NOAA ने 11 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर अल नीनो की स्थिति घोषित कर दी, जिसके 'सुपर अल नीनो' में बदलने की आशंका है। प्रशांत महासागर ने कुछ ही महीनों में ला नीना से अल नीनो की ओर तेज़ी से करवट ली, समुद्री सतह का तापमान सामान्य से +0.9°C ऊपर पहुंच गया। प्रमुख एजेंसियों का अनुमान है कि अल नीनो के 2026 के अंत तक बने रहने...

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दुनिया भर की मौसम एजेंसियों ने जून 2026 में पुष्टि कर दी है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बन चुकी है और यह एक ऐतिहासिक 'सुपर अल नीनो' का रूप ले सकता है। यह पिछले कुछ वर्षों से जारी ला नीना की स्थिति से एक नाटकीय और तेज़ बदलाव है।
11 जून, 2026 को, NOAA (अमेरिकी राष्ट्रीय समुद्रीय और वायुमंडलीय प्रशासन) के क्लाइमेट प्रिडिक्शन सेंटर (CPC) ने आधिकारिक तौर पर अल नीनो परामर्श जारी कर दिया, जिसका अर्थ है कि उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र में अल नीनो की स्थिति पूरी तरह से सक्रिय है । CPC और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान (IRI) के पूर्वानुमानकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यह घटना 2015-2016 के बाद पहली बार एक ऐतिहासिक रूप से शक्तिशाली "सुपर अल नीनो" में तब्दील हो सकती है
।
प्रशांत महासागर में अप्रत्याशित रूप से तेज़ उलटफेर देखने को मिला है। 2025 और 2026 की शुरुआत तक जारी एक बहु-वर्षीय ला नीना की स्थिति के बाद, अप्रैल तक भूमध्यरेखीय प्रशांत ENSO-तटस्थ (न सामान्य, न असामान्य) स्थिति में पहुंच गया और अब यह तेज़ी से गर्म होकर अल नीनो में बदल रहा है । प्रमुख Niño3.4 क्षेत्र में साप्ताहिक समुद्री सतह तापमान (SST) की विसंगतियाँ पहले ही +0.9°C के पार पहुंच चुकी हैं, जो अल नीनो की सीमा से काफी ऊपर है
। अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा का कहना है कि भूमध्यरेखीय प्रशांत में बहुत गर्म पानी का निर्माण जारी है, जिससे "वर्ष के अंत और अगले वर्ष तक अल नीनो लगभग तय है"
।
दुनिया की सभी प्रमुख मौसम संस्थाओं में एक मजबूत सहमति है:
साप्ताहिक Niño3.4 SST विसंगति +0.9°C तक पहुंच गई है, हालांकि मासिक मान अभी भी सीमा रेखा के करीब हैं । पूर्वानुमानकर्ताओं का कहना है कि यह घटना रिकॉर्ड पर सबसे तीव्र घटनाओं में से एक बनने की क्षमता रखती है
। कुछ मॉडलों का अनुमान है कि 2026 के अंत तक Niño3.4 क्षेत्र में SST विसंगतियाँ +2.0°C से अधिक हो सकती हैं, और पूर्वी प्रशांत के कुछ स्थानीय क्षेत्रों में यह +3.0°C तक पहुंच या पार कर सकती हैं
। यह एक ऐसा स्तर होगा जो लगभग 150 वर्षों में नहीं देखा गया। हालांकि, NOAA का कहना है कि चरम तीव्रता में पर्याप्त अनिश्चितता है, कोई भी तीव्रता श्रेणी 37% से अधिक संभावना नहीं दिखाती, क्योंकि अंतिम परिणाम अनिश्चित हवा पैटर्न और समुद्र-वायुमंडल के बीच के जटिल संबंधों पर निर्भर करता है
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फिलीपींस और दक्षिण पूर्व एशिया में सूखा और खाद्य सुरक्षा: PAGASA ने चेतावनी दी है कि अल नीनो से वर्षा कम हो जाएगी, जिससे पूरे फिलीपींस में सूखे का खतरा बढ़ जाएगा । वेल्थंगरहिल्फे (एक जर्मन गैर-सरकारी संगठन) की एक ब्रीफिंग (10 जून) में कमजोर क्षेत्रों में कृषि और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर प्रभावों की बात कही गई है
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पश्चिमी प्रशांत में बदले हुए तूफान पैटर्न: अल नीनो आमतौर पर तूफान गतिविधि को पूर्व की ओर खिसका देता है और मध्य और पश्चिमी प्रशांत में तीव्र तूफानों की आवृत्ति बढ़ा सकता है, जिससे पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया को प्रभावित करने वाले सामान्य ट्रैक बदल जाते हैं ।
कैलिफोर्निया और दक्षिण-पश्चिमी अमेरिका में वर्षा और बाढ़ का खतरा: संयुक्त राज्य अमेरिका में, अल नीनो जेट स्ट्रीम में बदलाव से जुड़ा है, जो कैलिफोर्निया और देश के दक्षिणी हिस्से में अधिक तूफानी और गीली स्थिति लाता है, जिससे बाढ़ और भारी वर्षा का जोखिम बढ़ जाता है ।
अन्य वैश्विक प्रभाव: WRI (3 जून) ने बताया कि सुपर अल नीनो सूखे, बाढ़, चक्रवात और अत्यधिक गर्मी के बढ़ते जोखिम लाता है । यूके मेट ऑफिस ने चेतावनी दी है कि जब आज की गर्म होती जलवायु में एक मजबूत अल नीनो विकसित होता है, तो इसके प्रभाव और अधिक प्रबल हो जाते हैं
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मुख्य चेतावनी: जबकि अल नीनो की संभावना बेहद अधिक है, इसकी अंतिम तीव्रता अनिश्चित बनी हुई है। NOAA इस बात पर ज़ोर देता है कि कोई भी तीव्रता श्रेणी 37% से अधिक संभावना नहीं दिखाती । एक ही वर्ष के भीतर बहु-वर्षीय ला नीना से संभावित सुपर अल नीनो में संक्रमण असाधारण रूप से तेज़ है, और छोटे वायुमंडलीय बदलाव भी अभी परिणाम को नियंत्रित कर सकते हैं।
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NOAA ने 11 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर अल नीनो की स्थिति घोषित कर दी, जिसके 'सुपर अल नीनो' में बदलने की आशंका है।
NOAA ने 11 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर अल नीनो की स्थिति घोषित कर दी, जिसके 'सुपर अल नीनो' में बदलने की आशंका है। प्रशांत महासागर ने कुछ ही महीनों में ला नीना से अल नीनो की ओर तेज़ी से करवट ली, समुद्री सतह का तापमान सामान्य से +0.9°C ऊपर पहुंच गया।
प्रमुख एजेंसियों का अनुमान है कि अल नीनो के 2026 के अंत तक बने रहने की 96% से अधिक संभावना है, हालांकि इसकी चरम तीव्रता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।