G7 नेताओं ने 'रियायती संसाधनों' (Concessional Resources) का इस्तेमाल सिर्फ उत्प्रेरक के रूप में करने, साझेदार देशों के साथ सह-निवेश करने और बिखरी हुई अंतरराष्ट्रीय विकास वित्त व्यवस्था को सरल बनाने का वादा किया । फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे अपनी G7 अध्यक्षता का केंद्रबिंदु बनाया। हालांकि विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर विकासशील देशों का बुनियादी कर्ज संकट पहले नहीं सुलझाया गया, तो 'बैंकेबिलिटी गैप' (Bankability Gap) चौड़ा हो सकता है—यानी निवेश लायक परियोजनाओं की भारी कमी रह जाएगी
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इसी से जुड़े एक और फैसले में, G7 नेताओं ने मध्य-आय वाले देशों तक कर्ज पुनर्गठन (Debt Restructuring) के प्रयासों को बढ़ाने का वादा किया। अभी तक ये देश G20 के 'कॉमन फ्रेमवर्क' का हिस्सा नहीं हैं, जो कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई एकमात्र बहुपक्षीय कर्ज राहत प्रणाली है । इस कदम से G7 ने माना है कि महामारी के बाद का कर्ज संकट अब सिर्फ निम्न-आय वाले देशों तक सीमित नहीं है, और मौजूदा ढांचा नाकाफी है
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शिखर सम्मेलन की सबसे जरूरी सामूहिक कार्रवाई कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा में फैले बुंडिबुग्यो (Bundibugyo) इबोला प्रकोप के खिलाफ संकल्प थी। G7 नेताओं ने एक साझा आह्वान करते हुए इस "पुनः उभरती महामारी" से निपटने के लिए "मजबूत और समन्वित प्रतिक्रिया" की बात कही । यूरोपीय संघ (EU) ने मानवीय सहायता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए €493 मिलियन (करीब 4,400 करोड़ रुपये) देने की घोषणा की
। गावी (Gavi) ने अपने 'प्रथम प्रतिक्रिया कोष' (First Response Fund) के तहत वैक्सीन और डायग्नोस्टिक उपकरणों के विकास के लिए 50 मिलियन डॉलर तक की राशि आवंटित की
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लेकिन चुनौती बहुत बड़ी है। इबोला का यह प्रकोप पहले के मुकाबले अलग है—यह ज़ैरे (Zaire) स्ट्रेन के बजाय बुंडिबुग्यो वायरस से फैला है, जिसके लिए न तो कोई स्वीकृत वैक्सीन है और न ही कोई विशेष इलाज । फ्रंटलाइन पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला डायग्नोस्टिक उपकरण, जीनएक्सपर्ट (GeneXpert®), सिर्फ ज़ैरे इबोला की पहचान करता है, बुंडिबुग्यो की नहीं—यह एक गंभीर तकनीकी कमी है
। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने न्यूक्लिक एसिड टेस्ट के लिए अपनी 'आपातकालीन उपयोग सूची' (Emergency Use Listing) प्रक्रिया खोल दी है, लेकिन फिलहाल सभी चिकित्सीय उपाय अभी भी प्री-क्लिनिकल विकास के चरण में हैं
। यूरोपीय रोग नियंत्रण केंद्र (ECDC) ने EU/EEA देशों के नागरिकों के लिए संक्रमण के जोखिम को "बहुत कम" आंका है
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सम्मेलन की सबसे चर्चित राजनयिक घटना तब हुई जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी एक हॉट माइक पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह बताते हुए पकड़े गए कि कनाडा सालाना 49,000 चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को मात्र 6.1% शुल्क पर आयात करने की योजना बना रहा है । यह घटना पश्चिमी देशों की चीनी सप्लाई चेन से निर्भरता कम करने की कोशिशों और अलग-अलग G7 सदस्यों की अपनी मजबूरियों के बीच गहराते तनाव को रेखांकित करती है
। गौरतलब है कि कनाडा ने हाल ही में चीनी EV पर शुल्क 100% से घटाकर 6.1% कर दिया था, लेकिन साथ में एक कोटा भी तय किया
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के साथ एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री कार्नी ने रूस के 162 व्यक्तियों, संस्थाओं और जहाजों पर नए प्रतिबंधों का ऐलान किया। इन्हें "रूसी युद्ध मशीन की संपत्ति" बताते हुए, विशेष रूप से रूस के शैडो फ्लीट (तेल निर्यात करने वाले गुप्त जहाजों का बेड़ा) और ऊर्जा राजस्व को निशाना बनाया गया । यह घोषणा एक दिन पहले कीव स्थित ऐतिहासिक कीव-पेचेर्स्क लावरा मठ पर हुए रूसी हमले के ठीक बाद आई
। ज़ेलेंस्की ने इस मुलाकात में और अधिक पैट्रियट मिसाइलों और वायु रक्षा उत्पादन बढ़ाने की मांग रखी और इस कार्य सत्र को "बेहतरीन" बताया
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सम्मेलन के आखिरी दिन, G7 नेताओं ने दुनिया की दिग्गज AI कंपनियों के CEO—OpenAI के सैम ऑल्टमैन, गूगल डीपमाइंड के डेमिस हैसाबिस, और एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई—के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर चर्चा की । तीन राजनयिक सूत्रों ने बताया कि G7 नेताओं ने एक योजना पर चर्चा की जिसके तहत चुनिंदा "विश्वसनीय साझेदारों" (Trusted Partners) को एंथ्रोपिक जैसी अमेरिकी कंपनियों के उन्नत AI मॉडल तक पहुंच दी जाएगी। यह योजना गैर-अमेरिकी उपयोगकर्ताओं पर लगी पाबंदियों को दरकिनार करने का एक संभावित रास्ता खोलती है
। AI पर यह चर्चा सम्मेलन के उस बड़े मुद्दे से भी जुड़ी थी जिसमें AI हार्डवेयर के लिए जरूरी 'महत्वपूर्ण खनिजों' (Critical Minerals) की आपूर्ति पर चीन की पकड़ कम करने की बात हो रही थी
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