ताइवान की 10वीं कोर ने 9 जून 2026 को ताइचुंग के दाजिया नदी मुहाने पर एक बड़ा युद्धाभ्यास किया, जिसमें 20 किमी लंबे तट पर आठ स्थानों से थंडरबोल्ट 2000 रॉकेट और तोपों की बौछार कर एक नकली चीनी उभयचर हमले को विफल करने का... यह अभ्यास ताइवान की सेना की सोच में एक बड़े बदलाव को दिखाता है—पूर्व निर्धारित प्रदर्शनों से हटकर...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What key military drill did Taiwan conduct near Taichung in June 2026 to simulate repelling a Chinese invasion, what weapons and units were. Article summary: On June 9, 2026, Taiwan's military conducted a large-scale live-fire coastal defense drill near the Dajia River estuary in Taichung, simulating the destruction of a Chinese amphibious invasion force in a deliberately mor. Topic tags: general, news, general web, user generated, education. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "TAICHUNG, Taiwan – Taiwan’s military simulated destroying an invading Chinese force in a coastal exercise on Tuesday, firing off rockets and artillery to stop an amphibious assault" source context "Taiwan simulates destroying an invading Chinese force in coastal drill" Reference image 2: visual su
ताइवान की सेना ने 9 जून, 2026 को ताइचुंग में दाजिया नदी के मुहाने के पास हाल के वर्षों के अपने सबसे वास्तविक तटीय रक्षा अभ्यासों में से एक को अंजाम दिया। मूसलाधार बारिश के बीच, 10वीं कोर ने थंडरबोल्ट-2000 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) और भारी तोपखाने से 20 किलोमीटर लंबे तट पर स्थित आठ स्थानों से एक साथ गोलाबारी की। इसका उद्देश्य केंद्रीय ताइवान के पश्चिमी तट पर उतरने और कब्ज़ा जमाने की कोशिश कर रही एक नकली चीनी उभयचर आक्रमण सेना को नष्ट करने का अभ्यास करना था ।
यह अभ्यास पिछले सालों के लिखे-पढ़ाए प्रदर्शनों से बिलकुल अलग था: सैनिकों को तैयारी के लिए बहुत कम समय दिया गया, उन्हें जानबूझ कर खराब मौसम में उतारा गया, और असली कमांड-एंड-कंट्रोल की मांग करने वाली मल्टी-एक्सिस लाइव फायरिंग का समन्वय करना पड़ा ।
स्थान और परिदृश्य: दाजिया नदी का मुहाना रणनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण संभावित लैंडिंग ज़ोन है। इस परिदृश्य में कल्पना की गई थी कि चीनी उभयचर सेना केंद्रीय ताइवान के तट के पास पहुंच रही है और एक मोर्चाबंदी (बीचहेड) स्थापित करने का प्रयास कर रही है ।
इस्तेमाल किए गए हथियार: इस अभ्यास में सात वर्षों में पहली बार थंडरबोल्ट-2000 MLRS, जो कि भारी संख्या में उतरती सेनाओं के खिलाफ तेजी से सैचुरेशन फायर (चारों ओर से एक साथ हमला) के लिए बनाया गया एक स्वदेशी रॉकेट सिस्टम है, ने ऑपरेशनल एरिया में लाइव राउंड दागे। इसके अलावा, अभ्यास में M109A2 सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर और दूसरी ट्यूब आर्टिलरी का भी इस्तेमाल किया गया ।
शामिल बल: ताइवानी सेना की 10वीं कोर ने इस अभ्यास का नेतृत्व किया। इसमें विशेष रूप से 58वीं आर्टिलरी कमांड, 586वीं कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड और 234वीं ब्रिगेड की इकाइयाँ शामिल थीं। जनवरी 2026 में ताइचुंग में हुए इसी 10वीं कोर के एक अन्य अभ्यास में 602वीं एविएशन ब्रिगेड भी शामिल थी, जो इस केंद्रीय रक्षा क्षेत्र में जमीनी और विमानन संपत्तियों के घनिष्ठ एकीकरण को दर्शाता है । जून के अभ्यास में एक संयुक्त सेवा प्रतिक्रिया के लिए नौसेना और वायु सेना के तत्वों के साथ समन्वय की आवश्यकता थी
।
9 जून के अभ्यास की तीन विशेषताएं दर्शाती हैं कि ताइवान की रक्षा मुद्रा कैसे बदल रही है।
सीमित तैयारी का समय: इकाइयों को बहुत कम समय में अपनी पोजीशन पर पहुंचना पड़ा, जो कि एक कैलेंडर-निर्धारित प्रदर्शन के बजाय अचानक हमले (पॉप-अप इनवेज़न) की चेतावनी जैसा था। अधिकारियों ने इसे कम रिहर्सल अवसर वाला एक अधिक वास्तविक युद्ध परिदृश्य बताया ।
हर मौसम में संचालन: बेहद भारी बारिश के बावजूद लाइव फायर जारी रहा, जिसने उपकरणों की विश्वसनीयता और सैनिकों की सहनशक्ति दोनों का परीक्षण किया। संदेश साफ था: कोई हमला अच्छे मौसम का इंतजार नहीं करेगा, और न ही बचाव पक्ष ।
वितरित गोलाबारी और रियल-टाइम समन्वय: 20 किलोमीटर के मोर्चे पर आठ अलग-अलग स्थानों से एक साथ फायरिंग करने से इकाइयों को तनाव के बीच वास्तविक संचार, लक्ष्य निर्धारण और टकराव से बचाव (डी-कन्फ्लिक्शन) का अभ्यास करना पड़ा - यह पिछले वर्षों की एकल-रेंज, कसकर नियोजित लाइव-फायर प्रदर्शनियों से अलग था ।
प्रशिक्षण में यह बदलाव यूं ही नहीं हुआ। चीन ने 2025 का अंत जस्टिस मिशन 2025 (29-30 दिसंबर) के साथ किया, जो एक बड़े पैमाने का अभ्यास था जिसमें ताइवान की नौसैनिक और तटरक्षक नाकाबंदी का अनुकरण किया गया और उभयचर बंदरगाह पर कब्जे का पूर्वाभ्यास किया गया । कुछ ही दिनों बाद, जनवरी 2026 में, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने हाइपरसोनिक मिसाइलों, स्टील्थ विमानों और ताइवान के पास तैनात लगभग 13 बिलियन डॉलर मूल्य के विध्वंसक बेड़े को एकीकृत करते हुए व्यापक अभ्यास किया
। चीन के तटरक्षक बल ने 'ग्रे-ज़ोन' (युद्ध और शांति के बीच की स्थिति) ऑपरेशन तेज कर दिए हैं, एक बिंदु पर तो वे ताइवान के बाहरी द्वीपों के 1.3 समुद्री मील के भीतर तक पहुंच गए थे
।
ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने फरवरी 2026 में चेतावनी दी कि खतरा "अत्यावश्यक" है और नागरिकों के लगातार सैन्य और अर्धसैनिक दबाव के प्रति "असंवेदनशील" हो जाने का जोखिम है, जिससे निरंतर तैयारी की स्थिति बनाए रखना आवश्यक है ।
ताइचुंग अभ्यास एक व्यापक अभियान का एक प्रमुख केंद्र था।
इन सभी में एक समान रुझान है: ताइवान की सेना अपनी पूर्वानुमानित वार्षिक प्रदर्शनियों की विरासत को त्याग कर अब ऐसे प्रशिक्षण को अपना रही है जो इकाइयों पर तनाव डालता है, वास्तविक सीमाओं के तहत नए उपकरणों का परीक्षण करता है, और चमक-दमक वाले प्रदर्शन के बजाय वास्तविक तत्परता की उम्मीद करता है । 9 जून का ताइचुंग अभ्यास इसी परिवर्तन का प्रतीक था - तटीय रक्षा के लिए एक तेज़, कठिन और अधिक चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला मैदान।
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ताइवान की 10वीं कोर ने 9 जून 2026 को ताइचुंग के दाजिया नदी मुहाने पर एक बड़ा युद्धाभ्यास किया, जिसमें 20 किमी लंबे तट पर आठ स्थानों से थंडरबोल्ट 2000 रॉकेट और तोपों की बौछार कर एक नकली चीनी उभयचर हमले को विफल करने का...
ताइवान की 10वीं कोर ने 9 जून 2026 को ताइचुंग के दाजिया नदी मुहाने पर एक बड़ा युद्धाभ्यास किया, जिसमें 20 किमी लंबे तट पर आठ स्थानों से थंडरबोल्ट 2000 रॉकेट और तोपों की बौछार कर एक नकली चीनी उभयचर हमले को विफल करने का... यह अभ्यास ताइवान की सेना की सोच में एक बड़े बदलाव को दिखाता है—पूर्व निर्धारित प्रदर्शनों से हटकर अब अचानक, कठिन मौसम और वास्तविक युद्ध जैसी स्थितियों में प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है।
यह अभ्यास ताइवान के व्यापक रक्षा अभियान का हिस्सा था, जिसमें जनवरी 2026 में जुओयिंग नौसैनिक अभ्यास और अप्रैल में हान कुआंग 42 युद्ध खेल शामिल हैं, जहां ड्रोन और काउंटर ड्रोन रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया गया।