वर्ल्ड कप का पहला मैच शुरू होने से पहले ही क्यों छिड़ गया था सियासी घमासान? फीफा प्रमुख इंफेंटिनो-Tट्रंप की दोस्ती से लेकर वीज़ा विवाद तक, पूरी कहानी
पहली बार 48 टीमों वाला फीफा वर्ल्ड कप 11 जून, 2026 को शुरू हुआ, पर अमेरिकी आव्रजन नीति और राजनीतिक हस्तक्षेप ने खेल पर भारी साया डाल दिया। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का बचाव करते हुए कहा कि उनके बिना यह टूर्नामेंट 'असंभव' था, जबकि आलोचकों ने इसे फीफा की राजनीतिक तटस्थता का उल्ल...
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पहली बार 48 टीमों वाला फीफा वर्ल्ड कप 11 जून, 2026 को शुरू हुआ, पर अमेरिकी आव्रजन नीति और राजनीतिक हस्तक्षेप ने खेल पर भारी साया डाल दिया।
फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का बचाव करते हुए कहा कि उनके बिना यह टूर्नामेंट 'असंभव' था, जबकि आलोचकों ने इसे फीफा की राजनीतिक तटस्थता का उल्लंघन बताया।
सोमाली रेफरी उमर अर्तान को वैध वीज़ा के बावजूद अमेरिका में एंट्री नहीं मिली, जिस पर इंफेंटिनो ने कहा 'चिल एंड रिलैक्स'। इस बयान ने दुनिया भर में नाराजगी पैदा कर दी।
ईरान, सेनेगल, हैती और आइवरी कोस्ट समेत कई देशों के अधिकारियों, खिलाड़ियों और पत्रकारों को अमेरिकी वीज़ा देने से इनकार कर दिया गया, जिससे टूर्नामेंट की वैश्विक कवरेज पर संकट पैदा हो गया।
What controversies surrounded the 2026 FIFA World Cup ahead of its opening match, including Gianni Infantino's defense of his relationship wFIFA President Gianni Infantino’s defense of the 2026 World Cup’s political entanglements drew global criticism before a single match was played.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What controversies surrounded the 2026 FIFA World Cup ahead of its opening match, including Gianni Infantino's defense of his relationship w. Article summary: The 2026 FIFA World Cup — the first 48-team tournament co-hosted by the U.S., Canada, and Mexico — kicked off on June 11, 2026, amid a thicket of controversies centered on U.S. immigration policy, FIFA President Gianni I. Topic tags: general, news, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "To watch this content, you may need to disable it on this site. World Cup 2026: Trump and Infantino, a bromance scrutinised and criticised. FIFA President Gianni Infantino poke wit" source context "World Cup 2026: Trump and Infantino, a bromance scrutinised and criticised - France 24" Reference image 2: vis
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अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने वाला पहला 48 देशों का फीफा विश्व कप 11 जून, 2026 को मैक्सिको सिटी में अपने पहले मैच के साथ शुरू हुआ। लेकिन यह शुरुआत जश्न के बजाय तीखे विवादों के बीच हुई, जिसमें अमेरिकी वीज़ा प्रतिबंधों, फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो की डोनाल्ड ट्रंप के साथ असाधारण नज़दीकियों, और टिकटों की भारी कीमतों को लेकर खिलाड़ियों और प्रशंसकों में गहरी नाराजगी शामिल थी।
'ट्रंप के बिना विश्व कप असंभव था': इंफेंटिनो की सफाई और फीफा शांति पुरस्कार विवाद
जियानी इंफेंटिनो ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने अटूट रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया और इसका बचाव भी किया। उन्होंने ट्रंप को कभी-कभी 'जॉनी' कहकर बुलाने की बात स्वीकारी है । दिसंबर 2025 में, इंफेंटिनो ने ट्रंप को नवनिर्मित 'फीफा शांति पुरस्कार' से सम्मानित किया और इज़राइल-गाज़ा युद्धविराम में उनकी भूमिका के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार भी बताया । आलोचकों का कहना है कि इस हरकत ने फीफा की अपनी राजनीतिक तटस्थता से जुड़ी नीतियों का उल्लंघन किया है ।
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"वर्ल्ड कप का पहला मैच शुरू होने से पहले ही क्यों छिड़ गया था सियासी घमासान? फीफा प्रमुख इंफेंटिनो-Tट्रंप की दोस्ती से लेकर वीज़ा विवाद तक, पूरी कहानी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
पहली बार 48 टीमों वाला फीफा वर्ल्ड कप 11 जून, 2026 को शुरू हुआ, पर अमेरिकी आव्रजन नीति और राजनीतिक हस्तक्षेप ने खेल पर भारी साया डाल दिया।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
पहली बार 48 टीमों वाला फीफा वर्ल्ड कप 11 जून, 2026 को शुरू हुआ, पर अमेरिकी आव्रजन नीति और राजनीतिक हस्तक्षेप ने खेल पर भारी साया डाल दिया। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का बचाव करते हुए कहा कि उनके बिना यह टूर्नामेंट 'असंभव' था, जबकि आलोचकों ने इसे फीफा की राजनीतिक तटस्थता का उल्लंघन बताया।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
सोमाली रेफरी उमर अर्तान को वैध वीज़ा के बावजूद अमेरिका में एंट्री नहीं मिली, जिस पर इंफेंटिनो ने कहा 'चिल एंड रिलैक्स'। इस बयान ने दुनिया भर में नाराजगी पैदा कर दी।
वर्ल्ड कप का पहला मैच शुरू होने से पहले ही क्यों छिड़ गया था सियासी घमासान? फीफा प्रमुख इंफेंटिनो-Tट्रंप की दोस्ती से लेकर वीज़ा विवाद तक, पूरी कहानी
पहली बार 48 टीमों वाला फीफा वर्ल्ड कप 11 जून, 2026 को शुरू हुआ, पर अमेरिकी आव्रजन नीति और राजनीतिक हस्तक्षेप ने खेल पर भारी साया डाल दिया। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का बचाव करते हुए कहा कि उनके बिना यह टूर्नामेंट 'असंभव' था, जबकि आलोचकों ने इसे फीफा की राजनीतिक तटस्थता का उल्ल...
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पहली बार 48 टीमों वाला फीफा वर्ल्ड कप 11 जून, 2026 को शुरू हुआ, पर अमेरिकी आव्रजन नीति और राजनीतिक हस्तक्षेप ने खेल पर भारी साया डाल दिया।
फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का बचाव करते हुए कहा कि उनके बिना यह टूर्नामेंट 'असंभव' था, जबकि आलोचकों ने इसे फीफा की राजनीतिक तटस्थता का उल्लंघन बताया।
सोमाली रेफरी उमर अर्तान को वैध वीज़ा के बावजूद अमेरिका में एंट्री नहीं मिली, जिस पर इंफेंटिनो ने कहा 'चिल एंड रिलैक्स'। इस बयान ने दुनिया भर में नाराजगी पैदा कर दी।
ईरान, सेनेगल, हैती और आइवरी कोस्ट समेत कई देशों के अधिकारियों, खिलाड़ियों और पत्रकारों को अमेरिकी वीज़ा देने से इनकार कर दिया गया, जिससे टूर्नामेंट की वैश्विक कवरेज पर संकट पैदा हो गया।
What controversies surrounded the 2026 FIFA World Cup ahead of its opening match, including Gianni Infantino's defense of his relationship wFIFA President Gianni Infantino’s defense of the 2026 World Cup’s political entanglements drew global criticism before a single match was played.
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अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने वाला पहला 48 देशों का फीफा विश्व कप 11 जून, 2026 को मैक्सिको सिटी में अपने पहले मैच के साथ शुरू हुआ। लेकिन यह शुरुआत जश्न के बजाय तीखे विवादों के बीच हुई, जिसमें अमेरिकी वीज़ा प्रतिबंधों, फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो की डोनाल्ड ट्रंप के साथ असाधारण नज़दीकियों, और टिकटों की भारी कीमतों को लेकर खिलाड़ियों और प्रशंसकों में गहरी नाराजगी शामिल थी।
'ट्रंप के बिना विश्व कप असंभव था': इंफेंटिनो की सफाई और फीफा शांति पुरस्कार विवाद
जियानी इंफेंटिनो ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने अटूट रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया और इसका बचाव भी किया। उन्होंने ट्रंप को कभी-कभी 'जॉनी' कहकर बुलाने की बात स्वीकारी है । दिसंबर 2025 में, इंफेंटिनो ने ट्रंप को नवनिर्मित 'फीफा शांति पुरस्कार' से सम्मानित किया और इज़राइल-गाज़ा युद्धविराम में उनकी भूमिका के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार भी बताया । आलोचकों का कहना है कि इस हरकत ने फीफा की अपनी राजनीतिक तटस्थता से जुड़ी नीतियों का उल्लंघन किया है ।
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"वर्ल्ड कप का पहला मैच शुरू होने से पहले ही क्यों छिड़ गया था सियासी घमासान? फीफा प्रमुख इंफेंटिनो-Tट्रंप की दोस्ती से लेकर वीज़ा विवाद तक, पूरी कहानी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
पहली बार 48 टीमों वाला फीफा वर्ल्ड कप 11 जून, 2026 को शुरू हुआ, पर अमेरिकी आव्रजन नीति और राजनीतिक हस्तक्षेप ने खेल पर भारी साया डाल दिया।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
पहली बार 48 टीमों वाला फीफा वर्ल्ड कप 11 जून, 2026 को शुरू हुआ, पर अमेरिकी आव्रजन नीति और राजनीतिक हस्तक्षेप ने खेल पर भारी साया डाल दिया। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का बचाव करते हुए कहा कि उनके बिना यह टूर्नामेंट 'असंभव' था, जबकि आलोचकों ने इसे फीफा की राजनीतिक तटस्थता का उल्लंघन बताया।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
सोमाली रेफरी उमर अर्तान को वैध वीज़ा के बावजूद अमेरिका में एंट्री नहीं मिली, जिस पर इंफेंटिनो ने कहा 'चिल एंड रिलैक्स'। इस बयान ने दुनिया भर में नाराजगी पैदा कर दी।
10 जून को टूर्नामेंट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंफेंटिनो ने बेबाकी से कहा कि ट्रंप की भागीदारी के बिना अमेरिका में इस विश्व कप का आयोजन करना असंभव होता । इस रिश्ते को अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में एक 'ब्रॉमैंस' (गहरी पुरुष मित्रता) कहा गया है जो टूर्नामेंट से ठीक पहले अपने चरम पर पहुंच गई है ।
रेफरी अर्तान मामला: 'चिल एंड रिलैक्स' पर क्यों भड़के लोग?
सोमालिया के रेफरी उमर अर्तान (34) इस विश्व कप में इतिहास रचने वाले थे – वे किसी पुरुष फीफा विश्व कप में मैदानी अधिकारी के तौर पर शामिल होने वाले पहले सोमाली बनने जा रहे थे । लेकिन 6 जून को मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) ने वैध वीज़ा होने के बावजूद उन्हें एंट्री देने से इनकार कर दिया और उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया ।
अर्तान ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि उनका 'आजीवन सपना' चकनाचूर हो गया । जब इंफेंटिनो से 10 जून को मैक्सिको सिटी में इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने लोगों से 'चिल एंड रिलैक्स' करने को कहा और सफाई दी कि फीफा किसी सरकार को वीज़ा नियमों पर आदेश नहीं दे सकता । इस बयान ने दुनिया भर में जबरदस्त हो-हल्ला मचा दिया, लोगों ने कहा कि एक मान्यता प्राप्त रेफरी की सुरक्षा के लिए फीफा को अपना रसूख ज़रूर इस्तेमाल करना चाहिए था ।
वीज़ा विवाद से जूझते खिलाड़ी, पत्रकार और प्रशंसक
अर्तान का मामला तो बस एक झलक भर था। जनवरी 2025 में ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद, अमेरिका ने सेनेगल, आइवरी कोस्ट, ईरान और हैती समेत कई देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए, जो इसी विश्व कप के लिए क्वालीफाई भी कर चुके थे । मुख्य परिणाम इस प्रकार रहे:
ईरान पर सख्ती: ईरान की राष्ट्रीय टीम के प्रतिनिधिमंडल के कई सदस्यों के वीज़ा रद्द कर दिए गए। ईरानी दूतावास ने इसे 'जानबूझकर और भेदभावपूर्ण व्यवहार' बताया । मजबूरी में ईरान को अपना बेस मैक्सिको शिफ्ट करना पड़ा ।
पत्रकारों पर रोक: इंटरनेशनल स्पोर्ट्स प्रेस एसोसिएशन (AIPS) ने चिंता जताई कि ईरान और कई अफ्रीकी देशों के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को अमेरिका में एंट्री नहीं मिल रही, जिससे टूर्नामेंट की निष्पक्ष कवरेज खतरे में पड़ गई ।
प्रशंसकों में रोष: बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के विश्लेषण से पता चला कि भाग लेने वाले एक-चौथाई से ज्यादा देशों के फैंस को या तो यात्रा पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है या उनके वीज़ा खारिज होने की दर काफी ऊंची है ।
अभूतपूर्व संकट: एनपीआर ने इन वीज़ा समस्याओं को 'विश्व कप के लिए अभूतपूर्व' बताया । अल जज़ीरा ने भी पुष्टि की कि कई देशों के एथलीट, अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ इस जद्दोजहद से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं ।
गैरी लाइनकर और जूल्स बॉयकॉफ का फीफा पर तीखा हमला
गैरी लाइनकर – इंग्लैंड के पूर्व स्ट्राइकर ने ट्रंप-इंफेंटिनो के इस रिश्ते को 'बहुत अजीब और विचित्र' बताया और कटाक्ष में इंफेंटिनो को 'साइकोफैंटिनो' (चापलूस) करार दिया । उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक मेज़बान देश (अमेरिका) का एक प्रतिद्वंद्वी राष्ट्र (ईरान) के साथ व्यावहारिक युद्ध जैसी स्थिति में होना सामान्य है? साथ ही उन्होंने टिकट की कीमतों पर भी निशाना साधा कि कहीं यह टूर्नामेंट आम आदमी की पहुंच से बाहर तो नहीं निकल रहा ।
जूल्स बॉयकॉफ – पैसिफिक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और 'रेड कार्ड: द 2026 वर्ल्ड कप, स्पोर्ट्सवॉशिंग, एंड द फीफा ग्रीड मशीन' किताब के लेखक ने इस पूरे टूर्नामेंट को फुटबॉल का 'नया गिरता स्तर' बताया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप पूरी तरह से 'खेल धुलाई' (स्पोर्ट्सवॉशिंग) के लिए विश्व कप का इस्तेमाल कर रहे हैं और इंफेंटिनो ने फीफा की अपनी राजनीतिक तटस्थता से जुड़ी विधियों को ताक पर रख दिया है ।
टिकट कीमतों पर रोष और टूर्नामेंट का विशाल आकार
विश्व कप की सबसे बड़ी सुर्खियां शायद टिकटों की भारी कीमतें रहीं, जो कुछ मैचों के लिए 1,000 डॉलर (लगभग 85,000 रुपये) से भी ऊपर पहुंच गई। लाइनकर ने सार्वजनिक रूप से चिंता जताई कि क्या फुटबॉल अब 'अमीरों का खेल' बनता जा रहा है । बीबीसी ने अपने विश्लेषण में लिखा कि तमाम प्रशंसकों के बीच यह भावना गहरा गई है कि 'यह विश्व कप हमारे लिए नहीं, उनके लिए है' ।
यह विश्व कप ऐतिहासिक है। यह 32 से बढ़कर 48 देशों वाला पहला संस्करण है और तीन देशों (संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको) की मेज़बानी में होने वाला पहला टूर्नामेंट है। लेकिन इस भव्यता ने अमेरिकी सत्ता और फीफा के बीच बनती-बिगड़ती सियासत को और भी बड़ा मुद्दा बना दिया, जिसने मैदान के अंदर के रोमांच को कई बार फीका कर दिया।
Fifa president Infantino could have stood up for the World Cup - BBC
10 जून को टूर्नामेंट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंफेंटिनो ने बेबाकी से कहा कि ट्रंप की भागीदारी के बिना अमेरिका में इस विश्व कप का आयोजन करना असंभव होता । इस रिश्ते को अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में एक 'ब्रॉमैंस' (गहरी पुरुष मित्रता) कहा गया है जो टूर्नामेंट से ठीक पहले अपने चरम पर पहुंच गई है ।
रेफरी अर्तान मामला: 'चिल एंड रिलैक्स' पर क्यों भड़के लोग?
सोमालिया के रेफरी उमर अर्तान (34) इस विश्व कप में इतिहास रचने वाले थे – वे किसी पुरुष फीफा विश्व कप में मैदानी अधिकारी के तौर पर शामिल होने वाले पहले सोमाली बनने जा रहे थे । लेकिन 6 जून को मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) ने वैध वीज़ा होने के बावजूद उन्हें एंट्री देने से इनकार कर दिया और उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया ।
अर्तान ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि उनका 'आजीवन सपना' चकनाचूर हो गया । जब इंफेंटिनो से 10 जून को मैक्सिको सिटी में इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने लोगों से 'चिल एंड रिलैक्स' करने को कहा और सफाई दी कि फीफा किसी सरकार को वीज़ा नियमों पर आदेश नहीं दे सकता । इस बयान ने दुनिया भर में जबरदस्त हो-हल्ला मचा दिया, लोगों ने कहा कि एक मान्यता प्राप्त रेफरी की सुरक्षा के लिए फीफा को अपना रसूख ज़रूर इस्तेमाल करना चाहिए था ।
वीज़ा विवाद से जूझते खिलाड़ी, पत्रकार और प्रशंसक
अर्तान का मामला तो बस एक झलक भर था। जनवरी 2025 में ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद, अमेरिका ने सेनेगल, आइवरी कोस्ट, ईरान और हैती समेत कई देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए, जो इसी विश्व कप के लिए क्वालीफाई भी कर चुके थे । मुख्य परिणाम इस प्रकार रहे:
ईरान पर सख्ती: ईरान की राष्ट्रीय टीम के प्रतिनिधिमंडल के कई सदस्यों के वीज़ा रद्द कर दिए गए। ईरानी दूतावास ने इसे 'जानबूझकर और भेदभावपूर्ण व्यवहार' बताया । मजबूरी में ईरान को अपना बेस मैक्सिको शिफ्ट करना पड़ा ।
पत्रकारों पर रोक: इंटरनेशनल स्पोर्ट्स प्रेस एसोसिएशन (AIPS) ने चिंता जताई कि ईरान और कई अफ्रीकी देशों के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को अमेरिका में एंट्री नहीं मिल रही, जिससे टूर्नामेंट की निष्पक्ष कवरेज खतरे में पड़ गई ।
प्रशंसकों में रोष: बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के विश्लेषण से पता चला कि भाग लेने वाले एक-चौथाई से ज्यादा देशों के फैंस को या तो यात्रा पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है या उनके वीज़ा खारिज होने की दर काफी ऊंची है ।
अभूतपूर्व संकट: एनपीआर ने इन वीज़ा समस्याओं को 'विश्व कप के लिए अभूतपूर्व' बताया । अल जज़ीरा ने भी पुष्टि की कि कई देशों के एथलीट, अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ इस जद्दोजहद से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं ।
गैरी लाइनकर और जूल्स बॉयकॉफ का फीफा पर तीखा हमला
गैरी लाइनकर – इंग्लैंड के पूर्व स्ट्राइकर ने ट्रंप-इंफेंटिनो के इस रिश्ते को 'बहुत अजीब और विचित्र' बताया और कटाक्ष में इंफेंटिनो को 'साइकोफैंटिनो' (चापलूस) करार दिया । उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक मेज़बान देश (अमेरिका) का एक प्रतिद्वंद्वी राष्ट्र (ईरान) के साथ व्यावहारिक युद्ध जैसी स्थिति में होना सामान्य है? साथ ही उन्होंने टिकट की कीमतों पर भी निशाना साधा कि कहीं यह टूर्नामेंट आम आदमी की पहुंच से बाहर तो नहीं निकल रहा ।
जूल्स बॉयकॉफ – पैसिफिक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और 'रेड कार्ड: द 2026 वर्ल्ड कप, स्पोर्ट्सवॉशिंग, एंड द फीफा ग्रीड मशीन' किताब के लेखक ने इस पूरे टूर्नामेंट को फुटबॉल का 'नया गिरता स्तर' बताया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप पूरी तरह से 'खेल धुलाई' (स्पोर्ट्सवॉशिंग) के लिए विश्व कप का इस्तेमाल कर रहे हैं और इंफेंटिनो ने फीफा की अपनी राजनीतिक तटस्थता से जुड़ी विधियों को ताक पर रख दिया है ।
टिकट कीमतों पर रोष और टूर्नामेंट का विशाल आकार
विश्व कप की सबसे बड़ी सुर्खियां शायद टिकटों की भारी कीमतें रहीं, जो कुछ मैचों के लिए 1,000 डॉलर (लगभग 85,000 रुपये) से भी ऊपर पहुंच गई। लाइनकर ने सार्वजनिक रूप से चिंता जताई कि क्या फुटबॉल अब 'अमीरों का खेल' बनता जा रहा है । बीबीसी ने अपने विश्लेषण में लिखा कि तमाम प्रशंसकों के बीच यह भावना गहरा गई है कि 'यह विश्व कप हमारे लिए नहीं, उनके लिए है' ।
यह विश्व कप ऐतिहासिक है। यह 32 से बढ़कर 48 देशों वाला पहला संस्करण है और तीन देशों (संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको) की मेज़बानी में होने वाला पहला टूर्नामेंट है। लेकिन इस भव्यता ने अमेरिकी सत्ता और फीफा के बीच बनती-बिगड़ती सियासत को और भी बड़ा मुद्दा बना दिया, जिसने मैदान के अंदर के रोमांच को कई बार फीका कर दिया।
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