अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ईरान ने कुवैत पर दो और बहरीन पर तीन मिसाइलें दागीं, और इन हमलों को "जानबूझकर, सोचा-समझा और अनुचित" करार दिया । बहरीन ने भी इसी हमले में हताहतों और नुकसान की सूचना दी
। कथित तौर पर यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के क़ेशम द्वीप (Qeshm Island) पर किए गए हमले का बदला था
।
व्यापक युद्ध 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुआ, जब संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरानी परमाणु स्थलों, सैन्य बुनियादी ढांचे और नेतृत्व के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) शुरू किया । 8 अप्रैल, 2026 को, अमेरिका और ईरान पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हुए
। ईरान ने 45-दिवसीय दो-चरणीय ढांचे को खारिज कर दिया था और इसके बजाय अपनी 10-सूत्रीय योजना प्रस्तावित की थी
। जून 2026 तक, युद्धविराम को बढ़ा दिया गया था, लेकिन विश्लेषकों ने इस संघर्ष को "इच्छाशक्ति की लड़ाई" (battle of wills) के दौर में प्रवेश करने वाला बताया, जहां दोनों पक्ष पूर्ण पैमाने पर युद्ध में लौटे बिना एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे
। 3 जून के हमले और अमेरिकी जवाबी बमबारी इस युद्धविराम के लागू होने के बाद से सबसे गंभीर उल्लंघन थे
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कुवैत एक साथ 1.02 अरब डॉलर के NASAMS वायु रक्षा अनुबंध पर भी काम कर रहा है, जिसे विश्लेषक त्रि-स्तरीय वायु रक्षा संरचना (three-tier air defense architecture) का निर्माण बता रहे हैं । इस संघर्ष के दौरान अन्य खाड़ी देश भी अमेरिकी हथियारों के प्रमुख प्राप्तकर्ता रहे हैं। यह बिक्री वाशिंगटन द्वारा खाड़ी देशों की वायु रक्षा को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, खासकर तब जब युद्ध के शुरुआती दौर में ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों ने बार-बार मौजूदा सुरक्षा प्रणालियों को भेद दिया था या उन्हें अभिभूत कर दिया था
। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह बिक्री "क्षेत्र में बुनियादी सैन्य संतुलन को नहीं बदलेगी," लेकिन आलोचकों का तर्क है कि यह संघर्ष में अमेरिकी उलझन को और गहरा करती है
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2026 का व्यापक ईरान युद्ध बेहद महंगा साबित हुआ है:
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