अमेरिका-ईरान शांति की आहट: सोना $4,350 के पार क्यों पहुंचा? बार्कलेज और सिटी ने जताई नई उम्मीद
अमेरिका ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर से सोना 2.6% से अधिक उछलकर $4,350 के स्तर को पार कर गया। बार्कलेज ने 2026 के लिए $4,791 और 2027 के लिए $4,900 के अपने लक्ष्य को बरकरार रखा, जबकि सिटी ने अल्पकालिक लक्ष्य को $500 बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया। यह तेजी कमजोर डॉलर, लगातार केंद...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
अमेरिका ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर से सोना 2.6% से अधिक उछलकर $4,350 के स्तर को पार कर गया।
बार्कलेज ने 2026 के लिए $4,791 और 2027 के लिए $4,900 के अपने लक्ष्य को बरकरार रखा, जबकि सिटी ने अल्पकालिक लक्ष्य को $500 बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया।
यह तेजी कमजोर डॉलर, लगातार केंद्रीय बैंक की खरीदारी और फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों पर टिकी है।
निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की पहली ब्याज दर नीति बैठक और अस्थायी युद्धविराम के टूटने की संभावना है।
What are the key factors behind the recent gold rally to above $4,350, and what are the updated near-term gold price forecasts from BarclaysGold prices gained more than 2.6% following the U.S.-Iran interim peace announcement.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key factors behind the recent gold rally to above $4,350, and what are the updated near-term gold price forecasts from Barclays. Article summary: Gold rallied above $4,350 following the announcement of a U.S.-Iran interim peace agreement, which reduced oil prices and inflation fears, prompting markets to dial back expectations for a Federal Reserve rate hike. Both. Topic tags: general, news, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Citi pointed to a combination of factors, including stabilizing real yields, a stronger short-term dollar bias, and weakening safe-haven" source context "Citi cuts near-term gold price target from $4,300 to $4,000, warns of limited upside | Kitco News" Reference image 2: visual subject "Analysts expect the
openai.com
जून 2026 के मध्य में वैश्विक निवेशकों ने एक ऐसा नज़ारा देखा जो आमतौर पर देखने को नहीं मिलता: शांति की खबरों पर सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल। 15 जून, 2026 को राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम शांति समझौते की घोषणा के बाद, सोने की हाज़िर कीमत ने $4,350 प्रति औंस की दीवार को पार कर लिया । यह समझौता, जो एक 60-दिवसीय सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) था, का मकसद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना था । आइए, इस तेजी के पीछे के तार्किक कारणों और बार्कलेज व सिटी जैसे दिग्गज बैंकों के नए अनुमानों को विस्तार से समझते हैं।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"अमेरिका-ईरान शांति की आहट: सोना $4,350 के पार क्यों पहुंचा? बार्कलेज और सिटी ने जताई नई उम्मीद" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
अमेरिका ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर से सोना 2.6% से अधिक उछलकर $4,350 के स्तर को पार कर गया।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
अमेरिका ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर से सोना 2.6% से अधिक उछलकर $4,350 के स्तर को पार कर गया। बार्कलेज ने 2026 के लिए $4,791 और 2027 के लिए $4,900 के अपने लक्ष्य को बरकरार रखा, जबकि सिटी ने अल्पकालिक लक्ष्य को $500 बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
यह तेजी कमजोर डॉलर, लगातार केंद्रीय बैंक की खरीदारी और फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों पर टिकी है।
अमेरिका-ईरान शांति की आहट: सोना $4,350 के पार क्यों पहुंचा? बार्कलेज और सिटी ने जताई नई उम्मीद
अमेरिका ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर से सोना 2.6% से अधिक उछलकर $4,350 के स्तर को पार कर गया। बार्कलेज ने 2026 के लिए $4,791 और 2027 के लिए $4,900 के अपने लक्ष्य को बरकरार रखा, जबकि सिटी ने अल्पकालिक लक्ष्य को $500 बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया। यह तेजी कमजोर डॉलर, लगातार केंद...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
अमेरिका ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर से सोना 2.6% से अधिक उछलकर $4,350 के स्तर को पार कर गया।
बार्कलेज ने 2026 के लिए $4,791 और 2027 के लिए $4,900 के अपने लक्ष्य को बरकरार रखा, जबकि सिटी ने अल्पकालिक लक्ष्य को $500 बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया।
यह तेजी कमजोर डॉलर, लगातार केंद्रीय बैंक की खरीदारी और फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों पर टिकी है।
निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की पहली ब्याज दर नीति बैठक और अस्थायी युद्धविराम के टूटने की संभावना है।
What are the key factors behind the recent gold rally to above $4,350, and what are the updated near-term gold price forecasts from BarclaysGold prices gained more than 2.6% following the U.S.-Iran interim peace announcement.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key factors behind the recent gold rally to above $4,350, and what are the updated near-term gold price forecasts from Barclays. Article summary: Gold rallied above $4,350 following the announcement of a U.S.-Iran interim peace agreement, which reduced oil prices and inflation fears, prompting markets to dial back expectations for a Federal Reserve rate hike. Both. Topic tags: general, news, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Citi pointed to a combination of factors, including stabilizing real yields, a stronger short-term dollar bias, and weakening safe-haven" source context "Citi cuts near-term gold price target from $4,300 to $4,000, warns of limited upside | Kitco News" Reference image 2: visual subject "Analysts expect the
openai.com
जून 2026 के मध्य में वैश्विक निवेशकों ने एक ऐसा नज़ारा देखा जो आमतौर पर देखने को नहीं मिलता: शांति की खबरों पर सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल। 15 जून, 2026 को राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम शांति समझौते की घोषणा के बाद, सोने की हाज़िर कीमत ने $4,350 प्रति औंस की दीवार को पार कर लिया । यह समझौता, जो एक 60-दिवसीय सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) था, का मकसद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना था । आइए, इस तेजी के पीछे के तार्किक कारणों और बार्कलेज व सिटी जैसे दिग्गज बैंकों के नए अनुमानों को विस्तार से समझते हैं।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"अमेरिका-ईरान शांति की आहट: सोना $4,350 के पार क्यों पहुंचा? बार्कलेज और सिटी ने जताई नई उम्मीद" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
अमेरिका ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर से सोना 2.6% से अधिक उछलकर $4,350 के स्तर को पार कर गया।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
अमेरिका ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर से सोना 2.6% से अधिक उछलकर $4,350 के स्तर को पार कर गया। बार्कलेज ने 2026 के लिए $4,791 और 2027 के लिए $4,900 के अपने लक्ष्य को बरकरार रखा, जबकि सिटी ने अल्पकालिक लक्ष्य को $500 बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
यह तेजी कमजोर डॉलर, लगातार केंद्रीय बैंक की खरीदारी और फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों पर टिकी है।
आम धारणा के विपरीत, यह शांति समझौता सोने के लिए वरदान बनकर आया क्योंकि इसने तेल की कीमतों और महंगाई की आशंकाओं को एकाएक कम कर दिया।
होर्मुज खुलने से सस्ता तेल और घटी महंगाई: 15 जून के समझौते ने अप्रैल में हुए नाज़ुक युद्धविराम को 60 दिन और बढ़ा दिया, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी । ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5% लुढ़क गई। इससे बाज़ार में भविष्य की महंगाई दर (इंफ्लेशन एक्सपेक्टेशन) के अनुमान नीचे आ गए ।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना घटी: तेल सस्ता होने से महंगाई का दबाव कम हुआ, जिसके चलते कारोबारियों ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना को लगभग 70% से घटाकर 58% कर दिया, जैसा कि सीएमई फेडवॉच टूल ने दिखाया । कम ब्याज दरों की उम्मीद का मतलब है कि सोना रखने की 'अवसर लागत' (अपॉर्चुनिटी कॉस्ट) घट जाती है, जिससे यह निवेशकों के लिए और आकर्षक बन जाता है।
कमज़ोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की मांग: सोने की तेजी को बड़ा सहारा पहले से मौजूद ढांचागत कारकों से भी मिला। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पहले ही साल-दर-साल लगभग 8% गिरकर 100 के आसपास मंडरा रहा था, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में मूल्यित सोना सस्ता हो गया । दूसरी ओर, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं। हाल ही में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे में 45% केंद्रीय बैंकों ने भविष्य में सोने की खरीदारी और बढ़ाने की योजना बताई ।
बार्कलेज का नज़रिया: गिरावट एक 'सुधार' थी, बुल मार्केट का अंत नहीं
बार्कलेज ने 15 जून को एक ताज़ा रिपोर्ट जारी कर अपने वर्ष 2026 और 2027 के सोने के मूल्य लक्ष्यों को क्रमशः $4,791 प्रति औंस और $4,900 प्रति औंस पर दोहराया ।
बैंक ने हालिया गिरावट को "पोजीशनिंग रीसेट" यानी निवेशकों के दांव-पेंच में बदलाव करार दिया, न कि ढांचागत तेजी (स्ट्रक्चरल बुल केस) का अंत। बार्कलेज का अनुमान है कि सोना अब अपने उचित मूल्य (फेयर वैल्यू) $4,150 प्रति औंस के करीब आ गया है, जो लंबी अवधि के निवेशकों को एक बेहतर एंट्री प्वाइंट प्रदान करता है ।
तीन मज़बूत सपोर्ट ड्राइवर्स:
लगातार ऊंची महंगाई: बार्कलेज के मॉडल के अनुसार, मुद्रास्फीति में हर एक प्रतिशत की वृद्धि सोने के उचित मूल्य में लगभग 5% का इजाफा करती है ।
नीतिगत अनिश्चितता: वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता सुरक्षित निवेश की मांग को ऊंचा बनाए रखती है।
केंद्रीय बैंकों का विविधीकरण: यह एक बहु-वर्षीय रुझान है जो जल्दी पलटने वाला नहीं है।
हालांकि, बार्कलेज ने चेतावनी भी दी कि इसके लक्ष्यों में अल्पकालिक जोखिम मौजूद है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शांति का यह ढांचा वास्तव में अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड यील्ड को स्थाई रूप से नीचे ला पाएगा। इसके साथ ही, बैंक ने यह भी नोट किया कि रूस और तुर्की के केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी मुद्राओं को बचाने के लिए सोना बेचने का दबाव अब कम होने की संभावना है ।
सिटी का अनुमान: अल्पकालिक लक्ष्य में $500 की बढ़ोतरी
सिटी बैंक का रुख ज्यादा आक्रामक रहा। 15 जून को, बैंक ने अपने 0-3 महीने के सोने के मूल्य लक्ष्य को पिछले $4,000 से बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया, साथ ही अपने 6-12 महीने के तेजड़िया (बुलिश) अनुमान $5,000 प्रति औंस को बरकरार रखा । सिटी ने चांदी के अपने लक्ष्य को भी $60 से बढ़ाकर $70 प्रति औंस कर दिया ।
इसके पीछे तर्क यह था कि जैसे-जैसे होर्मुज से सप्लाई सामान्य होगी, बाज़ार का समग्र जोखिम-भाव सुधरेगा और सोने में पहले से मौजूद भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम कम होगा, जो कीमतों के लिए सकारात्मक होगा । सिटी के विश्लेषकों ने इसे "एक बड़ा विकास" बताया जो धातुओं की कीमतों को और ऊपर ले जा सकता है ।
हालांकि, सिटी ने आगे "भारी उतार-चढ़ाव" की आशंका भी जताई। बैंक का कहना है कि अभी बाज़ार सिर्फ अंतरिम सहमति पत्र का मूल्यांकन कर रहा है, कोई स्थायी मध्य-अवधि समझौता नहीं। अगर एक दीर्घकालिक समझौता होता है, तो इसमें और तेजी आ सकती है। सिटी ने जुलाई के मध्य से अंत तक होर्मुज प्रवाह के सामान्य होने की अपनी मूल स्थिति (बेस केस) को 60% संभावना दी है ।
आगे के खतरे: तेजी को ग्रहण क्यों लग सकता है?
दोनों बैंकों ने आने वाले हफ्तों में दो सबसे बड़े खतरों की ओर इशारा किया है, जो इस तेजी को पलट सकते हैं।
17-18 जून की फेड बैठक: यह नए फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श की अध्यक्षता वाली पहली नीतिगत बैठक है । अगर वॉर्श ने ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाया—जैसे दरों को स्थिर रखते हुए संकेत दिया कि कटौती की उम्मीद नहीं है—तो हालिया उत्साह ठंडा पड़ सकता है और सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है।
समझौते पर अमल का जोखिम: यह सिर्फ एक प्रारंभिक सहमति है, और अमेरिका और ईरान दोनों ही इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि स्थाई युद्धविराम के लिए अभी बातचीत होनी बाकी है । अगर बातचीत टूटती है या दुश्मनी फिर शुरू होती है, तो सोने का जोखिम प्रीमियम अप्रत्याशित रूप से वापस लौट सकता है।
मुद्रास्फीति और ऊंची दरों का बने रहना: हालांकि समझौते ने तेल-चालित महंगाई की आशंका को कम किया है, लेकिन भोजन और सेवाओं जैसी चीज़ों की 'कोर महंगाई' (मुख्य मुद्रास्फीति) अगर स्थिर बनी रही, तो फेड को ब्याज दरों को ऊंचा रखना पड़ सकता है, जो सोने के लिए नकारात्मक होगा ।
$4,350 के पार सोने का यह स्तर भू-राजनीतिक और आर्थिक दबावों में कमी की सच्ची उम्मीद को दर्शाता है, लेकिन यह तेजी एक अनिश्चित आधार पर खड़ी है। बार्कलेज और सिटी, दोनों ही लंबी अवधि में तेजड़िया हैं, मगर उनकी चेतावनियां साफ तौर पर बता रही हैं कि अगले कुछ सप्ताह निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और उतार-चढ़ाव भरे हो सकते हैं।
cmegroup.comSix Reasons Gold is Soaring this Year - OpenMarkets
आम धारणा के विपरीत, यह शांति समझौता सोने के लिए वरदान बनकर आया क्योंकि इसने तेल की कीमतों और महंगाई की आशंकाओं को एकाएक कम कर दिया।
होर्मुज खुलने से सस्ता तेल और घटी महंगाई: 15 जून के समझौते ने अप्रैल में हुए नाज़ुक युद्धविराम को 60 दिन और बढ़ा दिया, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी । ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5% लुढ़क गई। इससे बाज़ार में भविष्य की महंगाई दर (इंफ्लेशन एक्सपेक्टेशन) के अनुमान नीचे आ गए ।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना घटी: तेल सस्ता होने से महंगाई का दबाव कम हुआ, जिसके चलते कारोबारियों ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना को लगभग 70% से घटाकर 58% कर दिया, जैसा कि सीएमई फेडवॉच टूल ने दिखाया । कम ब्याज दरों की उम्मीद का मतलब है कि सोना रखने की 'अवसर लागत' (अपॉर्चुनिटी कॉस्ट) घट जाती है, जिससे यह निवेशकों के लिए और आकर्षक बन जाता है।
कमज़ोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की मांग: सोने की तेजी को बड़ा सहारा पहले से मौजूद ढांचागत कारकों से भी मिला। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पहले ही साल-दर-साल लगभग 8% गिरकर 100 के आसपास मंडरा रहा था, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में मूल्यित सोना सस्ता हो गया । दूसरी ओर, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं। हाल ही में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे में 45% केंद्रीय बैंकों ने भविष्य में सोने की खरीदारी और बढ़ाने की योजना बताई ।
बार्कलेज का नज़रिया: गिरावट एक 'सुधार' थी, बुल मार्केट का अंत नहीं
बार्कलेज ने 15 जून को एक ताज़ा रिपोर्ट जारी कर अपने वर्ष 2026 और 2027 के सोने के मूल्य लक्ष्यों को क्रमशः $4,791 प्रति औंस और $4,900 प्रति औंस पर दोहराया ।
बैंक ने हालिया गिरावट को "पोजीशनिंग रीसेट" यानी निवेशकों के दांव-पेंच में बदलाव करार दिया, न कि ढांचागत तेजी (स्ट्रक्चरल बुल केस) का अंत। बार्कलेज का अनुमान है कि सोना अब अपने उचित मूल्य (फेयर वैल्यू) $4,150 प्रति औंस के करीब आ गया है, जो लंबी अवधि के निवेशकों को एक बेहतर एंट्री प्वाइंट प्रदान करता है ।
तीन मज़बूत सपोर्ट ड्राइवर्स:
लगातार ऊंची महंगाई: बार्कलेज के मॉडल के अनुसार, मुद्रास्फीति में हर एक प्रतिशत की वृद्धि सोने के उचित मूल्य में लगभग 5% का इजाफा करती है ।
नीतिगत अनिश्चितता: वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता सुरक्षित निवेश की मांग को ऊंचा बनाए रखती है।
केंद्रीय बैंकों का विविधीकरण: यह एक बहु-वर्षीय रुझान है जो जल्दी पलटने वाला नहीं है।
हालांकि, बार्कलेज ने चेतावनी भी दी कि इसके लक्ष्यों में अल्पकालिक जोखिम मौजूद है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शांति का यह ढांचा वास्तव में अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड यील्ड को स्थाई रूप से नीचे ला पाएगा। इसके साथ ही, बैंक ने यह भी नोट किया कि रूस और तुर्की के केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी मुद्राओं को बचाने के लिए सोना बेचने का दबाव अब कम होने की संभावना है ।
सिटी का अनुमान: अल्पकालिक लक्ष्य में $500 की बढ़ोतरी
सिटी बैंक का रुख ज्यादा आक्रामक रहा। 15 जून को, बैंक ने अपने 0-3 महीने के सोने के मूल्य लक्ष्य को पिछले $4,000 से बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया, साथ ही अपने 6-12 महीने के तेजड़िया (बुलिश) अनुमान $5,000 प्रति औंस को बरकरार रखा । सिटी ने चांदी के अपने लक्ष्य को भी $60 से बढ़ाकर $70 प्रति औंस कर दिया ।
इसके पीछे तर्क यह था कि जैसे-जैसे होर्मुज से सप्लाई सामान्य होगी, बाज़ार का समग्र जोखिम-भाव सुधरेगा और सोने में पहले से मौजूद भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम कम होगा, जो कीमतों के लिए सकारात्मक होगा । सिटी के विश्लेषकों ने इसे "एक बड़ा विकास" बताया जो धातुओं की कीमतों को और ऊपर ले जा सकता है ।
हालांकि, सिटी ने आगे "भारी उतार-चढ़ाव" की आशंका भी जताई। बैंक का कहना है कि अभी बाज़ार सिर्फ अंतरिम सहमति पत्र का मूल्यांकन कर रहा है, कोई स्थायी मध्य-अवधि समझौता नहीं। अगर एक दीर्घकालिक समझौता होता है, तो इसमें और तेजी आ सकती है। सिटी ने जुलाई के मध्य से अंत तक होर्मुज प्रवाह के सामान्य होने की अपनी मूल स्थिति (बेस केस) को 60% संभावना दी है ।
आगे के खतरे: तेजी को ग्रहण क्यों लग सकता है?
दोनों बैंकों ने आने वाले हफ्तों में दो सबसे बड़े खतरों की ओर इशारा किया है, जो इस तेजी को पलट सकते हैं।
17-18 जून की फेड बैठक: यह नए फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श की अध्यक्षता वाली पहली नीतिगत बैठक है । अगर वॉर्श ने ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाया—जैसे दरों को स्थिर रखते हुए संकेत दिया कि कटौती की उम्मीद नहीं है—तो हालिया उत्साह ठंडा पड़ सकता है और सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है।
समझौते पर अमल का जोखिम: यह सिर्फ एक प्रारंभिक सहमति है, और अमेरिका और ईरान दोनों ही इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि स्थाई युद्धविराम के लिए अभी बातचीत होनी बाकी है । अगर बातचीत टूटती है या दुश्मनी फिर शुरू होती है, तो सोने का जोखिम प्रीमियम अप्रत्याशित रूप से वापस लौट सकता है।
मुद्रास्फीति और ऊंची दरों का बने रहना: हालांकि समझौते ने तेल-चालित महंगाई की आशंका को कम किया है, लेकिन भोजन और सेवाओं जैसी चीज़ों की 'कोर महंगाई' (मुख्य मुद्रास्फीति) अगर स्थिर बनी रही, तो फेड को ब्याज दरों को ऊंचा रखना पड़ सकता है, जो सोने के लिए नकारात्मक होगा ।
$4,350 के पार सोने का यह स्तर भू-राजनीतिक और आर्थिक दबावों में कमी की सच्ची उम्मीद को दर्शाता है, लेकिन यह तेजी एक अनिश्चित आधार पर खड़ी है। बार्कलेज और सिटी, दोनों ही लंबी अवधि में तेजड़िया हैं, मगर उनकी चेतावनियां साफ तौर पर बता रही हैं कि अगले कुछ सप्ताह निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और उतार-चढ़ाव भरे हो सकते हैं।
cmegroup.comSix Reasons Gold is Soaring this Year - OpenMarkets