अमेरिकी हमलों के बाद तेल की कीमतों में उबाल: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ठहरा संकट, रूस को मिल रहा आर्थिक लाभ और विशेषज्ञों की चेतावनी
तेल की कीमतों पर असर: शुरुआती अमेरिकी हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए बढ़ा, लेकिन मार्च 2026 में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के बाद कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति: जून 2026 तक यह महत्वपूर्ण तेल मार्ग लगभग पूरी तरह से बंद है, जिससे दुनिया की 20% तेल आपूर्ति ठ...
तेल की कीमतों पर असर: शुरुआती अमेरिकी हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए बढ़ा, लेकिन मार्च 2026 में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के बाद कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति: जून 2026 तक यह महत्वपूर्ण तेल मार्ग लगभग पूरी तरह से बंद है, जिससे दुनिया की 20% तेल आपूर्ति ठप है।
शांति वार्ता का गतिरोध: जून 2025 में छठे दौर की वार्ता रद्द होने के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच कोई सार्थक बातचीत नहीं हो पाई है, और दोनों पक्ष अपने अपने रुख पर अड़े हैं।
रूस की आर्थिक जीत: वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील के कारण रूस का तेल निर्यात राजस्व मार्च 2026 में लगभग दोगुना होकर 19 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
How are the renewed U.SAI-generated editorial hero image for How are the renewed U.S. strikes on Iranian military sites impacting oil prices, what is the status of the Strait of Hormuz and the stalled.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How are the renewed U.S. strikes on Iranian military sites impacting oil prices, what is the status of the Strait of Hormuz and the stalled. Article summary: Here is the full picture across all five of your questions, based on the latest available evidence.. Topic tags: general web, workflow, code, security, regulation. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Oil Prices Whipsaw Amid U.S.-Iran Conflict Shaking Global Markets. oil prices whipsaw as U.S.-Iran conflict shakes markets map graphic. The Strait of Hormuz is not merely a shipp" source context "Oil Prices Whipsaw Amid U.S.-Iran Conflict Shaking Global Markets" Reference image 2: visual subject "Never miss a post from ddindialive. Sign up for Instagram to stay in the loop. Video by DD India on March 22, 2026. May be
openai.com
यहां आपके पांचों सवालों का पूरा और नवीनतम विश्लेषण प्रस्तुत है।
तेल की कीमतों पर प्रभाव
अमेरिकी हमलों (ऑपरेशन मिडनाइट हैमर, 22 जून 2025) के बाद, जब ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान में परमाणु ठिकानों पर बमबारी की गई, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत संक्षिप्त रूप से बढ़कर करीब $77.38 प्रति बैरल के पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, जल्द ही बाजार ने इसे सामान्य मानते हुए गिरावट दर्ज की । इस शुरुआती दौर को विशेषज्ञों ने एक ऐसा क्षण बताया जहां बाजारों ने बमबारी को काफी हद तक "नजरअंदाज" कर दिया, क्योंकि ईरान ने तुरंत ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ जवाबी कार्रवाई नहीं की थी ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"अमेरिकी हमलों के बाद तेल की कीमतों में उबाल: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ठहरा संकट, रूस को मिल रहा आर्थिक लाभ और विशेषज्ञों की चेतावनी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
तेल की कीमतों पर असर: शुरुआती अमेरिकी हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए बढ़ा, लेकिन मार्च 2026 में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के बाद कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
तेल की कीमतों पर असर: शुरुआती अमेरिकी हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए बढ़ा, लेकिन मार्च 2026 में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के बाद कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति: जून 2026 तक यह महत्वपूर्ण तेल मार्ग लगभग पूरी तरह से बंद है, जिससे दुनिया की 20% तेल आपूर्ति ठप है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
शांति वार्ता का गतिरोध: जून 2025 में छठे दौर की वार्ता रद्द होने के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच कोई सार्थक बातचीत नहीं हो पाई है, और दोनों पक्ष अपने अपने रुख पर अड़े हैं।
अमेरिकी हमलों के बाद तेल की कीमतों में उबाल: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ठहरा संकट, रूस को मिल रहा आर्थिक लाभ और विशेषज्ञों की चेतावनी
तेल की कीमतों पर असर: शुरुआती अमेरिकी हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए बढ़ा, लेकिन मार्च 2026 में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के बाद कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति: जून 2026 तक यह महत्वपूर्ण तेल मार्ग लगभग पूरी तरह से बंद है, जिससे दुनिया की 20% तेल आपूर्ति ठ...
तेल की कीमतों पर असर: शुरुआती अमेरिकी हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए बढ़ा, लेकिन मार्च 2026 में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के बाद कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति: जून 2026 तक यह महत्वपूर्ण तेल मार्ग लगभग पूरी तरह से बंद है, जिससे दुनिया की 20% तेल आपूर्ति ठप है।
शांति वार्ता का गतिरोध: जून 2025 में छठे दौर की वार्ता रद्द होने के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच कोई सार्थक बातचीत नहीं हो पाई है, और दोनों पक्ष अपने अपने रुख पर अड़े हैं।
रूस की आर्थिक जीत: वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील के कारण रूस का तेल निर्यात राजस्व मार्च 2026 में लगभग दोगुना होकर 19 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
How are the renewed U.SAI-generated editorial hero image for How are the renewed U.S. strikes on Iranian military sites impacting oil prices, what is the status of the Strait of Hormuz and the stalled.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How are the renewed U.S. strikes on Iranian military sites impacting oil prices, what is the status of the Strait of Hormuz and the stalled. Article summary: Here is the full picture across all five of your questions, based on the latest available evidence.. Topic tags: general web, workflow, code, security, regulation. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Oil Prices Whipsaw Amid U.S.-Iran Conflict Shaking Global Markets. oil prices whipsaw as U.S.-Iran conflict shakes markets map graphic. The Strait of Hormuz is not merely a shipp" source context "Oil Prices Whipsaw Amid U.S.-Iran Conflict Shaking Global Markets" Reference image 2: visual subject "Never miss a post from ddindialive. Sign up for Instagram to stay in the loop. Video by DD India on March 22, 2026. May be
openai.com
यहां आपके पांचों सवालों का पूरा और नवीनतम विश्लेषण प्रस्तुत है।
तेल की कीमतों पर प्रभाव
अमेरिकी हमलों (ऑपरेशन मिडनाइट हैमर, 22 जून 2025) के बाद, जब ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान में परमाणु ठिकानों पर बमबारी की गई, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत संक्षिप्त रूप से बढ़कर करीब $77.38 प्रति बैरल के पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, जल्द ही बाजार ने इसे सामान्य मानते हुए गिरावट दर्ज की । इस शुरुआती दौर को विशेषज्ञों ने एक ऐसा क्षण बताया जहां बाजारों ने बमबारी को काफी हद तक "नजरअंदाज" कर दिया, क्योंकि ईरान ने तुरंत ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ जवाबी कार्रवाई नहीं की थी ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"अमेरिकी हमलों के बाद तेल की कीमतों में उबाल: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ठहरा संकट, रूस को मिल रहा आर्थिक लाभ और विशेषज्ञों की चेतावनी" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
तेल की कीमतों पर असर: शुरुआती अमेरिकी हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए बढ़ा, लेकिन मार्च 2026 में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के बाद कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
तेल की कीमतों पर असर: शुरुआती अमेरिकी हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए बढ़ा, लेकिन मार्च 2026 में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के बाद कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति: जून 2026 तक यह महत्वपूर्ण तेल मार्ग लगभग पूरी तरह से बंद है, जिससे दुनिया की 20% तेल आपूर्ति ठप है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
शांति वार्ता का गतिरोध: जून 2025 में छठे दौर की वार्ता रद्द होने के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच कोई सार्थक बातचीत नहीं हो पाई है, और दोनों पक्ष अपने अपने रुख पर अड़े हैं।
इससे कहीं बड़ा तेल झटका बाद में आया। 2026 की शुरुआत में युद्ध बड़े पैमाने पर भड़कने और 4 मार्च 2026 को ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद, ब्रेंट क्रूड की कीमत $120 प्रति बैरल को पार कर गई । तब से कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, और रूस के यूरल्स क्रूड की कीमत में लगभग 65% की जबरदस्त उछाल देखा गया (फरवरी 2026 में करीब $47 प्रति बैरल से बढ़कर मार्च 2026 में लगभग $78 प्रति बैरल) ।
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
होर्मुज जलडमरूमध्य इस समय गंभीर रूप से बाधित है, लेकिन लगातार पूरी तरह बंद नहीं है — स्थिति में काफी उतार-चढ़ाव आया है:
जून 2025 के हमलों के बाद, ईरान की संसद ने जलडमरूमध्य को बंद करने का एक प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन जून 2025 के अंत तक यह खुला रहा और जहाजों की आवाजाही में कोई तत्काल बाधा नहीं आई, हालांकि स्थिति नाजुक थी ।
4 मार्च 2026 तक, ईरान ने जलडमरूमध्य को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया, जिससे तेल और एलएनजी का निर्यात अटक गया ।
8 अप्रैल 2026 को एक अस्थायी युद्धविराम में इसे फिर से खोलने की बात हुई, लेकिन ईरान ने इसकी जगह आवागमन को नियंत्रित करना और प्रति जहाज $1 मिलियन से अधिक का टोल वसूलना शुरू कर दिया । इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी ।
6 जून 2026 तक, जलडमरूमध्य से आवाजाही लगभग शून्य बनी हुई है और शांति वार्ता अटकी हुई है ।
अटकी हुई शांति वार्ता
राजनयिक प्रयास एक साल से अधिक समय से गतिरोध का शिकार हैं:
अप्रैल और मई 2025 के बीच अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के पांच दौर हुए, और छठा दौर जून 2025 के मध्य के लिए निर्धारित था ।
13 जून 2025 को इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद छठा दौर रद्द कर दिया गया । ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट कहा, "अमेरिकियों ने बातचीत के लिए कहा है, और हमारा जवाब है नहीं" ।
मार्च 2026 में, ईरान ने शांति वार्ता के अमेरिकी प्रस्ताव को "अत्यधिक" और "जमीनी हकीकत से असंगत" बताते हुए ठुकरा दिया ।
अप्रैल 2026 तक, विश्लेषकों ने दोनों पक्षों को "नारों में उलझा हुआ" बताया, और एक नौसैनिक गतिरोध के बाद बातचीत पूरी तरह से ठप हो गई ।
रूस को कैसे हो रहा फायदा
रूस इस संकट के एक बड़े आर्थिक लाभार्थी के रूप में उभरा है:
तेल राजस्व में भारी बढ़ोतरी: वैश्विक कीमतों में उछाल के कारण, रूस की तेल निर्यात आय मार्च 2026 में लगभग दोगुनी होकर 19 अरब डॉलर हो गई (फरवरी में 9.8 अरब डॉलर थी) ।
प्रतिबंधों में ढील: वैश्विक बाजारों को स्थिर करने के लिए अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों को लागू करने में अस्थायी रूप से ढील दी, जिससे मास्को को अतिरिक्त राहत मिली ।
बजट को बढ़ावा: अप्रैल 2026 में, खनिज उत्खनन कर (एमईटी) से रूस की तेल और गैस बजट आय दोगुनी से अधिक हो गई, और निर्यात राजस्व 2022 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया । चैथम हाउस ने इस युद्ध को "पुतिन के लिए एक आर्थिक उपहार" बताया ।
भू-राजनीतिक व्यवधान: इस संकट ने अमेरिकी ध्यान और सैन्य संसाधनों को यूक्रेन से हटा दिया और रूस पर पश्चिमी राजनीतिक दबाव को कम कर दिया ।
विश्लेषकों का दृष्टिकोण: कूटनीति, तनाव और ऊर्जा बाजार का भविष्य
कूटनीति पर। अधिकांश विश्लेषकों को निकट भविष्य में किसी व्यापक समझौते का कोई रास्ता नहीं दिखता। दोनों पक्ष अभी भी एक-दूसरे से बहुत दूर हैं, हमलों और नाकाबंदी ने आपसी विश्वास को नष्ट कर दिया है, और ईरान अमेरिकी प्रस्तावों को कई बार ठुकरा चुका है । पूर्व ईरानी राजनयिकों का कहना है कि बातचीत दोनों पक्षों की गहरी जड़ें जमाए कहानियों के कारण अटकी हुई है ।
तनाव बढ़ने के जोखिम पर। इस समय सबसे बड़ा संकट बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य है। जब तक यह जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद रहता है या ईरान के बलपूर्वक नियंत्रण में रहता है, तब तक अमेरिका-ईरान के बीच सीधे नौसैनिक संघर्ष का खतरा काफी बना हुआ है । कोलंबिया यूनिवर्सिटी के ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी सेंटर के विश्लेषकों ने कहा कि शुरुआत में एक संतुलित वैश्विक आपूर्ति ने झटके को कम किया, लेकिन जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने — जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है — से अतिरिक्त क्षमता खत्म हो जाएगी और कीमतें $120 प्रति बैरल से भी काफी ऊपर जा सकती हैं ।
ऊर्जा बाजार के दृष्टिकोण पर। सर्वसम्मति यह है कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य विवादित बना रहेगा, तेल बाजार उच्च अस्थिरता और संरचनात्मक रूप से ऊंची कीमतों के वातावरण में बने रहेंगे। ईरानी निर्यात में व्यवधान, रूसी प्रतिबंधों में ढील, और होर्मुज पारगमन की मात्रा का नुकसान, इन सबके संयोजन ने एक ऐसा तंग बाजार बना दिया है जिसे कोई भी नया तनाव तेजी से अस्थिर कर सकता है । विश्लेषक आगाह करते हैं कि मौजूदा मूल्य स्तर में पहले से ही एक बड़ा जोखिम प्रीमियम शामिल है, और एक युद्धविराम जो जलडमरूमध्य को फिर से खोल दे, कीमतों में बड़ी गिरावट लाने वाला सबसे बड़ा कारक होगा ।
energypolicy.columbia.edu
How a Conflict in Iran Could Affect Oil Markets in the Gulf Arab States
इससे कहीं बड़ा तेल झटका बाद में आया। 2026 की शुरुआत में युद्ध बड़े पैमाने पर भड़कने और 4 मार्च 2026 को ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद, ब्रेंट क्रूड की कीमत $120 प्रति बैरल को पार कर गई । तब से कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, और रूस के यूरल्स क्रूड की कीमत में लगभग 65% की जबरदस्त उछाल देखा गया (फरवरी 2026 में करीब $47 प्रति बैरल से बढ़कर मार्च 2026 में लगभग $78 प्रति बैरल) ।
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
होर्मुज जलडमरूमध्य इस समय गंभीर रूप से बाधित है, लेकिन लगातार पूरी तरह बंद नहीं है — स्थिति में काफी उतार-चढ़ाव आया है:
जून 2025 के हमलों के बाद, ईरान की संसद ने जलडमरूमध्य को बंद करने का एक प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन जून 2025 के अंत तक यह खुला रहा और जहाजों की आवाजाही में कोई तत्काल बाधा नहीं आई, हालांकि स्थिति नाजुक थी ।
4 मार्च 2026 तक, ईरान ने जलडमरूमध्य को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया, जिससे तेल और एलएनजी का निर्यात अटक गया ।
8 अप्रैल 2026 को एक अस्थायी युद्धविराम में इसे फिर से खोलने की बात हुई, लेकिन ईरान ने इसकी जगह आवागमन को नियंत्रित करना और प्रति जहाज $1 मिलियन से अधिक का टोल वसूलना शुरू कर दिया । इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी ।
6 जून 2026 तक, जलडमरूमध्य से आवाजाही लगभग शून्य बनी हुई है और शांति वार्ता अटकी हुई है ।
अटकी हुई शांति वार्ता
राजनयिक प्रयास एक साल से अधिक समय से गतिरोध का शिकार हैं:
अप्रैल और मई 2025 के बीच अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के पांच दौर हुए, और छठा दौर जून 2025 के मध्य के लिए निर्धारित था ।
13 जून 2025 को इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद छठा दौर रद्द कर दिया गया । ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट कहा, "अमेरिकियों ने बातचीत के लिए कहा है, और हमारा जवाब है नहीं" ।
मार्च 2026 में, ईरान ने शांति वार्ता के अमेरिकी प्रस्ताव को "अत्यधिक" और "जमीनी हकीकत से असंगत" बताते हुए ठुकरा दिया ।
अप्रैल 2026 तक, विश्लेषकों ने दोनों पक्षों को "नारों में उलझा हुआ" बताया, और एक नौसैनिक गतिरोध के बाद बातचीत पूरी तरह से ठप हो गई ।
रूस को कैसे हो रहा फायदा
रूस इस संकट के एक बड़े आर्थिक लाभार्थी के रूप में उभरा है:
तेल राजस्व में भारी बढ़ोतरी: वैश्विक कीमतों में उछाल के कारण, रूस की तेल निर्यात आय मार्च 2026 में लगभग दोगुनी होकर 19 अरब डॉलर हो गई (फरवरी में 9.8 अरब डॉलर थी) ।
प्रतिबंधों में ढील: वैश्विक बाजारों को स्थिर करने के लिए अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों को लागू करने में अस्थायी रूप से ढील दी, जिससे मास्को को अतिरिक्त राहत मिली ।
बजट को बढ़ावा: अप्रैल 2026 में, खनिज उत्खनन कर (एमईटी) से रूस की तेल और गैस बजट आय दोगुनी से अधिक हो गई, और निर्यात राजस्व 2022 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया । चैथम हाउस ने इस युद्ध को "पुतिन के लिए एक आर्थिक उपहार" बताया ।
भू-राजनीतिक व्यवधान: इस संकट ने अमेरिकी ध्यान और सैन्य संसाधनों को यूक्रेन से हटा दिया और रूस पर पश्चिमी राजनीतिक दबाव को कम कर दिया ।
विश्लेषकों का दृष्टिकोण: कूटनीति, तनाव और ऊर्जा बाजार का भविष्य
कूटनीति पर। अधिकांश विश्लेषकों को निकट भविष्य में किसी व्यापक समझौते का कोई रास्ता नहीं दिखता। दोनों पक्ष अभी भी एक-दूसरे से बहुत दूर हैं, हमलों और नाकाबंदी ने आपसी विश्वास को नष्ट कर दिया है, और ईरान अमेरिकी प्रस्तावों को कई बार ठुकरा चुका है । पूर्व ईरानी राजनयिकों का कहना है कि बातचीत दोनों पक्षों की गहरी जड़ें जमाए कहानियों के कारण अटकी हुई है ।
तनाव बढ़ने के जोखिम पर। इस समय सबसे बड़ा संकट बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य है। जब तक यह जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद रहता है या ईरान के बलपूर्वक नियंत्रण में रहता है, तब तक अमेरिका-ईरान के बीच सीधे नौसैनिक संघर्ष का खतरा काफी बना हुआ है । कोलंबिया यूनिवर्सिटी के ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी सेंटर के विश्लेषकों ने कहा कि शुरुआत में एक संतुलित वैश्विक आपूर्ति ने झटके को कम किया, लेकिन जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने — जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है — से अतिरिक्त क्षमता खत्म हो जाएगी और कीमतें $120 प्रति बैरल से भी काफी ऊपर जा सकती हैं ।
ऊर्जा बाजार के दृष्टिकोण पर। सर्वसम्मति यह है कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य विवादित बना रहेगा, तेल बाजार उच्च अस्थिरता और संरचनात्मक रूप से ऊंची कीमतों के वातावरण में बने रहेंगे। ईरानी निर्यात में व्यवधान, रूसी प्रतिबंधों में ढील, और होर्मुज पारगमन की मात्रा का नुकसान, इन सबके संयोजन ने एक ऐसा तंग बाजार बना दिया है जिसे कोई भी नया तनाव तेजी से अस्थिर कर सकता है । विश्लेषक आगाह करते हैं कि मौजूदा मूल्य स्तर में पहले से ही एक बड़ा जोखिम प्रीमियम शामिल है, और एक युद्धविराम जो जलडमरूमध्य को फिर से खोल दे, कीमतों में बड़ी गिरावट लाने वाला सबसे बड़ा कारक होगा ।
energypolicy.columbia.edu
How a Conflict in Iran Could Affect Oil Markets in the Gulf Arab States