टिम कुक ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा एप्पल के सभी प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ना 'अपरिहार्य' है, क्योंकि AI डेटा सेंटर दुनिया के 70% DRAM और NAND का उपभोग कर रहे हैं विशेषज्ञों का अनुमान iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,299 डॉलर (1,09,000 रुपये) से 1,399 डॉलर (1,17,000 रुपये) तक जा सकती है, जो iPhone 17 Pro से 200 300 डॉलर ज...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key details and timeline of the impending Apple price hikes that Tim Cook has confirmed as unavoidable due to the global memory. Article summary: Tim Cook has confirmed Apple-wide price hikes are imminent, caused by AI data centers consuming the vast majority of global DRAM/NAND output from Samsung, SK Hynix, and Micron. The iPhone 18 Pro is expected to start at *. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
महीनों तक एप्पल मेमोरी चिप की बढ़ती लागत को खुद सहन करता रहा, लेकिन अब वह बफर खत्म हो गया है। 17 जून 2026 को वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में एप्पल के सीईओ टिम कुक ने पुष्टि की कि पूरे प्रोडक्ट लाइनअप में कीमतें बढ़ना 'अपरिहार्य' है। उन्होंने इस स्थिति को 'सौ साल में आने वाली बाढ़' जैसा बताया। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर हो क्या रहा है, कब और क्यों कीमतें बढ़ेंगी और यह संकट कितने समय तक रहेगा।
17 जून, 2026 को प्रकाशित इंटरव्यू में टिम कुक ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि एप्पल मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती लागत को अब और नहीं झेल सकता। "दुर्भाग्य से, कीमतों में बढ़ोतरी अपरिहार्य है," कुक ने कहा। "हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि हमारे ग्राहकों पर इसका बोझ न पड़े, लेकिन अब स्थिति असहनीय हो गई है।" कुक ने यह साफ नहीं किया कि किन प्रोडक्ट्स के दाम कितने बढ़ेंगे, लेकिन उनका बयान स्पष्ट था: ऊंची कीमतें आने वाली हैं।
इस संकट की जड़ AI इंफ्रास्ट्रक्चर की अतृप्त भूख है। अनुमान है कि 2026 में दुनिया भर में उत्पादित DRAM का 70% हिस्सा सिर्फ AI डेटा सेंटर्स खा जाएंगे, जिससे स्मार्टफोन, पीसी और टैबलेट जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए सप्लाई बुरी तरह कम हो गई है। दुनिया की तीन बड़ी मेमोरी कंपनियों—सैमसंग, SK हाइनिक्स और माइक्रोन—ने अपनी ज्यादातर प्रोडक्शन क्षमता AI सर्वर्स में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) बनाने में लगा दी है। इससे स्मार्टफोन और पीसी जैसी कंज्यूमर डिवाइसों के लिए DRAM और NAND चिप्स की उपलब्धता बहुत कम रह गई है।
यह एक संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) कमी है, न कि चक्रीय। 2021 में कोविड-19 की वजह से जो कमी आई थी, वह अस्थायी थी। लेकिन यह कमी AI के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से डिमांड में हुए स्थायी बदलाव का नतीजा है। उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, मेमोरी बनाने वाली कंपनियां 2027 तक केवल 60% DRAM डिमांड ही पूरी कर पाएंगी, जिसका मतलब है कि कीमतों पर दबाव सालों तक बना रहेगा।
कुक ने कोई तारीख तो नहीं बताई, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी बहुत जल्द, कुछ ही दिनों या हफ्तों में शुरू हो सकती है। संभावना है कि यह एप्पल के बैक-टू-स्कूल प्रमोशन (जून के अंत या जुलाई) के साथ मेल खा सकती है। सबसे ज्यादा असर सितंबर 2026 में लॉन्च होने वाली iPhone 18 सीरीज़ पर पड़ने की उम्मीद है।
आईपैड, मैक और बजट सेगमेंट के प्रोडक्ट्स (iPhone E, MacBook Neo, iPad Air) पर भी कीमतें बढ़ सकती हैं।
कुक ने किसी खास प्रोडक्ट या कीमत का नाम नहीं लिया। नीचे दिए गए सभी आंकड़े वॉल स्ट्रीट जर्नल और विश्लेषकों के अनुमान हैं, जो कंपोनेंट की लागत के आधार पर तैयार किए गए हैं।
मैकरूमर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 1,399 डॉलर (करीब 1,17,000 रुपये) की शुरुआती कीमत ज्यादा लॉजिकल लगती है, जो मौजूदा iPhone 17 Pro से 200-300 डॉलर (16,800-25,200 रुपये) ज्यादा होगी।
यह मेमोरी संकट सिर्फ एप्पल की समस्या नहीं है। रिसर्च फर्म IDC का अनुमान है कि 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में लगभग 12.9% की गिरावट आएगी—जो पिछले एक दशक में सबसे बड़ी सालाना गिरावट होगी। शिपमेंट घटकर लगभग 1.1 बिलियन यूनिट रह जाने का अनुमान है। काउंटरपॉइंट रिसर्च ने भी 12% गिरावट का अनुमान लगाया है
, जबकि ओमडिया ने 7% गिरावट का अनुमान जताया है
। ट्रेंडफोर्स का कहना है कि बाजार में 10% की गिरावट आ सकती है, और सबसे खराब स्थिति में यह 15% तक जा सकती है
। सबसे ज्यादा मार छोटे हैंडसेट निर्माताओं पर पड़ रही है, जिनके लिए चिप्स की सप्लाई हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं, एप्पल जैसी बड़ी कंपनी अपने पैमाने की वजह से थोड़ा बचाव कर पा रही है, लेकिन पूरी तरह नहीं।
उद्योग जगत की आम सहमति यह है कि यह एक बहु-वर्षीय कमी है और निकट भविष्य में राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
यह कमी पिछले चक्रों से अलग है क्योंकि नई फैब्रिकेशन फैक्ट्रियों (फैब) को बनने और उपकरण लगने में सालों लग जाते हैं। जब तक नई क्षमता नहीं आ जाती—संभवतः 2027 या 2028 तक—यह आपूर्ति संकट बना रहेगा।
टिम कुक ने साफ कर दिया है कि AI की वजह से पैदा हुए मेमोरी चिप संकट के चलते एप्पल को अपने सभी प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ानी होंगी। उम्मीद है कि iPhone 18 Pro सितंबर 2026 में लॉन्च होने पर 1,299-1,399 डॉलर (लगभग 1,09,000-1,17,000 रुपये) की शुरुआती कीमत के साथ आएगा। 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार में 13% तक की गिरावट की आशंका है और ज्यादातर विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के अंत या 2028 से पहले कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
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टिम कुक ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा एप्पल के सभी प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ना 'अपरिहार्य' है, क्योंकि AI डेटा सेंटर दुनिया के 70% DRAM और NAND का उपभोग कर रहे हैं
टिम कुक ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा एप्पल के सभी प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ना 'अपरिहार्य' है, क्योंकि AI डेटा सेंटर दुनिया के 70% DRAM और NAND का उपभोग कर रहे हैं विशेषज्ञों का अनुमान iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,299 डॉलर (1,09,000 रुपये) से 1,399 डॉलर (1,17,000 रुपये) तक जा सकती है, जो iPhone 17 Pro से 200 300 डॉलर ज्यादा है
यह संकट चक्रीय नहीं, बल्कि संरचनात्मक है. 2028 तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं.