जापान और दक्षिण कोरिया का परमाणु विरोध: कमज़ोर है यह रुख, एक कदम दूसरे को भी खींच सकता है
CSIS के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि दक्षिण कोरिया के 75% और जापान के लगभग 80% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग के लोग अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध करते हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह रुख ब... अगर एक देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करता है, तो दूसरे में भी इसी तरह के कदम के लिए समर्...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
CSIS के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि दक्षिण कोरिया के 75% और जापान के लगभग 80% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग के लोग अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध करते हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह रुख ब...
अगर एक देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करता है, तो दूसरे में भी इसी तरह के कदम के लिए समर्थन तेज़ी से बढ़ सकता है। CSIS के विशेषज्ञों का कहना है कि यह 'संक्रमण प्रभाव' क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की कमी से भी ज़...
पूर्वोत्तर एशिया में मौजूदा गैर परमाणु संतुलन को बनाए रखने में अमेरिकी विस्तारित प्रतिरोध (यानी, सहयोगियों की रक्षा के लिए अमेरिकी परमाणु क्षमता का वादा) की विश्वसनीयता एक अहम कारक है।
Searching with cited sources for Based on a recent CSIS survey of strategic elites, what are the current attitudes toward nuclear weapons deA new CSIS survey of strategic elites in Japan and South Korea reveals a fragile opposition to nuclear armament, with a high risk of contagion if one country acts.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Searching with cited sources for Based on a recent CSIS survey of strategic elites, what are the current attitudes toward nuclear weapons de. Article summary: Based on a new CSIS survey of strategic elites in Japan and South Korea (published June 2026), a strong majority in both countries remains opposed to or uncertain about nuclear armament — but that opposition is fragile. . Topic tags: general, government, general web, user generated, education. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, wat
openai.com
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ (CSIS) द्वारा जून 2026 में प्रकाशित एक नए सर्वेक्षण में एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है: जापान और दक्षिण कोरिया दोनों में रणनीतिक अभिजात्य वर्ग (strategic elites) फिलहाल अपने देशों द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध कर रहे हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह विरोध बहुत कमज़ोर (fragile) है। अगर एक सहयोगी देश इस दिशा में कोई कदम उठाता है, तो दूसरा भी तुरंत उसका अनुसरण कर सकता है, जिसके क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर परिणाम होंगे।
CSIS सर्वेक्षण में क्या पाया गया?
CSIS के विशेषज्ञों विक्टर चा और क्रिस्टी गोवेला द्वारा किए गए इस सर्वेक्षण के नतीजे 18 जून, 2026 को प्रकाशित हुए। इसमें दोनों देशों के रणनीतिक अभिजात्य वर्ग — जिसमें वर्तमान और पूर्व अधिकारी, शिक्षाविद्, व्यापारिक नेता और थिंक टैंक के विशेषज्ञ शामिल हैं — से राय ली गई। नतीजे दिखाते हैं कि फिलहाल, कम से कम, इस वर्ग में परमाणुकरण (nuclearization) के खिलाफ स्पष्ट प्राथमिकता है।
दक्षिण कोरिया: 75% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग ने अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध या अनिश्चितता व्यक्त की ।
जापान: लगभग 80% जापानी अभिजात्य वर्ग के लोग समान विचार रखते हैं ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"जापान और दक्षिण कोरिया का परमाणु विरोध: कमज़ोर है यह रुख, एक कदम दूसरे को भी खींच सकता है" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
CSIS के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि दक्षिण कोरिया के 75% और जापान के लगभग 80% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग के लोग अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध करते हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह रुख ब...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
CSIS के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि दक्षिण कोरिया के 75% और जापान के लगभग 80% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग के लोग अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध करते हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह रुख ब... अगर एक देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करता है, तो दूसरे में भी इसी तरह के कदम के लिए समर्थन तेज़ी से बढ़ सकता है। CSIS के विशेषज्ञों का कहना है कि यह 'संक्रमण प्रभाव' क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की कमी से भी ज़...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
पूर्वोत्तर एशिया में मौजूदा गैर परमाणु संतुलन को बनाए रखने में अमेरिकी विस्तारित प्रतिरोध (यानी, सहयोगियों की रक्षा के लिए अमेरिकी परमाणु क्षमता का वादा) की विश्वसनीयता एक अहम कारक है।
जापान और दक्षिण कोरिया का परमाणु विरोध: कमज़ोर है यह रुख, एक कदम दूसरे को भी खींच सकता है
CSIS के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि दक्षिण कोरिया के 75% और जापान के लगभग 80% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग के लोग अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध करते हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह रुख ब... अगर एक देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करता है, तो दूसरे में भी इसी तरह के कदम के लिए समर्...
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CSIS के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि दक्षिण कोरिया के 75% और जापान के लगभग 80% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग के लोग अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध करते हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह रुख ब...
अगर एक देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करता है, तो दूसरे में भी इसी तरह के कदम के लिए समर्थन तेज़ी से बढ़ सकता है। CSIS के विशेषज्ञों का कहना है कि यह 'संक्रमण प्रभाव' क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की कमी से भी ज़...
पूर्वोत्तर एशिया में मौजूदा गैर परमाणु संतुलन को बनाए रखने में अमेरिकी विस्तारित प्रतिरोध (यानी, सहयोगियों की रक्षा के लिए अमेरिकी परमाणु क्षमता का वादा) की विश्वसनीयता एक अहम कारक है।
Searching with cited sources for Based on a recent CSIS survey of strategic elites, what are the current attitudes toward nuclear weapons deA new CSIS survey of strategic elites in Japan and South Korea reveals a fragile opposition to nuclear armament, with a high risk of contagion if one country acts.
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सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ (CSIS) द्वारा जून 2026 में प्रकाशित एक नए सर्वेक्षण में एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है: जापान और दक्षिण कोरिया दोनों में रणनीतिक अभिजात्य वर्ग (strategic elites) फिलहाल अपने देशों द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध कर रहे हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह विरोध बहुत कमज़ोर (fragile) है। अगर एक सहयोगी देश इस दिशा में कोई कदम उठाता है, तो दूसरा भी तुरंत उसका अनुसरण कर सकता है, जिसके क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर परिणाम होंगे।
CSIS सर्वेक्षण में क्या पाया गया?
CSIS के विशेषज्ञों विक्टर चा और क्रिस्टी गोवेला द्वारा किए गए इस सर्वेक्षण के नतीजे 18 जून, 2026 को प्रकाशित हुए। इसमें दोनों देशों के रणनीतिक अभिजात्य वर्ग — जिसमें वर्तमान और पूर्व अधिकारी, शिक्षाविद्, व्यापारिक नेता और थिंक टैंक के विशेषज्ञ शामिल हैं — से राय ली गई। नतीजे दिखाते हैं कि फिलहाल, कम से कम, इस वर्ग में परमाणुकरण (nuclearization) के खिलाफ स्पष्ट प्राथमिकता है।
दक्षिण कोरिया: 75% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग ने अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध या अनिश्चितता व्यक्त की ।
जापान: लगभग 80% जापानी अभिजात्य वर्ग के लोग समान विचार रखते हैं ।
Studio Global AI
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"जापान और दक्षिण कोरिया का परमाणु विरोध: कमज़ोर है यह रुख, एक कदम दूसरे को भी खींच सकता है" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
CSIS के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि दक्षिण कोरिया के 75% और जापान के लगभग 80% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग के लोग अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध करते हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह रुख ब...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
CSIS के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि दक्षिण कोरिया के 75% और जापान के लगभग 80% रणनीतिक अभिजात्य वर्ग के लोग अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का विरोध करते हैं या इस बारे में अनिश्चित हैं — लेकिन यह रुख ब... अगर एक देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करता है, तो दूसरे में भी इसी तरह के कदम के लिए समर्थन तेज़ी से बढ़ सकता है। CSIS के विशेषज्ञों का कहना है कि यह 'संक्रमण प्रभाव' क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की कमी से भी ज़...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
पूर्वोत्तर एशिया में मौजूदा गैर परमाणु संतुलन को बनाए रखने में अमेरिकी विस्तारित प्रतिरोध (यानी, सहयोगियों की रक्षा के लिए अमेरिकी परमाणु क्षमता का वादा) की विश्वसनीयता एक अहम कारक है।
यह अभिजात्य वर्ग की सावधानी दक्षिण कोरिया की आम जनता के बिल्कुल विपरीत है। 2024 और 2025 के कई सर्वेक्षणों से पता चलता है कि दक्षिण कोरिया के 66% से 75% लोग स्वदेशी परमाणु विकास का समर्थन करते हैं, जो अभिजात्य वर्ग और जनता के बीच एक बड़ा अंतर पैदा करता है । इसके विपरीत, जापान में टोक्यो विश्वविद्यालय के 2025 के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 60% से अधिक लोग अभी भी देश की मौजूदा गैर-परमाणु नीति का समर्थन करते हैं ।
'संक्रमण प्रभाव': अगर एक देश कदम उठाए तो तेज़ी से बदलाव
सर्वेक्षण का सबसे अहम निष्कर्ष 'संक्रमण प्रभाव' (contagion effect) है। CSIS के आंकड़ों के अनुसार, अगर दक्षिण कोरिया या जापान में से कोई एक परमाणु हथियार हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाता है, तो दूसरे देश में भी इसी तरह के कदम के लिए समर्थन "तेज़ी से बढ़ सकता है" ।
18 जून, 2026 को सर्वेक्षण के रोलआउट कार्यक्रम में, CSIS विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यह संक्रमण प्रभाव क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती में कमी के प्रभाव से भी अधिक हो सकता है । अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि एक सहयोगी देश का परमाणु हथियार लेने का फैसला, एक श्रृंखलाबद्ध क्षेत्रीय प्रतिक्रिया को ट्रिगर करके पूर्वोत्तर एशिया में परमाणु स्थिरता को कमज़ोर कर सकता है ।
सशर्त अनिच्छा — और अमेरिकी प्रतिरोध (Deterrence) की भूमिका
चा और गोवेला ने फ़ॉरेन अफ़ेयर्स पत्रिका में लिखे एक लेख में तर्क दिया है कि जापान या दक्षिण कोरिया के परमाणु बनने के जोखिम को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। अधिकांश अभिजात्य वर्ग "फिलहाल कम से कम" इसके पक्ष में नहीं है । लेकिन यह अनिच्छा दो कारकों पर निर्भर करती है: खतरे की गंभीरता और दूसरे सहयोगी देश की कार्रवाइयाँ ।
अमेरिकी विस्तारित प्रतिरोध (extended deterrence) — यानी, अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए परमाणु सहित अमेरिकी सैन्य क्षमताओं की पूरी श्रृंखला का उपयोग करने का वादा — की विश्वसनीयता एक महत्वपूर्ण चर प्रतीत होती है। 2025 के अंत से 2026 की शुरुआत तक CSIS-असान इंस्टीट्यूट की एक संयुक्त कार्यशाला में अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन के तहत विस्तारित परमाणु प्रतिरोध सहयोग का आकलन किया गया, जिसमें सहयोगियों को राष्ट्रीय परमाणु विकल्प अपनाने से रोकने के लिए अमेरिकी आश्वासन के महत्व पर जोर दिया गया ।
व्यापक संदर्भ: बढ़ता जनसमर्थन, बदलती राजनीति
जहाँ अभिजात्य वर्ग सतर्क है, वहीं दक्षिण कोरिया में राजनीतिक गति विपरीत दिशा में बढ़ रही है। पूर्व राष्ट्रपति यूं सुक-योल सहित रूढ़िवादी नेताओं ने स्वदेशी परमाणु हथियारों के विचार का खुले तौर पर समर्थन किया है । फरवरी 2024 के गैलप कोरिया सर्वेक्षण में लगभग 73% दक्षिण कोरियाई लोगों ने अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का समर्थन किया । 2025 के EAI-हैंकूक रिसर्च सर्वेक्षण में यह समर्थन 75.1% तक पहुँच गया, जो 2016 के बाद सबसे अधिक है ।
जून 2026 के असान इंस्टीट्यूट के एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि जापान के प्रति दक्षिण कोरियाई लोगों का नज़रिया काफी बेहतर हुआ है, और पहली बार जापान के प्रति सकारात्मकता शुद्ध रूप से सकारात्मक (net positive) हुई है — यह बदलाव गठबंधन की गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है ।
निचली पंक्ति: एक नाज़ुक संतुलन
CSIS का सर्वेक्षण एक नाज़ुक संतुलन को उजागर करता है। जापान और दक्षिण कोरिया दोनों में रणनीतिक अभिजात्य वर्ग फिलहाल परमाणु हथियारों को लेकर सतर्क है, लेकिन निष्कर्ष बताते हैं कि यह संतुलन बेहद कमज़ोर है। एक देश का परमाणु कदम दूसरे में तेज़ी से समर्थन बढ़ा सकता है, जो पूर्वोत्तर एशिया में अप्रसार व्यवस्था (nonproliferation order) के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करेगा। ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिकी विस्तारित प्रतिरोध की विश्वसनीयता ही वह मुख्य चर है जो इस संतुलन को बनाए हुए है ।
यह अभिजात्य वर्ग की सावधानी दक्षिण कोरिया की आम जनता के बिल्कुल विपरीत है। 2024 और 2025 के कई सर्वेक्षणों से पता चलता है कि दक्षिण कोरिया के 66% से 75% लोग स्वदेशी परमाणु विकास का समर्थन करते हैं, जो अभिजात्य वर्ग और जनता के बीच एक बड़ा अंतर पैदा करता है । इसके विपरीत, जापान में टोक्यो विश्वविद्यालय के 2025 के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 60% से अधिक लोग अभी भी देश की मौजूदा गैर-परमाणु नीति का समर्थन करते हैं ।
'संक्रमण प्रभाव': अगर एक देश कदम उठाए तो तेज़ी से बदलाव
सर्वेक्षण का सबसे अहम निष्कर्ष 'संक्रमण प्रभाव' (contagion effect) है। CSIS के आंकड़ों के अनुसार, अगर दक्षिण कोरिया या जापान में से कोई एक परमाणु हथियार हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाता है, तो दूसरे देश में भी इसी तरह के कदम के लिए समर्थन "तेज़ी से बढ़ सकता है" ।
18 जून, 2026 को सर्वेक्षण के रोलआउट कार्यक्रम में, CSIS विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यह संक्रमण प्रभाव क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती में कमी के प्रभाव से भी अधिक हो सकता है । अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि एक सहयोगी देश का परमाणु हथियार लेने का फैसला, एक श्रृंखलाबद्ध क्षेत्रीय प्रतिक्रिया को ट्रिगर करके पूर्वोत्तर एशिया में परमाणु स्थिरता को कमज़ोर कर सकता है ।
सशर्त अनिच्छा — और अमेरिकी प्रतिरोध (Deterrence) की भूमिका
चा और गोवेला ने फ़ॉरेन अफ़ेयर्स पत्रिका में लिखे एक लेख में तर्क दिया है कि जापान या दक्षिण कोरिया के परमाणु बनने के जोखिम को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। अधिकांश अभिजात्य वर्ग "फिलहाल कम से कम" इसके पक्ष में नहीं है । लेकिन यह अनिच्छा दो कारकों पर निर्भर करती है: खतरे की गंभीरता और दूसरे सहयोगी देश की कार्रवाइयाँ ।
अमेरिकी विस्तारित प्रतिरोध (extended deterrence) — यानी, अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए परमाणु सहित अमेरिकी सैन्य क्षमताओं की पूरी श्रृंखला का उपयोग करने का वादा — की विश्वसनीयता एक महत्वपूर्ण चर प्रतीत होती है। 2025 के अंत से 2026 की शुरुआत तक CSIS-असान इंस्टीट्यूट की एक संयुक्त कार्यशाला में अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन के तहत विस्तारित परमाणु प्रतिरोध सहयोग का आकलन किया गया, जिसमें सहयोगियों को राष्ट्रीय परमाणु विकल्प अपनाने से रोकने के लिए अमेरिकी आश्वासन के महत्व पर जोर दिया गया ।
व्यापक संदर्भ: बढ़ता जनसमर्थन, बदलती राजनीति
जहाँ अभिजात्य वर्ग सतर्क है, वहीं दक्षिण कोरिया में राजनीतिक गति विपरीत दिशा में बढ़ रही है। पूर्व राष्ट्रपति यूं सुक-योल सहित रूढ़िवादी नेताओं ने स्वदेशी परमाणु हथियारों के विचार का खुले तौर पर समर्थन किया है । फरवरी 2024 के गैलप कोरिया सर्वेक्षण में लगभग 73% दक्षिण कोरियाई लोगों ने अपने देश द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने का समर्थन किया । 2025 के EAI-हैंकूक रिसर्च सर्वेक्षण में यह समर्थन 75.1% तक पहुँच गया, जो 2016 के बाद सबसे अधिक है ।
जून 2026 के असान इंस्टीट्यूट के एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि जापान के प्रति दक्षिण कोरियाई लोगों का नज़रिया काफी बेहतर हुआ है, और पहली बार जापान के प्रति सकारात्मकता शुद्ध रूप से सकारात्मक (net positive) हुई है — यह बदलाव गठबंधन की गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है ।
निचली पंक्ति: एक नाज़ुक संतुलन
CSIS का सर्वेक्षण एक नाज़ुक संतुलन को उजागर करता है। जापान और दक्षिण कोरिया दोनों में रणनीतिक अभिजात्य वर्ग फिलहाल परमाणु हथियारों को लेकर सतर्क है, लेकिन निष्कर्ष बताते हैं कि यह संतुलन बेहद कमज़ोर है। एक देश का परमाणु कदम दूसरे में तेज़ी से समर्थन बढ़ा सकता है, जो पूर्वोत्तर एशिया में अप्रसार व्यवस्था (nonproliferation order) के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करेगा। ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिकी विस्तारित प्रतिरोध की विश्वसनीयता ही वह मुख्य चर है जो इस संतुलन को बनाए हुए है ।