जहाँ ज्यादातर AI स्टार्टअप चैटबॉट और टेक्स्ट जनरेशन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, प्रोमेथियस का उद्देश्य बिल्कुल अलग और कहीं अधिक महत्वाकांक्षी है। बेजोस इसे एक "आर्टिफिशियल जनरल इंजीनियर" (Artificial General Engineer) कहते हैं । सरल भाषा में समझें तो यह एक ऐसा AI सिस्टम होगा जो एक कुशल इंजीनियर की तरह सोचकर जटिल भौतिक उत्पादों को डिजाइन कर सकेगा।
इस AI की मदद से जेट इंजन, मेडिकल डिवाइस, सेमीकंडक्टर चिप्स और कंप्यूटर जैसी चीज़ों का डिजाइन और विकास बहुत तेज़ी से हो सकेगा । कंपनी का फोकस 'आविष्कार चक्र' (invention loop) को तेज़ करने पर है। इसका मतलब है कि नए प्रोडक्ट का डिजाइन डिजिटल सिमुलेशन के जरिए बार-बार परखा जा सकेगा, जिससे महंगे और समय लेने वाले भौतिक प्रोटोटाइप बनाने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी
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शुरुआती खबरों में काफी अटकलें थीं कि प्रोमेथियस एक रोबोटिक्स कंपनी है। लेकिन बेजोस ने बहुत साफ शब्दों में इसका खंडन किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "हमारा रोबोटिक्स से कोई लेना-देना नहीं है" ।
उन्होंने इसे "भौतिक इंजीनियरिंग के लिए AI" बताते हुए समझाया कि प्रोमेथियस कारखानों में काम करने वाले रोबोट नहीं, बल्कि इंजीनियरों के लिए अगली पीढ़ी के डिजाइन टूल्स बना रहा है। यह बिल्कुल कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (CAD) सॉफ्टवेयर के एक अत्यंत उन्नत और आधुनिक संस्करण की तरह है ।
प्रोमेथियस की कमान दो सह-सीईओ (Co-CEOs) के हाथों में है। पहले हैं खुद जेफ बेजोस, और दूसरे हैं विक बजाज, जो पहले गूगल X, वेरिली और फोरसाइट लैब्स में अहम भूमिकाएँ निभा चुके हैं । यह बेजोस के लिए एक बड़ी वापसी है क्योंकि 2021 में अमेज़न की कमान एंडी जेसी को सौंपने के बाद वह पहली बार किसी कंपनी के दिन-प्रतिदिन के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
प्रतिभा को आकर्षित करने में कंपनी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। रिपोर्टों के अनुसार, प्रोमेथियस में इस समय 120 से 150 के बीच कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिनमें से कई को OpenAI, Google DeepMind, Meta और xAI जैसी दिग्गज कंपनियों से नौकरी का प्रस्ताव देकर जोड़ा गया है । कंपनी के ऑफिस सैन फ्रांसिस्को (मुख्यालय), लंदन और ज्यूरिख में स्थित हैं, जो वैश्विक AI प्रतिभा पर इसकी गहरी नज़र को दर्शाता है
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प्रोमेथियस की 12 अरब डॉलर की फंडिंग तो बस एक शुरुआत भर है। मार्च 2026 में आई खबरों के मुताबिक, जेफ बेजोस एक अलग, बहुत बड़े निवेश फंड के लिए 100 अरब डॉलर (लगभग 8,30,000 करोड़ रुपये) जुटाने की प्रारंभिक बातचीत कर रहे हैं ।
यह फंड प्रोमेथियस से अलग होगा लेकिन उसके साथ काम करेगा। इसका मकसद होगा विभिन्न औद्योगिक और विनिर्माण कंपनियों को खरीदना और फिर उन्हें प्रोमेथियस की AI तकनीक की मदद से पूरी तरह से आधुनिक और स्वचालित बनाना । इस योजना के तहत बेजोस ने मिडिल ईस्ट के सॉवरेन वेल्थ फंड्स और एशिया के निवेशकों से मुलाकात की है
। हालांकि, ध्यान रखने वाली बात यह है कि जून 2026 तक यह 100 अरब डॉलर का फंड अभी भी शुरुआती बातचीत के चरण में है और इसकी औपचारिक घोषणा या पुष्टि नहीं हुई है।
नोट: यह आर्टिकल जून 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। प्रोमेथियस एक नवोदित कंपनी है, और इसकी योजनाओं और फंडिंग से संबंधित विवरण भविष्य में बदल सकते हैं।
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