2. मध्यस्थ कौन थे?
पाकिस्तान ने मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने 15 जून को समझौता ज्ञापन (MOU) और तत्काल स्थायी युद्धविराम की घोषणा की । स्विट्जरलैंड को पहले दौर की वार्ता की मेजबानी करनी थी और उसने कहा कि वह सुविधा प्रदान करने को तैयार है ।
3. ईरान ने आगे बढ़ने के लिए क्या शर्त रखी?
ईरान ने स्विट्जरलैंड वार्ता के लिए सबसे अहम शर्त दक्षिणी लेबनान पर इज़राइली हमलों को रोकना रखा । समझौता ज्ञापन (MOU) में ही 'लेबनान सहित सभी मोर्चों' पर सैन्य अभियानों को समाप्त करने की बात कही गई थी । ईरान ने साफ कर दिया कि लेबनान पर हमले बातचीत की प्रक्रिया के अनुकूल नहीं हैं।
4. दक्षिणी लेबनान में इज़राइली सेना पर नेतन्याहू का क्या बयान था?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 15 जून को एक सख्त भाषण में कहा कि इज़राइल खुद को अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते से बंधा नहीं मानता । उन्होंने कहा, "संघर्ष खत्म नहीं हुआ है" । उन्होंने यह भी कहा कि इज़राइली सेना दक्षिणी लेबनान में
2. मध्यस्थ कौन थे?
पाकिस्तान ने मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने 15 जून को समझौता ज्ञापन (MOU) और तत्काल स्थायी युद्धविराम की घोषणा की । स्विट्जरलैंड को पहले दौर की वार्ता की मेजबानी करनी थी और उसने कहा कि वह सुविधा प्रदान करने को तैयार है ।
3. ईरान ने आगे बढ़ने के लिए क्या शर्त रखी?
ईरान ने स्विट्जरलैंड वार्ता के लिए सबसे अहम शर्त दक्षिणी लेबनान पर इज़राइली हमलों को रोकना रखा । समझौता ज्ञापन (MOU) में ही 'लेबनान सहित सभी मोर्चों' पर सैन्य अभियानों को समाप्त करने की बात कही गई थी । ईरान ने साफ कर दिया कि लेबनान पर हमले बातचीत की प्रक्रिया के अनुकूल नहीं हैं।
4. दक्षिणी लेबनान में इज़राइली सेना पर नेतन्याहू का क्या बयान था?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 15 जून को एक सख्त भाषण में कहा कि इज़राइल खुद को अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते से बंधा नहीं मानता । उन्होंने कहा, "संघर्ष खत्म नहीं हुआ है" । उन्होंने यह भी कहा कि इज़राइली सेना दक्षिणी लेबनान में