उन्होंने दावा किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम 'पूरी तरह नष्ट' हो चुका है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खोल दिया जाएगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बहाल होगी। वेंस ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को तब तक कोई प्रतिबंध राहत या पैसा नहीं मिलेगा जब तक वह अपना 'व्यवहार नहीं बदलता' और 60-दिवसीय समझौता ज्ञापन (MOU) के तहत सभी दायित्वों को पूरा नहीं करता ।
इंटरव्यू में वेंस ने स्वीकार किया कि MOU 'बहुत सामान्य' है और 60 दिनों की तकनीकी बातचीत के दौरान कई विवरणों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, जिसमें अंतिम परमाणु शर्तें और प्रतिबंध हटाने की रूपरेखा शामिल है ।
राष्ट्रपति ट्रंप ने समझौते के आलोचकों को 'मूर्ख' (fools) कहा और उनके विरोध को खारिज कर दिया । जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने जानबूझकर वेंस को एक अलोकप्रिय समझौते के लिए 'बलि का बकरा' बनाया है, तो ट्रंप ने हास्य में जवाब दिया कि अगर समझौता विफल होता है तो वेंस को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा। वेंस ने इस टिप्पणी को एक मज़ाक बताते हुए कहा कि वह समझौते को बेचने में अग्रणी भूमिका निभाकर खुश हैं
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न्यूयॉर्क टाइम्स (New York Times) ने रिपोर्ट किया कि वेंस का बचाव 'महत्वाकांक्षी, अस्पष्ट और कई बार भ्रामक दावों' पर आधारित था । MOU एक प्रारंभिक ढाँचा है, न कि अंतिम बाध्यकारी समझौता, जिसमें परमाणु निगरानी, प्रतिबंध हटाने का कार्यक्रम और प्रवर्तन तंत्र अनसुलझे हैं
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लगभग चार महीने तक चले इस संघर्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिसने वैश्विक तेल बाजारों को बाधित किया और आर्थिक विकास अनुमानों को प्रभावित किया। संदेह करने वालों का सवाल है कि क्या यह परिणाम — एक अस्थायी समझौता जिसे पूरा होने में अभी महीनों की बातचीत बाकी है — युद्ध की जान-माल की कीमत और क्षेत्रीय अस्थिरता को सही ठहराता है । इज़राइल और रिपब्लिकन हलकों के कई आलोचकों ने भी समझौते का कड़ा विरोध किया है, उनका तर्क है कि यह दीर्घकालिक परमाणु निरस्त्रीकरण की गारंटी दिए बिना ईरान के शासन को वैधता प्रदान करता है
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