एक रिपोर्ट में सीधे तौर पर कहा गया है कि एल-ओबैद पर RSF के हमले का पैटर्न हूबहू उसी तरह का है जैसा एल-फशर पर हमले से पहले देखा गया था — ड्रोन हमले, तोपखाने से गोलाबारी और स्वास्थ्य सुविधाओं को निशाना बनाना ।
क्या है एल-फशर की कहानी? अक्टूबर 2025 में, 18 महीने की घेराबंदी के बाद RSF ने एल-फशर शहर पर कब्जा कर लिया था । कब्जे के बाद, RSF ने बड़े पैमाने पर नागरिकों की हत्या, महिलाओं और लड़कियों के साथ यौन हिंसा और फिरौती के लिए बंधक बनाने जैसे अत्याचार किए थे
। एक EU-केंद्रित ब्रीफिंग में चेतावनी दी गई: "जैसे-जैसे RSF एल-ओबैद जैसे प्रमुख शहरों पर हमला जारी रखता है, इस बात की संभावना है कि एल-फशर में हुए अत्याचार इस क्षेत्र में दोहराए जा सकते हैं"
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एल-ओबैद सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि पूरे मध्य सूडान में सहायता वितरण के लिए एक महत्वपूर्ण मानवीय केंद्र है । इसके गिरने से SAF के लिए एक प्रमुख आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स मार्ग कट जाएगा और विस्थापन की एक बड़ी लहर पैदा हो सकती है
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एल-ओबैद की चेतावनी एक बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी के बीच आई है:
इस रिपोर्ट का उच्चतम अधिकार स्रोत UNHRC में दिया गया संयुक्त बयान है, जिसे GOV.UK पर प्रकाशित किया गया है: Joint Statement on Escalating Atrocity Risks in El Obeid ।
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