येल का नया ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस: दिमाग की प्राकृतिक तारों से सीधा संवाद
येल यूनिवर्सिटी की एक टीम ने दिखाया कि प्रतिभागी एक घंटे से भी कम समय में केवल अपने विचारों से एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख सकते हैं यह पिछले BCI सिस्टम से एक नाटकीय सुधार है जिनमें अक्सर 10 सत्र लगते थे... रीयल टाइम fMRI के उपयोग से विज़ुअल कॉर्टेक्स की आंतरिक तंत्रिकीय ज्यामिति की मैपिंग करके, इस सिस्...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
येल यूनिवर्सिटी की एक टीम ने दिखाया कि प्रतिभागी एक घंटे से भी कम समय में केवल अपने विचारों से एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख सकते हैं यह पिछले BCI सिस्टम से एक नाटकीय सुधार है जिनमें अक्सर 10 सत्र लगते थे...
रीयल टाइम fMRI के उपयोग से विज़ुअल कॉर्टेक्स की आंतरिक तंत्रिकीय ज्यामिति की मैपिंग करके, इस सिस्टम ने उपयोगकर्ताओं को प्राकृतिक मार्गों के साथ मस्तिष्क गतिविधि को संशोधित करने की अनुमति दी।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह 'मस्तिष्क संरेखित' दृष्टिकोण न्यूरोटेक्नोलॉजी में क्रांति ला सकता है, जिससे भविष्य के BCI मोटर विकारों, अवसाद, चिंता और यहां तक कि उपभोक्ता गेमिंग के इलाज के लिए तेज़ और अधिक सुलभ हो जाएंगे।
What did a Yale University team demonstrate about brain-computer interfaces in a June 9 Nature Neuroscience study, including the key principYale's new BCI design follows the brain's own neural routes, allowing rapid learning. Credit: AI-generated image.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did a Yale University team demonstrate about brain-computer interfaces in a June 9 Nature Neuroscience study, including the key princip. Article summary: Here's what the Yale team demonstrated in their June 9 *Nature Neuroscience* study:. Topic tags: general, government, education, academic, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Brain-computer interfaces (BCIs) promise to improve the lives of people with neurological conditions. A new Yale study explains how to protect" source context "Study offers measures for safeguarding brain implants | Yale News" Reference image 2: visual subject "A white-tailed deer outfitted with a GPS tracking device peers into an automated camera trap in Staten Island, New York." source context "Study offers measures for safeguar
openai.com
येल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) के विकास की एक बड़ी बाधा को पूरी तरह से पलट दिया है। 9 जून को नेचर न्यूरोसाइंस में प्रकाशित एक अध्ययन में, उन्होंने दिखाया कि गैर-आक्रामक (नॉन-इनवेसिव) BCI का धीमा, बेढंगा और अप्रभावी होना ज़रूरी नहीं है। इसका रहस्य न तो बेहतर हार्डवेयर है और न ही अधिक डेटा—यह डिज़ाइन दर्शन में एक बुनियादी बदलाव है: दिमाग को एक मनमाना इंटरफेस सीखने के लिए मजबूर करने के बजाय, टीम ने एक ऐसा सिस्टम बनाया जो मस्तिष्क के अपने प्राकृतिक ऑपरेटिंग सिस्टम के अनुकूल हो जाता है ।
मूल सिद्धांत: दिमाग के प्राकृतिक मार्गों का अनुसरण
येल अध्ययन की केंद्रीय अंतर्दृष्टि यह है कि तंत्रिकीय गतिविधि बेतरतीब ढंग से नहीं होती। यह अच्छी तरह से परिचित, कम-आयामी "मैनिफोल्ड" पर चलती है - इन्हें मस्तिष्क के पसंदीदा राजमार्गों के रूप में सोचें। पिछले BCI अक्सर उपयोगकर्ताओं से मस्तिष्क गतिविधि के बेतरतीब पैटर्न उत्पन्न करने के लिए कहते थे, अनिवार्य रूप से उन्हें ऑफ-रोड ड्राइविंग करने के लिए मजबूर करते थे। पहली लेखिका एरिका बुश के नेतृत्व में येल टीम ने इसके विपरीत दृष्टिकोण अपनाया ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"येल का नया ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस: दिमाग की प्राकृतिक तारों से सीधा संवाद" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
येल यूनिवर्सिटी की एक टीम ने दिखाया कि प्रतिभागी एक घंटे से भी कम समय में केवल अपने विचारों से एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख सकते हैं यह पिछले BCI सिस्टम से एक नाटकीय सुधार है जिनमें अक्सर 10 सत्र लगते थे...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
येल यूनिवर्सिटी की एक टीम ने दिखाया कि प्रतिभागी एक घंटे से भी कम समय में केवल अपने विचारों से एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख सकते हैं यह पिछले BCI सिस्टम से एक नाटकीय सुधार है जिनमें अक्सर 10 सत्र लगते थे... रीयल टाइम fMRI के उपयोग से विज़ुअल कॉर्टेक्स की आंतरिक तंत्रिकीय ज्यामिति की मैपिंग करके, इस सिस्टम ने उपयोगकर्ताओं को प्राकृतिक मार्गों के साथ मस्तिष्क गतिविधि को संशोधित करने की अनुमति दी।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह 'मस्तिष्क संरेखित' दृष्टिकोण न्यूरोटेक्नोलॉजी में क्रांति ला सकता है, जिससे भविष्य के BCI मोटर विकारों, अवसाद, चिंता और यहां तक कि उपभोक्ता गेमिंग के इलाज के लिए तेज़ और अधिक सुलभ हो जाएंगे।
येल का नया ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस: दिमाग की प्राकृतिक तारों से सीधा संवाद
येल यूनिवर्सिटी की एक टीम ने दिखाया कि प्रतिभागी एक घंटे से भी कम समय में केवल अपने विचारों से एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख सकते हैं यह पिछले BCI सिस्टम से एक नाटकीय सुधार है जिनमें अक्सर 10 सत्र लगते थे... रीयल टाइम fMRI के उपयोग से विज़ुअल कॉर्टेक्स की आंतरिक तंत्रिकीय ज्यामिति की मैपिंग करके, इस सिस्...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
येल यूनिवर्सिटी की एक टीम ने दिखाया कि प्रतिभागी एक घंटे से भी कम समय में केवल अपने विचारों से एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख सकते हैं यह पिछले BCI सिस्टम से एक नाटकीय सुधार है जिनमें अक्सर 10 सत्र लगते थे...
रीयल टाइम fMRI के उपयोग से विज़ुअल कॉर्टेक्स की आंतरिक तंत्रिकीय ज्यामिति की मैपिंग करके, इस सिस्टम ने उपयोगकर्ताओं को प्राकृतिक मार्गों के साथ मस्तिष्क गतिविधि को संशोधित करने की अनुमति दी।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह 'मस्तिष्क संरेखित' दृष्टिकोण न्यूरोटेक्नोलॉजी में क्रांति ला सकता है, जिससे भविष्य के BCI मोटर विकारों, अवसाद, चिंता और यहां तक कि उपभोक्ता गेमिंग के इलाज के लिए तेज़ और अधिक सुलभ हो जाएंगे।
What did a Yale University team demonstrate about brain-computer interfaces in a June 9 Nature Neuroscience study, including the key principYale's new BCI design follows the brain's own neural routes, allowing rapid learning. Credit: AI-generated image.
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येल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) के विकास की एक बड़ी बाधा को पूरी तरह से पलट दिया है। 9 जून को नेचर न्यूरोसाइंस में प्रकाशित एक अध्ययन में, उन्होंने दिखाया कि गैर-आक्रामक (नॉन-इनवेसिव) BCI का धीमा, बेढंगा और अप्रभावी होना ज़रूरी नहीं है। इसका रहस्य न तो बेहतर हार्डवेयर है और न ही अधिक डेटा—यह डिज़ाइन दर्शन में एक बुनियादी बदलाव है: दिमाग को एक मनमाना इंटरफेस सीखने के लिए मजबूर करने के बजाय, टीम ने एक ऐसा सिस्टम बनाया जो मस्तिष्क के अपने प्राकृतिक ऑपरेटिंग सिस्टम के अनुकूल हो जाता है ।
मूल सिद्धांत: दिमाग के प्राकृतिक मार्गों का अनुसरण
येल अध्ययन की केंद्रीय अंतर्दृष्टि यह है कि तंत्रिकीय गतिविधि बेतरतीब ढंग से नहीं होती। यह अच्छी तरह से परिचित, कम-आयामी "मैनिफोल्ड" पर चलती है - इन्हें मस्तिष्क के पसंदीदा राजमार्गों के रूप में सोचें। पिछले BCI अक्सर उपयोगकर्ताओं से मस्तिष्क गतिविधि के बेतरतीब पैटर्न उत्पन्न करने के लिए कहते थे, अनिवार्य रूप से उन्हें ऑफ-रोड ड्राइविंग करने के लिए मजबूर करते थे। पहली लेखिका एरिका बुश के नेतृत्व में येल टीम ने इसके विपरीत दृष्टिकोण अपनाया ।
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अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"येल का नया ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस: दिमाग की प्राकृतिक तारों से सीधा संवाद" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
येल यूनिवर्सिटी की एक टीम ने दिखाया कि प्रतिभागी एक घंटे से भी कम समय में केवल अपने विचारों से एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख सकते हैं यह पिछले BCI सिस्टम से एक नाटकीय सुधार है जिनमें अक्सर 10 सत्र लगते थे...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
येल यूनिवर्सिटी की एक टीम ने दिखाया कि प्रतिभागी एक घंटे से भी कम समय में केवल अपने विचारों से एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख सकते हैं यह पिछले BCI सिस्टम से एक नाटकीय सुधार है जिनमें अक्सर 10 सत्र लगते थे... रीयल टाइम fMRI के उपयोग से विज़ुअल कॉर्टेक्स की आंतरिक तंत्रिकीय ज्यामिति की मैपिंग करके, इस सिस्टम ने उपयोगकर्ताओं को प्राकृतिक मार्गों के साथ मस्तिष्क गतिविधि को संशोधित करने की अनुमति दी।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह 'मस्तिष्क संरेखित' दृष्टिकोण न्यूरोटेक्नोलॉजी में क्रांति ला सकता है, जिससे भविष्य के BCI मोटर विकारों, अवसाद, चिंता और यहां तक कि उपभोक्ता गेमिंग के इलाज के लिए तेज़ और अधिक सुलभ हो जाएंगे।
शोधकर्ता बताते हैं, "मस्तिष्क में गतिविधि अच्छी तरह से परिचित मार्गों पर चलती है। BCI का उपयोग करना सीखने की कुंजी इन मार्गों के विरुद्ध नहीं, बल्कि इनके साथ काम करना है" ।
उनका सिस्टम रीयल-टाइम में इन आंतरिक मैनिफोल्ड संरचनाओं की खोज करने के लिए एक मशीन-लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करता है। फिर न्यूरोफीडबैक को उपयोगकर्ताओं को इन प्राकृतिक मार्गों पर मार्गदर्शन करने के लिए तैयार किया जाता है, जिससे वे नियंत्रण प्राप्त करने के लिए नई दिशाओं में मैनिफोल्ड का विस्तार कर सकते हैं ।
मुख्य खोज: घंटों की निराशा से 60 मिनट से कम समय में सफलता
परिणाम आश्चर्यजनक थे। ज्यामिति-संरेखित BCI का उपयोग करने वाले प्रतिभागियों ने एक घंटे से भी कम समय में एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख लिया। यह पहले के रीयल-टाइम fMRI-आधारित BCI के विपरीत है, जिसमें अक्सर प्रति व्यक्ति 10 लंबे प्रशिक्षण सत्रों की आवश्यकता होती थी। इसके अलावा, उन पुराने सिस्टम में, लगभग एक-तिहाई उपयोगकर्ताओं ने कभी भी विश्वसनीय नियंत्रण हासिल नहीं किया ।
नए दृष्टिकोण ने अनिवार्य रूप से गैर-सीखने वालों की समस्या को समाप्त कर दिया, यह प्रदर्शित करते हुए कि जब इंटरफ़ेस मस्तिष्क की प्राकृतिक संरचना का सम्मान करता है, तो तीव्र, सार्वभौमिक BCI नियंत्रण संभव है ।
कार्यप्रणाली: रीयल-टाइम fMRI और विज़ुअल कॉर्टेक्स
टीम ने रीयल-टाइम न्यूरोफीडबैक प्रदान करने के लिए फंक्शनल मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (fMRI) का उपयोग किया, विशेष रूप से विज़ुअल कॉर्टेक्स (दृश्य प्रांतस्था) पर ध्यान केंद्रित किया। प्रतिभागियों ने मैनिफोल्ड-लर्निंग एल्गोरिदम द्वारा पहचाने गए आयामों के साथ इस मस्तिष्क क्षेत्र में गतिविधि को संशोधित करना सीखा। यह लक्षित दृष्टिकोण मनमाने मस्तिष्क क्षेत्रों या पैटर्न के प्रशिक्षण से एक प्रस्थान है, जो BCI को एक विशिष्ट, अच्छी तरह से समझी जाने वाली तंत्रिकीय प्रणाली में आधारित करता है ।
जब आप सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं तो क्या होता है
अध्ययन ने केवल यह साबित नहीं किया कि क्या काम करता है—इसने यह भी साबित किया कि क्या विफल रहता है। जब BCI को जानबूझकर मस्तिष्क की प्राकृतिक ज्यामिति के विरुद्ध काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, प्रतिभागियों को उन आयामों में गतिविधि को संशोधित करने के लिए कहकर जो आंतरिक तंत्रिकीय संरचना से खराब रूप से मेल खाते थे, तो सीखने की प्रक्रिया पूरी तरह से रुक गई। उपयोगकर्ताओं ने बहुत कम या कोई सुधार नहीं दिखाया, पिछले BCI डिज़ाइनों के निराशाजनक प्रदर्शन को पूरी तरह से दोहराते हुए ।
यह खोज एक तकनीकी फुटनोट से कहीं अधिक है; यह एक कारणात्मक व्याख्या प्रदान करती है कि पहले के गैर-आक्रामक BCI अक्सर संघर्ष क्यों करते थे। बाधा कभी भी केवल सिग्नल की गुणवत्ता या उपयोगकर्ता का प्रयास नहीं थी - यह इंटरफ़ेस डिज़ाइन और मस्तिष्क की परिचालन वास्तुकला के बीच एक बुनियादी बेमेल था।
अध्ययन के पीछे की टीम
यह शोध येल में एक अंतर-विषयक प्रयास था। एरिका बुश, एक हालिया पीएच.डी., अध्ययन की पहली लेखिका थीं। सह-लेखिका स्मिता कृष्णास्वामी, येल के जेनेटिक्स और कंप्यूटर साइंस विभागों से, और निकोलस तुर्क-ब्राउन, मनोविज्ञान विभाग से हैं। अन्य लेखकों में ई. चंद्रा फिन्के और गिलौम लाजोई शामिल हैं ।
चिकित्सा, गेमिंग और उससे परे के लिए व्यापक निहितार्थ
इसके निहितार्थ वीडियो गेम से कहीं आगे तक फैले हुए हैं। लेखकों का तर्क है कि मस्तिष्क के साथ बातचीत करने के लिए डिज़ाइन की गई कोई भी न्यूरोटेक्नोलॉजी—चाहे वह मोटर या संचार विकारों वाले लोगों की मदद करने, अवसाद या चिंता के लिए उपचार विकसित करने, या अगली पीढ़ी के उपभोक्ता उपकरणों के निर्माण के लिए हो—अधिक प्रभावी होगी यदि इसे मस्तिष्क की प्राकृतिक ज्यामिति के आसपास बनाया गया हो। यह अध्ययन इन हस्तक्षेपों को तेज़, अधिक प्रभावी और अधिक सुलभ बनाने के लिए एक खाका तैयार करता है ।
यह मानव-प्रथम, ज्यामिति-संरेखित डिज़ाइन दर्शन एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। जैसा कि शोध पर एक लेख ने सुझाव दिया, यह जल्द ही पारंपरिक वीडियो गेम कंट्रोलर के लिए "गेम ओवर" हो सकता है - किसी एक उपकरण के कारण नहीं, बल्कि मस्तिष्क को सुनने के एक अधिक स्मार्ट तरीके के कारण ।
Expanding Brain–Computer Interfaces for Controlling Epilepsy ...
शोधकर्ता बताते हैं, "मस्तिष्क में गतिविधि अच्छी तरह से परिचित मार्गों पर चलती है। BCI का उपयोग करना सीखने की कुंजी इन मार्गों के विरुद्ध नहीं, बल्कि इनके साथ काम करना है" ।
उनका सिस्टम रीयल-टाइम में इन आंतरिक मैनिफोल्ड संरचनाओं की खोज करने के लिए एक मशीन-लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करता है। फिर न्यूरोफीडबैक को उपयोगकर्ताओं को इन प्राकृतिक मार्गों पर मार्गदर्शन करने के लिए तैयार किया जाता है, जिससे वे नियंत्रण प्राप्त करने के लिए नई दिशाओं में मैनिफोल्ड का विस्तार कर सकते हैं ।
मुख्य खोज: घंटों की निराशा से 60 मिनट से कम समय में सफलता
परिणाम आश्चर्यजनक थे। ज्यामिति-संरेखित BCI का उपयोग करने वाले प्रतिभागियों ने एक घंटे से भी कम समय में एक वीडियो गेम अवतार को नियंत्रित करना सीख लिया। यह पहले के रीयल-टाइम fMRI-आधारित BCI के विपरीत है, जिसमें अक्सर प्रति व्यक्ति 10 लंबे प्रशिक्षण सत्रों की आवश्यकता होती थी। इसके अलावा, उन पुराने सिस्टम में, लगभग एक-तिहाई उपयोगकर्ताओं ने कभी भी विश्वसनीय नियंत्रण हासिल नहीं किया ।
नए दृष्टिकोण ने अनिवार्य रूप से गैर-सीखने वालों की समस्या को समाप्त कर दिया, यह प्रदर्शित करते हुए कि जब इंटरफ़ेस मस्तिष्क की प्राकृतिक संरचना का सम्मान करता है, तो तीव्र, सार्वभौमिक BCI नियंत्रण संभव है ।
कार्यप्रणाली: रीयल-टाइम fMRI और विज़ुअल कॉर्टेक्स
टीम ने रीयल-टाइम न्यूरोफीडबैक प्रदान करने के लिए फंक्शनल मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (fMRI) का उपयोग किया, विशेष रूप से विज़ुअल कॉर्टेक्स (दृश्य प्रांतस्था) पर ध्यान केंद्रित किया। प्रतिभागियों ने मैनिफोल्ड-लर्निंग एल्गोरिदम द्वारा पहचाने गए आयामों के साथ इस मस्तिष्क क्षेत्र में गतिविधि को संशोधित करना सीखा। यह लक्षित दृष्टिकोण मनमाने मस्तिष्क क्षेत्रों या पैटर्न के प्रशिक्षण से एक प्रस्थान है, जो BCI को एक विशिष्ट, अच्छी तरह से समझी जाने वाली तंत्रिकीय प्रणाली में आधारित करता है ।
जब आप सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं तो क्या होता है
अध्ययन ने केवल यह साबित नहीं किया कि क्या काम करता है—इसने यह भी साबित किया कि क्या विफल रहता है। जब BCI को जानबूझकर मस्तिष्क की प्राकृतिक ज्यामिति के विरुद्ध काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, प्रतिभागियों को उन आयामों में गतिविधि को संशोधित करने के लिए कहकर जो आंतरिक तंत्रिकीय संरचना से खराब रूप से मेल खाते थे, तो सीखने की प्रक्रिया पूरी तरह से रुक गई। उपयोगकर्ताओं ने बहुत कम या कोई सुधार नहीं दिखाया, पिछले BCI डिज़ाइनों के निराशाजनक प्रदर्शन को पूरी तरह से दोहराते हुए ।
यह खोज एक तकनीकी फुटनोट से कहीं अधिक है; यह एक कारणात्मक व्याख्या प्रदान करती है कि पहले के गैर-आक्रामक BCI अक्सर संघर्ष क्यों करते थे। बाधा कभी भी केवल सिग्नल की गुणवत्ता या उपयोगकर्ता का प्रयास नहीं थी - यह इंटरफ़ेस डिज़ाइन और मस्तिष्क की परिचालन वास्तुकला के बीच एक बुनियादी बेमेल था।
अध्ययन के पीछे की टीम
यह शोध येल में एक अंतर-विषयक प्रयास था। एरिका बुश, एक हालिया पीएच.डी., अध्ययन की पहली लेखिका थीं। सह-लेखिका स्मिता कृष्णास्वामी, येल के जेनेटिक्स और कंप्यूटर साइंस विभागों से, और निकोलस तुर्क-ब्राउन, मनोविज्ञान विभाग से हैं। अन्य लेखकों में ई. चंद्रा फिन्के और गिलौम लाजोई शामिल हैं ।
चिकित्सा, गेमिंग और उससे परे के लिए व्यापक निहितार्थ
इसके निहितार्थ वीडियो गेम से कहीं आगे तक फैले हुए हैं। लेखकों का तर्क है कि मस्तिष्क के साथ बातचीत करने के लिए डिज़ाइन की गई कोई भी न्यूरोटेक्नोलॉजी—चाहे वह मोटर या संचार विकारों वाले लोगों की मदद करने, अवसाद या चिंता के लिए उपचार विकसित करने, या अगली पीढ़ी के उपभोक्ता उपकरणों के निर्माण के लिए हो—अधिक प्रभावी होगी यदि इसे मस्तिष्क की प्राकृतिक ज्यामिति के आसपास बनाया गया हो। यह अध्ययन इन हस्तक्षेपों को तेज़, अधिक प्रभावी और अधिक सुलभ बनाने के लिए एक खाका तैयार करता है ।
यह मानव-प्रथम, ज्यामिति-संरेखित डिज़ाइन दर्शन एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। जैसा कि शोध पर एक लेख ने सुझाव दिया, यह जल्द ही पारंपरिक वीडियो गेम कंट्रोलर के लिए "गेम ओवर" हो सकता है - किसी एक उपकरण के कारण नहीं, बल्कि मस्तिष्क को सुनने के एक अधिक स्मार्ट तरीके के कारण ।
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