यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने 11 जून 2026 को ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी कर डिपॉजिट सुविधा दर 2.25% की, जो तीन साल में पहली बढ़ोतरी है [1][5]। बैंक ऑफ जापान और रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने भी ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न मुद्रास्फीति के चलते दरें बढ़ाईं [8][11][15]। स्विस नेशनल बैंक (SNB) ने 18 जून 2026 को दर 0%...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Which central banks recently changed interest rates due to war-driven inflation, what were their specific rate decisions, and what actions d. Article summary: Here is a concise summary based on current evidence from 2025–2026.. Topic tags: general, government, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative visual, not as factual evidence.
मध्य पूर्व में ईरान युद्ध और उसके कारण ऊर्जा की कीमतों में आई भारी उछाल ने दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों को मुश्किल में डाल दिया है। कुछ बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ाकर मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने की कोशिश की, जबकि अन्य ने आर्थिक अनिश्चितता के चलते रुख स्थिर रखा है। आइए, तीन प्रमुख केंद्रीय बैंकों - यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB), स्विस नेशनल बैंक (SNB) और ताइवान के केंद्रीय बैंक - के हालिया फैसलों को समझते हैं।
ECB ने लगभग तीन साल के अंतराल के बाद 11 जून 2026 को ब्याज दरों में बढ़ोतरी की । इसने अपनी तीन प्रमुख दरों को 25 आधार अंक (0.25%) बढ़ाया:
ECB ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह कदम मध्य पूर्व में युद्ध के कारण उत्पन्न मुद्रास्फीति के दबावों के कारण उठाया गया है । गौरतलब है कि इससे पहले मार्च और अप्रैल 2026 में ECB ने दरों को स्थिर रखा था, क्योंकि तब युद्ध के प्रभावों को लेकर बड़ी अनिश्चितता थी
। यह बढ़ोतरी बाजार की उम्मीदों के अनुरूप थी और यह संकेत है कि ECB आने वाले समय में और दरें बढ़ा सकता है
।
ईरान युद्ध के बावजूद, स्विस नेशनल बैंक (SNB) ने अपनी नीतिगत दर को 0% पर बरकरार रखा है । 18 जून 2026 को अपनी बैठक में SNB ने लगातार चौथी बार दर न बदलने का फैसला किया
। SNB ने स्वीकार किया कि मध्य पूर्व संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण ऊर्जा की कीमतों ने अल्पावधि में मुद्रास्फीति को बढ़ाया है
। हालांकि, SNB का मानना है कि मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति का दबाव काफी हद तक अपरिवर्तित है
। इसके साथ ही, SNB ने यह भी संकेत दिया कि वह स्विस फ्रैंक की अत्यधिक मजबूती को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने को तैयार है, क्योंकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते फ्रैंक पर खरीदारी का दबाव है
।
ताइवान के केंद्रीय बैंक (सेंट्रल बैंक ऑफ द रिपब्लिक ऑफ चाइना-ताइवान) ने भी अपनी बेंचमार्क डिस्काउंट दर को 2.00% पर बरकरार रखा है । मार्च और जून 2026 की अपनी तिमाही बैठकों में यह लगातार नौवीं बार है जब CBC ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया
। इसके बावजूद, CBC ने वर्ष 2026 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को संशोधित कर 1.80% कर दिया, जो पिछले अनुमान 1.63% से अधिक है
। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण मध्य पूर्व संघर्ष के कारण बढ़ती अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों को बताया गया
। CBC ने एक "सख्ती के रुख" (tightening bias) का संकेत दिया है, जिसका अर्थ है कि यदि मुद्रास्फीति का दबाव बना रहता है तो भविष्य में दरें बढ़ाई जा सकती हैं
लेकिन अभी बैंक आर्थिक प्रभाव का आकलन करना चाहता है
।
तीनों में से केवल ECB ने मध्य पूर्व में ऊर्जा मूल्य के झटके के जवाब में ब्याज दरें बढ़ाई हैं। SNB और ताइवान के CBC ने अनिश्चित आर्थिक परिदृश्य का हवाला देते हुए दरों को स्थिर रखा है, यह मानते हुए कि ऊर्जा-संचालित मुद्रास्फीति फिलहाल अस्थायी या प्रबंधनीय है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में युद्ध और ऊर्जा की कीमतों के रुख के आधार पर ये बैंक अपनी नीतियों में क्या बदलाव करते हैं।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने 11 जून 2026 को ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी कर डिपॉजिट सुविधा दर 2.25% की, जो तीन साल में पहली बढ़ोतरी है [1][5]।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने 11 जून 2026 को ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी कर डिपॉजिट सुविधा दर 2.25% की, जो तीन साल में पहली बढ़ोतरी है [1][5]। बैंक ऑफ जापान और रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने भी ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न मुद्रास्फीति के चलते दरें बढ़ाईं [8][11][15]।
स्विस नेशनल बैंक (SNB) ने 18 जून 2026 को दर 0% पर बरकरार रखी, लेकिन फ्रैंक की मजबूती रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की तैयारी दिखाई [13][15]।