पुर्तगाल ऊर्जा उद्देश्यों के लिए इस विस्तारित राष्ट्रीय छूट धारा को सक्रिय करने वाला पहला देश बन गया। 6 जून, 2026 को यूरोपीय आयोग ने औपचारिक रूप से सिफारिश की कि पुर्तगाल को इस तंत्र का उपयोग करने की अनुमति दी जाए। गौरतलब है कि पुर्तगाल ने रक्षा खरीद के लिए SAFE (Security Action for Europe) योजना के तहत पहले ही 5.8 बिलियन यूरो के यूरोपीय संघ के ऋण का अनुरोध किया था । पुर्तगाल का यह कदम एक 'टेस्ट केस' बन गया जिसने सदस्य देशों के बीच गहरी असहमतियों को उजागर कर दिया।
10 जून, 2026 को यूरोपीय राजकोषीय बोर्ड (EFB) — यूरोपीय संघ की स्वतंत्र राजकोषीय निगरानी संस्था — ने आयोग के इस कदम की सार्वजनिक रूप से कड़ी आलोचना की ।
EFB के अध्यक्ष पीटर हसेकैंप ने तीखा प्रहार करते हुए कहा:
"ऊर्जा का झटका वास्तविक है, लेकिन इसके लिए प्रोत्साहन (stimulus) की नहीं, बल्कि बदलाव (transformation) की जरूरत है।"
बोर्ड ने चेतावनी दी कि महामारी के दौर की गलतियों को न दोहराया जाए, जब व्यापक राजकोषीय समर्थन ने संरचनात्मक सुधारों के बिना ही कर्ज बढ़ा दिया था। EFB का तर्क था कि रक्षा के लिए बनी छूट को ऊर्जा खर्च तक बढ़ाने से स्थायी राजकोषीय ढील सामान्य होने और नए वित्तीय नियमों की विश्वसनीयता खतरे में पड़ने का जोखिम है ।
यूरोग्रुप में यह मतभेद एक गंभीर आर्थिक और भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि में सामने आया:
संक्षेप में, फ्रांस और नीदरलैंड्स, जो स्वयं अत्यधिक घाटे की प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं, ने राजकोषीय अनुशासन के आधार पर इस ऊर्जा छूट का विरोध किया। EFB ने आगाह किया कि इससे महामारी काल जैसी गलतियां दोहराई जा सकती हैं। पुर्तगाल इस तंत्र को सक्रिय करने वाला पहला देश बना। यह पूरा विवाद तीनहरे संकट के बीच है: होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी, ECB की ब्याज दरों में बढ़ोतरी, और IMF द्वारा यूरोजोन की विकास दर 0.9% रहने का अनुमान। सबसे बड़ी बात, 18-19 जून को होने वाली यूरोपीय परिषद की महत्वपूर्ण बजट वार्ता सिर पर है।
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