बासेल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने DNA आधारित 'मॉलिक्यूलर वेल्क्रो' की मदद से एक मॉड्यूलर, रीयूजेबल नैनोरोबोट विकसित किया है। यह खुद से जुड़कर कैंसर कोशिकाओं पर हमला करता है [8, 9]। लैब में HeLa कैंसर कोशिकाओं पर परीक्षण में, इन नैनोरोबोट्स ने 72 घंटों के अंदर 84% कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर दिया, यानी कोशिकाओं की ज...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did researchers at the University of Basel achieve with their modular, reusable nanorobot that uses DNA-based "molecular Velcro" to sel. Article summary: Researchers at the University of Basel have developed a modular, reusable nanorobot that self-assembles via DNA-based "molecular Velcro" and can be adapted for medical, industrial, and environmental tasks. The system con. Topic tags: general, government, academic, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, wate
एक ऐसा रोबोट जो इतना छोटा हो कि आपके खून में तैर सके, खुद से जुड़ सके, मौके पर ही दवा बना सके, और फिर उसे निकालकर, रिफ्यूल करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सके—यह अब सिर्फ़ साइंस फिक्शन नहीं है। University of Basel (स्विट्जरलैंड) की एक टीम ने बिल्कुल ऐसा ही नैनोरोबोट बनाया है। यह DNA-आधारित 'मॉलिक्यूलर वेल्क्रो' की मदद से खुद को असेंबल करता है और लैब में कैंसर कोशिकाओं को मारने की क्षमता दिखा चुका है [8, 9]।
प्रोफेसर डॉ. कॉर्नेलिया पालिवान के नेतृत्व में, शोधकर्ताओं ने इस नैनोरोबोट को एक छोटे चंद्र रॉकेट की तरह डिज़ाइन किया है। इसमें दो स्वतंत्र मॉड्यूल हैं—एक चुंबकीय प्रणोदन इकाई और एक पेलोड कैप्सूल। ये दोनों अपने आप जुड़ जाते हैं क्योंकि प्रत्येक मॉड्यूल पर मौजूद पूरक DNA स्ट्रैंड आपस में बंध जाते हैं। इस DNA 'वेल्क्रो' को प्रोग्राम किया जा सकता है, जिससे मॉड्यूल को जोड़ा, अलग किया और दोबारा जोड़ा जा सकता है ।
इस सिस्टम की डिज़ाइन जानबूझकर सरल और बेहद अनुकूलनीय रखी गई है:
शोधकर्ताओं ने अपने नैनोरोबोट का परीक्षण HeLa कैंसर कोशिकाओं पर किया, जो कैंसर अनुसंधान में व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली मानव कोशिका रेखा है:
मॉड्यूलर डिज़ाइन का मतलब है कि यह प्लेटफ़ॉर्म सिर्फ़ कैंसर थेरेपी तक सीमित नहीं है। पेलोड कैप्सूल को बदलकर, इसी नैनोरोबोट को पूरी तरह से अलग-अलग भूमिकाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है:
यह शोध Advanced Functional Materials (DOI: 10.1002/adfm.202600079) में प्रकाशित हुआ है। इसे National Center of Competence in Research – Molecular Systems Engineering और Swiss Nanoscience Institute के सहयोग से, Heidelberg University के साथ मिलकर किया गया [8, 12]।
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बासेल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने DNA आधारित 'मॉलिक्यूलर वेल्क्रो' की मदद से एक मॉड्यूलर, रीयूजेबल नैनोरोबोट विकसित किया है। यह खुद से जुड़कर कैंसर कोशिकाओं पर हमला करता है [8, 9]।
बासेल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने DNA आधारित 'मॉलिक्यूलर वेल्क्रो' की मदद से एक मॉड्यूलर, रीयूजेबल नैनोरोबोट विकसित किया है। यह खुद से जुड़कर कैंसर कोशिकाओं पर हमला करता है [8, 9]। लैब में HeLa कैंसर कोशिकाओं पर परीक्षण में, इन नैनोरोबोट्स ने 72 घंटों के अंदर 84% कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर दिया, यानी कोशिकाओं की जीवनक्षमता घटकर सिर्फ़ 16% रह गई [8]।
यह प्रणाली एक चुंबकीय प्रणोदन मॉड्यूल और एक पेलोड कैप्सूल से मिलकर बनी है, जिसे दवा, उद्योग और पर्यावरण संबंधी कामों के लिए दोबारा प्रोग्राम किया जा सकता है [8]।
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