दक्षिण कोरिया — यहाँ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार पाँचवें सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है। जून के तीसरे सप्ताह में राष्ट्रीय औसत पेट्रोल की कीमत 0.7 वॉन घटकर 2,009.2 वॉन प्रति लीटर हो गई । वहीं, डीजल की कीमत भी 0.7 वॉन गिरकर 2,004.1 वॉन प्रति लीटर पर आ गई
। यह गिरावट इसलिए संभव हो पाई क्योंकि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद दुबई क्रूड (Dubai crude) की कीमतें कमजोर पड़ गईं
।
फिलीपींस — उद्योग के अनुमानों और ऊर्जा विभाग (Department of Energy) के अनुसार, 23 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में डीजल में P7.50 से P9.50 प्रति लीटर और पेट्रोल में P3 से P5 प्रति लीटर की कटौती की संभावना है । एक सूत्र के अनुसार, चार दिनों के वैश्विक मूल्य डेटा के आधार पर डीजल में P9.50/लीटर और पेट्रोल में P5/लीटर तक की कटौती हो सकती है
। फिलीपींस के DOE ने कहा है कि यह समझौता सकारात्मक है, लेकिन उपभोक्ताओं तक इसका पूरा लाभ धीरे-धीरे ही पहुँचेगा
।
अंतरिम समझौते की कमजोरी और इज़राइल-हिजबुल्लाह का जोखिम। 18 जून को हस्ताक्षरित यह समझौता केवल एक प्रारंभिक ढाँचा (preliminary framework) है, कोई अंतिम शांति संधि नहीं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मामला आगे की बातचीत पर छोड़ दिया गया है । हालाँकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अब खुल चुका है, लेकिन मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है। यह समझौता इज़राइल-हिजबुल्लाह मोर्चे को सीधे तौर पर संबोधित नहीं करता है, और वहाँ किसी भी नई तनावपूर्ण स्थिति के कारण तेल की कीमतों पर फिर से 'जोखिम प्रीमियम' (risk premium) लग सकता है
। विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल पर 'जोखिम प्रीमियम' खत्म नहीं हुआ है, बल्कि केवल स्थानांतरित हुआ है, क्योंकि समझौते की अंतरिम प्रकृति का मतलब है कि आपूर्ति में व्यवधान का जोखिम अभी भी बना हुआ है
।
उपभोक्ताओं को धीमी राहत। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत में भारी गिरावट (लगभग युद्ध-पूर्व स्तर ~$70–80/बैरल) के बावजूद, अमेरिकी ऊर्जा विभाग (U.S. Department of Energy) ने संकेत दिया है कि अमेरिकी पंपों पर इसका वास्तविक असर दिखने में 6 से 12 महीने लग सकते हैं । इसकी वजह यह है कि घरेलू अमेरिकी ईंधन की कीमतें, रिफाइनरी मार्जिन, वितरण बाधाओं और आपूर्ति श्रृंखला के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव में पिछड़ जाती हैं। फिलीपींस के ऊर्जा विभाग ने भी इसी तरह की बात कही है कि समझौता सकारात्मक है, लेकिन उपभोक्ताओं तक इसका पूरा लाभ धीरे-धीरे ही पहुँचेगा
।
एशिया में तेल की अधिकता (Oil Glut) का खतरा। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से फारस की खाड़ी में फंसे 6 करोड़ बैरल से अधिक कच्चे तेल की आपूर्ति बाजार में आने लगी है, जिससे निकट भविष्य में आपूर्ति की अधिकता बन सकती है और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है । हालाँकि, इसका यह भी मतलब है कि यदि अंतरिम समझौते में कोई व्यवधान आता है – जैसे इज़राइल-हिजबुल्लाह की शत्रुता का फिर से बढ़ना या अमेरिका-ईरान वार्ता का बिगड़ना – तो कीमतों में तेजी से वापसी हो सकती है, क्योंकि बाजार आपूर्ति जोखिम को तुरंत फिर से आँकने लगेगा
।
Comments
0 comments