हूथियों ने यमन में 2 साल से 73 UN कर्मियों को बंधक बनाया, एक की मौत; जासूसी के आरोप में मुकदमा
यमन में हूथी विद्रोहियों ने पिछले दो वर्षों में 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को बंधक बना रखा है, जो हाल के इतिहास का सबसे बड़ा संकट है। जून 2024 में शुरू हुई सामूहिक गिरफ्तारियों का सिलसिला अक्टूबर और दिसंबर 2025 में और तेज़ हुआ, जिसमें दर्जनों स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी पकड़े गए। हूथियों ने बंधकों पर इसराइल औ...
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यमन में हूथी विद्रोहियों ने पिछले दो वर्षों में 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को बंधक बना रखा है, जो हाल के इतिहास का सबसे बड़ा संकट है।
जून 2024 में शुरू हुई सामूहिक गिरफ्तारियों का सिलसिला अक्टूबर और दिसंबर 2025 में और तेज़ हुआ, जिसमें दर्जनों स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी पकड़े गए।
हूथियों ने बंधकों पर इसराइल और अमेरिका के लिए जासूसी करने के आरोप लगाए हैं और कुछ को विशेष अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ा है।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक कर्मचारी अहमद की फरवरी 2025 में हूथी हिरासत में मौत हो गई, जिससे दुनिया भर में आक्रोश फैल गया।
What has been the United Nations' response to the Houthi detention of 73 UN personnel in Yemen over two years, including the timeline of masTwo years of mass detentions have left 73 UN staff in Houthi custody and crippled humanitarian operations across Yemen.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What has been the United Nations' response to the Houthi detention of 73 UN personnel in Yemen over two years, including the timeline of mas. Article summary: The Houthi detention of UN personnel in Yemen has spiraled into the largest such crisis in the UN's recent history, with 73 staff members still held two years after the initial mass arrests, and the UN has responded with. Topic tags: general, government, general web, news. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "A general view shows a United Nations security council meeting on the protection of civilians in armed conflict, at the UN headquarters in New York. NEW YORK CITY: The UN Security" source context "UN Security Council marks 2 years of Houthi detentions, demands immediate release of 73 UN staff|Arab News Japan" R
openai.com
यमन में हूथियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र कर्मियों का अपहरण अब संयुक्त राष्ट्र के आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े संकट का रूप ले चुका है। शुरुआती सामूहिक गिरफ्तारियों के दो साल बाद भी 73 कर्मचारी उनकी हिरासत में हैं। संयुक्त राष्ट्र ने बार-बार इसकी निंदा की है, मानवीय कार्यों को स्थगित किया है, और लगातार कूटनीतिक दबाव बनाए रखा है। दूसरी ओर, हूथियों ने जासूसी के आरोप, दिखावटी मुकदमे और हिरासत में कम से कम एक मौत के साथ मामले को और बढ़ा दिया है।
जून 2024 से अब तक की सामूहिक गिरफ्तारियों का कालक्रम
6-7 जून, 2024 — हूथियों ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी करते हुए संयुक्त राष्ट्र, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और नागरिक समाज के दर्जनों कर्मचारियों को गिरफ्तार किया, जिनमें संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के छह कर्मी भी शामिल थे ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"हूथियों ने यमन में 2 साल से 73 UN कर्मियों को बंधक बनाया, एक की मौत; जासूसी के आरोप में मुकदमा" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
यमन में हूथी विद्रोहियों ने पिछले दो वर्षों में 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को बंधक बना रखा है, जो हाल के इतिहास का सबसे बड़ा संकट है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
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मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
हूथियों ने बंधकों पर इसराइल और अमेरिका के लिए जासूसी करने के आरोप लगाए हैं और कुछ को विशेष अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ा है।
हूथियों ने यमन में 2 साल से 73 UN कर्मियों को बंधक बनाया, एक की मौत; जासूसी के आरोप में मुकदमा
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प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
यमन में हूथी विद्रोहियों ने पिछले दो वर्षों में 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को बंधक बना रखा है, जो हाल के इतिहास का सबसे बड़ा संकट है।
जून 2024 में शुरू हुई सामूहिक गिरफ्तारियों का सिलसिला अक्टूबर और दिसंबर 2025 में और तेज़ हुआ, जिसमें दर्जनों स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी पकड़े गए।
हूथियों ने बंधकों पर इसराइल और अमेरिका के लिए जासूसी करने के आरोप लगाए हैं और कुछ को विशेष अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ा है।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक कर्मचारी अहमद की फरवरी 2025 में हूथी हिरासत में मौत हो गई, जिससे दुनिया भर में आक्रोश फैल गया।
What has been the United Nations' response to the Houthi detention of 73 UN personnel in Yemen over two years, including the timeline of masTwo years of mass detentions have left 73 UN staff in Houthi custody and crippled humanitarian operations across Yemen.
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यमन में हूथियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र कर्मियों का अपहरण अब संयुक्त राष्ट्र के आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े संकट का रूप ले चुका है। शुरुआती सामूहिक गिरफ्तारियों के दो साल बाद भी 73 कर्मचारी उनकी हिरासत में हैं। संयुक्त राष्ट्र ने बार-बार इसकी निंदा की है, मानवीय कार्यों को स्थगित किया है, और लगातार कूटनीतिक दबाव बनाए रखा है। दूसरी ओर, हूथियों ने जासूसी के आरोप, दिखावटी मुकदमे और हिरासत में कम से कम एक मौत के साथ मामले को और बढ़ा दिया है।
जून 2024 से अब तक की सामूहिक गिरफ्तारियों का कालक्रम
6-7 जून, 2024 — हूथियों ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी करते हुए संयुक्त राष्ट्र, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और नागरिक समाज के दर्जनों कर्मचारियों को गिरफ्तार किया, जिनमें संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के छह कर्मी भी शामिल थे ।
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"हूथियों ने यमन में 2 साल से 73 UN कर्मियों को बंधक बनाया, एक की मौत; जासूसी के आरोप में मुकदमा" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
यमन में हूथी विद्रोहियों ने पिछले दो वर्षों में 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को बंधक बना रखा है, जो हाल के इतिहास का सबसे बड़ा संकट है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
यमन में हूथी विद्रोहियों ने पिछले दो वर्षों में 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को बंधक बना रखा है, जो हाल के इतिहास का सबसे बड़ा संकट है। जून 2024 में शुरू हुई सामूहिक गिरफ्तारियों का सिलसिला अक्टूबर और दिसंबर 2025 में और तेज़ हुआ, जिसमें दर्जनों स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी पकड़े गए।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
हूथियों ने बंधकों पर इसराइल और अमेरिका के लिए जासूसी करने के आरोप लगाए हैं और कुछ को विशेष अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ा है।
13 जून, 2024 — पुष्टि हुई कि कम से कम 13 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से 4 को इस तरह रखा गया कि उनका बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं हो सका । संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए सभी की तत्काल रिहाई की मांग की ।
23-25 जनवरी, 2025 — सना में सात और संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया । यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने इसे मामले को बढ़ाने वाला कदम बताते हुए निंदा की ।
जनवरी-फरवरी 2025 — आठ और कर्मचारियों को पकड़ा गया, जिससे 2021 के बाद से गिरफ्तारियों की कुल संख्या फरवरी की शुरुआत तक 24 हो गई । जवाब में, संयुक्त राष्ट्र ने हूथियों के गढ़ सादा प्रांत में अपने मानवीय अभियान स्थगित कर दिए ।
31 अगस्त, 2025 — कम से कम 11 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को गिरफ्तार किया गया। हूथी विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के परिसर में जबरन घुसे और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की संपत्तियों को जब्त कर लिया ।
19 अक्टूबर, 2025 — सना में संयुक्त राष्ट्र के एक केंद्र पर छापे में करीब 20 कर्मचारियों को पकड़ा गया, जिससे कुल संख्या 50 के पार पहुंच गई ।
22 अक्टूबर, 2025 — हूथियों ने एक दर्जन अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों को रिहा किया और तीन अन्य को परिसर में स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति दी, लेकिन स्थानीय कर्मचारी अब भी बंदी बने रहे ।
18-19 दिसंबर, 2025 — 10 और स्थानीय संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी गिरफ्तार, जिससे कुल संख्या 69 पहुंच गई ।
जून 2026 तक — पहली सामूहिक गिरफ्तारी के दो साल बाद भी, 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मी हूथियों की हिरासत में हैं ।
जासूसी के आरोप और दिखावटी मुकदमे
हूथियों ने लगातार पकड़े गए संयुक्त राष्ट्र और NGO कर्मियों पर इज़राइल, संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी सहयोगियों के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया ।
सितंबर 2025 में, हूथी-नियंत्रित विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र की कानूनी सुरक्षा को "जासूसी गतिविधियों के लिए ढाल नहीं बनना चाहिए" ।
अक्टूबर 2025 में, हूथी अधिकारियों ने घोषणा की कि 43 स्थानीय संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों पर हूथी नेताओं को निशाना बनाने वाले एक इज़राइली हवाई हमले में शामिल होने के संदेह में मुकदमा चलाया जाएगा । संयुक्त राष्ट्र ने इन दावों को लगातार निराधार बताया है ।
23 नवंबर, 2025 को, सना में हूथियों द्वारा संचालित एक विशेष आपराधिक अदालत ने इज़राइल और पश्चिमी देशों से जुड़े जासूसी के आरोपों में 17 लोगों को गोली मारकर मौत की सजा सुनाई ।
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने दस्तावेजीकरण किया है कि बंदियों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के, बाहरी दुनिया से संपर्कहीन रखा गया, जो कि जबरन गायब किए जाने जैसा है ।
WFP कर्मचारी की हिरासत में मौत
23 जनवरी, 2025 को, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक यमनी कर्मचारी (जिसे WFP ने "अहमद" नाम दिया) को हूथी अधिकारियों ने मनमाने ढंग से हिरासत में ले लिया ।
10 फरवरी, 2025 को, हिरासत में ही उनकी मृत्यु हो गई । संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि वे "दुखी और क्रोधित" हैं, उन्होंने इस मौत की निंदा करते हुए जांच की मांग की ।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अलग से हूथियों से हिरासत में हुई इस मौत की तत्काल जांच करने का आह्वान किया ।
फ्रांस ने "गहरा आक्रोश" व्यक्त किया और नजरबंदी की स्थितियों को "अमानवीय" बताया ।
मानवीय अभियानों पर प्रभाव
फरवरी 2025 में, जनवरी की गिरफ्तारियों और WFP कर्मचारी की मौत के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने हूथियों के गढ़ सादा प्रांत में अपने मानवीय अभियान स्थगित कर दिए ।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने बताया कि गिरफ्तारियों ने संकटग्रस्त यमन में "सहायता को ठप कर दिया" है, जहां 2.1 करोड़ से अधिक लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत है ।
WFP ने सितंबर 2025 में बताया कि उसके अपने 21 कर्मचारी बंदियों में शामिल हैं और ये गिरफ्तारियां सीधे तौर पर खाद्य सहायता पहुंचाने में बाधा डाल रही हैं ।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि सहायता कर्मियों को निशाना बनाना दुनिया के सबसे भीषण मानवीय संकटों में से एक में पूरी मानवीय प्रतिक्रिया को कमजोर करता है।
बिना शर्त रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय आह्वान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद — 6 जून, 2026 को, परिषद ने गिरफ्तारियों की "कड़े शब्दों में" निंदा की और सभी 73 बंदी संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की । इसने जून 2025 में, पहली लहर के एक साल बाद भी ऐसे ही बयान जारी किए थे ।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस — बार-बार गिरफ्तारियों की निंदा की है, हाल ही में 10 जून, 2026 को, उन्होंने इन्हें "मनमाना" बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की ।
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) — 7 जून, 2026 को, उसने CIHRS के साथ मिलकर सभी मनमाने ढंग से पकड़े गए कर्मियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई का आह्वान किया और यह भी दस्तावेजीकरण किया कि गिरफ्तारियां जीवनरक्षक सहायता को रोक रही हैं । जनवरी 2026 में, HRW ने संयुक्त राष्ट्र और संबंधित सरकारों से "अपनी शक्ति में हर संभव कार्रवाई" करने का आग्रह किया ।
एमनेस्टी इंटरनेशनल — 6 जून, 2026 को, CIHRS और HRW के साथ मिलकर, सभी मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए संयुक्त राष्ट्र और नागरिक समाज के कर्मचारियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई का आह्वान किया । इससे पहले, जुलाई 2024 और फरवरी 2025 में, एमनेस्टी ने रिहाई और WFP कर्मचारी की मौत की जांच की अलग से मांग की थी ।
संयुक्त राजनयिक बयान — जून 2024 और जनवरी 2025 में, अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के सदस्य देशों, जापान, कनाडा और अन्य सहित दर्जनों संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों के समूहों ने संयुक्त बयान जारी कर गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की और रिहाई की मांग की ।
13 जून, 2024 — पुष्टि हुई कि कम से कम 13 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से 4 को इस तरह रखा गया कि उनका बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं हो सका । संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए सभी की तत्काल रिहाई की मांग की ।
23-25 जनवरी, 2025 — सना में सात और संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया । यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने इसे मामले को बढ़ाने वाला कदम बताते हुए निंदा की ।
जनवरी-फरवरी 2025 — आठ और कर्मचारियों को पकड़ा गया, जिससे 2021 के बाद से गिरफ्तारियों की कुल संख्या फरवरी की शुरुआत तक 24 हो गई । जवाब में, संयुक्त राष्ट्र ने हूथियों के गढ़ सादा प्रांत में अपने मानवीय अभियान स्थगित कर दिए ।
31 अगस्त, 2025 — कम से कम 11 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों को गिरफ्तार किया गया। हूथी विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के परिसर में जबरन घुसे और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की संपत्तियों को जब्त कर लिया ।
19 अक्टूबर, 2025 — सना में संयुक्त राष्ट्र के एक केंद्र पर छापे में करीब 20 कर्मचारियों को पकड़ा गया, जिससे कुल संख्या 50 के पार पहुंच गई ।
22 अक्टूबर, 2025 — हूथियों ने एक दर्जन अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों को रिहा किया और तीन अन्य को परिसर में स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति दी, लेकिन स्थानीय कर्मचारी अब भी बंदी बने रहे ।
18-19 दिसंबर, 2025 — 10 और स्थानीय संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी गिरफ्तार, जिससे कुल संख्या 69 पहुंच गई ।
जून 2026 तक — पहली सामूहिक गिरफ्तारी के दो साल बाद भी, 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मी हूथियों की हिरासत में हैं ।
जासूसी के आरोप और दिखावटी मुकदमे
हूथियों ने लगातार पकड़े गए संयुक्त राष्ट्र और NGO कर्मियों पर इज़राइल, संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी सहयोगियों के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया ।
सितंबर 2025 में, हूथी-नियंत्रित विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र की कानूनी सुरक्षा को "जासूसी गतिविधियों के लिए ढाल नहीं बनना चाहिए" ।
अक्टूबर 2025 में, हूथी अधिकारियों ने घोषणा की कि 43 स्थानीय संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों पर हूथी नेताओं को निशाना बनाने वाले एक इज़राइली हवाई हमले में शामिल होने के संदेह में मुकदमा चलाया जाएगा । संयुक्त राष्ट्र ने इन दावों को लगातार निराधार बताया है ।
23 नवंबर, 2025 को, सना में हूथियों द्वारा संचालित एक विशेष आपराधिक अदालत ने इज़राइल और पश्चिमी देशों से जुड़े जासूसी के आरोपों में 17 लोगों को गोली मारकर मौत की सजा सुनाई ।
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने दस्तावेजीकरण किया है कि बंदियों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के, बाहरी दुनिया से संपर्कहीन रखा गया, जो कि जबरन गायब किए जाने जैसा है ।
WFP कर्मचारी की हिरासत में मौत
23 जनवरी, 2025 को, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक यमनी कर्मचारी (जिसे WFP ने "अहमद" नाम दिया) को हूथी अधिकारियों ने मनमाने ढंग से हिरासत में ले लिया ।
10 फरवरी, 2025 को, हिरासत में ही उनकी मृत्यु हो गई । संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि वे "दुखी और क्रोधित" हैं, उन्होंने इस मौत की निंदा करते हुए जांच की मांग की ।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अलग से हूथियों से हिरासत में हुई इस मौत की तत्काल जांच करने का आह्वान किया ।
फ्रांस ने "गहरा आक्रोश" व्यक्त किया और नजरबंदी की स्थितियों को "अमानवीय" बताया ।
मानवीय अभियानों पर प्रभाव
फरवरी 2025 में, जनवरी की गिरफ्तारियों और WFP कर्मचारी की मौत के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने हूथियों के गढ़ सादा प्रांत में अपने मानवीय अभियान स्थगित कर दिए ।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने बताया कि गिरफ्तारियों ने संकटग्रस्त यमन में "सहायता को ठप कर दिया" है, जहां 2.1 करोड़ से अधिक लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत है ।
WFP ने सितंबर 2025 में बताया कि उसके अपने 21 कर्मचारी बंदियों में शामिल हैं और ये गिरफ्तारियां सीधे तौर पर खाद्य सहायता पहुंचाने में बाधा डाल रही हैं ।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि सहायता कर्मियों को निशाना बनाना दुनिया के सबसे भीषण मानवीय संकटों में से एक में पूरी मानवीय प्रतिक्रिया को कमजोर करता है।
बिना शर्त रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय आह्वान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद — 6 जून, 2026 को, परिषद ने गिरफ्तारियों की "कड़े शब्दों में" निंदा की और सभी 73 बंदी संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की । इसने जून 2025 में, पहली लहर के एक साल बाद भी ऐसे ही बयान जारी किए थे ।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस — बार-बार गिरफ्तारियों की निंदा की है, हाल ही में 10 जून, 2026 को, उन्होंने इन्हें "मनमाना" बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की ।
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) — 7 जून, 2026 को, उसने CIHRS के साथ मिलकर सभी मनमाने ढंग से पकड़े गए कर्मियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई का आह्वान किया और यह भी दस्तावेजीकरण किया कि गिरफ्तारियां जीवनरक्षक सहायता को रोक रही हैं । जनवरी 2026 में, HRW ने संयुक्त राष्ट्र और संबंधित सरकारों से "अपनी शक्ति में हर संभव कार्रवाई" करने का आग्रह किया ।
एमनेस्टी इंटरनेशनल — 6 जून, 2026 को, CIHRS और HRW के साथ मिलकर, सभी मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए संयुक्त राष्ट्र और नागरिक समाज के कर्मचारियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई का आह्वान किया । इससे पहले, जुलाई 2024 और फरवरी 2025 में, एमनेस्टी ने रिहाई और WFP कर्मचारी की मौत की जांच की अलग से मांग की थी ।
संयुक्त राजनयिक बयान — जून 2024 और जनवरी 2025 में, अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के सदस्य देशों, जापान, कनाडा और अन्य सहित दर्जनों संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों के समूहों ने संयुक्त बयान जारी कर गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की और रिहाई की मांग की ।