नेतन्याहू ने ईरान पर एक बड़े पैमाने के जवाबी हमले को तब रद्द कर दिया जब ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि आगे बढ़ने पर इज़राइल को अमेरिकी समर्थन के बिना अकेले लड़ना होगा, जिससे 15 घंटे की शत्रुता अचानक समाप्त हो गई। युद्धविराम के बाद तेल की कीमतों में 1% की गिरावट आई और पिछली 5% की बढ़त खत्म हो गई, लेकिन होर्मुज़ जलडमरूमध्...

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तनाव एक व्यापक युद्ध की ओर बढ़ता दिख रहा था, जब इज़राइल और ईरान ने महीनों में एक-दूसरे पर सबसे बड़े हमले किए। फिर भी, लड़ाई शुरू होने के मात्र 15 घंटे बाद, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अचानक एक बड़े जवाबी ऑपरेशन को रद्द कर दिया। इसकी वजह थी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीधा और व्यक्तिगत हस्तक्षेप, जिन्होंने चेतावनी दी कि इज़राइल को पूरी तरह अकेले ईरान का सामना करने का जोखिम उठाना पड़ सकता है। इस फैसले ने तुरंत तेल बाजारों को प्रभावित किया और पूरे मध्य पूर्व में कूटनीतिक समीकरणों को बदल कर रख दिया, जिससे नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति पहले से कहीं अधिक कमजोर हो गई।
तनाव की शुरुआत रविवार, 7 जून, 2026 को हुई, जब इज़राइल ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने अप्रैल के युद्धविराम के बाद पहली बार उत्तरी इज़राइल पर मिसाइलें दागीं
। इज़राइल ने पलटवार करते हुए ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों और एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने हाइफा में इसी तरह की बुनियादी सुविधाओं और दो इज़राइली एयरबेसों पर हमला किया
। शुरुआती हमलों की इस जद्दोजहद के बाद, नेतन्याहू की सरकार ने ईरान के अंदर दर्जनों संवेदनशील लक्ष्यों पर हमला करने के लिए डिज़ाइन किए गए एक बहुत बड़े हमले की तैयारी कर ली थी
।
सोमवार, 8 जून, 2026 की सुबह, ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन किया और एक असंदिग्ध चेतावनी दी। उन्होंने इज़राइली नेता से कहा कि अमेरिका और ईरान एक व्यापक परमाणु समझौते पर बड़ी सफलता के करीब हैं और इज़राइल के लगातार हमले उस प्रगति को खतरे में डाल देंगे
। कई रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप का संदेश स्पष्ट था: "आप जल्द ही ईरान के खिलाफ अकेले रह सकते हैं"
। एक अन्य सूत्र ने उनके हवाले से कहा, "बीबी, बेहतर होगा कि आप सावधान रहें, या आप बहुत जल्द अपने दम पर होंगे"
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नेतन्याहू ने इज़राइली सेना को पीछे हटने का निर्देश दिया । मात्र 15 घंटे बाद शत्रुता के खत्म होने ने इज़राइल को एक ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया जिसकी उसने कल्पना नहीं की थी। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि इस प्रकरण ने इज़राइल और उसके नेता को "पहले से कहीं अधिक मि. ट्रंप पर निर्भर" बना दिया
। अगर नेतन्याहू का इरादा ईरान के साथ ट्रंप के कूटनीतिक प्रयासों को पटरी से उतारना था, तो राष्ट्रपति के तनाव कम करने के आग्रह और एक बड़े नियोजित ऑपरेशन से इज़राइल के पीछे हटने ने संकेत दे दिया कि वह लक्ष्य हासिल नहीं हुआ
।
शत्रुता के अचानक रुकने पर तेल की कीमतों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। हमलों के दौरान, ब्रेंट क्रूड 5% तक उछल गया था, लेकिन ईरान और इज़राइल द्वारा हमलों को रोकने की घोषणा के बाद इसने तेजी से अपनी बढ़त गंवा दी
। मंगलवार, 9 जून तक, ब्रेंट लगभग 1% गिरकर $93.34 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $90 की ओर खिसक गया
। तत्काल खतरा तो टल गया, लेकिन व्यापारी दो कारणों से सतर्क रहे: दोनों पक्षों ने चेतावनी दी कि वे फिर से शत्रुता शुरू कर सकते हैं, और होर्मुज़ जलडमरूमध्य - जो वैश्विक तेल परिवहन का लगभग 20% के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है - अभी पूरी तरह से नहीं खुल पाया था
।
यह पैटर्न अप्रैल 2026 की शुरुआत में घोषित व्यापक युद्धविराम जैसा ही था, जब तेल की कीमतों में 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद से सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट देखी गई थी, जो 16% गिर गई थी और ब्रेंट $95 से नीचे चला गया था । तब भी, विश्लेषकों ने चेतावनी दी थी कि कीमतों को संघर्ष-पूर्व के स्तर लगभग $70 प्रति बैरल तक सामान्य होने में महीनों लगेंगे, जिसका मुख्य कारण क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा और शिपिंग लेन का धीमी गति से फिर से खुलना था
। जून की इस घटना ने दिखाया कि जब तक कूटनीतिक ढांचा नाजुक बना रहेगा, तब तक सुर्खियों से प्रेरित उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है
।
ट्रंप के हस्तक्षेप ने पूरे क्षेत्र में प्रमुख रिश्तों को पुनर्संतुलित कर दिया। वाशिंगटन का ध्यान तेहरान के साथ एक व्यापक परमाणु समझौते पर बातचीत करने पर केंद्रित होने के कारण, अमेरिका ने ईरान से कहा कि यदि ईरान अपने हमले बंद करता है तो इज़राइल भी अपने हमले रोक देगा; इसके बाद ईरान ने आक्रामक अभियानों को रोकने की घोषणा कर दी
। राष्ट्रपति ने तनाव कम करने को कूटनीतिक रास्ता खुला रखने के लिए आवश्यक बताया
।
अमेरिका-इज़राइल के रिश्तों में सबसे अधिक तनाव स्पष्ट रूप से दिखा। ट्रंप की सार्वजनिक रूप से यह संकेत देने की इच्छा कि वह अमेरिकी समर्थन रोक देंगे, और फाइनेंशियल टाइम्स को यह कहना कि "निर्णय मैं लेता हूं" और "नेतन्याहू निर्णय नहीं लेते", ने रेखांकित किया कि ईरान के खिलाफ इज़राइल की सैन्य स्वतंत्रता अब ट्रंप की कूटनीतिक समय-सारणी की सीमाओं के भीतर संचालित हो रही है । नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से दोनों पक्षों से शत्रुता रोकने का आग्रह करने के लिए ट्रंप को श्रेय दिया, लेकिन इस घटनाक्रम ने सामान्य गठबंधन की खटपट से कहीं अधिक गहरी दरार को उजागर कर दिया
। हालांकि नाजुक युद्धविराम ढांचा बच गया, लेकिन स्थायी शांति के स्पष्ट मार्ग के अभाव ने क्षेत्रीय कूटनीति के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण को अनिश्चित बनाए रखा
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ट्रंप की चेतावनी के बाद नेतन्याहू के पीछे हटने के फैसले ने उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर स्थिति में ला खड़ा किया। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने टिप्पणी की कि इस त्वरित बदलाव ने इज़राइल को पहले से अधिक अमेरिकी राष्ट्रपति पर निर्भर दिखाया । इस धारणा से घरेलू आलोचना को बल मिलने की संभावना है। अगर नेतन्याहू का प्रारंभिक बढ़ोतरी ट्रंप द्वारा कराई गई बातचीत को परखने या कमजोर करने के लिए थी, तो राष्ट्रपति ने इज़राइल को अपनी पूरी योजनाओं पर अमल करने से पहले ही रोककर उन्हें मात दे दी
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नेतन्याहू के सार्वजनिक संदेश ने कहानी को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। एक वीडियो संबोधन में, उन्होंने कहा कि "फिलहाल गोलीबारी रुकी हुई है" और इज़राइल के हमलों ने ईरान को रोक दिया है, साथ ही यह भी जोड़ा कि दोबारा हमला होने पर इज़राइल "शक्तिशाली जवाब देगा"
। लेकिन घटनाओं के क्रम - एक तैयार बड़ा ऑपरेशन, एक अमेरिकी अल्टीमेटम, और अचानक पीछे हटना - ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को हमले की एक स्पष्ट रेखा दे दी। आलोचक अब तर्क दे सकते हैं कि इज़राइल की प्रतिरोधक क्षमता वाशिंगटन की अनुमति पर निर्भर है, न कि पूरी तरह से यरुशलम के अपने आकलन पर
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जून के संकट ने सिर्फ सैन्य टकराव को रोका नहीं; इसने अमेरिका-इज़राइल संबंधों में एक बुनियादी बदलाव को उजागर कर दिया। तेहरान के साथ परमाणु समझौते पर ट्रंप के फोकस ने इज़राइल के सामरिक फैसलों को अमेरिकी कूटनीतिक प्राथमिकताओं के साये में ला खड़ा किया है, और नेतन्याहू का राजनीतिक भविष्य अब इस बात से जुड़ गया है कि वे इस नई वास्तविकता को कितनी अच्छी तरह संभालते हैं।
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नेतन्याहू ने ईरान पर एक बड़े पैमाने के जवाबी हमले को तब रद्द कर दिया जब ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि आगे बढ़ने पर इज़राइल को अमेरिकी समर्थन के बिना अकेले लड़ना होगा, जिससे 15 घंटे की शत्रुता अचानक समाप्त हो गई।
नेतन्याहू ने ईरान पर एक बड़े पैमाने के जवाबी हमले को तब रद्द कर दिया जब ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि आगे बढ़ने पर इज़राइल को अमेरिकी समर्थन के बिना अकेले लड़ना होगा, जिससे 15 घंटे की शत्रुता अचानक समाप्त हो गई। युद्धविराम के बाद तेल की कीमतों में 1% की गिरावट आई और पिछली 5% की बढ़त खत्म हो गई, लेकिन होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद रहने और फिर से हमले शुरू होने की आशंका ने बाज़ारों को चिंतित रखा।
इस घटनाक्रम ने अमेरिका इज़राइल संबंधों में एक गहरी दरार को उजागर कर दिया, जिसमें नेतन्याहू 'पहले से कहीं अधिक मि.