13 14 जून 2026 की रात यूक्रेनी सेना ने रूस के अंदर 700 km से अधिक दूर यारोस्लाव ओब्लास्ट में तेल डिपो और तुला ओब्लास्ट में अज़ोट केमिकल प्लांट को ड्रोन और तोड़फोड़ हमलों से ध्वस्त किया [5][6]। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इन ऑपरेशनों को "रूस के खिलाफ यूक्रेन का दीर्घकालिक प्रतिबंधों का प्लान" करार दिया, जो रूस द्वारा यु...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Ukrainian forces strike deep inside Russia on June 14, how far from the border were the targets located, what facilities were hit,. Article summary: On the night of June 13–14, 2026, Ukrainian forces conducted a series of coordinated drone and sabotage strikes targeting industrial and energy facilities deep inside Russia. Here is a breakdown based on official Ukraini. Topic tags: general, news, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Zelensky Confirms Deep Strikes on Russian ‘Temp’ Fuel Reserve and ‘Azot’ Chemical Plant. **What to know:** Ukrainian long-range drones operated by the Security Service of Ukraine" source context "Zelensky Confirms Deep Strikes on Russian ‘Temp’ Fuel Reserve and ‘Azot’ Chemical Plant" Reference image 2: vis
13-14 जून 2026 की रात यूक्रेनी सेनाओं ने रूसी सीमा से सैकड़ों किलोमीटर अंदर दो बेहद अहम सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया। यह हमला कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की उस 'लॉन्ग-रेंज सैंक्शन' रणनीति का हिस्सा था, जो रूस की युद्ध मशीनरी की तेल-रसद रीढ़ को तोड़ने के लिए बनाई गई है ।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ये कार्रवाइयां 'रूस के युद्ध समाप्त करने से इनकार करने' के जवाब में की गई 'यूक्रेन की दीर्घकालिक प्रतिबंधों की योजना' का हिस्सा हैं । उनके अनुसार, यूक्रेनी सेनाएं व्यवस्थित ढंग से रूस की सैन्य उद्योग, तेल बुनियादी ढांचे और आक्रमण को समर्थन देने वाली अन्य सुविधाओं को निशाना बना रही हैं
।
यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों ने सिर्फ रूसी तेल कंपनियों को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि कब्ज़े वाले इलाकों में बुनियादी ईंधन आपूर्ति को ही ध्वस्त कर दिया है। यह संकट जितना सैन्य हार का है, उतना ही नागरिक जीवन की कठिनाई का भी:
इस अभियान को केवल सैन्य नुकसान के बजाय एक 'लॉजिस्टिक लॉकडाउन' के रूप में भी देखा जा रहा है। यूक्रेन ने गहरी मार करने वाली मिसाइलों और ड्रोनों के इस संयुक्त उपयोग से रूस की तेल रिफाइनरियों और कब्जे वाले क्षेत्रों के डिपो दोनों को एक साथ निशाना बनाकर एक ऐसा ईंधन संकट खड़ा कर दिया है जो सीधे तौर पर वहां की जनता और रूसी सेना की रसद क्षमता को प्रभावित कर रहा है ।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
13 14 जून 2026 की रात यूक्रेनी सेना ने रूस के अंदर 700 km से अधिक दूर यारोस्लाव ओब्लास्ट में तेल डिपो और तुला ओब्लास्ट में अज़ोट केमिकल प्लांट को ड्रोन और तोड़फोड़ हमलों से ध्वस्त किया [5][6]।
13 14 जून 2026 की रात यूक्रेनी सेना ने रूस के अंदर 700 km से अधिक दूर यारोस्लाव ओब्लास्ट में तेल डिपो और तुला ओब्लास्ट में अज़ोट केमिकल प्लांट को ड्रोन और तोड़फोड़ हमलों से ध्वस्त किया [5][6]। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इन ऑपरेशनों को "रूस के खिलाफ यूक्रेन का दीर्घकालिक प्रतिबंधों का प्लान" करार दिया, जो रूस द्वारा युद्ध समाप्त करने से इनकार करने का सीधा जवाब है [2][5][20]।
यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों ने रूसी तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और आपूर्ति मार्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे अधिकृत क्रीमिया में 2014 के बाद का सबसे भयंकर ईंधन संकट उत्पन्न हुआ [1][10][21]।
Loading comments...
Comments
0 comments