यह पुरस्कार तीन 'आकाशगंगा पुरातत्वविदों' को दिया गया, जिन्होंने बेहद बारीकी से हमारी घरेलू आकाशगंगा, मिल्की वे, के उथल-पुथल भरे विकास का पुनर्निर्माण किया। उनकी सबसे बड़ी खोज यह थी कि हमारी आकाशगंगा शांत एकांत में नहीं बनी, बल्कि अरबों सालों में छोटी सहायक आकाशगंगाओं को निगल-निगलकर बड़ी हुई। इस प्रक्रिया ने प्राचीन टकरावों का एक विशाल जीवाश्म रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया ।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के गाइया (Gaia) उपग्रह से प्राप्त लाखों तारों की स्थिति, गति और रासायनिक उंगलियों के निशान (chemical fingerprints) के सटीक माप का उपयोग करते हुए , इस टीम ने अलग-अलग तारकीय धाराओं (stellar streams) की पहचान की। दरअसल, ये तारकीय धाराएँ उन बौनी आकाशगंगाओं के खिंचे हुए और धीरे-धीरे घुलते अवशेष हैं, जिन्हें मिल्की वे के गुरुत्वाकर्षण ने तोड़ डाला
। आसमान में इन धाराओं का पीछा करके, वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा के चारों ओर मौजूद अदृश्य डार्क मैटर के वितरण का नक्शा तैयार किया, क्योंकि ये धाराएँ एक संवेदनशील गुरुत्वाकर्षण जाँच उपकरण की तरह काम करती हैं
। इस काम ने तारकीय धाराओं को एक ऐसे औज़ार में बदल दिया जिससे हम अपनी आकाशगंगा को ढँकने वाले अदृश्य डार्क मैटर के विशाल आवरण (halo) को तोल और माप सकते हैं
।
आधिकारिक घोषणा के अनुसार, पुरस्कार विजेता तीन महाद्वीपों की नौ विभिन्न राष्ट्रीयताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं । प्रेस सामग्री में उल्लिखित नागरिकताओं में बेलोकुरोव (ब्रिटेन), हेल्मी (नीदरलैंड), और इबाटा (फ्रांस) शामिल हैं
।
पुरस्कार विजेता: ईवा वाई. एंड्रेई (रटगर्स विश्वविद्यालय, अमेरिका), पाब्लो जारिलो-हेरेरो (एमआईटी, अमेरिका), एलन एच. मैकडोनाल्ड (टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन, अमेरिका) ।
प्रशस्ति पत्र: "उस आधारभूत कार्य के लिए जिसने ट्विस्ट्रोनिक्स (Twistronics) के क्षेत्र की स्थापना की" ।
नैनो जगत में, 2026 का पुरस्कार एक ऐसी खोज के लिए दिया गया जो किसी कीमियागरी जैसी लगती है। इन तीन भौतिकविदों ने दिखाया कि कार्बन की दो एक-परमाणु-मोटी चादरों (ग्राफीन) को एक-दूसरे के ऊपर रखकर, और एक को लगभग 1.1 डिग्री के एक विशिष्ट "मैजिक एंगल" पर घुमाने पर, असाधारण इलेक्ट्रॉनिक व्यवहार पैदा होते हैं जो अलग-अलग परतों में नहीं होते ।
एलन मैकडोनाल्ड ने 2011 में सैद्धांतिक रूप से भविष्यवाणी की थी कि इस सटीक कोण पर बाईलेयर ग्राफीन को मोड़ने से इलेक्ट्रॉनों का ऊर्जा परिदृश्य (energy landscape) सपाट हो जाएगा, जो विदेशी क्वांटम घटनाओं के लिए एक खेल का मैदान तैयार करेगा । इसके बाद पाब्लो जारिलो-हेरेरो और उनकी टीम ने 2018 में प्रायोगिक तौर पर इसे प्रदर्शित किया, और उन्होंने देखा कि केवल इलेक्ट्रॉन घनत्व को बदलकर इस पदार्थ को एक विद्युतरोधी (insulator) और एक अतिचालक (superconductor — बिना किसी प्रतिरोध के बिजली का संचालन करने वाला) के बीच बदला जा सकता है
। ईवा एंड्रेई ने स्कैनिंग-टनलिंग माइक्रोस्कोपी के ज़रिए मौलिक कार्य किया, जिससे सीधे देखा जा सका कि ये इलेक्ट्रॉनिक गुण मुड़े हुए परमाणु परिदृश्य से कैसे उभरते हैं
।
यह क्षेत्र, जिसे अब ट्विस्ट्रोनिक्स के नाम से जाना जाता है, ने पदार्थ इंजीनियरिंग के एक नए युग का सूत्रपात किया है। रासायनिक संरचना बदलने के बजाय, अब वैज्ञानिक ज्यामितीय मोड़ों को नियंत्रित करके पदार्थों को नई क्वांटम अवस्थाओं में डाल सकते हैं, जो अधिक मजबूत सुपरकंडक्टर्स और नए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का रास्ता खोलता है ।
पुरस्कार विजेता: क्रिस्टीन होल्ट (यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, ब्रिटेन), केल्सी सी. मार्टिन (सिमंस फाउंडेशन, अमेरिका), एरिन शुमान (मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर ब्रेन रिसर्च, जर्मनी / यूसीएल, ब्रिटेन), ओसवाल्ड स्टीवर्ड (कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, इरविन, अमेरिका) ।
प्रशस्ति पत्र: "न्यूरॉन्स में स्थानीय प्रोटीन अनुवाद (local protein translation) की खोज और मस्तिष्क के विकास और प्लास्टिसिटी के लिए इसके महत्व को स्थापित करने के लिए" ।
तंत्रिका विज्ञान के पुरस्कार ने एक क्लासिक जैविक धारणा को ही उलट दिया। दशकों से, प्रचलित मान्यता यह थी कि न्यूरॉन्स (तंत्रिका कोशिकाएँ) अपनी सारी प्रोटीन केंद्रीय कोशिका काय (cell body) में बनाती हैं और फिर उन्हें ज़रूरतमंद सिनेप्स (दो न्यूरॉन्स के बीच का जंक्शन) तक भेज देती हैं । वैज्ञानिकों की इस चौकड़ी ने साबित कर दिया कि न्यूरॉन्स के पास इससे कहीं अधिक सुंदर प्रणाली है: वे सिनेप्स पर जिन विशिष्ट प्रोटीनों की ज़रूरत होती है, उनका स्थानीय स्तर पर, सिनेप्स पर ही निर्माण कर लेते हैं
।
यह खोज सीखने और स्मृति को समझने के लिए मौलिक आधार है। जब एक सिनेप्स को उत्तेजित किया जाता है, तो तीव्र स्थानीय प्रोटीन संश्लेषण उस विशेष कनेक्शन को दूर स्थित केंद्रक (nucleus) से आदेशों की प्रतीक्षा किए बिना मजबूत या कमजोर होने की अनुमति देता है, जो मस्तिष्क की प्लास्टिसिटी (नयी परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता) का आणविक आधार प्रदान करता है । होल्ट, मार्टिन, शुमान और स्टीवर्ड के सामूहिक कार्य ने प्रदर्शित किया कि राइबोसोम (प्रोटीन बनाने वाली कोशिकीय मशीनें) डेंड्राइट्स और एक्सॉन में तैनात रहती हैं, और यह स्थानीय संश्लेषण विकासशील मस्तिष्क के सही तरीके से जुड़ने और वयस्क मस्तिष्क के नए अनुभवों के अनुकूल ढलने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है
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तीनों कावली पुरस्कारों ने उन कार्यों को सम्मानित किया जिन्होंने एक मौलिक नज़रिए को बदल दिया — आकाशगंगाएँ कैसे बनती हैं, पदार्थों को नियंत्रित करने के नए तरीके, और दिमाग कैसे याद रखता है। 2026 के इन पुरस्कार विजेताओं को सितंबर में नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में एक समारोह में अपना 10-10 लाख डॉलर का पुरस्कार प्राप्त होगा, जिसकी अध्यक्षता नॉर्वे का शाही परिवार करेगा ।
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