यह मामला तब और गंभीर हो गया जब जनवरी 2026 में चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इस अधिग्रहण की जांच शुरू की। और फिर 27 अप्रैल 2026 को, चीन के शक्तिशाली राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग (एनडीआरसी) ने एक संक्षिप्त बयान में इस डील को रद्द करने का आदेश दे दिया ।
एनडीआरसी के विदेशी निवेश सुरक्षा समीक्षा तंत्र के कार्यालय ने कहा कि यह अधिग्रहण विदेशी निवेश सुरक्षा समीक्षा नियमों का उल्लंघन है । यह एक ऐतिहासिक कदम था, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ जब किसी पूर्ण हो चुके सौदे को चीन के विदेशी निवेश सुरक्षा कानूनों के तहत रद्द करने का आदेश दिया गया
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बीजिंग के आदेश के बाद, मेटा ने जटिल और कानूनी रूप से पेचीदा 'अनडूइंग' (पलटने) की प्रक्रिया शुरू की। 11 जून 2026 तक, कंपनी ने मानुस के साथ परिचालनिक अलगाव (Operational Separation) पूरा कर लिया था। यह पूर्ण कानूनी विघटन की दिशा में एक 'महत्वपूर्ण कदम' था, लेकिन अभी अंतिम मंजिल नहीं ।
2026 के मध्य तक, तकनीकी और डेटा पृथक्करण पूरा हो चुका था, लेकिन दो सबसे बड़े सवाल अभी भी हवा में लटके हुए हैं:
संक्षेप में, मेटा और मानुस के बीच ऑपरेशनल और डेटा अलगाव पूरा हो चुका है। यह एक मजबूर विवाह का तकनीकी अंत है, लेकिन कानूनी स्वामित्व का उलटना और अरबों डॉलर का वित्तीय समीकरण अभी भी सुलझना बाकी है।
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