Anthropic ने कहा कि उसके पास वास्तविक समय (real-time) में यह पता लगाने का कोई व्यावहारिक तरीका नहीं है कि कोई उपयोगकर्ता अमेरिकी नागरिक है या विदेशी । चूंकि निर्देश 'किसी भी विदेशी नागरिक' पर लागू होता था और कंपनी राष्ट्रीयता के आधार पर पहुँच को लागू नहीं कर सकती थी, इसलिए उसने दोनों मॉडल्स को दुनिया भर के सभी ग्राहकों के लिए बंद करने का फैसला किया — न कि केवल विदेशी नागरिकों के लिए
। एक Anthropic प्रवक्ता ने कहा, "इसका शुद्ध प्रभाव यह है कि हमें अपने सभी ग्राहकों की पहुँच हटानी होगी"
।
मुख्य बिंदु:
फ्रांस के एवियन-ले-बेंस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान, 17 जून, 2026 को, Anthropic के CEO डारियो अमोदेई नेताओं और अन्य शीर्ष AI कार्यकारियों के साथ एक बंद दरवाजे के पीछे कार्यकारी दोपहर के भोजन (closed-door working lunch) में शामिल हुए। उन्होंने G7 नेताओं से उन्नत AI उपकरणों के निर्माण पर बिखरने (splinter) की अपील की और Google DeepMind के CEO डेमिस हस्साबिस के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय AI मानकों और विनियमों को निर्धारित करने के लिए अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन (U.S.-led coalition) का आह्वान किया ।
Financial Times, CNBC और Bloomberg Law की रिपोर्ट के अनुसार, अमोदेई ने नेताओं से कहा कि वे 'उन्नत AI पर बिखरने के प्रलोभन का विरोध करें' । उन्होंने विशेष रूप से चीन के 'ओपन-सोर्स खतरे' के बारे में चेतावनी दी और एक खंडित (fragmented) दृष्टिकोण के बजाय एक एकीकृत पश्चिमी दृष्टिकोण के लिए तर्क दिया
।
इसी सत्र में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने एक अंतरराष्ट्रीय परीक्षण फोरम (international testing forum) का प्रस्ताव रखा । बैठक से कोई बाध्यकारी प्रतिबद्धता (binding commitment) नहीं बन पाई
।
यूरोपीय नेताओं ने अमेरिकी कदम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तथाकथित 'AI संप्रभुता जाँच (AI sovereignty checks)' और फ्रंटियर मॉडल्स तक व्यापक पहुँच की माँग की ।
उद्योग की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ सुरक्षा विशेषज्ञों ने अमेरिकी कदम की एक विवेकपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के रूप में प्रशंसा की, जबकि अन्य ने चेतावनी दी कि यह AI विकास को प्रतिद्वंद्वी गुटों में विभाजित (fragmentation) करने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है । Anthropic के अपने बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि कंपनी ने तुरंत अनुपालन किया, लेकिन स्थिति को अपने वैश्विक संचालन और ग्राहक संबंधों के लिए गहरा विघटनकारी (deeply disruptive) बताया
।
यह घटना कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भू-राजनीति (geopolitics of artificial intelligence) में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई, क्योंकि दुनिया के सबसे अमीर लोकतंत्रों को इस वास्तविकता का सामना करना पड़ा कि अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर फ्रंटियर AI मॉडल्स तक पहुँच बंद कर सकता है और करेगा — एक ऐसी शक्ति जिसने अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगियों को भी असहज कर दिया।
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