12 जून से 19 जुलाई तक चलने वाला 2026 FIFA वर्ल्ड कप, 1930 के बाद से अब तक का सबसे गर्म टूर्नामेंट होने की उम्मीद है। वैज्ञानिकों के अनुसार, FIFA के मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल नाकाफ़ी हैं [2][7]। वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (WWA) के विश्लेषण के अनुसार, ख़तरनाक गर्मी और उमस की संभावना 1994 के पिछले अमेरिकी वर्ल्ड कप की तुलन...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key concerns about extreme heat at the 2026 FIFA World Cup, and what do climate scientists warn about the risks to players and. Article summary: The 2026 FIFA World Cup, running from June 12 to July 19 across 16 cities in the U.S., Canada, and Mexico, is expected to be the hottest edition since the tournament began in 1930. Multiple climate analyses warn that ove. Topic tags: general, government, news, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# 2026 FIFA World Cup threatened by extreme heat: Report. In less than a month, the world’s attention will shift to one of the biggest sporting events on the planet: the FIFA World" source context "2026 FIFA World Cup threatened by extreme heat: Report - Mongabay" Reference image 2: visual subjec
12 जून से 19 जुलाई, 2026 तक चलने वाला फीफा वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे गर्म टूर्नामेंट साबित हो सकता है। इस बार यह मुकाबला अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के 16 शहरों में होगा, लेकिन मैदान पर असली टक्कर गेंद से नहीं, बल्कि भीषण गर्मी और उमस से होने वाली है। कई जलवायु विश्लेषणों ने चेतावनी दी है कि 104 में से एक-तिहाई से अधिक मैच खिलाड़ियों और फैंस को ख़तरनाक गर्मी के संपर्क में ला सकते हैं, और वैज्ञानिक फीफा (FIFA) की मौजूदा सुरक्षा योजनाओं को नाकाफ़ी मान रहे हैं ।
वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (WWA) — 15 शोधकर्ताओं की एक टीम ने हर मैच के FIFPRO (वैश्विक खिलाड़ी संघ) की सुरक्षा सीमा को पार करने की संभावना का आकलन किया। उन्होंने पाया कि 1994 के अमेरिकी वर्ल्ड कप की तुलना में अब ख़तरनाक गर्मी और उमस की संभावना लगभग दोगुनी है, और लगभग एक-चौथाई मैच (26 गेम) सुरक्षित सीमा से अधिक परिस्थितियों में खेले जा सकते हैं ।
क्लाइमेट सेंट्रल — सभी 16 मेज़बान स्थलों के विश्लेषण से पता चला कि लगभग हर स्टेडियम में अब जून-जुलाई के दौरान 1994 के वर्ल्ड कप की तुलना में काफी अधिक बेहद गर्म दिन देखने को मिलते हैं, जिसका कारण मानव-जनित जलवायु परिवर्तन है। इस अध्ययन में यह भी उजागर हुआ कि जीवाश्म ईंधन के दहन से उत्पन्न प्रदूषण, 1970 के बाद से सभी 16 स्टेडियम स्थलों पर पड़ने वाले लगभग 49% अत्यधिक गर्म दिनों के लिए ज़िम्मेदार है ।
पीएमसी / जर्नल ऑफ बायोमीटीरोलॉजी अध्ययन — 16 में से 14 मेज़बान स्थानों पर 'वेट-बल्ब ग्लोब टेम्परेचर' (WBGT) 28°C से अधिक दर्ज किया गया। एक सामान्य वर्ष की दोपहरों में चार स्थान आधे से अधिक समय और सबसे गर्म वर्ष के रिकॉर्ड में नौ स्थान इस सीमा को पार करते हैं ।
NPR विश्लेषण — टूर्नामेंट के 67 मैच ऐसे समय और स्थानों पर होने वाले हैं जो गर्मी से संबंधित बीमारियों के लिए संभावित ख़तरा पैदा कर सकते हैं, जिनमें से 39 को ऐतिहासिक WBGT डेटा के आधार पर 'उच्च जोखिम' की श्रेणी में रखा गया है ।
वैश्विक खिलाड़ी संघ FIFPRO, शारीरिक गर्मी के तनाव को मापने के लिए WBGT (जो तापमान, उमस, धूप और हवा को जोड़ता है) का उपयोग करता है और इसके आधार पर ये जोखिम स्तर तय करता है :
FIFPRO ने खिलाड़ियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए हाफ-टाइम को 20 मिनट करने और अधिक बार कूलिंग ब्रेक देने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया है ।
FIFA ने गर्मी से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन वैज्ञानिकों ने इन्हें 'अपर्याप्त' करार दिया है :
यह लगभग तय है कि यह अब तक का सबसे गर्म विश्व कप होगा। 20 से अधिक संस्थानों के जलवायु वैज्ञानिकों ने FIFA को एक खुला पत्र लिखकर कहा कि मौजूदा गर्मी सुरक्षा उपाय "अपर्याप्त" हैं और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को ख़तरे में डाल सकते हैं । कुछ विशेषज्ञों ने 2026 को "बिना किसी तात्कालिक जलवायु समायोजन के टूर्नामेंट की मेज़बानी करने का उत्तरी अमेरिका का आखिरी मौका" भी कहा है
। इस बात की व्यापक अटकलें हैं कि भविष्य के वर्ल्ड कप को स्थायी रूप से ठंडे महीनों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता पड़ सकती है, जिससे यह संभावित रूप से आखिरी ग्रीष्मकालीन वर्ल्ड कप बन सकता है
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12 जून से 19 जुलाई तक चलने वाला 2026 FIFA वर्ल्ड कप, 1930 के बाद से अब तक का सबसे गर्म टूर्नामेंट होने की उम्मीद है। वैज्ञानिकों के अनुसार, FIFA के मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल नाकाफ़ी हैं [2][7]।
12 जून से 19 जुलाई तक चलने वाला 2026 FIFA वर्ल्ड कप, 1930 के बाद से अब तक का सबसे गर्म टूर्नामेंट होने की उम्मीद है। वैज्ञानिकों के अनुसार, FIFA के मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल नाकाफ़ी हैं [2][7]। वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (WWA) के विश्लेषण के अनुसार, ख़तरनाक गर्मी और उमस की संभावना 1994 के पिछले अमेरिकी वर्ल्ड कप की तुलना में अब लगभग दोगुनी हो गई है, और लगभग एक चौथाई मैच (26 गेम) सुरक्षित सीमा से अधिक परिस्थितिय...
क्लाइमेट सेंट्रल के अध्ययन से पता चला है कि जीवाश्म ईंधन के जलने से उत्पन्न जलवायु परिवर्तन, टूर्नामेंट के 104 में से 97 मैचों के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाली गर्मी की आशंका को बढ़ा रहा है [6][7]।