बार्कलेज ने 15 जून को एक ताज़ा रिपोर्ट जारी कर अपने वर्ष 2026 और 2027 के सोने के मूल्य लक्ष्यों को क्रमशः $4,791 प्रति औंस और $4,900 प्रति औंस पर दोहराया ।
बैंक ने हालिया गिरावट को "पोजीशनिंग रीसेट" यानी निवेशकों के दांव-पेंच में बदलाव करार दिया, न कि ढांचागत तेजी (स्ट्रक्चरल बुल केस) का अंत। बार्कलेज का अनुमान है कि सोना अब अपने उचित मूल्य (फेयर वैल्यू) $4,150 प्रति औंस के करीब आ गया है, जो लंबी अवधि के निवेशकों को एक बेहतर एंट्री प्वाइंट प्रदान करता है ।
तीन मज़बूत सपोर्ट ड्राइवर्स:
हालांकि, बार्कलेज ने चेतावनी भी दी कि इसके लक्ष्यों में अल्पकालिक जोखिम मौजूद है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शांति का यह ढांचा वास्तव में अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड यील्ड को स्थाई रूप से नीचे ला पाएगा। इसके साथ ही, बैंक ने यह भी नोट किया कि रूस और तुर्की के केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी मुद्राओं को बचाने के लिए सोना बेचने का दबाव अब कम होने की संभावना है ।
सिटी बैंक का रुख ज्यादा आक्रामक रहा। 15 जून को, बैंक ने अपने 0-3 महीने के सोने के मूल्य लक्ष्य को पिछले $4,000 से बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया, साथ ही अपने 6-12 महीने के तेजड़िया (बुलिश) अनुमान $5,000 प्रति औंस को बरकरार रखा । सिटी ने चांदी के अपने लक्ष्य को भी $60 से बढ़ाकर $70 प्रति औंस कर दिया
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इसके पीछे तर्क यह था कि जैसे-जैसे होर्मुज से सप्लाई सामान्य होगी, बाज़ार का समग्र जोखिम-भाव सुधरेगा और सोने में पहले से मौजूद भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम कम होगा, जो कीमतों के लिए सकारात्मक होगा । सिटी के विश्लेषकों ने इसे "एक बड़ा विकास" बताया जो धातुओं की कीमतों को और ऊपर ले जा सकता है
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हालांकि, सिटी ने आगे "भारी उतार-चढ़ाव" की आशंका भी जताई। बैंक का कहना है कि अभी बाज़ार सिर्फ अंतरिम सहमति पत्र का मूल्यांकन कर रहा है, कोई स्थायी मध्य-अवधि समझौता नहीं। अगर एक दीर्घकालिक समझौता होता है, तो इसमें और तेजी आ सकती है। सिटी ने जुलाई के मध्य से अंत तक होर्मुज प्रवाह के सामान्य होने की अपनी मूल स्थिति (बेस केस) को 60% संभावना दी है ।
दोनों बैंकों ने आने वाले हफ्तों में दो सबसे बड़े खतरों की ओर इशारा किया है, जो इस तेजी को पलट सकते हैं।
$4,350 के पार सोने का यह स्तर भू-राजनीतिक और आर्थिक दबावों में कमी की सच्ची उम्मीद को दर्शाता है, लेकिन यह तेजी एक अनिश्चित आधार पर खड़ी है। बार्कलेज और सिटी, दोनों ही लंबी अवधि में तेजड़िया हैं, मगर उनकी चेतावनियां साफ तौर पर बता रही हैं कि अगले कुछ सप्ताह निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और उतार-चढ़ाव भरे हो सकते हैं।