यूरोपीय समाचार वेबसाइट Euractiv ने 12 जून 2026 को सबसे पहले इस खबर को प्रकाशित किया, जिसकी बाद में कई अन्य मीडिया संस्थानों ने पुष्टि की । रिपोर्ट के अनुसार:
गिदोन सार ने इस कथित तुलना को 'ब्लड लिबल' (blood libel) करार दिया - यह शब्द ऐतिहासिक रूप से यहूदियों के खिलाफ़ झूठे, दुर्भावनापूर्ण आरोपों के लिए इस्तेमाल होता है - और कहा कि यह इज़राइल के कार्यों का एक अस्वीकार्य विकृत रूप है ।
यह विवाद पिछले एक साल में EU और इज़राइल के बीच लगातार बिगड़ते संबंधों का ताज़ा उदाहरण है। इसके पीछे कई कारण हैं:
इज़राइली मंत्रियों पर प्रतिबंध: EU इज़राइल के दूर-दराज़ी मंत्रियों पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर गहराई से विभाजित था। सितंबर 2025 में, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 'चरमपंथी मंत्रियों और हिंसक बसने वालों' के खिलाफ़ प्रतिबंधों का प्रस्ताव रखा । हालांकि, 15 जून 2026 को भी EU सदस्य राष्ट्र राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाने पर सहमति नहीं बना पाए थे
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व्यापार उपाय ठप: अक्टूबर 2025 में, यूरोपीय आयोग ने औपचारिक रूप से EU-इज़राइल एसोसिएशन समझौते के तहत इज़राइली वस्तुओं के एक-तिहाई से अधिक पर अधिमान्य टैरिफ उपचार को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा । लेकिन यह उपाय सदस्य देशों के मतदान के अभाव में रुका हुआ है। अक्टूबर 2025 में EU को अमेरिकी युद्धविराम प्रयासों के बीच प्रतिबंधों के प्रयास को रोकने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा
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UN एजेंसियों से संबंध तोड़ना: जनवरी 2026 में, इज़राइल ने सात UN एजेंसियों और संबंधित अंतर्राष्ट्रीय निकायों से संबंध तोड़ने की घोषणा की, उन पर इज़राइल-विरोधी पूर्वाग्रह का आरोप लगाया । इससे पहले 2024-2025 में इज़राइल ने अपने क्षेत्र में UNRWA (संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी) के संचालन पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगाने वाला कानून पारित किया था
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बढ़ती अलगाव और आक्रामक बयानबाजी: सार द्वारा कालस के खिलाफ़ उठाया गया कदम इज़राइल के उस व्यापक रुझान को दर्शाता है जिसमें वह अंतर्राष्ट्रीय निकायों और अधिकारियों के साथ कूटनीतिक चैनलों को तोड़ रहा है, जिन्हें वह शत्रुतापूर्ण मानता है। कालस ने पहले हमास की निंदा और इज़राइल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करने के साथ-साथ गाजा में इज़राइल के आचरण की आलोचना भी की थी । लेकिन 'एपार्टहाइड' टिप्पणी सार के लिए सीमा पार कर गई
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यह घटना यूरोपीय संघ और इज़राइल के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और अधिक गहरा करती है। जहाँ एक ओर EU इज़राइल पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, वहीं इज़राइल इन प्रयासों को 'पक्षपातपूर्ण' करार देकर खारिज कर रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह कूटनीतिक गतिरोध कैसे सुलझता है और इसका मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ता है।