ईरान का पलटवार: अमेरिका ने भविष्य की फीस स्वीकार कर ली — 'सर्विस चार्ज' का नाम दिया गया।
तेहरान ने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि अंतिम समझौता होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सेवाओं पर ईरान और ओमान के संयुक्त अधिकार को मान्यता देता है, जिससे 60 दिनों की छूट अवधि के बाद राजस्व संग्रह का मार्ग प्रशस्त होता है । ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक अंतर स्पष्ट किया है: उसका कहना है कि वह "टोल" (कर) नहीं लगा रहा है, बल्कि एक नव-स्थापित होर्मुज पारगमन प्राधिकरण (Hormuz transit authority) के माध्यम से 'नेविगेशन सेवाओं' — जिसमें पायलटेज (जहाज़ को मार्गदर्शन), सुरक्षा और यातायात प्रबंधन शामिल है — के लिए शुल्क एकत्र कर रहा है
। मॉस्को में ईरान के राजदूत ने साफ तौर पर कहा कि जलडमरूमध्य "खुला रहेगा, लेकिन ईरानी और ओमानी अधिकारियों द्वारा निर्धारित नई शर्तों के साथ, जिनमें एक पारगमन शुल्क शामिल है"
। ईरानी राज्य मीडिया ने यह भी बताया कि एक मसौदा 14-सूत्रीय एमओयू में अमेरिकी नाकेबंदी को समाप्त करने और जलडमरूमध्य के लिए व्यवस्था करने के खंड शामिल हैं
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मूल टकराव।
यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं ने मोटे तौर पर इस समझौते का स्वागत किया, लेकिन उनका ध्यान जलमार्ग की सुरक्षा और इसमें यूरोप की भूमिका पर केंद्रित रहा।
जहाज़ मालिक कंपनियों (शिपर्स) ने सतर्क आशावाद के साथ प्रतिक्रिया दी, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि परिचालन तुरंत फिर से शुरू नहीं होगा।
ढाँचागत समझौता कागज़ पर सक्रिय शत्रुता को समाप्त करता है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलता है, लेकिन पारगमन शुल्क विवाद — अमेरिका का 'फ्री पैसेज' बनाम ईरान की '60 दिनों के बाद सर्विस फीस' — एक बड़ी अनसुलझी अस्पष्टता है। यूरोपीय शक्तियाँ सहायक हैं लेकिन जलमार्ग को सुरक्षित करने के लिए अपनी स्वयं की नौसैनिक क्षमता का निर्माण कर रही हैं। शिपिंग उद्योग तब तक इंतज़ार कर रहा है जब तक भौतिक सुरक्षा और बीमा की शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, जिसमें 40-50 दिन लग सकते हैं। परमाणु मुद्दा, जिसे जानबूझकर दूसरे चरण के लिए स्थगित कर दिया गया है, गहरी दीर्घकालिक अनिश्चितता बना हुआ है।