्तर है । वहीं, स्वतंत्र रिफाइनरियों ने अप्रैल की शुरुआत में उत्पादन दर को 63% से नीचे ला दिया - जो अगस्त 2025 के बाद सबसे कम है - और मार्जिन नकारात्मक हो गया । मई तक शेडोंग में रिफाइनरी क्षमता उपयोग घटकर लगभग 51% रह गया । कमजोर घरेलू मांग और उच्च फीडस्टॉक लागत के बीच रिफाइनरी घाटे ने अतिरिक्त कच्चे तेल की खरीद को अनाकर्षक बना दिया है ।
ईरानी छूट कम हो गई है और अब उतनी आकर्षक नहीं रही। संघर्ष से पहले, चीनी खरीदारों को ईरानी कच्चा तेल ब्रेंट (Brent) की तुलना में $8-$10 प्रति बैरल की गहरी छूट पर दिया जाता था, जिससे भारी खरीदारी को बढ़ावा मिलता था । जून 2026 तक, मांग कमजोर होने और स्वतंत्र रिफाइनरियों की उत्पादन दर कम होने के कारण यह छूट घटकर लगभग $1 प्रति बैरल रह गई । अंतरिम शांति समझौते के बाद, चीन को ईरानी तेल बेचने वालों ने खरीदारों को आकर्षित करने के लिए फिर से कीमतें कम कर दीं - जुलाई डिलीवरी के लिए ईरानी लाइट क्रूड की स्पॉट खेप ब्रेंट की तुलना में $2.50 से $5 प्रति बैरल की छूट पर पेश की गईं । लेकिन चीन की टीपॉट रिफाइनरियों की खरीदारी में कोई उत्साह नहीं दिखा। एसएंडपी ग्लोबल को ट्रेड सूत्रों ने बताया कि ये रिफाइनरियां 'अतिरिक्त कार्गो सुरक्षित करने की जल्दी में नहीं हैं' और वे 'अंतिम कुछ उपलब्ध कार्गो की खरीदारी करने के बजाय रखरखाव के लिए बंद होना पसंद करती हैं' । ईरानी तेल पर अब पहले जैसी बड़ी छूट नहीं मिलती, इसलिए यह उतना आकर्षक नहीं रह गया है।
संग्रहीत तेल एक महत्वपूर्ण बफर बना हुआ है। चीनी स्वतंत्र रिफाइनरियां नए आयात के ऑर्डर देने के बजाय, नव आवंटित आयात कोटा का उपयोग करके तटवर्ती टैंकों में संग्रहीत रियायती ईरानी कच्चा तेल खरीद रही हैं । 2025 के अंत में यह संग्रहीत तेल $8 प्रति बैरल से अधिक की छूट पर बेचा जा रहा था, जिसने अतिरिक्त आपूर्ति के दबाव को कम करने में मदद की और फारस की खाड़ी से विकल्प तलाशने की तत्काल आवश्यकता को कम कर दिया । भंडार से निकासी के आंकड़े स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं: चीन की रिफाइनरियों ने मई में लगभग 13.5 मिलियन बैरल प्रति दिन संसाधित किया, जबकि केवल 6.36 मिलियन बैरल प्रति दिन का आयात किया, जिसका अर्थ है कि 7 मिलियन बैरल प्रति दिन का अंतर लगभग पूरी तरह से भंडार से भरा गया ।
रिकवरी बाद में होने की उम्मीद है, तुरंत नहीं। जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि आठ साल के निचले स्तर पर आने के बाद चीन का कच्चा तेल आयात अगस्त से पुनर्जीवित होगा, लेकिन बैंक ने नोट किया कि यह रिकवरी धीरे-धीरे होगी । शांति समझौते के बाद से चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियों ने धीरे-धीरे फीडस्टॉक क्रूड की पूछताछ फिर से शुरू कर दी है, लेकिन वर्तमान छूट पर खरीदारी में रुचि सीमित बनी हुई है । भंडारण टैंक अभी भी भरे हुए हैं, रिफाइनिंग मार्जिन नकारात्मक है, और रणनीतिक भंडार कई महीनों का सुरक्षा कवच प्रदान कर रहा है। ऐसे में, अचानक खरीदारी बढ़ने के लिए आवश्यक वाणिज्यिक या रसद संबंधी दबाव के कोई सबूत नहीं हैं - भले ही होर्मुज़ के माध्यम से आपूर्ति सामान्य हो जाए।
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होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खुलने के बाद भी चीन के फारस की खाड़ी से कच्चा तेल खरीदने की संभावना नहीं है, क्योंकि उसके पास 1.4 अरब बैरल का रणनीतिक भंडार है [1][2][3][4]।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खुलने के बाद भी चीन के फारस की खाड़ी से कच्चा तेल खरीदने की संभावना नहीं है, क्योंकि उसके पास 1.4 अरब बैरल का रणनीतिक भंडार है [1][2][3][4]। मई 2026 में चीन का कच्चा तेल आयात घटकर 7.8 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया, जो अक्टूबर 2017 के बाद सबसे कम है [49][50]।
ईरानी कच्चे तेल पर मिलने वाली छूट $8 $10 प्रति बैरल से घटकर $1 $1.50 प्रति बैरल रह गई है, जिससे आकर्षण कम हो गया है [33][34][35]।