2000 बेकार पड़े Pixel फोन अब बनेंगे एक दमदार कंप्यूटिंग क्लस्टर, जो नए सर्वरों को देगा टक्कर
स्ट्रिप किए गए Pixel मदरबोर्ड से बना 2000 फोन का क्लस्टर, बिना किसी नई चिप के 40–80 आधुनिक सर्वरों के बराबर कंप्यूट पावर देने की उम्मीद है और Fall 2026 से UC San Diego में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होगा।... प्रक्रिया में केवल मदरबोर्ड निकाला जाता है, जिसमें फोन के निर्माण का लगभग 50% कार्बन फुटप्रिंट ह...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
स्ट्रिप किए गए Pixel मदरबोर्ड से बना 2000 फोन का क्लस्टर, बिना किसी नई चिप के 40–80 आधुनिक सर्वरों के बराबर कंप्यूट पावर देने की उम्मीद है और Fall 2026 से UC San Diego में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होगा।...
प्रक्रिया में केवल मदरबोर्ड निकाला जाता है, जिसमें फोन के निर्माण का लगभग 50% कार्बन फुटप्रिंट होता है, फिर Android की जगह लिनक्स इंस्टॉल कर Kubernetes और Docker से पूरे क्लस्टर को एक सिस्टम की तरह चलाया जाता है। [1][...
प्रदर्शन बेंचमार्क बताते हैं कि 25–50 फोन मदरबोर्ड एक आधुनिक सर्वर की SPEC थ्रूपुट की बराबरी कर लेते हैं, और एक शुरुआती 20 फोन के टेस्ट क्लस्टर ने 75 छात्रों की क्लास की ग्रेडिंग एक छोटे क्लाउड सर्वर से भी तेजी से कर...
What is Google and UC San Diego's "phone cluster computing" project announced in June 2026, including how it repurposes 2,000 retired PixelA conceptual rendering of the 2,000-phone cluster: stripped-down Pixel motherboards working together as a cloud computing platform at UC San Diego.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is Google and UC San Diego's "phone cluster computing" project announced in June 2026, including how it repurposes 2,000 retired Pixel. Article summary: On June 12, 2026, Google Research and UC San Diego announced a "phone cluster computing" project that repurposes 2,000 retired Pixel phones into a working cloud computing platform, with deployment planned for Fall 2026 a. Topic tags: general, education, academic, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "## The old phones in your junk drawer can rival the performance of traditional cloud-based resources, and are environmentally friendly to boot. Just because a newer model was relea" source context "One Man's Trash Is Another Man's Compute Cluster" Reference image 2: visual subject "The blog st
openai.com
12 जून, 2026 को, Google Research और UC San Diego ने एक अनोखे कंप्यूटिंग प्रयोग की घोषणा की: 2,000 रिटायर्ड Pixel स्मार्टफोन से बना एक डेटा सेंटर । "जंकयार्ड कंप्यूटिंग" (Junkyard Computing) नामक एक व्यापक शोध प्रयास का हिस्सा यह प्रोजेक्ट, पुराने फोनों को खोलकर उनके मदरबोर्ड निकालता है और उन्हें एक साथ जोड़कर एक कामकाजी क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म का रूप देता है। इन उपकरणों को दराजों में धूल खाने या सीधे रिसाइक्लिंग में भेजने के बजाय, टीम यह साबित करना चाहती है कि उपभोक्ता डिवाइस अपने मोबाइल जीवन के खत्म होने के बाद भी सार्थक कंप्यूट पावर प्रदान कर सकते हैं।
यह क्लस्टर Fall 2026 में UC San Diego में तैनात किया जाएगा, जहाँ यह वास्तविक कंप्यूटर साइंस कोर्सवर्क के लिए काम करेगा और डेटा सेंटर जैसे लगातार काम के बोझ के तहत उपभोक्ता हार्डवेयर की विश्वसनीयता का अध्ययन करने के लिए एक टेस्टबेड (परीक्षण केंद्र) के रूप में भी काम करेगा ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"2000 बेकार पड़े Pixel फोन अब बनेंगे एक दमदार कंप्यूटिंग क्लस्टर, जो नए सर्वरों को देगा टक्कर" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
स्ट्रिप किए गए Pixel मदरबोर्ड से बना 2000 फोन का क्लस्टर, बिना किसी नई चिप के 40–80 आधुनिक सर्वरों के बराबर कंप्यूट पावर देने की उम्मीद है और Fall 2026 से UC San Diego में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होगा।...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
स्ट्रिप किए गए Pixel मदरबोर्ड से बना 2000 फोन का क्लस्टर, बिना किसी नई चिप के 40–80 आधुनिक सर्वरों के बराबर कंप्यूट पावर देने की उम्मीद है और Fall 2026 से UC San Diego में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होगा।... प्रक्रिया में केवल मदरबोर्ड निकाला जाता है, जिसमें फोन के निर्माण का लगभग 50% कार्बन फुटप्रिंट होता है, फिर Android की जगह लिनक्स इंस्टॉल कर Kubernetes और Docker से पूरे क्लस्टर को एक सिस्टम की तरह चलाया जाता है। [1][...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
प्रदर्शन बेंचमार्क बताते हैं कि 25–50 फोन मदरबोर्ड एक आधुनिक सर्वर की SPEC थ्रूपुट की बराबरी कर लेते हैं, और एक शुरुआती 20 फोन के टेस्ट क्लस्टर ने 75 छात्रों की क्लास की ग्रेडिंग एक छोटे क्लाउड सर्वर से भी तेजी से कर...
2000 बेकार पड़े Pixel फोन अब बनेंगे एक दमदार कंप्यूटिंग क्लस्टर, जो नए सर्वरों को देगा टक्कर
स्ट्रिप किए गए Pixel मदरबोर्ड से बना 2000 फोन का क्लस्टर, बिना किसी नई चिप के 40–80 आधुनिक सर्वरों के बराबर कंप्यूट पावर देने की उम्मीद है और Fall 2026 से UC San Diego में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होगा।... प्रक्रिया में केवल मदरबोर्ड निकाला जाता है, जिसमें फोन के निर्माण का लगभग 50% कार्बन फुटप्रिंट ह...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
स्ट्रिप किए गए Pixel मदरबोर्ड से बना 2000 फोन का क्लस्टर, बिना किसी नई चिप के 40–80 आधुनिक सर्वरों के बराबर कंप्यूट पावर देने की उम्मीद है और Fall 2026 से UC San Diego में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होगा।...
प्रक्रिया में केवल मदरबोर्ड निकाला जाता है, जिसमें फोन के निर्माण का लगभग 50% कार्बन फुटप्रिंट होता है, फिर Android की जगह लिनक्स इंस्टॉल कर Kubernetes और Docker से पूरे क्लस्टर को एक सिस्टम की तरह चलाया जाता है। [1][...
प्रदर्शन बेंचमार्क बताते हैं कि 25–50 फोन मदरबोर्ड एक आधुनिक सर्वर की SPEC थ्रूपुट की बराबरी कर लेते हैं, और एक शुरुआती 20 फोन के टेस्ट क्लस्टर ने 75 छात्रों की क्लास की ग्रेडिंग एक छोटे क्लाउड सर्वर से भी तेजी से कर...
What is Google and UC San Diego's "phone cluster computing" project announced in June 2026, including how it repurposes 2,000 retired PixelA conceptual rendering of the 2,000-phone cluster: stripped-down Pixel motherboards working together as a cloud computing platform at UC San Diego.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is Google and UC San Diego's "phone cluster computing" project announced in June 2026, including how it repurposes 2,000 retired Pixel. Article summary: On June 12, 2026, Google Research and UC San Diego announced a "phone cluster computing" project that repurposes 2,000 retired Pixel phones into a working cloud computing platform, with deployment planned for Fall 2026 a. Topic tags: general, education, academic, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "## The old phones in your junk drawer can rival the performance of traditional cloud-based resources, and are environmentally friendly to boot. Just because a newer model was relea" source context "One Man's Trash Is Another Man's Compute Cluster" Reference image 2: visual subject "The blog st
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12 जून, 2026 को, Google Research और UC San Diego ने एक अनोखे कंप्यूटिंग प्रयोग की घोषणा की: 2,000 रिटायर्ड Pixel स्मार्टफोन से बना एक डेटा सेंटर । "जंकयार्ड कंप्यूटिंग" (Junkyard Computing) नामक एक व्यापक शोध प्रयास का हिस्सा यह प्रोजेक्ट, पुराने फोनों को खोलकर उनके मदरबोर्ड निकालता है और उन्हें एक साथ जोड़कर एक कामकाजी क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म का रूप देता है। इन उपकरणों को दराजों में धूल खाने या सीधे रिसाइक्लिंग में भेजने के बजाय, टीम यह साबित करना चाहती है कि उपभोक्ता डिवाइस अपने मोबाइल जीवन के खत्म होने के बाद भी सार्थक कंप्यूट पावर प्रदान कर सकते हैं।
यह क्लस्टर Fall 2026 में UC San Diego में तैनात किया जाएगा, जहाँ यह वास्तविक कंप्यूटर साइंस कोर्सवर्क के लिए काम करेगा और डेटा सेंटर जैसे लगातार काम के बोझ के तहत उपभोक्ता हार्डवेयर की विश्वसनीयता का अध्ययन करने के लिए एक टेस्टबेड (परीक्षण केंद्र) के रूप में भी काम करेगा ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"2000 बेकार पड़े Pixel फोन अब बनेंगे एक दमदार कंप्यूटिंग क्लस्टर, जो नए सर्वरों को देगा टक्कर" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
स्ट्रिप किए गए Pixel मदरबोर्ड से बना 2000 फोन का क्लस्टर, बिना किसी नई चिप के 40–80 आधुनिक सर्वरों के बराबर कंप्यूट पावर देने की उम्मीद है और Fall 2026 से UC San Diego में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होगा।...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
स्ट्रिप किए गए Pixel मदरबोर्ड से बना 2000 फोन का क्लस्टर, बिना किसी नई चिप के 40–80 आधुनिक सर्वरों के बराबर कंप्यूट पावर देने की उम्मीद है और Fall 2026 से UC San Diego में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होगा।... प्रक्रिया में केवल मदरबोर्ड निकाला जाता है, जिसमें फोन के निर्माण का लगभग 50% कार्बन फुटप्रिंट होता है, फिर Android की जगह लिनक्स इंस्टॉल कर Kubernetes और Docker से पूरे क्लस्टर को एक सिस्टम की तरह चलाया जाता है। [1][...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
प्रदर्शन बेंचमार्क बताते हैं कि 25–50 फोन मदरबोर्ड एक आधुनिक सर्वर की SPEC थ्रूपुट की बराबरी कर लेते हैं, और एक शुरुआती 20 फोन के टेस्ट क्लस्टर ने 75 छात्रों की क्लास की ग्रेडिंग एक छोटे क्लाउड सर्वर से भी तेजी से कर...
एक रिटायर्ड Pixel फोन को क्लस्टर नोड में बदलना, हार्डवेयर को प्राथमिकता देने वाली एक हाथों-हाथ प्रक्रिया है। इसका लक्ष्य, कंप्यूटिंग के लिए जरूरी चीजों को अलग करना और सर्वर ऑपरेशन के लिए अनावश्यक सभी चीजों को हटाना है।
हार्डवेयर स्ट्रिपिंग: कर्मचारी हर फोन को खोलकर उसकी डिस्प्ले, बैटरी, कैमरा और बाहरी कवर हटा देते हैं । बचता है सिर्फ मदरबोर्ड, जिसमें प्रोसेसर, मेमोरी और स्टोरेज होते हैं—कंप्यूटेशन के लिए जरूरी एकमात्र घटक।
कार्बन का तर्क: मदरबोर्ड पर यह फोकस यूं ही नहीं है। गूगल के अनुसार, एक फोन के निर्माण का लगभग 50% कार्बन फुटप्रिंट अकेले मदरबोर्ड में ही समाया होता है। इसे दोबारा इस्तेमाल करने से सबसे ज्यादा कार्बन मूल्य बचता है और बाकी चीजों को छोड़ा जा सकता है ।
ऑपरेटिंग सिस्टम बदलना: फोन से अनावश्यक भौतिक हिस्से हटने के बाद, एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम को साफ करके एक सामान्य-उद्देश्यीय लिनक्स डिस्ट्रीब्यूशन (Linux distribution) इंस्टॉल किया जाता है। इससे मोबाइल की सारी सीमाएं खत्म हो जाती हैं और डिवाइस किसी भी स्टैंडर्ड लिनक्स मशीन की तरह काम करने लगता है ।
ऑर्केस्ट्रेशन: लिनक्स पर चलने के बाद, हर मदरबोर्ड को कंटेनरीकृत (containerized) किया जाता है और Kubernetes व Docker का उपयोग करके एक एकीकृत क्लस्टर के हिस्से के रूप में प्रबंधित किया जाता है । यह सॉफ्टवेयर स्टैक सर्वरलेस वर्कलोड और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग एप्लिकेशन, दोनों को फोन क्लस्टर पर चलाने में सक्षम बनाता है ।
यह तरीका कई वर्षों के पूर्व शोध पर आधारित है। "Renée" नामक एक पुराने प्रोटोटाइप ने, फंक्शन-ए-ए-सर्विस (FaaS) क्षमताएं प्रदान करने के लिए इस्तेमाल किए गए फोनों के एक छोटे क्लस्टर पर Android की जगह Ubuntu Touch इंस्टॉल किया था, जिससे इस विचार की व्यापक व्यवहार्यता साबित हुई ।
प्रदर्शन: पुराने फोन, नए सर्वर के समकक्ष
अपनी उम्र के बावजूद, स्ट्रिप-डाउन फोन आश्चर्यजनक कंप्यूट घनत्व (compute density) प्रदान करते हैं। प्रोजेक्ट थ्रूपुट मापने के लिए SPEC बेंचमार्क का उपयोग करता है, और परिणाम एक स्पष्ट समानता प्रदान करते हैं।
SPEC बेंचमार्क के अनुसार, 25–50 फोन मदरबोर्ड एक आधुनिक सर्वर के कंप्यूट प्रदर्शन की बराबरी कर लेते हैं। इस अनुपात से अनुमान लगाते हुए, पूरे 2,000 फोन के क्लस्टर से बिना कोई नई चिप बनाए लगभग 40–80 सर्वरों के बराबर की कंप्यूट पावर मिलने की उम्मीद है ।
वास्तविक दुनिया के परीक्षण ने पहले ही इस अवधारणा को मान्य कर दिया है। एक शुरुआती 20-फोन के परीक्षण क्लस्टर ने 75 छात्रों की क्लास की ग्रेडिंग एक छोटे क्लाउड सर्वर से भी तेजी से कर दी, यह दिखाते हुए कि यह तरीका तत्कालिक, व्यावहारिक कार्यों के लिए काम करता है । पिछले शोध में यह भी पाया गया कि सेवामुक्त स्मार्टफोनों का एक छोटा क्लस्टर, सिंथेटिक वर्कलोड वाले बेंचमार्किंग सूट चलाते समय पारंपरिक क्लाउड कंप्यूटिंग की तुलना में काफी कम कार्बन फुटप्रिंट पर, एक नए सर्वर के प्रदर्शन की बराबरी और कभी-कभी उससे बेहतर प्रदर्शन भी कर सकता है ।
स्थिरता का पहलू: कार्बन, ई-कचरा और एक नया मीट्रिक
परियोजना का पर्यावरणीय तर्क तीन स्तंभों पर टिका है: अंतर्निहित कार्बन (embodied carbon) को कम करना, ई-कचरे में कटौती, और एक नए मीट्रिक के साथ लेन-देन को मापना।
अंतर्निहित कार्बन: नए सर्वरों के निर्माण में फैक्ट्री स्तर पर काफी कार्बन लागत आती है। ऐसे हार्डवेयर का पुन: उपयोग करके जो अभी भी उपयोगी कंप्यूट क्षमता रखता है, परियोजना सीधे तौर पर नए उपकरणों के उत्पादन की आवश्यकता को कम करती है ।
ई-कचरे में कमी: स्मार्टफोन अक्सर दराजों में बेकार पड़े रहते हैं या रिसाइक्लिंग के लिए काट दिए जाते हैं, जबकि उनके प्रोसेसर अभी भी पूरी तरह से काम करते हैं। जंकयार्ड कंप्यूटिंग प्रोजेक्ट इन उपकरणों के उपयोगी जीवन को बढ़ाता है, कार्यात्मक सिलिकॉन को उसके सामान्य मोबाइल जीवनकाल से परे वर्षों तक सेवा में रखता है । पहले के शोध में कहा गया है कि स्मार्टफोन प्रोसेसर डेटा सेंटर की स्थितियों में कम से कम छह साल तक विश्वसनीय रूप से चल सकते हैं ।
कम्प्यूटेशनल कार्बन इंटेंसिटी (CCI): इन लेन-देन को मापने योग्य बनाने के लिए, शोध टीम ने "कम्प्यूटेशनल कार्बन इंटेंसिटी" (Computational Carbon Intensity) पेश किया। CCI एक प्रदर्शन मीट्रिक है जो पुराने उपकरणों की निरंतर सेवा को नए उपकरणों के निर्माण की अत्यधिक रैखिक कार्बन लागत (superlinear carbon cost) के विरुद्ध संतुलित करता है, जो यह तय करने का एक ढांचा प्रदान करता है कि पुन: उपयोग कब पर्यावरणीय रूप से सार्थक है ।
इस साल क्या होगा: UC San Diego में तैनाती
2,000 फोन का क्लस्टर सिर्फ एक लैब प्रोटोटाइप नहीं है—इसका Fall 2026 से एक विश्वविद्यालय परिसर में एक ठोस मिशन है।
कोर्सवर्क: यह क्लस्टर UC San Diego में वास्तविक कंप्यूटर साइंस कक्षाओं को चलाएगा, जिसमें पैरेलल कम्प्यूटेशन (Parallel Computation) और सिस्टम प्रोग्रामिंग (Systems Programming) के कोर्स शामिल हैं । छात्र उपभोक्ता हार्डवेयर से बने एक वितरित सिस्टम के साथ बातचीत करेंगे और उस पर प्रोग्रामिंग करेंगे, जिससे उन्हें बड़े पैमाने पर क्लस्टर का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
विश्वसनीयता अनुसंधान: कोर्सवर्क से परे, यह तैनाती एक दीर्घकालिक विश्वसनीयता अध्ययन के रूप में भी दोगुना काम करती है। शोध टीम यह देखेगी कि उपभोक्ता-ग्रेड के फोन मदरबोर्ड डेटा सेंटर जैसे लगातार, पूर्ण-लोड उपयोग पैटर्न के तहत कैसे टिकते हैं । ये निष्कर्ष इस बात को प्रभावित कर सकते हैं कि कंपनियां और संस्थान, इस्तेमाल किए गए लेकिन फिर भी सक्षम उपकरणों की विशाल, बढ़ती आपूर्ति का किस तरह से व्यवहार करें।
kastner.ucsd.edu
[PDF] Junkyard Computing: Repurposing Discarded Smartphones for ...
एक रिटायर्ड Pixel फोन को क्लस्टर नोड में बदलना, हार्डवेयर को प्राथमिकता देने वाली एक हाथों-हाथ प्रक्रिया है। इसका लक्ष्य, कंप्यूटिंग के लिए जरूरी चीजों को अलग करना और सर्वर ऑपरेशन के लिए अनावश्यक सभी चीजों को हटाना है।
हार्डवेयर स्ट्रिपिंग: कर्मचारी हर फोन को खोलकर उसकी डिस्प्ले, बैटरी, कैमरा और बाहरी कवर हटा देते हैं । बचता है सिर्फ मदरबोर्ड, जिसमें प्रोसेसर, मेमोरी और स्टोरेज होते हैं—कंप्यूटेशन के लिए जरूरी एकमात्र घटक।
कार्बन का तर्क: मदरबोर्ड पर यह फोकस यूं ही नहीं है। गूगल के अनुसार, एक फोन के निर्माण का लगभग 50% कार्बन फुटप्रिंट अकेले मदरबोर्ड में ही समाया होता है। इसे दोबारा इस्तेमाल करने से सबसे ज्यादा कार्बन मूल्य बचता है और बाकी चीजों को छोड़ा जा सकता है ।
ऑपरेटिंग सिस्टम बदलना: फोन से अनावश्यक भौतिक हिस्से हटने के बाद, एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम को साफ करके एक सामान्य-उद्देश्यीय लिनक्स डिस्ट्रीब्यूशन (Linux distribution) इंस्टॉल किया जाता है। इससे मोबाइल की सारी सीमाएं खत्म हो जाती हैं और डिवाइस किसी भी स्टैंडर्ड लिनक्स मशीन की तरह काम करने लगता है ।
ऑर्केस्ट्रेशन: लिनक्स पर चलने के बाद, हर मदरबोर्ड को कंटेनरीकृत (containerized) किया जाता है और Kubernetes व Docker का उपयोग करके एक एकीकृत क्लस्टर के हिस्से के रूप में प्रबंधित किया जाता है । यह सॉफ्टवेयर स्टैक सर्वरलेस वर्कलोड और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग एप्लिकेशन, दोनों को फोन क्लस्टर पर चलाने में सक्षम बनाता है ।
यह तरीका कई वर्षों के पूर्व शोध पर आधारित है। "Renée" नामक एक पुराने प्रोटोटाइप ने, फंक्शन-ए-ए-सर्विस (FaaS) क्षमताएं प्रदान करने के लिए इस्तेमाल किए गए फोनों के एक छोटे क्लस्टर पर Android की जगह Ubuntu Touch इंस्टॉल किया था, जिससे इस विचार की व्यापक व्यवहार्यता साबित हुई ।
प्रदर्शन: पुराने फोन, नए सर्वर के समकक्ष
अपनी उम्र के बावजूद, स्ट्रिप-डाउन फोन आश्चर्यजनक कंप्यूट घनत्व (compute density) प्रदान करते हैं। प्रोजेक्ट थ्रूपुट मापने के लिए SPEC बेंचमार्क का उपयोग करता है, और परिणाम एक स्पष्ट समानता प्रदान करते हैं।
SPEC बेंचमार्क के अनुसार, 25–50 फोन मदरबोर्ड एक आधुनिक सर्वर के कंप्यूट प्रदर्शन की बराबरी कर लेते हैं। इस अनुपात से अनुमान लगाते हुए, पूरे 2,000 फोन के क्लस्टर से बिना कोई नई चिप बनाए लगभग 40–80 सर्वरों के बराबर की कंप्यूट पावर मिलने की उम्मीद है ।
वास्तविक दुनिया के परीक्षण ने पहले ही इस अवधारणा को मान्य कर दिया है। एक शुरुआती 20-फोन के परीक्षण क्लस्टर ने 75 छात्रों की क्लास की ग्रेडिंग एक छोटे क्लाउड सर्वर से भी तेजी से कर दी, यह दिखाते हुए कि यह तरीका तत्कालिक, व्यावहारिक कार्यों के लिए काम करता है । पिछले शोध में यह भी पाया गया कि सेवामुक्त स्मार्टफोनों का एक छोटा क्लस्टर, सिंथेटिक वर्कलोड वाले बेंचमार्किंग सूट चलाते समय पारंपरिक क्लाउड कंप्यूटिंग की तुलना में काफी कम कार्बन फुटप्रिंट पर, एक नए सर्वर के प्रदर्शन की बराबरी और कभी-कभी उससे बेहतर प्रदर्शन भी कर सकता है ।
स्थिरता का पहलू: कार्बन, ई-कचरा और एक नया मीट्रिक
परियोजना का पर्यावरणीय तर्क तीन स्तंभों पर टिका है: अंतर्निहित कार्बन (embodied carbon) को कम करना, ई-कचरे में कटौती, और एक नए मीट्रिक के साथ लेन-देन को मापना।
अंतर्निहित कार्बन: नए सर्वरों के निर्माण में फैक्ट्री स्तर पर काफी कार्बन लागत आती है। ऐसे हार्डवेयर का पुन: उपयोग करके जो अभी भी उपयोगी कंप्यूट क्षमता रखता है, परियोजना सीधे तौर पर नए उपकरणों के उत्पादन की आवश्यकता को कम करती है ।
ई-कचरे में कमी: स्मार्टफोन अक्सर दराजों में बेकार पड़े रहते हैं या रिसाइक्लिंग के लिए काट दिए जाते हैं, जबकि उनके प्रोसेसर अभी भी पूरी तरह से काम करते हैं। जंकयार्ड कंप्यूटिंग प्रोजेक्ट इन उपकरणों के उपयोगी जीवन को बढ़ाता है, कार्यात्मक सिलिकॉन को उसके सामान्य मोबाइल जीवनकाल से परे वर्षों तक सेवा में रखता है । पहले के शोध में कहा गया है कि स्मार्टफोन प्रोसेसर डेटा सेंटर की स्थितियों में कम से कम छह साल तक विश्वसनीय रूप से चल सकते हैं ।
कम्प्यूटेशनल कार्बन इंटेंसिटी (CCI): इन लेन-देन को मापने योग्य बनाने के लिए, शोध टीम ने "कम्प्यूटेशनल कार्बन इंटेंसिटी" (Computational Carbon Intensity) पेश किया। CCI एक प्रदर्शन मीट्रिक है जो पुराने उपकरणों की निरंतर सेवा को नए उपकरणों के निर्माण की अत्यधिक रैखिक कार्बन लागत (superlinear carbon cost) के विरुद्ध संतुलित करता है, जो यह तय करने का एक ढांचा प्रदान करता है कि पुन: उपयोग कब पर्यावरणीय रूप से सार्थक है ।
इस साल क्या होगा: UC San Diego में तैनाती
2,000 फोन का क्लस्टर सिर्फ एक लैब प्रोटोटाइप नहीं है—इसका Fall 2026 से एक विश्वविद्यालय परिसर में एक ठोस मिशन है।
कोर्सवर्क: यह क्लस्टर UC San Diego में वास्तविक कंप्यूटर साइंस कक्षाओं को चलाएगा, जिसमें पैरेलल कम्प्यूटेशन (Parallel Computation) और सिस्टम प्रोग्रामिंग (Systems Programming) के कोर्स शामिल हैं । छात्र उपभोक्ता हार्डवेयर से बने एक वितरित सिस्टम के साथ बातचीत करेंगे और उस पर प्रोग्रामिंग करेंगे, जिससे उन्हें बड़े पैमाने पर क्लस्टर का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
विश्वसनीयता अनुसंधान: कोर्सवर्क से परे, यह तैनाती एक दीर्घकालिक विश्वसनीयता अध्ययन के रूप में भी दोगुना काम करती है। शोध टीम यह देखेगी कि उपभोक्ता-ग्रेड के फोन मदरबोर्ड डेटा सेंटर जैसे लगातार, पूर्ण-लोड उपयोग पैटर्न के तहत कैसे टिकते हैं । ये निष्कर्ष इस बात को प्रभावित कर सकते हैं कि कंपनियां और संस्थान, इस्तेमाल किए गए लेकिन फिर भी सक्षम उपकरणों की विशाल, बढ़ती आपूर्ति का किस तरह से व्यवहार करें।
kastner.ucsd.edu
[PDF] Junkyard Computing: Repurposing Discarded Smartphones for ...