ABB के CEO मोर्टन विएरोड ने जून 2026 में चेतावनी दी कि ईरान युद्ध से पैदा ऊर्जा संकट के बीच यूरोप को अपनी प्रतिस्पर्धा बचाने के लिए अनावश्यक नियमों को तुरंत ख़त्म करना होगा, वरना बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी का सामना करन... यूरोपीय आयोग के अनुमान के मुताबिक, 2026 में EU में 13 लाख नौकरियाँ ख़तरे में पड़ सकती हैं। अकेले...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did ABB CEO Morten Wierod warn regarding Europe's regulatory environment and job market amid the Iran war energy crisis, and what suppo. Article summary: ABB CEO Morten Wierod warned in June 2026 that Europe faces a potential unemployment crisis unless it urgently relaxes regulations and improves competitiveness amid the Iran-war-driven energy shock, saying the EU "needs . Topic tags: general, government, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Regulation is holding Europe back, says ABB's CEO. Davos 2026: World Economic Forum. Morten Wierod, CEO of European robotics and machine automation firm ABB, discusses the outlook" source context "Regulation is holding Europe back, says ABB's CEO - CNBC" Reference image 2: visual subject "The Zurich M
ईरान युद्ध के आर्थिक झटकों ने यूरोपीय ऊर्जा कीमतों को आसमान पर पहुँचा दिया है। ऐसे में महाद्वीप की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग कंपनियों में से एक के प्रमुख ने नीति निर्माताओं से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि इसका असर श्रम बाज़ार तक पहुँचने से पहले ही रोका जा सके। ABB के CEO मोर्टन विएरोड ने जून 2026 में चेतावनी देते हुए कहा कि यूरोप को नौकरियों के बड़े पैमाने पर नुकसान से बचने के लिए आक्रामक रूप से नियामक बाधाओं को हटाने की ज़रूरत है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूरोपीय संघ को "सिर्फ़ सरलीकरण नहीं करना चाहिए, बल्कि अनावश्यक धाराओं को ख़त्म करना चाहिए और एकल बाज़ार को और अधिक एकीकृत करना चाहिए" ताकि विकास को गति मिल सके । विएरोड ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वे इस मुद्दे के लिए बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी होने तक इंतज़ार नहीं करना चाहते, जो इस चिंता को रेखांकित करता है कि यूरोपीय संघ अनजाने में एक बड़े संकट की ओर बढ़ रहा है
।
इस ख़तरे का पैमाना अब यूरोपीय आयोग, OECD और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अनुमानों के ज़रिए साफ़ हो रहा है। ये सभी मिलकर एक ऐसे महाद्वीप की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं जो ऊर्जा आपूर्ति में आई एक ऐसी रुकावट से जूझ रहा है, जिसे ECB के एक अधिकारी ने 1973, 1979 और 2022 के तेल संकटों से भी बड़ा बताया है ।
4 जून, 2026 को यूरोपीय रोज़गार आयुक्त रोक्साना मिनज़ातू ने एक कड़ी चेतावनी जारी की: मध्य पूर्व संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतों में आए उछाल की वजह से इस साल पूरे EU में 13 लाख नौकरियाँ ख़तरे में पड़ सकती हैं । सबसे ज़्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में ऑटोमोटिव, निर्माण, धातु, रसायन और परिवहन शामिल हैं, जो प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए किफ़ायती ऊर्जा पर बहुत अधिक निर्भर हैं।
उम्मीद की जा रही है कि ऑटोमोटिव उद्योग को सबसे ज़्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग के आंतरिक विश्लेषण से संकेत मिलता है कि कार निर्माण क्षेत्र में लगभग 6,00,000 नौकरियाँ ख़तरे में पड़ सकती हैं । स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र, जिन्हें अक्सर महाद्वीप का विकास इंजन माना जाता है, भी असुरक्षित हैं। निवेश के ठप पड़ने से बैटरी निर्माण में लगभग 85,000 और हीट पंप उत्पादन में लगभग 59,000 नौकरियाँ जा सकती हैं
।
रोज़गार का यह झटका व्यापक आर्थिक कमज़ोरी के साथ आया है। यूरोपीय आयोग के स्प्रिंग 2026 आर्थिक पूर्वानुमान के अनुसार, 2026 में EU की GDP वृद्धि दर घटकर मात्र 1.1% रह जाने का अनुमान है, जो 2025 में 1.5% थी। वहीं, पूरे संघ में रोज़गार वृद्धि दर मात्र 0.3% रहने का अनुमान है । ऊर्जा महँगाई दर 2026 की दूसरी तिमाही में 11% से ऊपर पहुँचने और बाकी साल ऊँचे स्तर पर बने रहने का अनुमान है, जिससे घरेलू बजट और कंपनियों की बैलेंस शीट पर भारी दबाव बना रहेगा
।
यह संकट सभी जगह समान रूप से नहीं फैला है। ऊर्जा-गहन उद्योग इसके केंद्र में हैं। ECB ने अनुमान लगाया है कि बिजली की कीमतों में स्थायी रूप से 10% की वृद्धि इन क्षेत्रों में रोज़गार को 2% तक कम कर सकती है । हालाँकि, जोखिम फैक्ट्री के गेट पर ही नहीं रुकते। ECB ने यह भी चेतावनी दी कि हाई-टेक विनिर्माण में खोई गई हर एक नौकरी के बदले, स्थानीय सेवा अर्थव्यवस्था में कई और नौकरियाँ जा सकती हैं, जिससे एक गुणक प्रभाव पैदा होता है जो क्षेत्रीय समुदायों को तबाह कर सकता है
।
यह भेद्यता यूरोप के औद्योगिक आधार के पहले से मौजूद क्षरण के ऊपर एक और परत जोड़ती है। जनवरी 2026 में यूरोपीय आयोग के एक संचार में पहले ही आगाह किया गया था कि "बाहरी प्रतिस्पर्धी दबावों और एकल बाज़ार के भीतर लगातार बनी आंतरिक बाधाओं के कारण यूरोप का औद्योगिक आधार कमज़ोर हो रहा है, जिससे विनिर्माण नौकरियाँ खत्म हो रही हैं और कारखाने बंद हो रहे हैं" । मौजूदा ऊर्जा झटका उस प्रवृत्ति को और तेज़ कर रहा है। गोल्डमैन सैक्स रिसर्च का पूर्वानुमान है कि उच्च ऊर्जा कीमतें संघर्ष-पूर्व की स्थिति की तुलना में 2027 के अंत तक यूरोपीय औद्योगिक उत्पादन को 2% तक कम कर सकती हैं
।
यूनाइटेड किंगडम, अब EU का सदस्य न होने के बावजूद, इस संकट के विशेष रूप से गंभीर रूप का सामना कर रहा है। OECD के जून 2026 के दृष्टिकोण के अनुसार, इस साल UK में G7 देशों में सबसे बड़ी बेरोज़गारी वृद्धि होने का अनुमान है। बेरोज़गारी दर 2025 के 4.8% से बढ़कर 5.5% तक पहुँचने का अनुमान है । एक अलग स्वतंत्र रिपोर्ट में 2026 में ब्रिटेन में 1,63,000 नौकरियों के शुद्ध नुकसान का अनुमान लगाया गया है, जिसमें रोज़गार में 0.4% की समग्र गिरावट आएगी, जिसका सबसे बड़ा असर दक्षिण वेल्स (5,700 नौकरियों का अनुमानित नुकसान) और हंबर (2,800 नौकरियाँ) जैसे कम आय वाले क्षेत्रों पर पड़ेगा
।
व्यापक आर्थिक संदर्भ भी निराशाजनक है। UK में GDP वृद्धि दर 2026 में घटकर मात्र 0.9% रह जाने का अनुमान है, जो 2025 में दर्ज 1.4% से लगभग आधी है, क्योंकि ऊर्जा के झटके ने वास्तविक आय को निचोड़ दिया है। ईंधन और ऊर्जा की उच्च लागत के कारण इस वर्ष महँगाई दर के 3.7% तक पहुँचने की उम्मीद है । EY आइटम क्लब सहित कुछ स्वतंत्र पूर्वानुमानकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर ऊर्जा की कीमतें ऊँची बनी रहीं तो ब्रिटेन तकनीकी मंदी के कगार पर पहुँच सकता है और 2027 के मध्य तक बेरोज़गारी 5.8% के शिखर तक पहुँच सकती है
।
मोर्टन विएरोड का नियमन में ढील देने का आह्वान कोई अमूर्त गुहार नहीं है। 2026 यूरोपीय सेमेस्टर से पहले एक संयुक्त नियोक्ता योगदान ने नियामक वातावरण को EU में निवेश के लिए प्राथमिक चुनौती के रूप में पहचाना, जो उच्च ऊर्जा कीमतों और कुशल श्रम की कमी से भी ऊपर था । पूरे महाद्वीप के व्यवसायों का सर्वेक्षण करने वाले यूरोचैम्बर्स इकोनॉमिक सर्वे 2026 ने पुष्टि की कि उच्च श्रम लागत, नियामक बोझ और कुशल श्रमिकों की कमी संचालन पर शीर्ष तीन बाधाएँ हैं
।
विएरोड ने विशेष रूप से इटली के पूर्व प्रधान मंत्री मारियो ड्रैगी द्वारा लगभग दो साल पहले प्रस्तावित सुधारों के धीमे कार्यान्वयन की ओर इशारा किया और तर्क दिया कि यूरोपीय विधायी निकायों में तत्परता की कमी एक गंभीर विफलता है । उनकी चेतावनी—कि वे नहीं चाहते कि बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी कार्रवाई के लिए उत्प्रेरक बने—यह दर्शाती है कि आने वाले महीने इस बात की परीक्षा होंगे कि क्या EU अपने नियामक ढाँचे को इतनी तेज़ी से सरल बना सकता है कि वह एक ऐसे ऊर्जा झटके को सह सके, जो ECB के आकलन में, अपने पैमाने में ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व है
।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
ABB के CEO मोर्टन विएरोड ने जून 2026 में चेतावनी दी कि ईरान युद्ध से पैदा ऊर्जा संकट के बीच यूरोप को अपनी प्रतिस्पर्धा बचाने के लिए अनावश्यक नियमों को तुरंत ख़त्म करना होगा, वरना बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी का सामना करन...
ABB के CEO मोर्टन विएरोड ने जून 2026 में चेतावनी दी कि ईरान युद्ध से पैदा ऊर्जा संकट के बीच यूरोप को अपनी प्रतिस्पर्धा बचाने के लिए अनावश्यक नियमों को तुरंत ख़त्म करना होगा, वरना बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी का सामना करन... यूरोपीय आयोग के अनुमान के मुताबिक, 2026 में EU में 13 लाख नौकरियाँ ख़तरे में पड़ सकती हैं। अकेले ऑटोमोटिव सेक्टर में 6 लाख नौकरियाँ जा सकती हैं, वहीं OECD का अनुमान है कि ब्रिटेन में बेरोज़गारी दर 5.5% तक पहुँच जाएगी,...
यूरोपीय सेंट्रल बैंक का कहना है कि तेल आपूर्ति में यह रुकावट 1973, 1979 और 2022 के संकटों से भी बड़ी है। ऊर्जा महँगाई के 11% से ऊपर पहुँचने की आशंका है, जिससे स्थिति और भयावह हो सकती है।