Noop की तकनीकी नींव एक दिलचस्प प्रोजेक्ट से जुड़ी है। इससे पहले बेनेट नाम के एक स्वतंत्र डेवलपर ने Goose नाम का एक ओपन-सोर्स ऐप बनाया था। यह भी बिना सब्सक्रिप्शन के Whoop बैंड का डेटा पढ़ने में सक्षम था । खास बात यह है कि बेनेट ने मात्र 23.5 घंटों में Whoop 5.0 के ब्लूटूथ व्यवहार को रिवर्स-इंजीनियर करके Goose को तैयार कर लिया था
। Noop भी बिल्कुल इसी सोच पर आगे बढ़ता है: बिना Whoop के आधिकारिक क्लाउड या सब्सक्रिप्शन मॉडल पर निर्भर हुए, ब्लूटूथ के ज़रिए डेटा को लोकल एक्सेस करना
।
Noop एक कानूनी रूप से असमंजस वाले क्षेत्र में काम करता है। इसके इस्तेमाल से कुछ बड़े जोखिम जुड़े हैं:
Noop सिर्फ एक ऐप नहीं है, बल्कि एक बढ़ते हुए यूज़र ट्रेंड का प्रतीक है, जिसमें लोग अपनी पर्सनल वियरेबल डेटा तक बिना बार-बार सब्सक्रिप्शन चुकाए पहुंचना चाहते हैं।
क्या Noop का इस्तेमाल पूरी तरह से मुफ्त है?
जी हां, यह एक ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट है और इसके इस्तेमाल के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं है ।
क्या यह वाकई बिना इंटरनेट के काम करता है?
बिल्कुल। Noop पूरी तरह ऑफलाइन काम करता है। एक बार ऐप को ब्लूटूथ के ज़रिए आपके Whoop बैंड के साथ जोड़ दिया जाए, तो सारा डेटा आपके डिवाइस पर ही रहता है ।
क्या इसके इस्तेमाल से मेरा Whoop बैंड खराब हो सकता है?
Goose के डेवलपर ने साफ कहा था कि उनका ऐप एक प्री-अल्फा प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट है, जो रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए तैयार नहीं है । Noop के मामले में भी यह जोखिम बना रहता है, क्योंकि यह अनऑफिशियल है और इसके कारण बैंड की वारंटी प्रभावित हो सकती है।
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