हेलियोस: 98 क्यूबिट, 99.99% से अधिक सटीकता, और क्वांटम कंप्यूटिंग में नया मोड़
17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में 'A 98 qubit trapped ion quantum computer with all to all connectivity' शीर्षक से पीयर रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया [3]। हेलियोस अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर है, जो ट्रैप्ड आयन तकनीक की बदौलत सुपरकंडक्टिंग...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में 'A 98 qubit trapped ion quantum computer with all to all connectivity' शीर्षक से पीयर रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया [3]।
हेलियोस अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर है, जो ट्रैप्ड आयन तकनीक की बदौलत सुपरकंडक्टिंग सर्किट के बराबर क्यूबिट संख्या हासिल करने के साथ ही त्रुटि दरों को 10 100 गुना कम रखता है [3]।
आर्किटेक्चर: QCCD (क्वांटम चार्ज कपल्ड डिवाइस) और ट्यूनिंग फोर्क ट्रैप जंक्शन, जो आयनों को स्टोरेज रिंग से लॉजिक ज़ोन तक पहुंचाता है — किसी भी दो क्यूबिट के बीच प्रत्यक्ष इंटरैक्शन [5][7]।
What peer-reviewed results did Quantinuum and Sandia National Laboratories publish in Nature on June 17 about the Helios 98-qubit trapped-ioArtist's concept of the Quantinuum Helios trapped-ion quantum processor, featuring a rotatable ion storage ring and QCCD architecture.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What peer-reviewed results did Quantinuum and Sandia National Laboratories publish in Nature on June 17 about the Helios 98-qubit trapped-io. Article summary: On June 17, 2026, Ransford et al. (Quantinuum and Sandia National Laboratories) published a peer-reviewed paper in *Nature* titled "A 98-qubit trapped-ion quantum computer with all-to-all connectivity" (DOI: 10.1038/s415. Topic tags: general, government, academic, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, wate
openai.com
क्वांटम कंप्यूटिंग की दुनिया में एक बड़ी छलांग: 17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में "A 98-qubit trapped-ion quantum computer with all-to-all connectivity" (DOI: 10.1038/s41586-026-10676-4) शीर्षक से अपना पीयर-रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया। इसके साथ ही एक News & Views लेख भी प्रकाशित हुआ । यह परिणाम हेलियोस को क्वांटिनम का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर साबित करते हैं। शोध यह भी दर्शाता है कि ट्रैप्ड-आयन तकनीक सुपरकंडक्टिंग सर्किट वाले क्वांटम कंप्यूटरों जितने क्यूबिट तक पहुँच सकती है और साथ ही त्रुटि दरों को 10 से 100 गुना कम रख सकती है ।
गेट फिडेलिटी: सटीकता के नए स्तर
हेलियोस की गेट फिडेलिटी (सटीकता) इसकी सबसे बड़ी खासियत है :
"हेलियोस: 98 क्यूबिट, 99.99% से अधिक सटीकता, और क्वांटम कंप्यूटिंग में नया मोड़" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में 'A 98 qubit trapped ion quantum computer with all to all connectivity' शीर्षक से पीयर रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया [3]।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में 'A 98 qubit trapped ion quantum computer with all to all connectivity' शीर्षक से पीयर रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया [3]। हेलियोस अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर है, जो ट्रैप्ड आयन तकनीक की बदौलत सुपरकंडक्टिंग सर्किट के बराबर क्यूबिट संख्या हासिल करने के साथ ही त्रुटि दरों को 10 100 गुना कम रखता है [3]।
हेलियोस: 98 क्यूबिट, 99.99% से अधिक सटीकता, और क्वांटम कंप्यूटिंग में नया मोड़
17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में 'A 98 qubit trapped ion quantum computer with all to all connectivity' शीर्षक से पीयर रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया [3]। हेलियोस अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर है, जो ट्रैप्ड आयन तकनीक की बदौलत सुपरकंडक्टिंग...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में 'A 98 qubit trapped ion quantum computer with all to all connectivity' शीर्षक से पीयर रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया [3]।
हेलियोस अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर है, जो ट्रैप्ड आयन तकनीक की बदौलत सुपरकंडक्टिंग सर्किट के बराबर क्यूबिट संख्या हासिल करने के साथ ही त्रुटि दरों को 10 100 गुना कम रखता है [3]।
आर्किटेक्चर: QCCD (क्वांटम चार्ज कपल्ड डिवाइस) और ट्यूनिंग फोर्क ट्रैप जंक्शन, जो आयनों को स्टोरेज रिंग से लॉजिक ज़ोन तक पहुंचाता है — किसी भी दो क्यूबिट के बीच प्रत्यक्ष इंटरैक्शन [5][7]।
What peer-reviewed results did Quantinuum and Sandia National Laboratories publish in Nature on June 17 about the Helios 98-qubit trapped-ioArtist's concept of the Quantinuum Helios trapped-ion quantum processor, featuring a rotatable ion storage ring and QCCD architecture.
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क्वांटम कंप्यूटिंग की दुनिया में एक बड़ी छलांग: 17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में "A 98-qubit trapped-ion quantum computer with all-to-all connectivity" (DOI: 10.1038/s41586-026-10676-4) शीर्षक से अपना पीयर-रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया। इसके साथ ही एक News & Views लेख भी प्रकाशित हुआ । यह परिणाम हेलियोस को क्वांटिनम का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर साबित करते हैं। शोध यह भी दर्शाता है कि ट्रैप्ड-आयन तकनीक सुपरकंडक्टिंग सर्किट वाले क्वांटम कंप्यूटरों जितने क्यूबिट तक पहुँच सकती है और साथ ही त्रुटि दरों को 10 से 100 गुना कम रख सकती है ।
गेट फिडेलिटी: सटीकता के नए स्तर
हेलियोस की गेट फिडेलिटी (सटीकता) इसकी सबसे बड़ी खासियत है :
"हेलियोस: 98 क्यूबिट, 99.99% से अधिक सटीकता, और क्वांटम कंप्यूटिंग में नया मोड़" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में 'A 98 qubit trapped ion quantum computer with all to all connectivity' शीर्षक से पीयर रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया [3]।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
17 जून, 2026 को Ransford एट अल. (Quantinuum और Sandia National Laboratories) ने Nature में 'A 98 qubit trapped ion quantum computer with all to all connectivity' शीर्षक से पीयर रिव्यूड पेपर प्रकाशित किया [3]। हेलियोस अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर है, जो ट्रैप्ड आयन तकनीक की बदौलत सुपरकंडक्टिंग सर्किट के बराबर क्यूबिट संख्या हासिल करने के साथ ही त्रुटि दरों को 10 100 गुना कम रखता है [3]।
शोधकर्ताओं का कहना है कि इनमें से कोई भी इनफिडेलिटी मौलिक रूप से सीमित नहीं है और इन्हें और बेहतर करने की संभावना है ।
QCCD आर्किटेक्चर, ट्यूनिंग-फोर्क ट्रैप, और ऑल-टू-ऑल कनेक्टिविटी
हेलियोस का डिज़ाइन क्लासिकल कंप्यूटर प्रोसेसर की तरह है, जहाँ डेटा (यहाँ आयन) एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है:
आर्किटेक्चर: क्वांटम चार्ज-कपल्ड डिवाइस (QCCD), जो दो-आयामी सरफेस इलेक्ट्रोड ट्रैप पर बेस्ड है ।
इन्फॉर्मेशन कैरियर: यहाँ ¹³⁷Ba⁺ हाइपरफाइन क्यूबिट का उपयोग किया गया है ।
ऑल-टू-ऑल कनेक्टिविटी: यह एक घूमने योग्य आयन स्टोरेज रिंग (रोटेटेबल आयन स्टोरेज रिंग) द्वारा सक्षम है, जो दो क्वांटम ऑपरेशन क्षेत्रों को एक जंक्शन के माध्यम से जोड़ता है । एक ट्यूनिंग-फोर्क-स्टाइल ट्रैप जंक्शन आयनों को किसी भी गेट ज़ोन तक रूट कर सकता है, जिससे मनमाने क्यूबिट पेयर के बीच इंटरैक्शन संभव होता है ।
ट्रांसपोर्ट-बेस्ड आर्किटेक्चर: आयनों को शारीरिक रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जाता है — जैसे किसी CPU में डेटा बस और लॉजिक यूनिट। इसका परिणाम सभी 98 क्यूबिट्स पर प्रति सर्किट लेयर औसतन 55 ms का डेप्थ-1 टाइम है ।
एरर-करेक्टेड लॉजिकल क्यूबिट्स की सफलता
सिर्फ शारीरिक क्यूबिट्स की संख्या ही नहीं, बल्कि उन्हें नियंत्रित करने की क्षमता भी मायने रखती है। हेलियोस ने इस मोर्चे पर भी कमाल दिखाया:
98 फिजिकल क्यूबिट्स से 94 एरर-डिटेक्टेड लॉजिकल क्यूबिट और 48 पूर्ण एरर-करेक्टेड लॉजिकल क्यूबिट निकाले गए, जो 'बेटर-दैन-ब्रेक-ईवन' प्रदर्शन हासिल करता है ।
50 एरर-डिटेक्टेड लॉजिकल क्यूबिट्स के साथ, हेलियोस ने क्वांटम मैग्नेटिज्म का अब तक का सबसे बड़ा एनकोडेड सिमुलेशन चलाया ।
मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक की एक अलग तकनीकी रिपोर्ट (उसी दिन प्रकाशित) ने स्टेन कोड में 12 लॉजिकल क्यूबिट्स पर क्वांटम फूरियर ट्रांसफॉर्म का मूल्यांकन किया ।
पेपर में मिड-सर्किट मेजरमेंट का उपयोग किया गया, जो एक्टिव एरर करेक्शन के लिए आवश्यक है। Sandia ने इन मेजरमेंट के प्रदर्शन को मापने के लिए एक नई बेंचमार्किंग पद्धति भी विकसित की ।
स्वतंत्र सत्यापन और DOE के लक्ष्य की ओर
Sandia National Laboratories ने हेलियोस का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन और प्रमाणन किया, नए बेंचमार्किंग टूल्स प्रदान किए और पेपर में सह-लेखक के रूप में भाग लिया ।
हेलियोस पहला 100-क्यूबिट-क्लास ट्रैप्ड-आयन क्वांटम कंप्यूटर है, जो सुपरकंडक्टिंग सिस्टम्स (≈100 क्यूबिट्स) के बराबर क्यूबिट काउंट तक पहुँचते हुए 10-100× कम एरर रेट्स बनाए रखता है ।
सिस्टम क्लासिकल सिमुलेशन की पहुँच से परे काम करता है, जैसा कि रैंडम सर्किट सैंपलिंग बेंचमार्क द्वारा पुष्टि की गई है ।
ये परिणाम अमेरिकी ऊर्जा विभाग (DOE) के फॉल्ट-टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटिंग के लक्ष्य का समर्थन करते हैं और क्वांटम कम्प्यूटर्स के लिए 'फिडेलिटी और जटिलता की एक नई सीमा' स्थापित करते हैं ।
एक नोट: क्या JUPITER सुपरकंप्यूटर ने इसे मान्य किया?
उपलब्ध स्रोतों में हेलियोस को यूरोप के JUPITER एक्सास्केल सुपरकंप्यूटर द्वारा मान्य किए जाने का कोई उल्लेख नहीं है। यह दावा इस Nature पेपर या संबंधित कवरेज में प्रमाणित नहीं है । यह किसी अलग क्लासिकल सिमुलेशन तुलना या भविष्य के सत्यापन चरण का संदर्भ हो सकता है।
arxiv.orgArchitecting Scalable Trapped Ion Quantum Computers using ... - arXiv
शोधकर्ताओं का कहना है कि इनमें से कोई भी इनफिडेलिटी मौलिक रूप से सीमित नहीं है और इन्हें और बेहतर करने की संभावना है ।
QCCD आर्किटेक्चर, ट्यूनिंग-फोर्क ट्रैप, और ऑल-टू-ऑल कनेक्टिविटी
हेलियोस का डिज़ाइन क्लासिकल कंप्यूटर प्रोसेसर की तरह है, जहाँ डेटा (यहाँ आयन) एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है:
आर्किटेक्चर: क्वांटम चार्ज-कपल्ड डिवाइस (QCCD), जो दो-आयामी सरफेस इलेक्ट्रोड ट्रैप पर बेस्ड है ।
इन्फॉर्मेशन कैरियर: यहाँ ¹³⁷Ba⁺ हाइपरफाइन क्यूबिट का उपयोग किया गया है ।
ऑल-टू-ऑल कनेक्टिविटी: यह एक घूमने योग्य आयन स्टोरेज रिंग (रोटेटेबल आयन स्टोरेज रिंग) द्वारा सक्षम है, जो दो क्वांटम ऑपरेशन क्षेत्रों को एक जंक्शन के माध्यम से जोड़ता है । एक ट्यूनिंग-फोर्क-स्टाइल ट्रैप जंक्शन आयनों को किसी भी गेट ज़ोन तक रूट कर सकता है, जिससे मनमाने क्यूबिट पेयर के बीच इंटरैक्शन संभव होता है ।
ट्रांसपोर्ट-बेस्ड आर्किटेक्चर: आयनों को शारीरिक रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जाता है — जैसे किसी CPU में डेटा बस और लॉजिक यूनिट। इसका परिणाम सभी 98 क्यूबिट्स पर प्रति सर्किट लेयर औसतन 55 ms का डेप्थ-1 टाइम है ।
एरर-करेक्टेड लॉजिकल क्यूबिट्स की सफलता
सिर्फ शारीरिक क्यूबिट्स की संख्या ही नहीं, बल्कि उन्हें नियंत्रित करने की क्षमता भी मायने रखती है। हेलियोस ने इस मोर्चे पर भी कमाल दिखाया:
98 फिजिकल क्यूबिट्स से 94 एरर-डिटेक्टेड लॉजिकल क्यूबिट और 48 पूर्ण एरर-करेक्टेड लॉजिकल क्यूबिट निकाले गए, जो 'बेटर-दैन-ब्रेक-ईवन' प्रदर्शन हासिल करता है ।
50 एरर-डिटेक्टेड लॉजिकल क्यूबिट्स के साथ, हेलियोस ने क्वांटम मैग्नेटिज्म का अब तक का सबसे बड़ा एनकोडेड सिमुलेशन चलाया ।
मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक की एक अलग तकनीकी रिपोर्ट (उसी दिन प्रकाशित) ने स्टेन कोड में 12 लॉजिकल क्यूबिट्स पर क्वांटम फूरियर ट्रांसफॉर्म का मूल्यांकन किया ।
पेपर में मिड-सर्किट मेजरमेंट का उपयोग किया गया, जो एक्टिव एरर करेक्शन के लिए आवश्यक है। Sandia ने इन मेजरमेंट के प्रदर्शन को मापने के लिए एक नई बेंचमार्किंग पद्धति भी विकसित की ।
स्वतंत्र सत्यापन और DOE के लक्ष्य की ओर
Sandia National Laboratories ने हेलियोस का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन और प्रमाणन किया, नए बेंचमार्किंग टूल्स प्रदान किए और पेपर में सह-लेखक के रूप में भाग लिया ।
हेलियोस पहला 100-क्यूबिट-क्लास ट्रैप्ड-आयन क्वांटम कंप्यूटर है, जो सुपरकंडक्टिंग सिस्टम्स (≈100 क्यूबिट्स) के बराबर क्यूबिट काउंट तक पहुँचते हुए 10-100× कम एरर रेट्स बनाए रखता है ।
सिस्टम क्लासिकल सिमुलेशन की पहुँच से परे काम करता है, जैसा कि रैंडम सर्किट सैंपलिंग बेंचमार्क द्वारा पुष्टि की गई है ।
ये परिणाम अमेरिकी ऊर्जा विभाग (DOE) के फॉल्ट-टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटिंग के लक्ष्य का समर्थन करते हैं और क्वांटम कम्प्यूटर्स के लिए 'फिडेलिटी और जटिलता की एक नई सीमा' स्थापित करते हैं ।
एक नोट: क्या JUPITER सुपरकंप्यूटर ने इसे मान्य किया?
उपलब्ध स्रोतों में हेलियोस को यूरोप के JUPITER एक्सास्केल सुपरकंप्यूटर द्वारा मान्य किए जाने का कोई उल्लेख नहीं है। यह दावा इस Nature पेपर या संबंधित कवरेज में प्रमाणित नहीं है । यह किसी अलग क्लासिकल सिमुलेशन तुलना या भविष्य के सत्यापन चरण का संदर्भ हो सकता है।
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