सोमवार, 15 जून, 2026 को शेल के शेयरों में प्री मार्केट ट्रेडिंग के दौरान 3% से अधिक की गिरावट आई, जिसकी मुख्य वजह अमेरिका ईरान शांति समझौते के बाद तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट थी। [1][4] इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद जागी, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 4.6% गिरकर $83.30 प्रति बैरल प...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What caused Shell shares to drop sharply in pre-market trading, and how do the U.S.-Iran peace deal, the resulting plunge in oil prices afte. Article summary: Shell shares fell sharply in pre-market trading on Monday, June 15, 2026, primarily because oil prices plunged after the US and Iran reached a peace deal to reopen the Strait of Hormuz, hitting oil-sector revenues and pr. Topic tags: general, general web, news, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "This oil stock stands out as traffic in the Strait of Hormuz remains halted. Despite the dual blockades by both Iran and the US currently roiling the Strait of Hormuz — the most si" source context "Even if an Iran deal calms energy markets, one oil stock can still ..." Reference image 2: visual subject "Sto
15 जून, 2026 को प्री-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान शेल के शेयरों में आई भारी गिरावट के पीछे कई कारणों का मिलाजुला असर था। सबसे बड़ी वजह रही अमेरिका और ईरान के बीच हुआ ऐतिहासिक शांति समझौता, जिसके बाद तेल की कीमतों में ज़बरदस्त गिरावट आई। इसके अलावा, शेल के अपने ही एक अहम फैसले—3 बिलियन डॉलर के शेयर बायबैक प्रोग्राम पर रोक—ने भी इस गिरावट को बढ़ाने का काम किया।
तेल की कीमतों में भूचाल: अमेरिका-ईरान शांति समझौता
15 जून को राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के उप विदेश मंत्री ने एक अंतरिम शांति समझौते की घोषणा की, जिसका मकसद 15 हफ़्ते से चल रहे युद्ध को खत्म करना और दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य, को फिर से जहाज़ों के लिए खोलना था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "दुनिया के जहाज़ों, अपने इंजन चालू करो। तेल बहने दो!"
इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में हड़कंप मच गया। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत लगभग 4.6% गिरकर करीब $83.30 प्रति बैरल पर आ गई। अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी लगभग इतनी ही गिरावट के साथ $80.41 प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।
शेल जैसी बड़ी तेल कंपनी के लिए, जिसके राजस्व का अहम हिस्सा तेल की खोज और उत्पादन (अपस्ट्रीम सेक्टर) से आता है, कीमतों में ऐसी गिरावट का मतलब साफ है कि आने वाले समय में कमाई और नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) पर दबाव बनेगा।
पूरे ऊर्जा क्षेत्र में बिकवाली का दबाव
तेल की कीमतों में आई इस गिरावट ने पूरी दुनिया के एनर्जी शेयरों को प्री-मार्केट ट्रेडिंग में धराशायी कर दिया। शेल के शेयर 3% से अधिक टूटे, वहीं दूसरी दिग्गज कंपनियों का हाल और भी बुरा रहा। टोटलएनर्जी और इक्विनोर के शेयर 4% से अधिक, बीपी के 3.7%, और एक्सॉन मोबिल व शेवरॉन के शेयर 2% से अधिक गिर गए।
कंपनी का अपना फैसला: $3 बिलियन का बायबैक प्रोग्राम रोका गया
शेल के लिए, इस बाज़ारी आपदा में एक और कंपनी-विशिष्ट कारण जुड़ गया। 12 जून, 2026 (पिछले शुक्रवार) को कंपनी ने घोषणा की थी कि वह अपने 3 बिलियन डॉलर के शेयर बायबैक प्रोग्राम को 12 जून से 14 जुलाई, 2026 तक के लिए निलंबित कर रही है।
यह फैसला कनाडा की प्राकृतिक गैस उत्पादक कंपनी ARC रिसोर्सेज के 16.4 बिलियन डॉलर के अधिग्रहण से जुड़ी नियामकीय ज़रूरतों के कारण लिया गया। चूंकि ARC के शेयरधारक 14 जुलाई को इस सौदे पर मतदान करने वाले थे, इसलिए सिक्योरिटीज़ कानूनों के तहत शेल को अपने बायबैक पर रोक लगानी पड़ी। इस रोक का नकारात्मक असर यह हुआ कि ठीक उसी समय जब बाजार में भारी गिरावट आ रही थी, शेयरों को सहारा देने वाला एक बड़ा सपोर्ट खत्म हो गया।
व्यापक बाजार में रैली और निवेश का रुख बदलना
मज़ेदार बात यह है कि जहां तेल कंपनियों के शेयर गिर रहे थे, वहीं दुनिया भर के बाकी बाजारों में जबरदस्त तेज़ी देखने को मिली। शांति समझौते की खबर से भू-राजनीतिक जोखिम कम होने के कारण इक्विटी और बॉन्ड बाजार उछल पड़े। निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले एनर्जी स्टॉक्स से पैसा निकाला और इसे दूसरे चक्रीय (साइक्लिकल) और जोखिम-भरे परिसंपत्तियों में लगाना शुरू कर दिया। पूंजी के इस बहाव ने शेल और दूसरे ऑयल स्टॉक्स पर दबाव को और गहरा कर दिया।
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सोमवार, 15 जून, 2026 को शेल के शेयरों में प्री मार्केट ट्रेडिंग के दौरान 3% से अधिक की गिरावट आई, जिसकी मुख्य वजह अमेरिका ईरान शांति समझौते के बाद तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट थी। [1][4]
सोमवार, 15 जून, 2026 को शेल के शेयरों में प्री मार्केट ट्रेडिंग के दौरान 3% से अधिक की गिरावट आई, जिसकी मुख्य वजह अमेरिका ईरान शांति समझौते के बाद तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट थी। [1][4] इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद जागी, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 4.6% गिरकर $83.30 प्रति बैरल पर आ गई, जिसका सीधा असर शेल जैसी बड़ी तेल कंपनियों की कमाई के अनुमानों पर पड़ा। [4][5]
कंपनी विशिष्ट कारणों में, शेल ने अपने ARC रिसोर्सेज के अधिग्रहण से जुड़े $3 बिलियन के शेयर बायबैक प्रोग्राम को 12 जून से 14 जुलाई तक के लिए रोक दिया, जिससे शेयरों को समर्थन देने वाला एक अहम फैक्टर हट गया। [3][6]