इस संकट की जड़ AI इंफ्रास्ट्रक्चर की अतृप्त भूख है। अनुमान है कि 2026 में दुनिया भर में उत्पादित DRAM का 70% हिस्सा सिर्फ AI डेटा सेंटर्स खा जाएंगे, जिससे स्मार्टफोन, पीसी और टैबलेट जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए सप्लाई बुरी तरह कम हो गई है। दुनिया की तीन बड़ी मेमोरी कंपनियों—सैमसंग, SK हाइनिक्स और माइक्रोन—ने अपनी ज्यादातर प्रोडक्शन क्षमता AI सर्वर्स में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) बनाने में लगा दी है। इससे स्मार्टफोन और पीसी जैसी कंज्यूमर डिवाइसों के लिए DRAM और NAND चिप्स की उपलब्धता बहुत कम रह गई है।
यह एक संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) कमी है, न कि चक्रीय। 2021 में कोविड-19 की वजह से जो कमी आई थी, वह अस्थायी थी। लेकिन यह कमी AI के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से डिमांड में हुए स्थायी बदलाव का नतीजा है। उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, मेमोरी बनाने वाली कंपनियां 2027 तक केवल 60% DRAM डिमांड ही पूरी कर पाएंगी, जिसका मतलब है कि कीमतों पर दबाव सालों तक बना रहेगा।
कुक ने कोई तारीख तो नहीं बताई, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी बहुत जल्द, कुछ ही दिनों या हफ्तों में शुरू हो सकती है। संभावना है कि यह एप्पल के बैक-टू-स्कूल प्रमोशन (जून के अंत या जुलाई) के साथ मेल खा सकती है। सबसे ज्यादा असर सितंबर 2026 में लॉन्च होने वाली iPhone 18 सीरीज़ पर पड़ने की उम्मीद है।
आईपैड, मैक और बजट सेगमेंट के प्रोडक्ट्स (iPhone E, MacBook Neo, iPad Air) पर भी कीमतें बढ़ सकती हैं।
कुक ने किसी खास प्रोडक्ट या कीमत का नाम नहीं लिया। नीचे दिए गए सभी आंकड़े वॉल स्ट्रीट जर्नल और विश्लेषकों के अनुमान हैं, जो कंपोनेंट की लागत के आधार पर तैयार किए गए हैं।
मैकरूमर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 1,399 डॉलर (करीब 1,17,000 रुपये) की शुरुआती कीमत ज्यादा लॉजिकल लगती है, जो मौजूदा iPhone 17 Pro से 200-300 डॉलर (16,800-25,200 रुपये) ज्यादा होगी।
यह मेमोरी संकट सिर्फ एप्पल की समस्या नहीं है। रिसर्च फर्म IDC का अनुमान है कि 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में लगभग 12.9% की गिरावट आएगी—जो पिछले एक दशक में सबसे बड़ी सालाना गिरावट होगी। शिपमेंट घटकर लगभग 1.1 बिलियन यूनिट रह जाने का अनुमान है। काउंटरपॉइंट रिसर्च ने भी 12% गिरावट का अनुमान लगाया है
, जबकि ओमडिया ने 7% गिरावट का अनुमान जताया है
। ट्रेंडफोर्स का कहना है कि बाजार में 10% की गिरावट आ सकती है, और सबसे खराब स्थिति में यह 15% तक जा सकती है
। सबसे ज्यादा मार छोटे हैंडसेट निर्माताओं पर पड़ रही है, जिनके लिए चिप्स की सप्लाई हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं, एप्पल जैसी बड़ी कंपनी अपने पैमाने की वजह से थोड़ा बचाव कर पा रही है, लेकिन पूरी तरह नहीं।
उद्योग जगत की आम सहमति यह है कि यह एक बहु-वर्षीय कमी है और निकट भविष्य में राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
यह कमी पिछले चक्रों से अलग है क्योंकि नई फैब्रिकेशन फैक्ट्रियों (फैब) को बनने और उपकरण लगने में सालों लग जाते हैं। जब तक नई क्षमता नहीं आ जाती—संभवतः 2027 या 2028 तक—यह आपूर्ति संकट बना रहेगा।
टिम कुक ने साफ कर दिया है कि AI की वजह से पैदा हुए मेमोरी चिप संकट के चलते एप्पल को अपने सभी प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ानी होंगी। उम्मीद है कि iPhone 18 Pro सितंबर 2026 में लॉन्च होने पर 1,299-1,399 डॉलर (लगभग 1,09,000-1,17,000 रुपये) की शुरुआती कीमत के साथ आएगा। 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार में 13% तक की गिरावट की आशंका है और ज्यादातर विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के अंत या 2028 से पहले कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
Comments
0 comments