चालक दल ने स्क्वॉक 7700 (सामान्य आपातकाल कोड) कोड किया और एम्स्टर्डम वापस लौटने का निर्णय लिया। विमानन स्रोतों के अनुसार, संदिग्ध कारण एक इंजन में तेल रिसाव (suspected oil leak) है, हालांकि KLM और हवाई अड्डे के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है ।
लंबी दूरी की उड़ान होने के कारण विमान में भारी मात्रा में ईंधन था। सुरक्षित लैंडिंग के लिए वजन कम करने हेतु, मानक प्रक्रिया के अनुसार, विमान ने उत्तरी सागर (North Sea) के ऊपर ईंधन डंप किया । इसके बाद विमान एम्स्टर्डम स्कीपहोल के रनवे 27 पर सुरक्षित उतर गया। एहतियात के तौर पर आपातकालीन सेवाएं स्टैंडबाय पर थीं
।
तारीख पर ध्यान दें: कई विमानन समाचार स्रोत (AirLive, TS2.tech, The Aviation Hub) इस घटना को 19-20 जून 2026 की बता रहे हैं (समय क्षेत्र के अनुसार CEST और UTC), न कि जून 2025 की ।
KL791 की यह घटना अलग-थलग नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में KLM के बोइंग 777 विमानों के साथ कई तकनीकी आपात स्थितियां आई हैं, जिनमें से सभी का अंत विमान की सुरक्षित वापसी के साथ हुआ:
23 जून 2024 को, एक KLM बोइंग 777-200ER (रजिस्ट्रेशन PH-BQB) जो फ्लाइट KL705 के रूप में एम्स्टर्डम से रियो डी जनेरो जा रही थी, ने आपातकाल घोषित किया और ईंधन डंप करने के बाद स्कीपहोल वापस लौटी । उड़ान भरने के लगभग 40 मिनट बाद विमान बेल्जियम के ऊपर से वापस मुड़ा। कारण एक अनिर्दिष्ट तकनीकी समस्या थी, जिसे बाद में सेंटर लेफ्ट हाइड्रोलिक इंटरफेस मॉड्यूल में खराबी के रूप में पहचाना गया
। विमान बिना किसी हताहत के सुरक्षित उतरा
।
17 मई 2025 को, KLM की फ्लाइट KL877 (बोइंग 777-300ER, रजिस्ट्रेशन PH-BVW) के बाएं इंजन में उड़ान भरने के तुरंत बाद आग लग गई । इंजन से जोरदार धमाकों और लपटों की सूचना मिली। चालक दल ने इंजन बंद कर दिया और विमान को 6,000 फीट की ऊंचाई पर स्थिर किया
। उत्तर सागर में ईंधन डंप करने के बाद विमान सुरक्षित स्कीपहोल लौट आया
। कोई हताहत नहीं हुआ। संदिग्ध कारण पक्षी से टक्कर (bird strike) या कंप्रेसर स्टाल (compressor stall) था
।
ये तीनों घटनाएं एक समान प्रोफाइल साझा करती हैं: उड़ान भरने के तुरंत बाद तकनीकी या यांत्रिक समस्या, मानक ईंधन डंपिंग प्रक्रिया और बिना किसी चोट के स्कीपहोल में सुरक्षित वापसी।
KL791 आपात स्थिति से प्रभावित यात्रियों (या नीदरलैंड जैसे EU सदस्य राज्य से प्रस्थान करने वाली किसी भी विलंबित या रद्द उड़ान) के पास EU विनियमन 261/2004 (EU261) और इसके यूके समकक्ष UK261 के तहत स्पष्ट रूप से परिभाषित अधिकार हैं ।
3,500 किमी से अधिक की उड़ान (एम्स्टर्डम-साओ पाउलो मार्ग लगभग 9,900 किमी है) के लिए, यदि अंतिम गंतव्य पर आगमन में 3 घंटे या उससे अधिक की देरी होती है, तो यात्री दावा कर सकते हैं:
यहां एक महत्वपूर्ण अपवाद है। एयरलाइंस को मुआवजा देने की आवश्यकता नहीं है यदि वे साबित कर सकती हैं कि देरी या रद्दीकरण 'असाधारण परिस्थितियों' के कारण हुआ, जिसे सभी उचित उपाय करने के बावजूद टाला नहीं जा सकता था । असाधारण परिस्थितियों के स्वीकृत उदाहरणों में भीषण मौसम, वायु यातायात नियंत्रण प्रतिबंध, राजनीतिक अस्थिरता और एयरलाइन कर्मचारियों द्वारा न की गई हड़तालें शामिल हैं
।
इंजन ऑयल लीक या हाइड्रोलिक फेलियर जैसी तकनीकी खामियों को एयरलाइंस ने ऐतिहासिक रूप से असाधारण परिस्थितियों के रूप में बहस किया है। हालांकि, नियामक और अदालतें आम तौर पर यांत्रिक/इंजन दोषों को वास्तव में बाहरी घटनाओं की तुलना में अधिक संदेह की दृष्टि से देखते हैं। उदाहरण के लिए, यूरोपीय न्यायालय ने माना है कि नियमित विमान रखरखाव के दौरान खोजी गई तकनीकी समस्याएं असाधारण नहीं हैं । KL791 मामले में KLM इस बचाव का उपयोग करती है या नहीं, यह निर्धारित करेगा कि यात्रियों को मौद्रिक मुआवजा मिलता है या केवल देखभाल और पुनर्बुकिंग।
KL791 आपात स्थिति, गंभीर होने के बावजूद, मानक विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संभाली गई: चालक दल ने संदिग्ध तेल रिसाव की पहचान की, आपातकाल घोषित किया, ईंधन डंप किया और विमान को सुरक्षित एम्स्टर्डम वापस लाया। कोई घायल नहीं हुआ। यात्रियों के लिए, मुख्य प्रश्न यह होगा कि क्या उनके आगमन में 3+ घंटे की देरी हुई है - यदि हां, तो वे महत्वपूर्ण मुआवजे के हकदार हो सकते हैं, हालांकि KLM असाधारण परिस्थितियों के आधार पर इसे चुनौती दे सकती है। प्रभावित यात्रियों को सभी दस्तावेज (बोर्डिंग पास, रसीदें और KLM से कोई भी संचार) रखने चाहिए और यदि देरी की सीमा पूरी होती है तो दावा दायर करने पर विचार करना चाहिए।