खगोलविदों ने पुष्टि की कि NGC 1052 DF9, एक रेखीय समूह में तीसरी अति विसरित आकाशगंगा है, जिसका तारकीय वेग प्रसारण मात्र 6.4 किमी/सेकंड है, यानी इसके तारे ऐसे चल रहे हैं जैसे कोई डार्क मैटर मौजूद न हो—जो 'बुलेट ड्वार्फ'... DF2 और DF4 के साथ DF9 की खोज, डार्क मैटर मुक्त आकाशगंगाओं की एक सांख्यिकीय रूप से असंभव श्रृंखला...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did a Yale-led team of astronomers confirm about the faint dwarf galaxy NGC 1052-DF9, 67 million light-years from Earth, and how does i. Article summary: A Yale-led team (Michael Keim, Pieter van Dokkum and colleagues) confirmed that **NGC 1052-DF9** — the third galaxy found along a linear trail in the NGC 1052 field — contains **little to no dark matter**, joining DF2 an. Topic tags: general, academic, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Going the distance to confirm a galaxy with almost no dark matter. Three years ago, a team of astronomers led by Yale’s Pieter van Dokkum surprised the scientific community with" source context "Going the distance to confirm a galaxy with almost no dark matter | Yale News" Reference image 2: visual su
विशाल अंडाकार आकाशगंगा NGC 1052 के इर्द-गिर्द ब्रह्मांडीय पड़ोस में, खगोलविदों ने अब एक तीसरी बौनी आकाशगंगा की पुष्टि की है जिसमें लगभग कोई भी डार्क मैटर नहीं पाया गया। NGC 1052-DF9 (या केवल DF9) नाम की यह आकाशगंगा, पहले से ज्ञात दो अनोखी आकाशगंगाओं—DF2 और DF4—के साथ एक रेखीय श्रृंखला बनाती है। ऐसा लगता है कि इन आकाशगंगाओं से उनका डार्क मैटर हिंसक रूप से अलग कर दिया गया था। येल विश्वविद्यालय में माइकल कीम और पीटर वान डोक्कम के नेतृत्व में हुई इस खोज ने दो अजीबोगरीब आकाशगंगाओं की जोड़ी को एक सुसंगत पैटर्न में बदल दिया है, जो अब तक का सबसे मजबूत प्रमाण है कि डार्क मैटर एक अलग भौतिक पदार्थ है जिसे सामान्य पदार्थ से अलग किया जा सकता है ।
हवाई में W. M. केक वेधशाला में 'केक कॉस्मिक वेब इमेजर' (KCWI) का उपयोग करके, टीम ने DF9 के अंदर तारों की गति मापी ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि कोई डार्क मैटर का हैलो उनकी चाल को प्रभावित कर रहा है या नहीं । इसके लिए प्रमुख मापदंड है तारकीय वेग प्रसारण (stellar velocity dispersion)—सरल शब्दों में, तारे एक-दूसरे के सापेक्ष कितनी तेज़ी से घूम रहे हैं। अगर वहां अदृश्य डार्क मैटर का कोई विशाल हैलो मौजूद होता, तो उसका गुरुत्वाकर्षण तारों को और तेज़ी से चलने के लिए मजबूर करता।
DF9 के लिए, मापा गया वेग प्रसारण 6.4 किमी/सेकंड आया (जिसमें +4.0/–4.3 किमी/सेकंड की त्रुटि संभावना है)। यह DF9 के लगभग 1.4 × 10⁸ सौर द्रव्यमान वाले सामान्य तारकीय द्रव्यमान से अपेक्षित ~8.3 किमी/सेकंड के प्रसारण के बेहद करीब है । दूसरे शब्दों में, तारे ठीक उतनी ही तेज़ी से घूम रहे हैं जितना कि केवल दृश्य पदार्थ के गुरुत्वाकर्षण से अपेक्षित है। आकाशगंगा की आंतरिक गतिशीलता को समझाने के लिए किसी डार्क मैटर की ज़रूरत नहीं है।
तुलना के लिए, समान तारकीय द्रव्यमान वाली सामान्य बौनी आकाशगंगाओं का वेग प्रसारण आमतौर पर 30 किमी/सेकंड या उससे अधिक होता है क्योंकि उन पर डार्क मैटर के हैलो का दबदबा होता है । DF9 का कम आंकड़ा इसे DF2 (लगभग 3.2 किमी/सेकंड के प्रसारण के साथ) और DF4 (समान रूप से कम) जैसी ही श्रेणी में मजबूती से खड़ा करता है
।
DF2 और DF4 पहले से ही आकाशगंगा निर्माण की मानक तस्वीर को चुनौती देने के लिए प्रसिद्ध थीं, लेकिन एक जोड़ी के रूप में उनके अस्तित्व ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया: क्या ये महज़ दो संयोगिक अजूबे हो सकते हैं? DF9 की खोज—जो उन दोनों के बीच गैस और आकाशगंगाओं की एक श्रृंखला के ठीक बीच में स्थित है—संयोग की व्याख्या को सांख्यिकीय रूप से असंभव बना देती है ।
यह श्रृंखला 'बुलेट ड्वार्फ' टक्कर परिदृश्य की भविष्यवाणियों से मेल खाती है, जो प्रसिद्ध 'बुलेट क्लस्टर' से प्रेरित एक नाटकीय निर्माण सिद्धांत है। यह इस प्रकार काम करता है:
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यह टक्कर लगभग आठ अरब साल पहले हुई थी । परिणामी आकाशगंगाएं समान आयु और रासायनिक संरचना साझा करती हैं, जो एक साझा उत्पत्ति का और समर्थन करती हैं
।
यह खोज डार्क मैटर सिद्धांत के प्रमुख विकल्प, संशोधित न्यूटोनियन गतिशीलता (MOND) पर करारा प्रहार करती है। MOND का प्रस्ताव है कि गुरुत्वाकर्षण कम त्वरण पर अलग व्यवहार करता है, जिससे डार्क मैटर अनावश्यक हो जाता है। अगर MOND सही होता, तो हर आकाशगंगा को गतिशील द्रव्यमान और तारकीय द्रव्यमान का समान प्रभावी अनुपात दिखाना चाहिए—तथाकथित "गायब द्रव्यमान" बस गुरुत्वाकर्षण की एक सार्वभौमिक विशेषता होनी चाहिए। आपको कभी भी ऐसी आकाशगंगा नहीं मिलनी चाहिए जिसमें डार्क मैटर की कमी प्रतीत हो।
एक पंक्ति में एक नहीं, बल्कि तीन ऐसी आकाशगंगाओं का मिलना जिनमें सामान्य तारे हैं और डार्क मैटर का लगभग कोई सबूत नहीं, इस समरूपता को तोड़ता है। यह प्रदर्शित करता है कि डार्क मैटर का प्रभाव कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है, बल्कि एक भौतिक तत्व है जिसे हिंसक टक्करों में सामान्य पदार्थ से भौतिक रूप से अलग किया जा सकता है । जैसा कि पीटर वान डोक्कम ने स्वयं कहा, "यह बिल्कुल वही है जिसकी आप उम्मीद करते हैं अगर डार्क मैटर एक वास्तविक पदार्थ है"
।
उच्च-गति वाली बौनी आकाशगंगा टक्करों के कंप्यूटर सिमुलेशन इस बात को पुष्ट करते हैं। वे ठीक उसी प्रकार की रेखीय श्रृंखला की भविष्यवाणी करते हैं जो देखी गई है, साथ ही एक विशिष्ट वेग पैटर्न की भी: श्रृंखला में DF2 के करीब की आकाशगंगाएं हमारी दृष्टि रेखा के साथ दूर की आकाशगंगाओं की तुलना में अधिक तेज़ी से चलनी चाहिए। DF2, DF4, और DF9 के मापे गए वेग इस भविष्यवाणी से मेल खाते हैं, जो संरचनात्मक साक्ष्य के साथ एक गतिज "स्मोकिंग गन" जोड़ता है ।
जब 2018 में वान डोक्कम की टीम ने पहली बार DF2 की सूचना दी, तो यह दावा कि कोई आकाशगंगा डार्क मैटर से रहित हो सकती है, तीव्र संदेह का शिकार हुआ। कुछ शोधकर्ताओं ने तर्क दिया कि DF2 की दूरी गलत मापी गई थी; दूसरों ने सुझाव दिया कि पास की विशाल आकाशगंगा NGC 1052 से ज्वारीय खिंचाव गायब द्रव्यमान की व्याख्या कर सकता है ।
लेकिन 2019 में DF4 की, और अब 2026 में DF9 की बाद की खोज ने प्रमाण का भार स्थानांतरित कर दिया है। 'बुलेट ड्वार्फ' टक्कर परिदृश्य पूरे रेखीय उप-संरचना की सहज रूप से व्याख्या करता है, जबकि वैकल्पिक व्याख्याओं को एक ही श्रृंखला में स्थित, समान कम प्रसारण, समान आयु और समान रासायनिक संरचना वाली तीन भौतिक रूप से अलग आकाशगंगाओं का हिसाब देना होगा ।
इसके निहितार्थ इस एकल समूह से परे हैं। खगोलविद अब अन्यत्र भी ऐसी ही प्रणालियों की खोज कर रहे हैं। फ़ोरनैक्स क्लस्टर (FCC 224 और FCC 240) में डार्क मैटर की कमी वाली आकाशगंगाओं की एक जोड़ी एक और 'बुलेट ड्वार्फ' के परिणाम का प्रतिनिधित्व कर सकती है, जो सुझाव देता है कि यह घटना NGC 1052 क्षेत्र के लिए अद्वितीय नहीं है । प्रत्येक नया उदाहरण मूल अंतर्दृष्टि को पुष्ट करता है: डार्क मैटर गुरुत्वाकर्षण का संशोधन नहीं है, बल्कि एक वास्तविक, टक्कर-रहित पदार्थ है जो दृश्य ब्रह्मांड को आकार देता है।
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खगोलविदों ने पुष्टि की कि NGC 1052 DF9, एक रेखीय समूह में तीसरी अति विसरित आकाशगंगा है, जिसका तारकीय वेग प्रसारण मात्र 6.4 किमी/सेकंड है, यानी इसके तारे ऐसे चल रहे हैं जैसे कोई डार्क मैटर मौजूद न हो—जो 'बुलेट ड्वार्फ'...
खगोलविदों ने पुष्टि की कि NGC 1052 DF9, एक रेखीय समूह में तीसरी अति विसरित आकाशगंगा है, जिसका तारकीय वेग प्रसारण मात्र 6.4 किमी/सेकंड है, यानी इसके तारे ऐसे चल रहे हैं जैसे कोई डार्क मैटर मौजूद न हो—जो 'बुलेट ड्वार्फ'... DF2 और DF4 के साथ DF9 की खोज, डार्क मैटर मुक्त आकाशगंगाओं की एक सांख्यिकीय रूप से असंभव श्रृंखला बनाती है, जो संयोग को खारिज कर डार्क मैटर के एक वास्तविक, भौतिक पदार्थ होने के विचार का जोरदार समर्थन करती है [2][4][6]।
कंप्यूटर सिमुलेशन बताते हैं कि तेज़ रफ़्तार बौनी आकाशगंगाओं की टक्कर से गैस डार्क मैटर के हैलो से अलग हो जाती है, और बिना डार्क मैटर की नई आकाशगंगाओं की एक रेखीय श्रृंखला बनाती है—और DF2, DF4, और DF9 की वास्तविक गति इ...
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