ईरान युद्ध के बावजूद, स्विस नेशनल बैंक (SNB) ने अपनी नीतिगत दर को 0% पर बरकरार रखा है । 18 जून 2026 को अपनी बैठक में SNB ने लगातार चौथी बार दर न बदलने का फैसला किया
। SNB ने स्वीकार किया कि मध्य पूर्व संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण ऊर्जा की कीमतों ने अल्पावधि में मुद्रास्फीति को बढ़ाया है
। हालांकि, SNB का मानना है कि मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति का दबाव काफी हद तक अपरिवर्तित है
। इसके साथ ही, SNB ने यह भी संकेत दिया कि वह स्विस फ्रैंक की अत्यधिक मजबूती को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने को तैयार है, क्योंकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते फ्रैंक पर खरीदारी का दबाव है
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ताइवान के केंद्रीय बैंक (सेंट्रल बैंक ऑफ द रिपब्लिक ऑफ चाइना-ताइवान) ने भी अपनी बेंचमार्क डिस्काउंट दर को 2.00% पर बरकरार रखा है । मार्च और जून 2026 की अपनी तिमाही बैठकों में यह लगातार नौवीं बार है जब CBC ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया
। इसके बावजूद, CBC ने वर्ष 2026 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को संशोधित कर 1.80% कर दिया, जो पिछले अनुमान 1.63% से अधिक है
। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण मध्य पूर्व संघर्ष के कारण बढ़ती अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों को बताया गया
। CBC ने एक "सख्ती के रुख" (tightening bias) का संकेत दिया है, जिसका अर्थ है कि यदि मुद्रास्फीति का दबाव बना रहता है तो भविष्य में दरें बढ़ाई जा सकती हैं
लेकिन अभी बैंक आर्थिक प्रभाव का आकलन करना चाहता है
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तीनों में से केवल ECB ने मध्य पूर्व में ऊर्जा मूल्य के झटके के जवाब में ब्याज दरें बढ़ाई हैं। SNB और ताइवान के CBC ने अनिश्चित आर्थिक परिदृश्य का हवाला देते हुए दरों को स्थिर रखा है, यह मानते हुए कि ऊर्जा-संचालित मुद्रास्फीति फिलहाल अस्थायी या प्रबंधनीय है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में युद्ध और ऊर्जा की कीमतों के रुख के आधार पर ये बैंक अपनी नीतियों में क्या बदलाव करते हैं।
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