सोने के बाजार में इस हफ्ते काफी नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला।
5 जून को आए मजबूत अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों के बाद यह उम्मीद मजबूत हुई कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व या फेड) ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रखेगा। इससे दबाव में आकर सोना 2023 के बाद पहली बार अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज (200-DMA) से नीचे बंद हुआ । 11 जून तक, सोने का वायदा भाव गिरकर $4,046.20 प्रति औंस के छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया
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सिटीग्रुप (Citi) ने अपना निकट अवधि का रुख मंदी वाला रखा और सोने के लिए अपना 3-महीने का मूल्य लक्ष्य $4,300/औंस से घटाकर $4,000/औंस कर दिया, और चेतावनी दी कि निकट भविष्य में कीमतों के ऊपर जाने की संभावनाएं सीमित हैं ।
दूसरी ओर, जेपी मॉर्गन (J.P. Morgan) ने, मांग में नरमी को देखते हुए, 2026 के लिए अपने औसत सोने के अनुमान को $5,708/औंस से घटाकर $5,243/औंस कर दिया। लेकिन बैंक ने अपना तेजड़िया दीर्घकालिक रुख बनाए रखा और साल के अंत तक सोने के $6,000/औंस के करीब पहुंचने का अनुमान दोहराया। बैंक का मानना है कि 2026 की दूसरी छमाही में मांग फिर से तेज होगी । जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि 2026 की चौथी तिमाही तक सोना $6,000/औंस पर और 2027 में इसके $6,300/औंस तक पहुंचने की संभावना है
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कमोडिटी बाजार अभी दो शक्तिशाली और विरोधी धाराओं के बीच फंसा हुआ है:
यह स्थिति दर्शाती है कि एक ही वैश्विक घटना के चलते अलग-अलग कमोडिटी क्षेत्रों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, जो पूरे बाजार के दृष्टिकोण को बेहद अनिश्चित और अचानक उलटफेर के प्रति संवेदनशील बनाए रखता है।
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