IRB बार्सिलोना और BSC CNS के डॉ. टोनी गैबाल्डन के नेतृत्व में 10 जून 2026 को नेचर में प्रकाशित एक नए अध्ययन ने यूकेरियोजेनेसिस की पारंपरिक 'दो साझेदार' कहानी को चुनौती दी है। शोध से पता चलता है कि अंतिम यूकेरियोटिक सामान्य पूर्वज (LECA) को आकार देने वाली प्रक्रिया लंबी और सामुदायिक थी, जिसमें माइक्सोकोकोटा और प्लैंक...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did the study published in Nature find about the evolutionary origins of the last eukaryotic common ancestor (LECA), and how does it ch. Article summary: **Broadened cast of contributors** — Beyond the archaeal host and the ancestral mitochondrion, the study identifies strong evolutionary signals from two additional bacterial phyla: **Myxococcota** and **Planctomycetota**. Topic tags: general, government, academic, general web, education. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "A **.gov** website belongs to an official government organization in the United States. # Highlight: Unraveling the Origins of LUCA and LECA on the Tree of Life. The latest Virtual" source context "Highlight: Unraveling the Origins of LUCA and LECA on the Tree of Life - PMC" Reference image 2: vi
सृष्टि के विकास की एक सबसे बड़ी पहेली – जटिल कोशिका (यूकेरियोटिक कोशिका) की उत्पत्ति – को लेकर वैज्ञानिकों की समझ में अब एक बड़ा बदलाव आया है। अब तक यह माना जाता था कि पेड़-पौधों, जानवरों और कवक जैसे सभी जटिल जीवन की बुनियाद एक ऐतिहासिक 'दो-साझेदारों' की सांठगांठ से पड़ी, जब एक प्राचीन आर्किया ने एक अल्फाप्रोटियोबैक्टीरिया को निगला, जो बाद में माइटोकॉन्ड्रिया बना। लेकिन 10 जून, 2026 को प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर में प्रकाशित एक नया अध्ययन इस कहानी को अधूरा बताता है।
IRB बार्सिलोना और बार्सिलोना सुपरकंप्यूटिंग सेंटर (BSC-CNS) के शोधकर्ता डॉ. टोनी गैबाल्डन के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन के अनुसार, सभी यूकेरियोट्स के अंतिम सामान्य पूर्वज (जिसे LECA कहते हैं) का जन्म किसी एक आकस्मिक घटना से नहीं, बल्कि एक लंबी, क्रमिक और सामुदायिक प्रक्रिया से हुआ। यह एक ऐसे 'माइक्रोबियल गांव' की कहानी है, जहां अलग-अलग सूक्ष्मजीवों और विशालकाय विषाणुओं ने मिलकर जटिल जीवन की नींव रखी।
शोधकर्ताओं ने जब आणविक पुरातत्व की तरह LECA के प्रोटीन परिवारों का पुनर्निर्माण कर उनकी उत्पत्ति का पता लगाया, तो तस्वीर और साफ हुई। इसमें सिर्फ आर्किया होस्ट और माइटोकॉन्ड्रिया के पूर्वज (अल्फाप्रोटियोबैक्टीरिया) ही नहीं, बल्कि दो अन्य जीवाणु समूहों के भी मजबूत विकासवादी संकेत मिले:
अध्ययन का एक और दिलचस्प पहलू यह है कि इन सभी साझेदारों का योगदान एक ही समय पर नहीं हुआ। विश्लेषण से पता चला कि प्लैंक्टोमाइसिटोटा का विकासवादी संकेत अधिक पुराना है, जबकि माइक्सोकोकोटा और अल्फाप्रोटियोबैक्टीरिया (माइटोकॉन्ड्रिया का पूर्वज) का संकेत समय के हिसाब से एक-दूसरे के करीब और बाद का है। यह चरणबद्ध क्रम इस बात का समर्थन करता है कि जटिलता का निर्माण धीरे-धीरे, आनुवंशिक और चयापचय क्षमताओं के क्रमिक संचय से हुआ।
शोध में एक तीसरा और बेहद आश्चर्यजनक किरदार भी सामने आया: विशालकाय विषाणु (Giant Viruses)। ये विषाणु, जो न्यूक्लियोसाइटोविरिकोटा (Nucleocytoviricota) समूह के हैं, आकार और जटिलता में कुछ जीवाणुओं की बराबरी कर सकते हैं। अध्ययन बताता है कि प्रारंभिक यूकेरियोट विकास के दौरान जो कुछ जीन जुड़े, वे इन्हीं विशालकाय विषाणुओं से आए प्रतीत होते हैं।
इन विषाणुओं ने संभवतः एक 'जीन वाहन' की तरह काम किया, जो विभिन्न सूक्ष्मजीवों के बीच आनुवंशिक सामग्री की अदला-बदली कर रहे थे। गैबाल्डन के शब्दों में, "हमारा अध्ययन बताता है कि यह कहानी अधूरी है और मंच पर और भी कलाकार थे, जिनमें अन्य जीवाणु समूह और विशालकाय विषाणु शामिल थे, जिन्होंने जीन आदान-प्रदान को सुगम बनाया।"
यह अध्ययन हमारी सोच को पूरी तरह बदल देता है। यह जटिल जीवन की शुरुआत को एक अकेली एंडोसिम्बायोटिक घटना के रूप में देखने के बजाय, इसे सूक्ष्मजीवी चटाइयों (microbial mats) जैसे समृद्ध वातावरण में हुए एक सहयोगी प्रयास के रूप में स्थापित करता है। यहां अलग-अलग जीव लंबे समय तक साथ रहे और उनके बीच अनुवांशिक सामग्री का आदान-प्रदान होता रहा। यह 'दो की साझेदारी' से कहीं आगे, 'पूरे गांव' की कहानी है।
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IRB बार्सिलोना और BSC CNS के डॉ. टोनी गैबाल्डन के नेतृत्व में 10 जून 2026 को नेचर में प्रकाशित एक नए अध्ययन ने यूकेरियोजेनेसिस की पारंपरिक 'दो साझेदार' कहानी को चुनौती दी है।
IRB बार्सिलोना और BSC CNS के डॉ. टोनी गैबाल्डन के नेतृत्व में 10 जून 2026 को नेचर में प्रकाशित एक नए अध्ययन ने यूकेरियोजेनेसिस की पारंपरिक 'दो साझेदार' कहानी को चुनौती दी है। शोध से पता चलता है कि अंतिम यूकेरियोटिक सामान्य पूर्वज (LECA) को आकार देने वाली प्रक्रिया लंबी और सामुदायिक थी, जिसमें माइक्सोकोकोटा और प्लैंक्टोमाइसिटोटा जैसे अतिरिक्त जीवाणु समूह और न्यूक्लियोसाइटोविरिकोटा जैसे विशा...
अध्ययन में पाया गया कि जीवाणुओं का योगदान एक साथ नहीं हुआ, जो LECA के क्रमिक विकास को दर्शाता है, और विशालकाय विषाणुओं ने जीन आदान प्रदान में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। [1]