AT&S ने इस विस्तार के लिए दो प्रमुख ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक (लॉन्ग-टर्म) समझौते किए हैं। पहली कंपनी है एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD), जो दुनिया की दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनियों में से एक है । दूसरी कंपनी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन AT&S ने इसे "एक और अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनी" बताया है ।
ये समझौते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग (HPC) चिप्स के लिए जरूरी हाई-एंड IC सब्सट्रेट की आपूर्ति से जुड़े हैं। IC सब्सट्रेट वह आधार होते हैं जो चिप को डेटा सेंटर, मोबाइल फोन या कारों जैसे सिस्टम से जोड़ते हैं ।
AT&S ने कुल 1.5 बिलियन यूरो से 2.0 बिलियन यूरो (लगभग 1.74–2.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर) के निवेश की योजना बनाई है । यह निवेश दो मुख्य स्थानों पर केंद्रित होगा:
इस पूरे निवेश को ग्राहकों की दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं से पूर्ण समर्थन प्राप्त है, हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये प्रतिबद्धताएं कुछ शर्तों के अधीन हैं ।
कंपनी ने अपने आगामी वित्त वर्ष के अनुमानों में बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां राजस्व वृद्धि और मार्जिन के अनुमान सीमित थे, वहीं अब नया मार्गदर्शन कुछ इस प्रकार है:
AT&S का यह विस्तार AI इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड पैकेजिंग टेक्नोलॉजीज की लगातार बढ़ती मांग से प्रेरित है । मलेशिया और चीन में क्षमता बढ़ाकर कंपनी तीन मुख्य लक्ष्य हासिल करना चाहती है:
AT&S के सीईओ डॉ. मिशेल मीरटिन (Michael Mertin) ने रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हम कुलिम में अपनी साइट का पूर्ण विस्तार करेंगे" । हालांकि, शानदार ग्रोथ और निवेश योजनाओं के बावजूद, कंपनी ने शेयरधारकों के लिए एक जरूरी लेकिन अलग संदेश भी दिया है।
AT&S ने वित्त वर्ष 2024/25 और 2025/26 दोनों के लिए डिविडेंड का भुगतान न करने का फैसला किया है । इसकी मुख्य वजह यह है कि वित्त वर्ष 2025/26 में नेट लेवल पर कंपनी अभी भी घाटे में रही (हालांकि EBITDA और ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा) । सीईओ मीरटिन ने संकेत दिया है कि कंपनी तभी दोबारा डिविडेंड देना शुरू करेगी जब लगातार मुनाफा सुनिश्चित हो जाएगा, और फिलहाल हर नकदी को विस्तार में पुनर्निवेश करना प्राथमिकता है ।